एआई इम्पैक्ट समिट में यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन, कई हिरासत में
नई दिल्ली। भारत मंडपम में चल रहे एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान इंडियन नेशनल यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। कई प्रदर्शनकारियों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री के खिलाफ नारेबाजी की गई और कुछ कार्यकर्ता शर्ट उतारकर विरोध करते नजर आए।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर विरोध
जानकारी के मुताबिक, भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ता अलग-अलग पवेलियन में जाकर प्रदर्शन कर रहे थे। अधिकारियों ने बताया कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने ‘पीएम इज कंप्रोमाइज’ जैसे नारे लगाए, जिसके बाद सुरक्षा कर्मियों को हस्तक्षेप करना पड़ा। हाई-प्रोफाइल अंतरराष्ट्रीय आयोजन में सरकारी अधिकारियों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और विदेशी डेलीगेट्स की मौजूदगी के बीच प्रदर्शनकारियों को तत्काल हिरासत में लेकर स्थल से हटाया गया।
भाजपा का हमला
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यह कांग्रेस की हताशा और घमंड को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को निशाना बनाने के नाम पर देश की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है।
केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने इसे देश के लिए शर्मनाक बताया। वहीं केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि नेतृत्व का स्तर उसके समर्थकों के व्यवहार से झलकता है।
दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने प्रदर्शन को ‘देश की छवि धूमिल करने वाला’ बताया। भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी और शहजाद पूनावाला ने भी कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए इसे ‘भारत विरोधी कृत्य’ करार दिया।
अंतरराष्ट्रीय सराहना का जिक्र
भाजपा नेताओं ने दावा किया कि एआई शिखर सम्मेलन की वैश्विक स्तर पर सराहना हो रही है। उन्होंने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस, ओपनएआई के प्रमुख सैम ऑल्टमैन और गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई सहित कई वैश्विक हस्तियों द्वारा भारत की एआई पहल की सराहना का हवाला दिया।
कांग्रेस का पक्ष
इंडियन यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने कहा कि यह विरोध केवल संगठन का नहीं, बल्कि देश के युवाओं की आवाज है।
एडिशनल डीसीपी आनंद मिश्रा ने बताया कि प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
घटना के बाद एआई समिट के मंच पर हुए इस विरोध को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी है।