छत्तीसगढ़ / कोरिया

अनुविभागीय एवं तहसील कार्यालय पहुंचकर कलेक्टर ने लिया कार्यों का जायजा

 ’कार्यों में लापरवाही पर नोटिस जारी करने के निर्देश, लिपिकों को कम्प्यूटर कार्य में दक्ष बनाने पर जोर’

’एसडीएम, तहसीलदार व नायब तहसीलदार को जिम्मेदारी और त्वरित गति से कार्य करने के निर्देश’

कोरिया 19 अगस्त 2026

कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने बुधवार को बैकुंठपुर अनुविभागीय राजस्व कार्यालय एवं तहसील कार्यालय का निरीक्षण कर राजस्व कार्यों की प्रगति, लंबित प्रकरणों तथा कार्यालयीन व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने कार्यालय के विभिन्न कक्षों में पहुंचकर अधिकारियों- कर्मचारियों से उनके कार्यों की जानकारी ली और पंजी एवं अभिलेखों का अवलोकन किया।

निरीक्षण के दौरान कुछ अभिलेखों में समय पर प्रविष्टियां एवं अद्यतन की कार्यवाही नहीं पाए जाने पर कलेक्टर ने संबंधित कर्मचारी को कड़ी फटकार लगाई तथा कार्यों में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी पंजी एवं राजस्व अभिलेख नियमित रूप से अद्यतन रखे जाएं, ताकि आम नागरिकों को शासन की सेवाओं का लाभ समय पर मिल सके।

कलेक्टर ने तहसीलदार को राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकरण को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। कलेक्टर एक-एक नस्तियों का परीक्षण किया तथा एक माह के भीतर लंबित प्रकरणों को पूर्ण करने के निर्देश दिए उन्होंने स्प्ष्ट कहा कि राजस्व मामलों एवं नागरिक सेवाओं में अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा। सभी अधिकारी-कर्मचारी पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य करें।

’लिपिकों को कम्प्यूटर कार्य में दक्ष होने के निर्देश’
कलेक्टर ने कहा कि वर्तमान समय डिजिटल और ऑनलाइन सेवाओं का है। ऐसे में सभी कार्यालयों/शाखाओं में कार्यरत सभी लिपिकों एवं अन्य कर्मचारियों का कम्प्यूटर कार्य में दक्ष होना आवश्यक है। जिन्हें कम्प्यूटर में काम करने नहीं आते वे प्रशिक्षण प्राप्त करें और तकनीकी दक्षता बढ़ाकर कार्यालयीन कार्यों को तेजी से पूरा करें। उन्होंने कहा कि तकनीकी दक्षता से न केवल कार्यों की गति बढ़ेगी, बल्कि आम नागरिकों को भी समय पर सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।

’आरआई-पटवारी सहित मैदानी अमले में बेहतर समन्वय जरूरी’
कलेक्टर ने राजस्व निरीक्षकों एवं पटवारियों से कहा कि प्रकरणों से संबंधित प्रतिवेदन समय पर प्रस्तुत किए जाएं। प्रतिवेदन में अनावश्यक अथवा जानबूझकर की गई देरी के कारण आम नागरिकों को जनदर्शन सहित अन्य माध्यमों से शिकायत करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आरआई, पटवारी, ग्राम पंचायत सचिव, कृषि विस्तार अधिकारी, ग्राम सेवक एवं कोटवार जैसे मैदानी स्तर के कर्मचारी आपस में समन्वय बनाकर कार्य करें, ताकि किसी भी प्रकरण के निराकरण में अनावश्यक विलंब न हो।

’गांवों में पहुंचकर लोगों की समस्याओं का करें निराकरण’
कलेक्टर ने तहसीलदार को स्वयं गांवों का दौरा करने तथा ग्रामीणों से सीधे मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनने और उनका निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तहसील एवं अनुविभागीय कार्यालयों में किसानों, ग्रामीणों और विभिन्न वर्गों से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी है। इसलिए प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी पूरी जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ कार्य करे।

उन्होंने एसडीएम, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदारों से कहा कि उनके ऊपर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है और आम लोगों को उनसे काफी उम्मीदें हैं। इन उम्मीदों पर खरा उतरना अधिकारियों की जवाबदेही है। आम नागरिकों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उनका काम निर्धारित समय-सीमा में हो, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने लालफीताशाही से बचते हुए स्वयं भी जिम्मेदारी से कार्य करने तथा अधीनस्थ कर्मचारियों से भी पूरी जवाबदेही के साथ कार्य कराने के निर्देश दिए।

Leave Your Comment

Click to reload image