वेदांता एल्युमीनियम ने भारत के ऊर्जा लक्ष्यों को सशक्त बनाया, वित्तीय वर्ष 25 में 1.57 बिलियन यूनिट हरित ऊर्जा का उपभोग किया
2025-12-13 17:02:52
वेदांता एल्युमीनियम ने भारत के ऊर्जा लक्ष्यों को सशक्त बनाया, वित्तीय वर्ष 25 में 1.57 बिलियन यूनिट हरित ऊर्जा का उपभोग किया
जीएचजी तीव्रता में 8.96% की कमी; सामुदायिक संरक्षण पहलों में 141.1 करोड़ रुपए का निवेश
कर्मचारियों को जागरूक करने के लिए सभी स्थलों पर ऊर्जा-दक्षता प्रशिक्षण शुरू
स्थिरता उपायों के माध्यम से 378 एमयू की ऊर्जा बचत हासिल
2030 तक 30% लो-कार्बन एल्युमीनियम पोर्टफोलियो का लक्ष्य निर्धारित
रायपुर, दिसंबर 2025: भारत के सबसे बड़े एल्युमीनियम उत्पादक वेदांता एल्युमीनियम ने घोषणा की है कि उसने वित्तीय वर्ष 25 में 1.57 बिलियन यूनिट नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग किया। यह 2030 तक कार्बन उत्सर्जन कम करने के उसके रोडमैप में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके साथ ही, वेदांता एल्युमीनियम ने वित्तीय वर्ष 21 की तुलना में 8.96% ग्रीनहाउस गैस (जीएचजी) उत्सर्जन तीव्रता में कमी दर्ज की है, लगभग 1,500 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा की दीर्घकालिक खरीद योजना को मजबूत किया है, और अपने संचालन में ऊर्जा-दक्षता परियोजनाओं का विस्तार जारी रखा है। ये सभी कदम भारत में कम-कार्बन विनिर्माण की दिशा में कंपनी की अग्रणी भूमिका को दर्शाते हैं।
वित्तीय वर्ष 25 में, वेदांता एल्युमीनियम ने लंबी अवधि के नवीकरणीय ऊर्जा खरीद समझौतों के माध्यम से अपनी नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का विस्तार किया, जिससे स्वच्छ ऊर्जा को उसकी संचालन रणनीति का एक मुख्य स्तंभ बनाया गया। वेदांता एल्युमीनियम ने ऊर्जा संरक्षण, प्रक्रिया अनुकूलन, डिजिटल हस्तक्षेपों और संसाधन दक्षता के क्षेत्रों में भी उल्लेखनीय प्रगति की है। इसमें उन्नत वेस्ट-हीट रिकवरी, बॉयलर और टर्बाइन के बेहतर प्रदर्शन, ऊर्जा-कुशल तकनीकों का उपयोग और प्लांट के संचालन में ऊर्जा खपत कम करने के लिए रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम शामिल हैं।
वेदांता एल्युमीनियम ने हाल के वर्षों में कई प्रभावशाली ऊर्जा-संरक्षण पहलें लागू की हैं, जिनमें इसकी पेटेंटेड पॉटलाइनिंग तकनीक भी शामिल है, जो प्रति टन एल्युमीनियम उत्पादन में 200 किलोवाट तक ऊर्जा की बचत करती है और स्मेल्टर की दक्षता बढ़ाती है। कंपनी ने व्यापक स्थिरता उपायों के माध्यम से 378 मिलियन यूनिट (एमयू) ऊर्जा की बचत भी हासिल की है, जो कुल ऊर्जा खपत को कम करने पर उसके निरंतर ध्यान को दर्शाती है। इस प्रगति के आधार पर, वेदांता एल्युमीनियम की वित्तीय वर्ष 25 उपलब्धियाँ स्वच्छ ऊर्जा और डीकार्बनाइजेशन की उसकी दीर्घकालिक यात्रा में एक महत्वपूर्ण आगे बढ़ने वाला कदम साबित होती हैं।
अपनी दीर्घकालिक जलवायु रणनीति को मजबूत करते हुए, वेदांता एल्युमीनियम ने 2025 में पीडब्ल्यूसी इंडिया के साथ एक रणनीतिक साझेदारी की, ताकि डीकार्बनाइजेशन, जल-धनात्मकता और जैव विविधता से जुड़ी पहलों को सभी प्रमुख स्थानों पर बढ़ाया जा सके। कंपनी ने कार्बन, पानी, कचरा, जैव विविधता और टेलिंग्स पर केंद्रित ‘कम्युनिटीज़ ऑफ प्रैक्टिस’ भी स्थापित की हैं, जो प्रदर्शन की निरंतर निगरानी और प्रभावी क्रियान्वयन को संभव बनाती हैं। अपने 2030 लक्ष्यों के तहत, कंपनी का उद्देश्य है कि उसके उत्पादों में से 30% हिस्सा लो-कार्बन एल्युमीनियम का हो, जिसे उसकी रेस्टोरा और रेस्टोरा अल्ट्रा उत्पाद श्रृंखला के विस्तार द्वारा आगे बढ़ाया जा रहा है।
इस उपलब्धि पर टिप्पणी करते हुए वेदांता एल्युमीनियम के सीईओ राजीव कुमार ने कहा, “हमारी स्थिरता के प्रति प्रतिबद्धता सिर्फ छोटे-छोटे सुधारों तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत में एल्युमीनियम उत्पादन के तरीके को बदलने की दिशा में है। इस वर्ष 1.57 बिलियन यूनिट नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग करके हम कम-कार्बन भविष्य की ओर अपनी यात्रा को तेज कर रहे हैं और स्वच्छ ऊर्जा तथा दक्षता को अपने संचालन के केंद्र में ला रहे हैं। यह उपलब्धि भारत के हरित विनिर्माण परिवर्तन का नेतृत्व करने और अपने समुदायों व हितधारकों के लिए साझा मूल्य बनाने के हमारे संकल्प को दर्शाती है।”
अपनी संचालन प्रक्रिया में ऊर्जा जिम्मेदारी की संस्कृति को और मजबूत करने के लिए, वेदांता एल्युमीनियम ने व्यापक ऊर्जा-दक्षता प्रशिक्षण कार्यक्रम लागू किए हैं, जिनका उद्देश्य सभी स्थलों पर कर्मचारियों को जागरूक बनाना है। संरचित जागरूकता कार्यक्रमों और क्षमता-वृद्धि सत्रों के माध्यम से कंपनी ऊर्जा उपयोग को वैश्विक बेहतरीन प्रथाओं और अंतर्राष्ट्रीय मानकों, जैसे- आईएसओ 50001 फॉर एनर्जी मैनेजमेंट, के अनुरूप अनुकूलित करना चाहती है।
उपलब्धि के प्रमुख मुख्य बिंदु:
1.57 बिलियन यूनिट नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग, जो स्वच्छ ऊर्जा मिश्रण की ओर एक बड़ा कदम है।
वित्तीय वर्ष 21 से जीएचजी उत्सर्जन तीव्रता में 8.96% की कमी, ऊर्जा-दक्षता उपायों और ग्रीन पावर उपयोग में वृद्धि के कारण।
संचालन को और डीकार्बोनाइज करने के लिए लगभग 1,500 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा दीर्घकालिक पीपीएएस के माध्यम से सुरक्षित करने की योजना।
बढ़ती माँग को पूरा करने के लिए लो-कार्बन रेस्टोरा/ रेस्टोरा अल्ट्रा उत्पाद श्रृंखला का विस्तार।
कार्बन, पानी, कचरा और जैव विविधता पर केंद्रित विशेष ‘कम्युनिटीज़ ऑफ प्रैक्टिस’ के साथ ईएसजी शासन को मजबूत किया गया।
संरक्षण, पुनर्चक्रण और जल-रीचार्ज पहलों के माध्यम से 2030 तक नेट वाटर पॉज़िटिविटी की दिशा में सतत प्रगति।
स्वास्थ्य, शिक्षा, जल उपलब्धता और आजीविका जैसी पहलों पर 141.1 करोड़ रुपए का निवेश।
बाल्को और वेदांता लांजीगढ़ में को-फायरिंग उपयोग के लिए बायोमास ब्रिकेट्स के इस्तेमाल में तेजी।
वेदांता झारसुगुड़ा में कास्ट हाउस संचालन के लिए प्राकृतिक गैस आपूर्ति हेतु गेल के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर।
142 इलेक्ट्रिक फोर्कलिफ्ट्स तैनात कर भारत का सबसे बड़ा इलेक्ट्रिक फोर्कलिफ्ट बेड़ा स्थापित किया।
भारत सरकार हर साल 14 दिसंबर को राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस मनाती है, जिससे जिम्मेदार ऊर्जा उपयोग और दक्षता के प्रति देश की प्रतिबद्धता मजबूत होती है। इस अवसर पर, वेदांता एल्युमीनियम बड़े पैमाने पर नवीकरणीय ऊर्जा को अपनाने, लगातार ऊर्जा-दक्षता सुधार करने और अपनी वार्षिक एसडीआर के माध्यम से पारदर्शी सततता रिपोर्टिंग करके देश के लक्ष्यों के साथ अपने सहयोग की पुनः पुष्टि करता है।
इन पहलों के माध्यम से, वेदांता एल्युमीनियम भारत की ऊर्जा-दक्षता और स्वच्छ उद्योग संबंधी महत्वाकांक्षाओं को आगे बढ़ाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करता है, जिससे देश एक अधिक हरित और टिकाऊ आर्थिक दिशा की ओर अग्रसर हो रहा है।
About Vedanta Aluminium Business
Vedanta Aluminium, a business of Vedanta Limited, is India’s largest producer of aluminium, manufacturing more than half of India’s aluminium, i.e., 2.42 million tonnes in FY25. It is a leader in value-added aluminium products that find critical applications in core industries. Vedanta Aluminium ranks 2nd in the S&P Global Corporate Sustainability Assessment 2024 world rankings for the aluminium industry, a reflection of its leading sustainable development practices. With its world-class aluminium smelters, alumina refinery and power plants in India, the company fulfils its mission of spurring emerging applications of aluminium as the ‘Metal of the Future’ for a greener tomorrow. To learn more, visit: www.vedantaaluminium.com