छत्तीसगढ़ / कांकेर
आयुष्मान कार्ड पंजीयन के लिए छूटे हुए पात्र हितग्राहियों का आयुष्मान कार्ड बनाने का कार्य
कांकेर। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना अंतर्गत आयुष्मान कार्ड पंजीयन के लिए छूटे हुए पात्र हितग्राहियों का आयुष्मान कार्ड बनाने का कार्य जिले के समस्त उप स्वास्थ्य केन्द्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, एम.सी.एच. कांकेर, एम.सी.एच. पखांजूर एवं शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय कांकेर में किया जा रहा है।
कलेक्टर नीलेश कुमार क्षीरसागर द्वारा आम जनता से अपील की गई कि जिन्होंने अभी तक अपना तथा अपने परिवार के सदस्यों का आयुष्मान कार्ड नहीं बनवा पाए हैं, वे छूटे हुए हितग्राही अपना राशन कार्ड, आधार कार्ड एवं मोबाइल नम्बर के साथ अपने नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्रों में जाकर अथवा स्वास्थ्य कार्यकर्ता से संपर्क कर अपना तथा अपने परिवार का निःशुल्क आयुष्मान कार्ड बनवा लें।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे ने बताया कि जिले के ऐसे नागरिक जिसका अभी तक आयुष्मान कार्ड नहीं बन पाया है, वे अपने संबंधित क्षेत्र के स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, मितानिनों से संपर्क कर अपना तथा अपने परिवार के छूटे हुए सदस्यों का आयुष्मान कार्ड बनवा सकते हैं। आयुष्मान कार्ड पंजीयन हेतु राशन कार्ड, आधार कार्ड एवं मोबाइल नम्बर लेकर आना आवश्यक है। परिवार के सभी सदस्यों का अलग-अलग आयुष्मान कार्ड बनाया जाता है, जो कि पूर्ण रूप से निःशुल्क है। उन्होंने बताया कि आयुष्मान कार्ड पंजीयन का कुल लक्ष्य 07 लाख 42 हजार 958 है, जिसमें से 06 लाख 85 हजार 395 हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड हेतु पंजीयन हो चुका है, जो कि लक्ष्य का 92.26 प्रतिशत है। साथ ही कांकेर जिला छत्तीसगढ़ राज्य में प्रथम स्थान पर है। विकासखण्ड चारामा में 97.74 प्रतिशत, नरहरपुर में 95.99 प्रतिशत, कांकेर में 92.71 प्रतिशत, कोयलीबेड़ा में 92.44 प्रतिशत, भानुप्रतापपुर में 90.50 प्रतिशत, दुर्गूकोंदल में 86.39 प्रतिशत तथा अंतागढ़ में 84.31 प्रतिशत आयुष्मान कार्ड हेतु पंजीयन हो चुका है।
दिव्यांगजनों को मिला स्मार्ट-केन डिवाइस और बैसाखी
उत्तर बस्तर कांकेर । जिले के अंतागढ़ तहसील के ग्राम कोलर निवासी कु. बसंती नेगी जो कि 80 प्रतिशत नेत्र दिव्यांग द्वारा कोलर में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में आवेदन प्रस्तुत किया था। जिस पर समाज कल्याण विभाग द्वारा कार्यवाही करते हुए जिला पंचायत परिसर में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमित अग्रवाल द्वारा बसंती नेगी को स्मार्ट-केन डिवाइस प्रदाय किया गया। इसी प्रकार नरहरपुर विकासखण्ड के ग्राम धनेसरा निवासी जितेन्द्र कोर्राम को तत्काल मौके पर समाज कल्याण विभाग द्वारा बैसाखी प्रदाय किया गया। सहायक उपकरण मिलने पर उक्त दिव्यांगजनों द्वारा प्रसन्नता व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
जंगलवार कॉलेज देश की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए बहुत ही कारगरः उप मुख्यमंत्री
उप मुख्यमंत्री जंगलवार महाविद्यालय में प्रशिक्षण के बारीकियों से हुए रूबरू
उत्तर बस्तर कांकेर । प्रदेश के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा कांकेर स्थित काउंटर टेरेरिज्म एंड जंगल वारफेयर महाविद्यालय में पहुंचकर वहां प्रशिक्षण की बारीकियों से अवगत हुए। उन्होंने कहा कि यह महाविद्यालय देश एवं राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए बहुत ही कारगर है। इससे हमारे जवान हर मोर्चे में विभिन्न परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार हो रहे हैं। इस दौरान उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे जवानों से मिलकर उनसे संवाद किया और उनका उत्साहवर्धन किया।
सबसे पहले उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा को जंगलवार फेयर कॉलेज के प्रभारी डी आई जी श्री एस. एल बघेल ने पीपीटी के माध्यम से प्रशिक्षण कार्यक्रमों और पुलिस एवं रक्षा के प्रशिक्षणार्थियों को वहां पर दिए जाने वाले प्रशिक्षण एवं गुरिल्ला युद्ध तकनीक के सभी पहलुओं के बारे में संक्षिप्त में बताया। इसके अलावा दुर्गम पहाड़ियों, घने जंगलों और पहुंचविहीन क्षेत्रों में प्रतिरक्षा से संबंधित अभ्यासों के संबंध में लघु फ़िल्म दिखाकर जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें कॉलेज की स्थापना के उद्देश्य की जानकारी दी गई। इसके पश्चात उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने महाविद्यालय में स्थित म्यूजियम में छत्तीसगढ़ राज्य के प्रमुख माओवादी घटनाक्रम से अवगत हुए। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने जंगलवार कॉलेज के सभी प्रशिक्षण स्थलों पर जाकर विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम का प्रशिक्षार्थियों के द्वारा अभ्यास का डेमो दिखाया गया। इस दौरान उन्होंने अभ्यास के सभी डेमो को बारीकी से देखा और प्रशिक्षण कार्यक्रम की सराहना की। अंत में उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा को जंगलवार महाविद्यालय की ओर से स्मृति चिन्ह प्रदाय किया गया। इस अवसर पर आई.जी. बस्तर श्री सुन्दरम पी., वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आई. के. एलेसेला, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनीषा ठाकुर सहित पुलिस विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे।
प्रकरणों की सुनवाई 21 अगस्त को कांकेर में
छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग
उत्तर बस्तर कांकेर। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक द्वारा 21 अगस्त को जिला पंचायत के सभाकक्ष में प्रातः 11 बजे से महिलाओं के उत्पीड़न से संबंधित प्रकरणों की सुनवाई की जायेगी। महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा सुनवाई हेतु सभी पक्षकारों को उपस्थित होने के लिए अनुरोध किया गया है।
मानव श्रृंखला बनाकर शत-प्रतिशत वोट करने की अपील की
उत्तर बस्तर कांकेर, कलेक्टर व जिला निर्वाचन अधिकारी अभिजीत सिंह के निर्देश पर और जिला पंचायत सीईओ एवं स्वीप के नोडल अधिकारी सुमित अग्रवाल के मार्गदर्शन में विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से मतदाता जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में आज ईमलीपारा स्थित एक विद्यालय के लगभग 700 विद्यार्थियों ने मानव श्रृंखला बनाकर ‘‘10 डेज टू गो प्लीज वोट’’ लिखकर मतदाताओं से शत-प्रतिशत वोट करने की अपील की। कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी अशोक पटेल ने विद्यालय स्टाफ के साथ व्यायाम शिक्षक एवं अन्य कर्मचारियों को शपथ दिलाई। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने पालक एवं अन्य मतदाताओं को लोकसभा चुनाव में स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शत-प्रतिशत मतदान करने के लिये प्रेरित करने का आह्वान किया। इस अवसर पर सहायक जिला क्रीड़ा अधिकारी आबिद खान सहित विद्यालय की प्राचार्य तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
बस संचालकों की मनमानी पर बस्तर पुलिस ने कसा शिकंजा,
केशकाल में अचानक लगी बस में आग से प्रशासन के साथ बस संचालकों की टेंशन बढ़ गई है. बस्तर एएसपी ने यात्रियों की सुरक्षा और बस की नियमित संचालन के लिए बस संचालकों और उनके मैनेजरों का मीटिंग लिया. मीटिंग में शख्त हिदायत दी गई है कि बसों में फिटनेश और आवश्यक दस्तावेज होना अनिवार्य है. बस में फर्स्ट एड किट, फायर सेफ्टी और वर्दी पहनकर बस चलाएं.
इसके साथ ही लंबे समय से शिकायत थी कि शराब पीकर बस ड्राइवर वाहन चलाते हैं. ऐसी स्थिति में वाहन चालकों का एल्कोहल जांच भी किया जा रहा है. यदि कोई शराब पीकर वाहन चलाते पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए कोर्ट में पेश किया जाएगा.
बस संचालकों की मनमानी पर बस्तर पुलिस ने कसा शिकंजा,
केशकाल में अचानक लगी बस में आग से प्रशासन के साथ बस संचालकों की टेंशन बढ़ गई है. बस्तर एएसपी ने यात्रियों की सुरक्षा और बस की नियमित संचालन के लिए बस संचालकों और उनके मैनेजरों का मीटिंग लिया. मीटिंग में शख्त हिदायत दी गई है कि बसों में फिटनेश और आवश्यक दस्तावेज होना अनिवार्य है. बस में फर्स्ट एड किट, फायर सेफ्टी और वर्दी पहनकर बस चलाएं.
इसके साथ ही लंबे समय से शिकायत थी कि शराब पीकर बस ड्राइवर वाहन चलाते हैं. ऐसी स्थिति में वाहन चालकों का एल्कोहल जांच भी किया जा रहा है. यदि कोई शराब पीकर वाहन चलाते पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए कोर्ट में पेश किया जाएगा.
रामलला दर्शन के लिए कांकेर से 70 दर्शनार्थियों का चयन
कांकेर । रामलला दर्शन योजना के अन्तर्गत अयोध्या धाम की यात्रा के लिए दर्शनार्थियों के चयन हेतु में जिला पंचायत के सभाकक्ष में चयन समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक में रामलला दर्शन योजना के क्रियान्वयन हेतु गठित जिला स्तरीय समिति के सदस्यों की उपस्थिति में जिले के नागरिकों से प्राप्त आवेदनों के परीक्षण उपरांत लॉटरी के माध्यम से 70 दर्शनार्थियों का चयन किया गया।
जिला पंचायत के सीईओ सुमित अग्रवाल ने बताया कि रामलला दर्शन योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों से 53 दर्शनार्थियों का चयन किया गया एवं 14 दर्शनार्थियों को प्रतीक्षा सूची में रखा गया है। इसी प्रकार शहरी क्षेत्रों से 17 दर्शनार्थियों का चयन किया गया, जिसमें 06 को प्रतीक्षा सूची में रखा गया है। उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को दर्शनार्थियों के लिए सभी आवश्यक व्यवस्था करने के साथ स्वास्थ्य विभाग को विकासखण्ड स्तर पर ही चयनित हितग्राहियों का चिकित्सा मेडिकल प्रमाण पत्र बनवाने के निर्देश दिए। इस अवसर पर समिति के सदस्य बृजेश चौहान सहित अन्य विभिन्न विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
स्वतंत्रता दिवस समारोह का आयोजन
कांकेर। जिले के शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला, माहुरबंदपारा में 78वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पार्षद दीपक शोरी जी द्वारा ध्वजारोहण किया गया। ध्वजारोहण के पश्चात उन्होंने उपस्थित जनसमूह को स्वतंत्रता दिवस के महत्व और देश की आजादी के इतिहास से अवगत कराया।
विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित गिरधर यादव जी ने अपने संबोधन में सेवा, सौर्य, और बलिदान की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए, एक अच्छे नागरिक के दायित्व और कर्तव्यों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बच्चों और उपस्थित नागरिकों को देश के प्रति समर्पण और ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का पालन करने के लिए प्रेरित किया।
इस कार्यक्रम में अनीता यादव, रजनी सोनी, सरिता यादव, लक्ष्मी यादव, मेघा सलाम, अनीता यादव, भगवती जगताप, विजेता सोनी, लक्ष्मी यादव, भुवन शोरी, संध्या, और भगवत सिंह सहित विद्यालय के समस्त शिक्षकों की उपस्थिति रही। प्रधानाध्यापक जगदीश प्रसाद सोनी और प्रधानाध्यापिका श्रीमती आशा नाविक ने इस अवसर पर सभी को स्वतंत्रता संग्राम के महानायकों के संघर्षों की याद दिलाई और बच्चों को उनकी प्रेरणा से आगे बढ़ने का संदेश दिया।
विद्यालय के अन्य शिक्षकों में श्रीमती एल. कोमरा, श्रीमती नंदा अटभैया, संजय मानेक, अखिलेश सिंह, होशांग श्रीवास्तव, सतीश मंडावी, और श्रीमती अनुपा कोमरा भी उपस्थित रहे। इसके अलावा, वार्ड के गणमान्य नागरिकों ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया और अपने विचार साझा किए।
समारोह के अंत में विद्यालय परिवार द्वारा सभी अतिथियों का आभार प्रकट किया गया और बच्चों को मिठाइयां वितरित की गईं। यह समारोह देशभक्ति के रंग में रंगा हुआ था और सभी उपस्थित लोगों के मन में देशप्रेम की भावना को और अधिक प्रबल कर गया।
स्वतंत्रता दिवस समारोह का आयोजन
कांकेर। जिले के शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला, माहुरबंदपारा में 78वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पार्षद दीपक शोरी जी द्वारा ध्वजारोहण किया गया। ध्वजारोहण के पश्चात उन्होंने उपस्थित जनसमूह को स्वतंत्रता दिवस के महत्व और देश की आजादी के इतिहास से अवगत कराया।
विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित गिरधर यादव जी ने अपने संबोधन में सेवा, सौर्य, और बलिदान की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए, एक अच्छे नागरिक के दायित्व और कर्तव्यों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बच्चों और उपस्थित नागरिकों को देश के प्रति समर्पण और ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का पालन करने के लिए प्रेरित किया।
इस कार्यक्रम में अनीता यादव, रजनी सोनी, सरिता यादव, लक्ष्मी यादव, मेघा सलाम, अनीता यादव, भगवती जगताप, विजेता सोनी, लक्ष्मी यादव, भुवन शोरी, संध्या, और भगवत सिंह सहित विद्यालय के समस्त शिक्षकों की उपस्थिति रही। प्रधानाध्यापक जगदीश प्रसाद सोनी और प्रधानाध्यापिका श्रीमती आशा नाविक ने इस अवसर पर सभी को स्वतंत्रता संग्राम के महानायकों के संघर्षों की याद दिलाई और बच्चों को उनकी प्रेरणा से आगे बढ़ने का संदेश दिया।
विद्यालय के अन्य शिक्षकों में श्रीमती एल. कोमरा, श्रीमती नंदा अटभैया, संजय मानेक, अखिलेश सिंह, होशांग श्रीवास्तव, सतीश मंडावी, और श्रीमती अनुपा कोमरा भी उपस्थित रहे। इसके अलावा, वार्ड के गणमान्य नागरिकों ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया और अपने विचार साझा किए।
समारोह के अंत में विद्यालय परिवार द्वारा सभी अतिथियों का आभार प्रकट किया गया और बच्चों को मिठाइयां वितरित की गईं। यह समारोह देशभक्ति के रंग में रंगा हुआ था और सभी उपस्थित लोगों के मन में देशप्रेम की भावना को और अधिक प्रबल कर गया।
100 साल पुराना है छत्तीसगढ़ का यह प्राचीन गणेश मंदिर, कांकेर के इस अनोखे मंदिर की दिलचस्प है कहानी
कांकेर। गणेश उत्सव की शुरुआत 7 सितंबर को हो चुकी है और यह त्योहार 17 सितंबर को अनंत चतुदर्शी के दिन समाप्त होगा। इस दौरान भक्त भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करते हैं। आइए जानते हैं छत्तीसगढ़ के एक अनोखे गणेश मंदिर के बारे में, जिसकी कहानी दिलचस्प है। कांकेर जिले के ग्राम संबलपुर में 100 साल पुराना गणेश मंदिर आस्था का केंद्र बना हुआ है। भक्तों का मानना है कि बप्पा के द्वार पर पहुंचने वाले हर भक्त की इच्छाओं की पूर्ति होती है। पं. लालबहादुर मिश्रा शास्त्री ने बताया कि यहां सप्ताह के प्रत्येक मंगलवार को गणेश को चोला चढ़ाया जाता है व खिचड़ी महाप्रसादी भोग चढ़ाकर भक्तों में बाटा जाता है। गणेशजी का दर्शन करने रायपुर, बिलासपुर, धमतरी, दुर्ग, राजनादगांव और इसके साथ अन्य जिलों से बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते हैं। मंगलवार को पूजे जाने के कारण गणेशजी का हनुमानजी से गहरा लगाव है। यही कारण है कि बप्पा यहां कुमकुम रेंज में हैं। प्रतिदिन पंडित स्वयं भगवान गणेश के लिए नियमित भोजन बनाते हैं।
मंदिर निर्माण को लेकर मान्यताएं
मंदिर में प्रतिमा स्थापित करने की भी एक रोचक कहानी है। मंदिर के इतिहास के बारे में पूछताछ करने परबुजुर्गों ने बताया कि एक पंडित ने कांकेर राजवाड़ा की ग्रीष्मकालीन बासला में तालाब में मूर्ति को तैरते देखा। इसके बाद गणेश प्रतिमा को संबलपुर लाने का निर्णय लिया गया।भगवान गणेश की प्रतिमा को बैलगाड़ी से संबलपुर लाने का काम शुरू हुआ। चूंकि यह मूर्ति छोटी थी, लेकिन इसे लाने के लिए बैलगाड़ी मंगवाई गई और फिर यात्रा शुरू हुई। कुछ दूरी तय करने के बाद बैलगाड़ी के पहिए अचानक टूट गए।
लोगों ने दूसरी बैलगाड़ी मंगवाई और फिर से प्रयास किया, लेकिन इस बार भी वही हुआ, पहिए टूट गए। भगवान गणेश ने अपने भक्तों की परीक्षा ली। इस तरह 7 किलोमीटर की इस यात्रा में एक के बाद एक कुल 12 बैलगाड़ियों के पहिए टूटते चले गए। अंत में भगवान गणेश की प्रतिमा को संबलपुर लाए जाने के दौरान 12वां बैलगाड़ी का पहिया। इसके बाद भगवान गणेश की प्रतिमा को कोई हिला नहीं सका, फिर वहीं मंदिर का निर्माण किया गया।
लोकसभा निर्वाचन : दर निर्धारण हेतु बैठक 15 मार्च को
उत्तर बस्तर कांकेर, लोकसभा निर्वाचन-2024 के दौरान उपयोग होने वाले विभिन्न मदों की मानक दर निर्धारण में राजनीतिक दलों की सहमति हेतु 15 मार्च को अपरान्ह 03 बजे जिला कार्यालय के सभाकक्ष में बैठक आहूत की गई है। बैठक में सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को उपस्थित होने कहा गया है।
14 जुलाई को सिलाई कोर्स में प्रशिक्षण प्रारंभ किया जा रहा है।
कांकेर । जिले के बेरोजगार युवाओं के बेहतर भविष्य बनाने एवं उन्हें आत्मनिर्भर तथा स्व-रोजगार से जोड़ने के लिए लाइवलीहुड कॉलेज कांकेर में 30 सीटों में सिलाई कोर्स में प्रशिक्षण प्रारंभ किया जा रहा है।
उक्त प्रशिक्षण के लिये 14 जुलाई 2024 को लाइवलीहुड कॉलेज गोविन्दपुर कांकेर में प्रातः 11 बजे से शाम 04 बजे तक कांउसलिंग का आयोजन किया गया है।
जिले के ऐसे युवा जो इस प्रशिक्षण से जुड़कर अपना भविष्य संवारना चाहते हैं, जिनकी उम्र 18 वर्ष या उससे अधिक है। वे कक्षा 05वीं की अंकसूची, आधार कार्ड, 04 पासपोर्ट साईज फोटोग्रॉफ, निवास प्रमाण पत्र की छायाप्रति के साथ निर्धारित समय में कांउसलिंग में उपस्थित होकर अपना पंजीयन करा सकते हैं।
शासन की योजनाओं की पहुंच सबसे निचले स्तर पर हुई आसान
बड़ा बदलाव : पक्के आवास मिलने से घुमंतू प्रवृत्ति की विशेष पिछड़ी जनजाति अब गांवों में स्थायी रूप से निवास करने लगी
जिले के नरहरपुर ब्लॉक के 13 ग्रामों में निवासरत हैं कमार जनजाति के 72 परिवार प्रधानमंत्री जनमन योजना : शासन की योजनाओं का लाभ देने घर-घर दस्तक दे रही सरकार उत्तर बस्तर कांकेर, 12 जनवरी 2024
शासन की योजनाओं की वास्तविक सफलता तभी मानी जाती है जब उनकी पहुंच और क्रियान्वयन सबसे निचले स्तर पर सुनिश्चित हो। प्रदेश में निवासरत पांच विशेष पिछड़ी जनजातियों में से एक कमार है, जिसमें अभी भी शिक्षा और जागरूकता का अभाव है। अपनी लोक संस्कृति और पारम्परिक विरासत व मूल्यों के साथ जीवन-यापन करने वाली यह जनजाति कई मायनों में आज भी पिछड़ी हुई है। जिले के नरहरपुर ब्लॉक के 13 ग्रामों में इस जनजाति के 72 परिवार निवासरत हैं, जिनकी जनसंख्या 283 है। इन्हीं में से एक ग्राम मावलीपारा में कमार जनजाति की बहुलता है, लेकिन शासन की योजनाओं का लाभ लेने के मामले में इनकी बात औरों से जुदा है।
खानाबदोश जीवन शैली पर लगा विराम, प्रधानमंत्री आवास योजना से मिला स्थायित्व :-
पेशे से बांस की टोकरी और दैनंदिनी के अन्य पारम्परिक सामान बनाकर बेचने वाली यह जनजाति भी शासन की योजनाओं का लाभ लेने में पीछे नहीं है। प्रायः कमार जनजाति के लोग घुमंतू और खानाबदोश प्रवृत्ति के होते हैं लेकिन यहां के कमारजन जो प्रायः घासफूस, खदर और मिट्टी से निर्मित अस्थायी घरों में रहते थे, उनको एक तरह से स्थायित्व मिल गया है, क्योंकि स्थायी ठौर के तौर पर अब उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उन्हें पक्के आवास मिल चुके हैं। विशेष पिछड़ी जनजाति के कमार लोगों को इसका सबसे बड़ा फायदा यह हुआ कि पक्के मकान मिलने से स्थायी तौर पर निवास करने में उनमें रुचि पैदा हुई। परिणामस्वरूप, ये अब घर छोड़कर कहीं जाने के मूड में नहीं हैं। एक तरह से उनकी घुमंतू व खानाबदोशी जीवन शैली पर विराम लग गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास देने के साथ ही उन्हें यह भी समझाइश दी गई कि शासन की और भी योजनाओं का लाभ लेने उन्हें स्थायी रूप से रहने पर राशन कार्ड, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड सहित अन्य जरूरी कागज़ात बनाने की ज़रूरत पड़ेगी। यह बात उनकी समझ में आ गई। इस पर अमल करते हुए ग्राम मावलीपारा में निवासरत सभी 16 परिवार यहां के स्थायी निवासी बन गए और जरूरी दस्तावेज बनवाकर अब वे विभिन्न योजनाओं का लाभ ले रहे हैं। चाहे स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण हो, आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य कार्ड हो या प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजनांतर्गत रसोई गैस कनेक्शन हो अथवा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत् महिला स्वसहायता समूह का निर्माण हो।
मिल रहा विभिन्न योजनाओं का लाभ, हो रहा विकास की मुख्यधारा से जुड़ाव :-
ग्राम पंचायत मावलीपारा के कमारों के मुखिया श्री हीराराम नेताम ने बताया कि आज से लगभग 10-15 साल पहले उनकी जनजाति के ज्यादातर लोग गांवों के बाहर अस्थायी निवास बनाकर रहते थे। यानी घासफूस और लकड़ी के घर बनाकर कुछ दिनों तक रहते, फिर मौसम परिवर्तन के साथ ही रोजगार की तलाश में वे अक्सर अपना निवास बदल देते थे। श्री नेताम ने बताया कि उनका मुख्य व्यवसाय बांस की टोकरी व सूपा, बिजना जैसी घरेलू उपयोग की चीजें बनाने का रहा है। जब से कम कीमत पर प्लास्टिक और कृत्रिम उत्पाद बाजार में आए, तब से उनका यह धंधा भी मंदा हो चला है। आत्मविश्वास से लबरेज श्री नेताम ने बताया कि अब ऐसा नहीं है। यहां निवासरत ज्यादातर परिवारों के पास राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, आधार कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड सहित प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर, स्वच्छ भारत मिशन से बने शौचालय हैं, जिसका वे नियमित उपयोग करते हैं। श्री नेताम ने बताया कि उनकी जनजाति के लोग स्थायी रूप से निवास करना अपेक्षाकृत फायदेमंद और बेहतर है। इसी तरह ग्रामीण श्री पनकूराम कमार (नेताम) ने बताया कि पहले आजीविका के तौर पर मछली का शिकार करके, शहद इकट्ठा करके बेचने सहित अन्य लघु वनोत्पादों को शहर जाकर बेचने का काम किया जाता था। उसी से परिवार का जीवनयापन होता था। अब पीडीएस से मुफ्त राशन के अलावा बीपीएल कार्ड व आधार आदि बनाए जा चुके हैं। घर पहुंच सेवाएं मुहैया कराने के लिए उन्होंने शासन को धन्यवाद दिया। इसी तरह कमार जनजाति की महिलाएं श्रीमती शांति बाई, अमिता नेताम व बृजबती मरकाम ने बताया कि उनके परिवारों को भी शासन की अधिकांश योजनाओं का लाभ मिल रहा है। छूटे हुए लोगों को दायरे में लाने के लिए गांव में कैम्प भी लगाया जा रहा है। इस प्रकार कमार जनजाति का जुड़ाव शनैः शनैः विकास की मुख्यधारा से हो रहा है। नरहरपुर ब्लॉक के 13 ग्राम मावलीपारा, बिहावापारा, बतबनी, भीमाडीह, सांईमुड़ा, मुसुरपुट्टा, दुधावा, बासनवाही, गंवरसिल्ली, भैंसमुण्डी, दलदली, बादल और ग्राम डोमपदर में कमार जनजाति के लोग वर्तमान में निवासरत हैं।
प्रधानमंत्री जनमन योजना : शत-प्रतिशत पिछड़ी जनजाति का किया जा रहा सैचुरेशन :-
स्वभाव से लजीले, शर्मीले और दुनियावी भागमभाग से दूर अपने आप में मस्त व मशगूल रहने वाले लोगों तक शासन की योजनाओं की पहुंच उनके गांव और घर पर सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने विशेष पिछड़ी जनजातियों के विकास को दृष्टिगत करते हुए हाल ही में पीएम जनमन योजना प्रारंभ की। इसके तहत समाज के निचले तबके की जनजातियों को मुख्यधारा में शामिल कर आमजनों की तरह उन्हें शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ दिलाना है। इसी क्रम में जिला प्रशासन की पहल पर जिले के 13 ग्रामों में निवासरत 72 परिवारों के 283 कमार जनजाति के लोगों तक योजना की पहुंच सुनिश्चित करने स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा, समाज कल्याण, ग्रामीण विकास विभाग सहित विभिन्न विभागों के द्वारा गांवों में कैम्प लगाकर तथा उनके घर जाकर आवश्यक दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं। इसके अलावा आधार अपडेशन जैसे कार्य भी गांव में कैम्प लगाकर युद्ध स्तर पर किए जा रहे हैं। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने जल्द से जल्द शत-प्रतिशत सैचुरेशन के निर्देश जिला अधिकारियों को दिए हैं।
आधारभूत सुविधाओं का लाभ लेने में अब पीछे नहीं
इससे यह स्पष्ट है कि शासन की योजनाओं से विशेष पिछड़ी जनजाति के लोगों की न सिर्फ जीवनचर्या में सकारात्मक बदलाव आ रहे हैं, अपितु वे अपने पारम्परिक मूल्यों और बाहर आकर शासन की योजनाओं का लाभ लेकर समाज की मुख्यधारा से भी जुड़ रहे हैं। मनुष्य की मौलिक आवश्यकता रोटी, कपड़ा और मकान से अब वे भी दूर नहीं रह सकेंगे। अपने बच्चों को बचपन से ही तीर-कमान से शिकार करना, मधुमक्खी के बर्रे से शहद निकालना और स्कूल के बजाय वनोत्पादों का संग्रहण करना सिखाने वाले कमार अब उन्हें रोजाना स्कूल भेज रहे हैं। यहां तक कि गांव के दो शिक्षित कमार युवक शासकीय नौकरी में सेवारत हैं। पक्के मकान से निवास का स्थायी जरिया मिलने के साथ-साथ राशन, स्वास्थ्य, शिक्षा जैसी अन्य आधारभूत सेवाओं का लाभ लेने में भी अब वे किसी से कमतर नहीं हैं। वास्तव में यह शासन के प्रयासों से सकारात्मक परिवर्तन की बयार है जो आने वाले दिनों में और भी सुखद परिणाम आएंगे।
नशामुक्त भारत अभियान के तहत अधिकारियों-कर्मचारियों ने ली शपथ
कांकेर । सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार नशामुक्त भारत अभियान के तहत “विकसित भारत का मंत्र, भारत हो नशे से स्वतंत्र’ की थीम पर सोमवार को जिला पंचायत के सक्षाकक्ष में कलेक्टर नीलेश कुमार क्षीरसागर सहित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने नशामुक्ति की शपथ ली।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम के दौरान उन्होंने उक्त अभियान में अधिक से अधिक संख्या में युवाओं को जोड़ने और अपने समुदाय, परिवार, मित्र और स्वयं को नशामुक्त करने की प्रतिज्ञा दिलाई। साथ ही सब मिलकर अपने जिले और राज्य को नशामुक्त कराने के लिए भी संकल्प दिलाया।
अतिशेष शालाओं-शिक्षकों का किया जाएगा युक्तियुक्तकरण
कलेक्टर ने बैठक लेकर अधिकारियों को दिए दिशानिर्देश
कांकेर । स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने तथा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदाय करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शासकीय शालाओं और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया जाएगा। इसके लिए शासन द्वारा समय-सीमा निर्धारित की गई है। इसी तारतम्य में कलेक्टर नीलेश महादेव क्षीरसागर ने सोमवार को संबंधित अधिकारियों की बैठक लेकर शासन के निर्देशानुसार युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि इसके लिए ब्लॉक स्तर पर अनुविभागीय अधिकारी एवं जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया है।
कलेक्टोरेट के सभाकक्ष में आज दोपहर को आयोजित बैठक में उन्होंने बताया कि इसके प्रथम चरण में अतिशेष विद्यालयों का युक्तियुक्तकरण किया जाएगा, जबकि दूसरे चरण में अतिशेष शिक्षकों का नियमानुसार युक्तियुक्तकरण किया जाएगा। बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट तौर पर निर्देशित किया कि युक्तियुक्तकरण की सम्पूर्ण कार्यवाही शासन द्वारा जारी किए गए दिशा निर्देशानुसार ही की जाएगी तथा किसी प्रकार के संशय की स्थिति में उच्चाधिकारी द्वारा मार्गदर्शन आवश्यक रूप से लेकर ही करें। साथ ही उन्होंने सभी अनुविभागीय अधिकारियों को अतिशेष शालाओं एवं शिक्षकों की जानकारी बनाते समय पूरी तरह से सतर्कता एवं सावधानी बरतने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने इस दौरान विभिन्न अधिकारियों की शंकाओं का समाधान भी किया।
बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी अशोक पटेल ने बताया कि राज्य शासन के निर्देशानुसार जिले में स्थित स्कूल शिक्षा विभाग के अधीनस्थ स्कूलों के युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया आगामी 20 अगस्त से 16 सितम्बर के बीच किया जाएगा। इसी तरह अतिशेष शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण आगामी 04 सितम्बर से 11 अक्टूबर के मध्य सम्पन्न होगा। उन्होंने इसके लिए ब्लॉक स्तर पर गठित समिति के सदस्यों को निर्धारित प्रपत्र में अतिशेष शालाओं एवं शिक्षकों का चिन्हांकन कर उनकी पूरी जानकारी समय सीमा में उपलब्ध कराने के लिए कहा। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी ने अतिशेष स्कूलों और शिक्षकों के संबंध में शासन द्वारा जारी निर्देशों की जानकारी विस्तार से दी। इस अवसर पर सभी अनुभाग के अनुविभागीय अधिकारी, महिला एवं बाल विकास अधिकारी, नगरीय निकाय के अधिकारी तथा स्कूल शिक्षा विभाग के बीईओ, एबीईओ, बीआरसी तथा समग्र शिक्षा के अधिकारी मौजूद थे।
शिकायतों एवं समस्याओं के समाधान के लिए जिले में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन
कांकेर । सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशानुसार कलेक्टर नीलेश कुमार महादेव क्षीरसागर द्वारा जिले के आम ग्रामीणजनों को अपनी आवश्यकताओं, शिकायतों एवं समस्याओं के समाधान के लिए जिले में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन माह जुलाई से माह जनवरी 2025 तक करने का आदेश जारी किया गया है, जिसमें जिला स्तरीय, ब्लॉक स्तरीय एवं क्लस्टर स्तर के अधिकारी-कर्मचारी अपनी उपस्थित रहकर ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करेंगे।
जारी निर्देशानुसार नरहरपुर विकासखण्ड के क्लस्टर सरोना के आश्रित ग्राम धनेसरा में गुरूवार 18 जुलाई, कांकेर विकासखण्ड के ग्राम बागोडार हाई स्कूल मैदान में शुक्रवार 26 जुलाई, चारामा विकासखण्ड के कोटतरा के आश्रित ग्राम लिलेझर में बुधवार 31 जुलाई, भानुप्रतापपुर विकासखण्ड के ग्राम सेलेगांव हाई स्कूल प्रांगण में गुरूवार 01 अगस्त, अंतागढ़ विकासखण्ड के ग्राम पंचायत भवन कोलर में शनिवार 10 अगस्त, दुर्गूकोंदल विकासखण्ड के कोड़कुर्से के आश्रित ग्राम हामतवाही में शुक्रवार 16 अगस्त, कोयलीबेड़ा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत पानीडोबीर में बुधवार 21 अगस्त और नरहरपुर क्लस्टर उमरादाह के आश्रित गांव किशनपुरी में गुरूवार 29 अगस्त को जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसी प्रकार कांकेर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत ब्यासकोंगेरा में गुरूवार 05 सितम्बर, चारामा विकासखण्ड के ग्राम आंवरी में शुक्रवार 13 सितम्बर, भानुप्रतापपुर के ग्राम बारवी में बुधवार 18 सितम्बर, अंतागढ़ के ग्राम पंचायत फुफगांव में शुक्रवार 27 सितम्बर, दुर्गूकोंदल क्लस्टर दमकसा के आश्रित ग्राम लोहत्तर में गुरूवार 03 अक्टूबर, कोयलीबेड़ा क्लस्टर ऐसेबेड़ा के ग्राम बारदा में बुधवार 09 अक्टूबर, नरहरपुर क्लस्टर के ग्राम देवगांव में शुक्रवार 18 अक्टूबर, कांकेर के ग्राम पंचायत बाबूदबेना में गुरूवार 24 अक्टूबर, चारामा क्लस्टर लखनपुरी के ग्राम पंचायत तारसगांव में शुक्रवार 08 नवम्बर, भानुप्रतापपुर के ग्राम साल्हे में गुरूवार 14 नवम्बर, अंतागढ़ के ग्राम पंचायत कढ़ईखोदरा में गुरूवार 14 नवम्बर तथा दुर्गूकोंदल क्लस्टर के ग्राम कोदापाखा में बुधवार 27 नवम्बर को शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा कोयलीबेड़ा क्लस्टर के ग्राम सावेर में शनिवार 07 दिसम्बर, नरहरपुर क्लस्टर दुधावा के ग्राम पंचायत मुसुरपुट्टा में बुधवार 11 दिसम्बर, कांकेर के ग्राम पंचायत आलबेड़ा में बुधवार 18 दिसम्बर, चारामा क्लस्टर हाराडुला के ग्राम पंचायत जेपरा में शनिवार 21 दिसम्बर, भानुप्रतापपुर के ग्राम पंचायत भीरागांव में शनिवार 28 दिसम्बर, अंतागढ़ के ग्राम पंचायत बुलावण्ड में गुरूवार 02 जनवरी, दुर्गूकोंदल क्लस्टर हाटकांदल के ग्राम कलंगपुरी में शनिवार 11 जनवरी, कोयलीबेड़ा क्लस्टर छोटेकापसी के ग्राम पंचायत बड़ेकापसी में गुरूवार 16 जनवरी, अंतागढ़ के ग्राम पंचायम मातला ब’ में शनिवार 18 जुलाई और कोयलीबेड़ा क्लस्टर गोण्डाहूर के ग्राम पंचायत हांकेर में दिन बुधवार 22 जनवरी को आम जनता की समस्याओं एवं शिकायतों के समाधान के लिए जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जाएगा।