संस्कृति

प्रचारिका सुश्री धामेश्वरी देवी जी के 11 दिवसीय दिव्य आध्यात्मिक प्रवचन

 प्रचारिका सुश्री धामेश्वरी देवी जी के 11 दिवसीय दिव्य आध्यात्मिक प्रवचन 


जगद्गुरुत्तम श्री कृपालु जी महाराज की प्रमुख प्रचारिका सुश्री धामेश्वरी देवी जी का भिलाई में शुभागमन: आज के भौतिक जीवन की उधेड़ बुन में व्यक्ति अपने जीवन का लक्ष्य भूलता जा रहा है। ऐसी परिस्थिति में ईश्वर हम जीवों के उद्धार हेतु अपने संतों को इस धरा धाम पर भेजते हैं। वे संत ही कृपा द्वारा हम भटकते हुए जीवों का पथ प्रदर्शन करते हैं। हमें सही रास्ता दिखाते हैं। ऐसे ही विश्व विख्यात संत हैं जगद्गुरूत्तम श्री कृपालु जी महाराज। आज विश्व में शायद ही कोई व्यक्ति हो जो श्री महाराज जी को न जानता हो। श्री महाराज जी द्वारा वृंदावन धाम में स्थापित दिव्य प्रेम मंदिर हमारे सनातन धर्म की पताका है। 

जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज की दिव्यता उनके बाल्यकाल से ही प्रकट हो चुकी थी। बचपन से ही विशिष्ट मेधावी छात्र के रूप में प्रख्यात रहे, 16 वर्ष की अल्पायु में चित्रकूट के शरभंग आश्रम के समीपस्थ बीहड़ वनों में वास किया। श्रीकृष्ण प्रेम में विभोर भावास्था का गोपन करके श्री कृष्ण भक्ति का प्रचार करने लगे। प्रेम के साथ-साथ ज्ञान का भी प्रकटीकरण होने लगा। इनके ज्ञान की ख्याति सुनकर काशी विद्वत् परिषत् के विद्वानों ने शास्त्रार्थ के लिए आमंत्रित किया और श्री महाराज जी के वेदों शास्त्रों के अलौलिक, दिव्य एवं समन्वयात्मक ज्ञान के समक्ष नतमस्तक होकर, श्री महाराज जी को जगद्गुरु ही नहीं अपितु ‘‘जगद्गुरूत्तम“ की उपाधि से सम्मानित किया। 
भारत की अमूल्य निधि वेद, शास्त्रों के ज्ञान को सरलतम रूप में जनसाधारण के समक्ष प्रस्तुत करने जैसे अद्वितीय कार्य के साथ भक्ति प्रेम रस की धारा प्रवाहित करने वाले वृन्दानधाम के दिव्य प्रेममंदिर, बरसाना धाम के कीर्ति मंदिर, श्रीकृपालुधाम मनगढ़ के दिव्य भक्ति मंदिर के अनुपमेय उपहार देने के साथ इन तीनों स्थानों पर पूर्णत निःशुल्क चिकित्सालय - निस्हाय विधवाओं, साधुओं एवं सामान्य जनों के लिए स्थापित, उनकी करुणा के प्रतीक है।
ऐसे महानतम् गुरु की प्रमुख प्रचारिका सुभी धामेश्वरी देवी जी का शुभागमन भिलाई में सनातन धर्म के प्रचारार्थ हो चुका है। धामेश्वरी देवी ने बचपन से ही कृष्ण भक्ति में प्रवृत्त दीदी जी ने 16 वर्ष की अल्पायु में गुरु चरणों में समर्पित होकर अपना सम्पूर्ण जीवन गुरुआज्ञा पालन से सनातन धर्म के प्रचार के लिए समर्पित कर दिया है। प्रत्येक सनातनी के लिए सनातन धर्म के सिद्धान्तों को जानना अत्यन्त आवश्यक है इसलिए देवी जी का आगमन शहरवासियों के लिए अत्यंत सौभाग्य का अवसर रहा। देवी जी का स्वागत नगरवासियों द्वारा धूमधाम से किया गया।
गुरुआज्ञा से उडीसा के कटक शहर की उत्कल यूनिवर्सिटी से संस्कृत में एम ए की डिग्री प्राप्तकर गुरु द्वारा प्राप्त अलौकिक तत्व ज्ञान का प्रचार प्रसार आरंभ किया। मध्यप्रदेश उत्तरप्रदेश छत्तीसगढ के विभिन्न शहरों इंदौर, भोपाल, जबलपुर, सागर, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, जावरा, ग्वालियर, दमोह, खरगौन, राजनांदगाव, रायपुर, दिपका आदि शहरों में उनके प्रवचनों एवं साधना के कार्यक्रमों से लोग आध्यात्मिक क्षेत्र में प्रगति कर रहे है।
आज भौतिक जीवन में अनियंत्रित कामनाओं की पूर्ति की उधेड़बुन में हमारा युवावर्ग तनाव से ग्रसित हो जीवन का वास्तविक लक्ष्य से दूर, मानसिक झंझावात से गुजर रहा है। आध्यात्मिक ज्ञान के अभाव में जीवन में वास्तविक आनंद व स्वस्थ प्रतिस्पर्धा समाप्तप्राय हो गयी है। ऐसी स्थितियों पर विजय पाने के लिए युवाओं को सनातन ज्ञान की अत्यंत आवश्यकता है अतः ऐसे कार्यक्रम में उनका आना उनके जीवन में परिवर्तन ला सकता है।
संसार में दृढता एवं स्थिरता से आगे बढ़ने और साथ-साथ आध्यात्मिक कल्याण हेतु ज्ञान प्राप्त करने का यह प्रवचन कार्यक्रम स्वर्णिम अवसर युवाओं को प्रदान कर रहा है। अतएव ऐसे विलक्षण एवं दुर्लभ अवसर का लाभ सभी युवाओं को लेना चाहिये।
संत शिरोमणि श्री कृपालु जी महाराज जी की प्रमुख प्रचारिका सुश्री धामेश्वरी देवी जी की 11 दिवसीय दिव्य आध्यात्मिक प्रवचन श्रृंखला का आयोजन 11 से 21 दिसम्बर 2025 तक राधा कृष्ण मंदिर, ब्रज मंडल सेक्टर 6, कालीबाड़ी के पास भिलाई छ.ग. में सायं 5 से रात्रि 7 बजे तक नियत है। प्रवचन श्रृंखला में मनुष्य देह देव दुर्लभ, जीव का चरम लक्ष्य भगवद्प्राप्ति, भगवद् प्राप्ति के लिए भगवद् कृपा आवश्यक, मन बुद्धि की शरणागति से ही ईश्वर की प्राप्ति संभव, वास्तविक गुरु की शरणागति से ही भगवद् प्राप्ति संभव, संसार का स्वरूप आदि विषयों पर वेद, शास्त्रों, गीता, भागवत, रामायण आदि धर्म ग्रंथो के आधार पर ज्ञान का लाभ जिज्ञासु जीवों को प्राप्त होगा। अतः सभी नगर वासियों से प्रार्थना है सत्संग लाभ हेतु अवश्य पधारंे राधे-राधे।

Leave Your Comment

Click to reload image