छत्तीसगढ़ / रायपुर
रायपुर से दिल्ली के लिए अब दो नई उड़ानें शुरू
रायपुर । विमानन कंपनियों का नया शेड्यूल लागू होने के साथ ही स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर से दिल्ली के लिए दो नई उड़ानें मिलेंगी. वहीं, रायपुर को प्रयागराज को जोड़ने वाली फ्लाइट को इंडिगो ने हटा दिया है. रायपुर एयरपोर्ट को प्रयागराज से जोड़ने के लिए इंडिगो ने सबसे पहले 28 जून 2019 को फ्लाइट शुरू की थी. इस फ्लाइट को कंपनी ने 29 अक्टूबर 2023 को अचानक बंद कर दिया. इसके बाद फिर 16 अगस्त 2024 को स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर से प्रयागराज के लिए सीधी फ्लाइट की शुरुआत की गई. कंपनी ने नए उड़ान शेड्यूल में इस फ्लाइट को हटा दिया है.
शनिवार को रायपुर से प्रयागराज के लिए आखिरी उड़ान का संचालन किया गया. इंडिगो की यह फ्लाइट रोजाना सुबह 9.05 बजे रायपुर से उड़ान भरकर 10.25 बजे प्रयागराज पहुंचती थी. प्रयागराज से फ्लाइट के सुबह 10.50 बजे उड़ान भरने के बाद रायपुर पहुंचने का समय 12.20 बजे निर्धारित था.
रायपुर को प्रयागराज से जोड़ने के लिए यह एकमात्र फ्लाइट थी. जिसमें कंपनी 72 सीटर एटीआर विमान का संचालन करती थी. सूत्रों का कहना है कि लगभग 80 प्रतिशत बुकिंग के साथ यह फ्लाइट संचालित की जा रही थी. दूसरी ओर छत्तीसगढ़ के हवाई यात्रियों के लिए दिल्ली-रायपुर-दिल्ली सेक्टर में एयर इंडिया की नई फ्लाइट 26 अक्टूबर से शुरु हो रही है. इस नई उड़ान के साथ ही दिल्ली के लिए एयर इंडिया की तीन फ्लाइट रोजाना उपलब्ध होगी. फिलहाल एयर इंडिया की दो उड़ानें सुबह-शाम संचालित की जा रही हैं. प्रस्तावित शेड्यूल के तहत एयर इंडिया की फ्लाइट 2635 दिल्ली से दोपहर 12.10 बजे उड़ान भरेगी. उसके रायपुर एयरपोर्ट पहुंचने का समय दोपहर 2.05 बजे है. रायपुर से फ्लाइट 2636 दोपहर 2.35 बजे रवाना होकर शाम 4.45 बजे दिल्ली पहुंचेगी.
दिल्ली-रायपुर सेक्टर में रोजाना 8 उड़ानें 26 अक्टूबर से दिल्ली-रायपुर-दिल्ली सेक्टर में रोजाना आठ उड़ानों का विकल्प उपलब्ध होगा. 26 अक्टूबर से ही इंडिगो की एक नई फ्लाइट दिल्ली-रायपुर-दिल्ली सेक्टर में संचालित होगी. फिलहाल इंडिगो की रोजाना 4 उड़ानें संचालित की जाती हैं. उड़ान संख्या 6ई2120 दिल्ली से सुबह 10.15 बजे रवाना होगी और दोपहर 12.15 बजे रायपुर पहुंचेगी. वापसी में उड़ान संख्या 6ई6640 रायपुर से दोपहर 12.45 बजे उड़ान भरेगी और दोपहर 2.45 बजे दिल्ली पहुंचेगी. एक नई उड़ान शुरू होने से रायपुर-दिल्ली सेक्टर में इंडिगो की कुल पांच उड़ानें हो जाएंगी.
रायपुर में हुई हल्की बारिश, कई जिलों में छाए बादल
रायपुर । छत्तीसगढ़ में मानसून की विदाई हो चुकी है। मानसून की विदाई के साथ ही गुलाबी ठंड ने भी दस्तक दे दी है। ठंड की दस्तक के बीच शनिवार की शाम से मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ रहा है।
शनिवार देर रात राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में जमकर बारिश भी हुई है और कई इलाकों में रविवार सुबह भी बारिश जारी है।
वहीं मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में ठंड की बढ़ोतरी के लिए हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश होने की संभावना भी जताई है।
मौसम विभाग ने राजधानी रायपुर, बिलासपुर, रायगढ़, दुर्ग, राजनांदगांव और बालोद समेत 10 जिलों में बारिश होने की संभावना जताई है। इसके साथ ही जानकारी मिली है कि, बारिश होने के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी और ठंड में बढ़ोतरी होने की संभावना है। मौसम विभाग ने आज राजधानी रायपुर में बादल छाए रहने की संभावना जताई है।
वहीं मौसम विभाग ने जनता से अपील की है कि, घर से निकलने से पहले मौसम की जानकारी जरूर लेले। इतना ही नहीं मौसम विभाग ने आज प्रदेश के कई इलाकों में बादळ छाए रहने की भी बात कही है।
मौसम विभाग ने बताया कि, आने वाले दिनों में तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी और ठंड में बढ़ोतरी होगी। ऐसा माना जा रहा है कि, इस बार प्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ने वाली है।
सस्ती और गुणवत्ता पूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं हमारी सरकार की प्राथमिकता – मुख्यमंत्री श्री साय
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय क्रिटिकॉन रायपुर-2025 कॉन्फ्रेंस में हुए शामिल
रायपुर, 25 अक्टूबर 2025


मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि सस्ती और गुणवत्ता पूर्ण स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वे आज राजधानी के नवा रायपुर स्थित एक निजी होटल में आयोजित क्रिटिकल केयर पर आधारित राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस ‘क्रिटिकॉन रायपुर-2025’ में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि क्रिटिकॉन रायपुर-2025 चिकित्सा विज्ञान, विशेषकर क्रिटिकल केयर के क्षेत्र में नवाचार और उत्कृष्टता का मंच है। यह देश और विदेश के विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं को एक साथ लाकर इस क्षेत्र में नई दिशाएं तय करने का अवसर देता है। क्रिटिकल केयर मेडिसिन जीवन रक्षा की रीढ़ है, जो गंभीर परिस्थितियों में मरीजों को नया जीवन देती है।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में अस्पतालों, क्रिटिकल केयर इकाइयों और मेडिकल सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नवा रायपुर अटल नगर में मेडिसिटी और फार्मा हब का निर्माण किया जा रहा है, साथ ही प्रदेश के अन्य शहरों में भी लगातार नए अस्पतालों की स्थापना की जा रही है। उन्होंने कहा कि ये कदम छत्तीसगढ़ को स्वास्थ्य सुविधा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होंगे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने रामकृष्ण केयर ग्रुप की पूरी टीम को इस राष्ट्रीय आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ देशभर में एक चिकित्सा उत्कृष्टता केंद्र के रूप में उभर रहा है।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि क्रिटिकल केयर जैसे अति महत्वपूर्ण विषय पर कॉन्फ्रेंस की मेजबानी रायपुर को मिलना गौरव की बात है। दो दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन में विशेषज्ञों के विचार-विमर्श से निश्चित रूप से ऐसे उत्कृष्ट नवाचार सामने आएंगे, जो मानव स्वास्थ्य उपचार के लिए वरदान साबित होंगे। डॉ. सिंह ने कहा कि आज चिकित्सा क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स टेक्नोलॉजी के उपयोग से इलाज की नई संभावनाएं खुल रही हैं। यही नई तकनीक नए भारत की नई कहानी लिख रही है। उन्होंने चिकित्सकों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि जब घर में कोई आपात स्थिति होती है और मरीज को सही समय पर हॉस्पिटल पहुँचाया जाता है, तब परिवार के भय को मिटाने में क्रिटिकल केयर डॉक्टरों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि आज समय की आवश्यकता है कि हर जिले और प्रत्येक बड़े अस्पताल में क्रिटिकल केयर यूनिट्स स्थापित हों। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है। आयुष्मान योजना के माध्यम से 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार आम लोगों के लिए बड़ी राहत है।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाएँ प्रदान करने वाले देश-विदेश और प्रदेश के डॉक्टरों का मंच से सम्मान भी किया गया।
इस अवसर पर रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल के संचालक डॉ. संदीप दवे, केयर ग्रुप के सीईओ श्री वरुण खन्ना, तथा देश-विदेश और राज्य भर से आए 1300 से अधिक डॉक्टर उपस्थित थे।
रूपसिंह मंडावी बने अजजा आयोग के अध्यक्ष
रायपुर । राज्य शासन ने रूपसिंह मंडावी को छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग में अध्यक्ष के पद पर मनोनीत किया है।
सस्ती और गुणवत्ता पूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं हमारी सरकार की प्राथमिकता – मुख्यमंत्री श्री साय
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय क्रिटिकॉन रायपुर-2025 कॉन्फ्रेंस में हुए शामिल
रायपुर, 25 अक्टूबर 2025


मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि सस्ती और गुणवत्ता पूर्ण स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वे आज राजधानी के नवा रायपुर स्थित एक निजी होटल में आयोजित क्रिटिकल केयर पर आधारित राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस ‘क्रिटिकॉन रायपुर-2025’ में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि क्रिटिकॉन रायपुर-2025 चिकित्सा विज्ञान, विशेषकर क्रिटिकल केयर के क्षेत्र में नवाचार और उत्कृष्टता का मंच है। यह देश और विदेश के विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं को एक साथ लाकर इस क्षेत्र में नई दिशाएं तय करने का अवसर देता है। क्रिटिकल केयर मेडिसिन जीवन रक्षा की रीढ़ है, जो गंभीर परिस्थितियों में मरीजों को नया जीवन देती है।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में अस्पतालों, क्रिटिकल केयर इकाइयों और मेडिकल सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नवा रायपुर अटल नगर में मेडिसिटी और फार्मा हब का निर्माण किया जा रहा है, साथ ही प्रदेश के अन्य शहरों में भी लगातार नए अस्पतालों की स्थापना की जा रही है। उन्होंने कहा कि ये कदम छत्तीसगढ़ को स्वास्थ्य सुविधा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होंगे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने रामकृष्ण केयर ग्रुप की पूरी टीम को इस राष्ट्रीय आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ देशभर में एक चिकित्सा उत्कृष्टता केंद्र के रूप में उभर रहा है।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि क्रिटिकल केयर जैसे अति महत्वपूर्ण विषय पर कॉन्फ्रेंस की मेजबानी रायपुर को मिलना गौरव की बात है। दो दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन में विशेषज्ञों के विचार-विमर्श से निश्चित रूप से ऐसे उत्कृष्ट नवाचार सामने आएंगे, जो मानव स्वास्थ्य उपचार के लिए वरदान साबित होंगे। डॉ. सिंह ने कहा कि आज चिकित्सा क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स टेक्नोलॉजी के उपयोग से इलाज की नई संभावनाएं खुल रही हैं। यही नई तकनीक नए भारत की नई कहानी लिख रही है। उन्होंने चिकित्सकों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि जब घर में कोई आपात स्थिति होती है और मरीज को सही समय पर हॉस्पिटल पहुँचाया जाता है, तब परिवार के भय को मिटाने में क्रिटिकल केयर डॉक्टरों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि आज समय की आवश्यकता है कि हर जिले और प्रत्येक बड़े अस्पताल में क्रिटिकल केयर यूनिट्स स्थापित हों। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है। आयुष्मान योजना के माध्यम से 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार आम लोगों के लिए बड़ी राहत है।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाएँ प्रदान करने वाले देश-विदेश और प्रदेश के डॉक्टरों का मंच से सम्मान भी किया गया।
इस अवसर पर रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल के संचालक डॉ. संदीप दवे, केयर ग्रुप के सीईओ श्री वरुण खन्ना, तथा देश-विदेश और राज्य भर से आए 1300 से अधिक डॉक्टर उपस्थित थे।
मिट्टी की झोपड़ी से पक्के घर तक : सन्ना गांव की महंती बेक की कहानी
साय सरकार की पहल से ग्रामीण महिला का सपना हुआ साकार
रायपुर, 25 अक्टूबर 2025

जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड के सन्ना गांव की महंती बेक का वर्षों पुराना सपना, पक्के घर में रहने का आखिरकार साकार होने जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उनके पति श्री सुनील के नाम से पक्के मकान की स्वीकृति मिली है और निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। मिट्टी और टिन की झोपड़ी में दुश्वारियों से जूझते परिवार के लिए अब स्थायित्व और सम्मान का अहसास मिलने जा रहा है।
महंती बेक कहती हैं कि “कभी बरसात में छत टपकती थी, सर्दी-गर्मी में झोपड़ी में परेशानी होती थी। पति के साथ मजदूरी कर बच्चों की परवरिश करना मुश्किल था। प्रधानमंत्री आवास योजना से गृह निर्माण हेतु आर्थिक सहायता मिली है और अब अपने नए घर की दीवारें खड़ी होते देख कर मुझे बहुत खुशी मिल रही है।”
वे आगे कहती हैं कि साय सरकार की “महतारी वंदन‘‘ योजना से हर माह 1000 रूपए की सहायता मुझे मिलती है, जिससे बच्चों की जरूरतें आसानी से पूरी हो जाती हैं। उज्ज्वला योजना से गैस सिलेंडर मिला है, जिससे रसोई का काम भी अब आसान हो गया है और धुएं से मुक्ति मिली है। नए घर में बसने का सपना भी जल्द ही साकार होगा।”
महंती बेक आभार प्रकट करते हुए कहती हैं कि “हम गरीबों का घर बनाने का सपना पूरा करने के लिए मैं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी की हृदय से आभारी हूँ। सरकार की योजनाओं ने हमारे जीवन में स्थिरता और सम्मान की भावना दी है।”
साय सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री आवास, महतारी वंदन और उज्ज्वला जैसी योजनाएं छत्तीसगढ़ के लाखों जरूरतमंद ग्रामीण परिवारों के लिए सामाजिक बदलाव और सशक्तिकरण का प्रतीक बन गई हैं।
मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने लांजित में जलाशय जीर्णाेद्धार कार्य का किया भूमिपूजन
रायपुर, 25 अक्टूबर 2025


महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े आज ग्राम लांजित में जलाशय जीर्णाेधार के भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुईं। जहां उन्होंने लांजीत जलाशय के जीर्णाेद्धार कार्य का विधिवत भूमिपूजन किया। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की खुशहाली और सिंचाई संसाधनों के विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। लांजित जलाशय का जीर्णाेद्धार क्षेत्र के किसानों को स्थाई जल उपलब्धता सुनिश्चित करेगा और कृषि उत्पादन को नई गति आएगी।
जीर्णाेद्धार के बाद 240 हैक्टेयर क्षेत्र में होगी सिंचाई
सन् 1986 ई. में निर्मित लांजित जलाशय लगभग 39 वर्ष पुराना है। यह जलाशय लंबे समय से क्षेत्र के किसानों को खरीफ फसल के लिए सिंचाई सुविधा उपलब्ध करता रहा है। बांध की कुल लंबाई 435 मीटर है तथा इसकी जल भराव क्षमता 24.95 मिलियन क्यूबिक फीट है। लांजित जलाशय से 2 नहर निकलती है, बाई नहर 1650 मीटर तथा दाईं नहर 3390 मीटर लंबी है, जीर्णाेद्धार कार्य से जलाशय अपनी रूपांकित सिंचाई क्षमता 240 हैक्टेयर को प्राप्त कर लेगी, जिससे अधिक ग्रामीणों को लाभ मिलेगा। प्रदेश सरकार द्वारा इस जलाशय के जीर्णाेद्धार एवं मरम्मत कार्य हेतु 258.55 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई है।
श्रीमती राजवाडे भैयाथान में जीवनदीप समिति की बैठक में शामिल
इसके साथ ही मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आज ग्राम रैसरा व ग्राम सम्बलपुर (सेमरा) में भी जलाशय जीर्णाेद्धार के भूमिपूजन कार्यक्रम और भैयाथान में जीवनदीप समिति की बैठक में शामिल हुई। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, पंचायत पदाधिकारी, जल संसाधन एवं अन्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी व बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
किसानों की खुशहाली के लिए प्रदेश सरकार संकल्पित : मंत्री श्रीमती राजवाड़े
लांजित, रैसरा और सम्बलपुर में जलाशय जीर्णोद्धार कार्यों का किया भूमिपूजन
रायपुर, 25 अक्टूबर 2025


महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आज सूरजपुर जिले के ग्राम लांजित, रैसरा और सम्बलपुर (सेमरा) में आयोजित जलाशय जीर्णोद्धार कार्यों के भूमिपूजन कार्यक्रमों में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर विकास कार्यों की शुरुआत की।
लांजित में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की खुशहाली और सिंचाई संसाधनों के विस्तार के लिए सतत कार्य कर रही है। जलाशयों के जीर्णोद्धार से किसानों को स्थायी जल उपलब्धता सुनिश्चित होगी, जिससे कृषि उत्पादन को नई दिशा और गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ग्रामीण अंचलों के सर्वांगीण विकास के लिए कृतसंकल्प है। किसानों की आय में वृद्धि और सिंचाई सुविधा का विस्तार सरकार की प्राथमिकता है।
सन् 1986 में निर्मित लांजित जलाशय लगभग 39 वर्ष पुराना है, जो लंबे समय से क्षेत्र के किसानों को खरीफ फसलों के लिए सिंचाई सुविधा प्रदान करता रहा है। बांध की कुल लंबाई 435 मीटर तथा जल भराव क्षमता 24.95 मिलियन क्यूबिक फीट है। इस जलाशय से दो नहरें निकलती हैं — बाईं नहर 1650 मीटर एवं दाईं नहर 3390 मीटर लंबी है। जीर्णोद्धार कार्य पूर्ण होने पर जलाशय अपनी रूपांकित सिंचाई क्षमता 240 हेक्टेयर प्राप्त करेगा, जिससे अधिक किसानों को लाभ मिलेगा।प्रदेश सरकार द्वारा इस जलाशय के जीर्णोद्धार एवं मरम्मत कार्य हेतु 258.55 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।
कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, पंचायत पदाधिकारी, जल संसाधन विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने भैयाथान में जीवनदीप समिति की बैठक में भी सहभागिता की और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधार पर चर्चा की।
पंडवानी एक ऐसी विधा है, जिसके माध्यम से छत्तीसगढ़ को विश्व में मिली पहचान – मुख्यमंत्री श्री साय
मुख्यमंत्री श्री साय पंडवानी महासम्मेलन के समापन समारोह में हुए शामिल
नागरिक कल्याण महाविद्यालय नंदिनी में स्नातकोत्तर कक्षाएं, अछोटी में बीएड महाविद्यालय, मेड़ेसरा को आदर्श ग्राम बनाने, समुदायिक भवन हेतु 20 लाख रुपये एवं सभी पंचायतों में सीसी रोड निर्माण की घोषणा
रायपुर, 25 अक्टूबर 2025


पंडवानी एक ऐसी विधा है, जिसके माध्यम से छत्तीसगढ़ को पूरी दुनिया में पहचान मिली है। हमारे पंडवानी कलाकारों ने न्यूयॉर्क, पेरिस और लंदन तक महाभारत की कथाओं पर आधारित प्रस्तुतियों से लोगों को मंत्रमुग्ध किया है। उन्होंने अपनी कला के माध्यम से न केवल छत्तीसगढ़ की परंपरा को जीवित रखा है, बल्कि भारतीय संस्कृति की आत्मा को वैश्विक मंचों तक पहुँचाया है। पंडवानी आज हमारी लोक चेतना, नारी सशक्तिकरण और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बन चुकी है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय अंतर्राष्ट्रीय कलाकार दिवस के अवसर पर दुर्ग जिले के ग्राम मेड़ेसरा में आयोजित पंडवानी महासम्मेलन के समापन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।
छत्तीसगढ़ शासन संस्कृति विभाग रायपुर के सौजन्य से आयोजित इस कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं अहिवारा विधायक श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं दुर्ग ग्रामीण विधायक श्री ललित चंद्राकर, साजा विधायक श्री ईश्वर साहू, राज्य तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेंद्र साहू, पूर्व मंत्री श्रीमती रमशीला साहू एवं श्री जागेश्वर साहू, पूर्व विधायक श्री लाभचंद बाफना एवं डॉ. दयाराम साहू, जिला पंचायत दुर्ग की अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती बंजारे तथा दुर्ग नगर निगम की महापौर श्रीमती अलका बाघमार भी उपस्थित थीं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज मुझे पंडवानी के पुरोधा स्वर्गीय झाड़ूराम देवांगन जी की स्मृति भी हो रही है। जब वे हाथ में तंबूरा लेकर प्रस्तुति देते थे, तो दर्शक मंत्रमुग्ध हो जाते थे। पंडवानी गायन में महिला कलाकारों की विशेष सफलता उल्लेखनीय रही है। मुझे स्वर्गीय लक्ष्मी बंजारे जी का भी स्मरण हो रहा है। यह छत्तीसगढ़ का सौभाग्य है कि हमारी धरती पर तीजन बाई जैसी विभूति हुईं, जिन्हें पद्मश्री, पद्मभूषण और पद्मविभूषण तीनों सम्मान प्राप्त हुए हैं। जब वे तंबूरा लेकर आलाप भरती हैं, तो ऐसा लगता है मानो आकाश के देवी-देवता भी उन्हें सुन रहे हों।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मैंने अनेक अवसरों पर तीजन बाई जी की पंडवानी सुनी है। श्याम बेनेगल की भारत एक खोज में उनका पंडवानी गायन दृश्य मन को आनंद और उत्सुकता से भर देता है। पद्मश्री डॉ. उषा बारले जी हमारे बीच उपस्थित हैं, जिन्होंने अपने अद्भुत पंडवानी गायन से सभी श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पंडवानी हमारी अमूल्य धरोहर है। आज इस महासम्मेलन के आयोजन के माध्यम से आप सभी ने इस धरोहर को सहेजने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने का अत्यंत सराहनीय कार्य किया है।
उन्होंने कहा कि हम लोगों ने बचपन में रामलीला मंडलियों के माध्यम से रामायण की कथाएं और पंडवानी के माध्यम से महाभारत की कथाएं सुनीं। पीढ़ी दर पीढ़ी इन लोककलाकारों ने रामायण और महाभारत जैसी महान कथाओं को जन-जन तक पहुँचाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडवानी गायन इस मायने में भी अद्वितीय है कि इसमें स्त्री-पुरुष का कोई भेद नहीं है। तीजन बाई और डॉ. उषा बारले जैसी कलाकारों ने अपनी प्रतिभा से यह साबित किया है कि यह विधा महिलाओं के कौशल और संवेदनशीलता की प्रतीक है। पंडवानी गायन के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सामाजिक तासीर भी झलकती है – यहां मातृशक्ति की भागीदारी कला के क्षेत्र में भी अग्रणी है और उन्हें सदैव प्रोत्साहित किया जाता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरगुजा से लेकर बस्तर तक हर क्षेत्र की अपनी विशिष्ट संस्कृति है। हमारी सरकार छत्तीसगढ़ी लोककला और संस्कृति को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। कलाकारों की पेंशन राशि में वृद्धि की गई है और अवसरों की संख्या भी बढ़ाई गई है। चित्रोत्पला फिल्म सिटी की स्थापना का निर्णय लेकर हमने छत्तीसगढ़ी सिनेमा को सशक्त बनाने का प्रयास किया है।
उन्होंने कहा कि जब अटल जी ने छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया था, तब उनके मन में विकास के साथ-साथ संस्कृति को सहेजने की भी गहरी मंशा थी। आज जब ऐसा सुंदर आयोजन देखता हूं, तो मन को सुकून मिलता है कि अटल जी की मंशा पूर्ण हुई है। उन्होंने बताया कि 1 नवंबर को प्रदेश की रजत जयंती मनाई जाएगी, जो हमारी लोकसंस्कृति का महोत्सव होगा। इस अवसर पर माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का भी आगमन होगा। मुख्यमंत्री ने सभी से आग्रह किया कि वे राज्योत्सव में सम्मिलित होकर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाएं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिक्षा विभाग शीघ्र ही 5000 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ करेगा। इन पदों की पूर्ति से ग्रामीण एवं आदिवासी अंचलों में शिक्षकों की कमी काफी हद तक दूर होगी, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता और निरंतरता में उल्लेखनीय सुधार होगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने नागरिक कल्याण महाविद्यालय नंदिनी में स्नातकोत्तर कक्षाएं प्रारंभ करने, अछोटी में बीएड महाविद्यालय खोलने, मेड़ेसरा को आदर्श ग्राम बनाने, समुदायिक भवन हेतु 20 लाख रुपये और क्षेत्र के सभी पंचायतों में सीसी रोड निर्माण की घोषणा की।
कार्यक्रम के अध्यक्ष उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में अंतर्राष्ट्रीय कलाकार दिवस के अवसर पर सभी पंडवानी कलाकारों का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ कला और संस्कृति के लिए देश और दुनिया में विशिष्ट पहचान रखता है। यह कलाकारों से परिपूर्ण राज्य है। उन्होंने 1 नवंबर को राज्योत्सव में सभी को रायपुर आमंत्रित किया।
कार्यक्रम की संयोजक पद्मश्री डॉ. उषा बारले ने स्वागत उद्बोधन देते हुए अंतर्राष्ट्रीय कलाकार दिवस और पंडवानी महासम्मेलन के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री श्री साय सहित सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, संभाग आयुक्त श्री एस.एन. राठौर, आईजी श्री आर.जी. गर्ग, कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह, एसएसपी श्री विजय अग्रवाल सहित अन्य अधिकारीगण, पंडवानी के लोककलाकार तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
डिप्टी सीएम शर्मा ने ग्राम कच्चापाल में किया बस्तर ओलंपिक 2025 का शुभारंभ
रायपुर। पारंपरिक खेलों को प्रोत्साहित करने, बस्तर संभाग के जनजातीय बहुल एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में युवाओं की खेल प्रतिभा को पहचानने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से 'बस्तर ओलंपिक 2025' का आयोजन किया जा रहा है। जिसका नारायणपुर के सुदूर वनांचल ग्राम कच्चापाल में शुभारंभ शनिवार को उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा द्वारा किया गया।
इस अवसर पर ईरकभट्टी और कच्चापाल की ग्रामीण महिलाओं के मध्य रस्साकसी प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें ईरकभट्टी के महिलाओं ने बाजी मारी।उपमुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से मुलाकात कर सभी का उत्साहवर्धन भी किया। उन्होंने खिलाड़ियों में उत्साह को देखते हुए सभी को बस्तर ओलंपिक 2025 की टीशर्ट का वितरण किया। यह प्रतियोगिता विकासखंड, जिला और संभाग स्तर पर तीन चरणों में आयोजित होगी। बस्तर ओलंपिक 2025 में बस्तर संभाग में 03 लाख 80 हजार से अधिक प्रतिभागियों ने भाग ले रहे हैं, जिसमें नारायणपुर में 47 हजार से अधिक प्रतिभागी शामिल हैं।
इस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री शर्मा ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि बस्तर ओलंपिक केवल खेल नहीं है यह बस्तर की समरसता, बंधुत्व, विश्वास और एकता का प्रतीक भी है। यह ओलंपिक बस्तर के युवाओं को अपनी नैसर्गिक प्रतिभा के प्रदर्शन का एक मंच प्रदान करने के साथ उनमें आत्मविश्वास जगाने और खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का एक माध्यम भी है। हमें पूरा भरोसा है कि इस ओलंपिक के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी भी प्रदेश को मिलेंगे जो प्रदेश में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में बस्तर का नाम ऊंचा करेंगे।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, उपाध्यक्ष प्रताप सिंह मंडावी, एडीजी विवेकानंद सिन्हा, कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी, कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं, एसपी रॉबिंसन गुड़िया, एसडीएम ओरछा डॉ. सुमित गर्ग, जनपद उपाध्यक्ष ओरछा मंगडूराम नूरेटी सरपंच कच्चापाल श्रीमती रजमा नूरेटी, जनपद सदस्य जनप्रतिनिधि सहित ग्रामीणजन उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि बस्तर ओलंपिक का आयोजन 25 अक्टूबर से 30 नवम्बर तक विकासखंड स्तर, जिला स्तर एवं संभाग पर किया जाएगा। जिसमें एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, कराटे, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल, रस्साकसी, हॉकी और वेटलिफ्टिंग जैसी खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। जहां जूनियर वर्ग (14 से 17 वर्ष) और सीनियर वर्ग (17 वर्ष से अधिक) के साथ दिव्यांग खिलाड़ी और आत्मसमर्पित नक्सली भी सीधे संभाग स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे।
नगर निगम की आमसभा 29 को, 14 एजेंडों पर होगी चर्चा
रायपुर । रायपुर नगर निगम की सामान्य सभा की बैठक 29 अक्टूबर को प्रातः 11 बजे नगर निगम मुख्यालय भवन महात्मा गाँधी सदन आयोजित की गई है। निगम भवन के चतुर्थ तल पर स्थित सामान्य सभा सभागार में होने वाली सामान्य सभा में 14 एजेंडों पर चर्चा की जाएगी।
निगम सभापति सूर्यकान्त राठौड़ के आदेशानुसार आयोजित सामान्य सभा की बैठक के प्रारम्भ में सामान्य सभा की पिछली बैठक की कार्यवाही की पुष्टि की जाएगी। तदुपरान्त निर्धारित नियमावली के अनुसार प्रक्रिया के अंतर्गत एक घण्टे का प्रश्नकाल होगा। इसके पश्चात नगर निगम रायपुर की मेयर इन काउंसिल की बैठक में पारित संकल्प पर नियमानुसार प्रक्रिया के अंतर्गत नगर विकास पर निर्धारित 14 एजेंडों पर एजेंडावार चर्चा एवं विचार- विमर्श किया जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की एक और घोषणा पर लगी मुहर
9 नए नर्सिंग कॉलेजों के भवन निर्माण को मिली 78 करोड़ 15 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति
"हमारा उद्देश्य है कि प्रदेश के हर युवा को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य शिक्षा मिले और हर जिले में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए कुशल मानव संसाधन भी तैयार हो। 9 नए नर्सिंग कॉलेजों के भवन निर्माण की स्वीकृति प्रदेश के स्वास्थ्य शिक्षा क्षेत्र में एक नया अध्याय जोड़ेगी। यह पहल न केवल स्वास्थ्य व्यवस्था को सशक्त बनाएगी, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता के अवसर भी बढ़ाएगी।" -मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
ISBT में बिना लाइसेंस चल रहे अवैध टिकट काउंटर, यात्रियों से वसूला जा रहा ज्यादा किराया
रायपुर । राजधानी के अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (ISBT), भाटागांव में इन दिनों फर्जी एजेंटों का नेटवर्क यात्रियों के लिए सिरदर्द बन गया है। त्योहारी सीजन में बसों में भारी भीड़ के बीच बिना लाइसेंस और बिना अनुमति के चल रहे अवैध टिकट काउंटर खुलेआम यात्रियों से मनमाना किराया वसूल रहे हैं। इससे न केवल यात्रियों का शोषण हो रहा है, बल्कि सरकार को हर महीने GST चोरी और राजस्व हानि का भी सामना करना पड़ रहा है।
त्योहारी सीजन में यात्रियों की मजबूरी का फायदा
झारखंड, बिहार, नागपुर, पुणे, मुंबई और हैदराबाद जाने वाली अधिकांश बसों की सीटें फुल होने से यात्रियों को मजबूरी में एजेंटों के चंगुल में फंसना पड़ रहा है। बस स्टैंड पर पहुंचते ही गेट नंबर 1, 2 और 3 पर हॉकर और एजेंट यात्रियों पर टूट पड़ते हैं। एक यात्री के पीछे 4–6 एजेंट तक लग जाते हैं, जो सीट दिलाने के नाम पर दबाव बनाते हैं। विरोध करने पर दुर्व्यवहार और मारपीट तक की नौबत आ जाती है।
कैसे चलता है फर्जी एजेंटों का खेल
सूत्रों के अनुसार, ये एजेंट बिना किसी अधिकृत ट्रैवल ऑपरेटर से अनुमति लिए फर्जी टिकट बुकिंग काउंटर चला रहे हैं। कई एजेंटों के पास न तो ट्रैवल्स कंपनी का अधिकृत पत्र है, न ही वैध लाइसेंस है। फिर भी वे यात्रियों से बस किराए में GST जोड़कर ज्यादा पैसा वसूलते हैं, जबकि यात्रियों को किसी भी तरह का कन्फर्मेशन मैसेज नहीं भेजा जाता। इन एजेंटों की चालाकी इतनी है कि चेकिंग के दौरान वे यात्रियों को बस स्टैंड से दूर ले जाकर बसों में बैठा देते हैं, ताकि अधिकारी पकड़ न सकें।
राजस्व को भारी नुकसान
जानकारी के मुताबिक, बिना टेंडर के जाली टिकट काउंटर संचालित किए जा रहे हैं। इससे राज्य सरकार को हर महीने लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। एक एजेंट ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उच्च अधिकारियों को सब जानकारी है, लेकिन “किस मजबूरी में कार्रवाई नहीं हो रही” यह वे ही जानते हैं।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
बस स्टैंड पर सक्रिय फर्जी एजेंटों की वजह से यात्रियों की सुरक्षा और भरोसा दोनों पर असर पड़ा है। विशेषज्ञों का कहना है कि परिवहन विभाग और नगर निगम को चाहिए कि गोपनीय रूप से सभी टिकट काउंटरों पर दबिश दी जाए और लाइसेंस की जांच की जाए।
यात्रियों से ठगी, बदसलूकी और अधिक वसूली के ज्यादातर मामलों में इन्हीं अवैध एजेंटों की भूमिका सामने आई है। स्थानीय लोगों ने शासन से मांग की है कि इन फर्जी एजेंटों और अवैध बुकिंग काउंटरों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि बस स्टैंड पर यात्री सुरक्षित और निश्चिंत यात्रा कर सकें।
स्वास्थ्य मंत्री के गृह ग्राम की ऐतिहासिक उपलब्धि : जिले के खड़गवां सीएचसी को मिला ISO प्रमाणपत्र
रायपुर, 25 अक्टूबर 2025

छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नई उपलब्धि दर्ज करते हुए सरगुजा संभाग का पहला ISO प्रमाणित कोल्ड चेन प्वाइंट बनने का गौरव मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खड़गवां ने हासिल किया है। यह उपलब्धि स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के गृह ग्राम खड़गवां में उनके सतत प्रयासों और दिशा-निर्देशों के परिणाम स्वरूप संभव हुई है। वहीं इस सफलता के पीछे सीएमएचओ डॉ. अविनाश खरे के कुशल मार्गदर्शन और स्वास्थ्य विभाग की समर्पित टीम की निरंतर मेहनत का अहम योगदान रहा।
कोल्ड चेन प्वाइंट खड़गवां को गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली की आवश्यकताओं के पूर्ण अनुपालन में पाया गया है, जिसके चलते इसे ISO सर्टिफिकेशन प्रदान किया गया है। यह प्रमाणपत्र स्वास्थ्य सेवाओं में उत्कृष्ट प्रबंधन, पारदर्शिता और दक्षता का प्रतीक माना जा रहा है। इस प्रमाणन के साथ खड़गवां सीएचसी ने टीकों और रसद के सुरक्षित, वैज्ञानिक और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मानकों के अनुरूप भंडारण की नई मिसाल कायम की है। यहां सभी टीके CFC मुक्त और WHO प्रमाणित CCE तिथि वाले उपकरणों में अनुशंसित तापमान पर सुरक्षित रखे जाते हैं। आरआई टीकों और रसद की आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावी बनाने के लिए ईवीआईएन (eVIN) के माध्यम से ऑनलाइन वास्तविक समय में स्टॉक अपडेट किया जाता है, जिससे पारदर्शिता और दक्षता दोनों में वृद्धि हुई है।
दिन में दो बार तापमान दर्ज कर टीकों की प्रभावकारिता सुनिश्चित की जाती है, वहीं वेब-आधारित डेटा लॉगर प्रणाली से उच्चस्तरीय सतत निगरानी भी की जाती है।
टीकों की आपूर्ति में FIFO (First In First Out) ) और EEFO (Earliest Expiry First Out) दिशानिर्देशों का पालन किया जाता है, जिससे शून्य अपव्यय (Zero Wastage) सुनिश्चित हो रहा है। इसके अलावा, आवश्यकतानुसार VVM (Vaccine Vial Monitor) आधारित आपूर्ति प्रणाली भी लागू की गई है।
टीकों के भंडारण हेतु एक अलग ICE Pack Conditioning Area, निर्बाध बिजली आपूर्ति व्यवस्था, उचित रैंकिंग सिस्टम वाला सूखा भंडारण क्षेत्र, और प्रशिक्षित व दक्ष मानव संसाधन की उपलब्धता से यह केंद्र सरगुजा संभाग का मॉडल स्वास्थ्य संस्थान बन गया है। कोल्ड चेन प्वाइंट में NCCMIS सॉफ्टवेयर के माध्यम से उपकरणों का सटीक प्रबंधन किया जा रहा है, साथ ही टीकाकरण अपशिष्ट निपटान प्रणाली को भी वैज्ञानिक और पर्यावरण हितैषी तरीके से अपनाया गया है।
मनरेगा से बदली किस्मत : साय सरकार की योजनाओं से रामफल बने आत्मनिर्भर किसान
गौ पालन से बढ़ी आमदनी, सुरक्षित पशुशेड बना स्थायी आजीविका का आधार
रायपुर, 25 अक्टूबर 2025
साय सरकार की ग्रामीण विकास उन्मुख नीतियां आज गांवों में आम जनजीवन को नया आयाम दे रही हैं। इन्हीं योजनाओं के माध्यम से कवर्धा जिले के पंडरिया विकासखंड की ग्राम पंचायत चारभाठाखुर्द के गौपालक रामफल की जिंदगी भी बदल गई है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना मनरेगा के तहत निर्मित पशुशेड ने उन्हें न केवल स्थायी रोजगार दिया, बल्कि पशुधन की सुरक्षा और आय वृद्धि का मजबूत जरिया भी बन गया।
साय सरकार द्वारा ग्रामीण आजीविका को प्रोत्साहित करते हुए मनरेगा जैसी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से आज कई परिवार आत्मनिर्भर बन रहे हैं। इन्हीं में से एक हैं रामफल, जिन्होंने पहले मजदूरी कर अपना जीवन चलाया था, पर अब गौपालक बनकर सम्मानजनक आय अर्जित कर रहे हैं। पंचायत द्वारा मनरेगा योजना से 68,500 रुपए की स्वीकृति के बाद अक्टूबर 2023 में पशुशेड निर्माण शुरू हुआ और मात्र एक माह में यह कार्य पूरा कर लिया गया।
निर्माण कार्य से न केवल रामफल को 48 मानव दिवस का रोजगार मिला, बल्कि गांव के अन्य परिवारों को भी 12 मानव दिवस तक रोजगार का लाभ मिला। इस कार्य से श्रमिकों को 7,500 रूपए की मजदूरी प्राप्त हुई जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिली।
पक्का एवं हवादार पशुशेड बन जाने से रामफल को अपने पशुधन की पूरी सुरक्षा का भरोसा मिला। अब उनके परिवार को 3,000 से 4,000 रुपये मासिक की आमदनी दूध बेचकर हो रही है, और अपने उपयोग के लिए भी पर्याप्त दूध उपलब्ध है। अतिरिक्त आमदनी से वे अपनी दो एकड़ खेती में उत्पादन बढ़ाने में सफल हो रहे हैं। सरकार की योजनाओं से मिली इस सफलता ने उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाया है।
रामफल कहते हैं, “साय सरकार की योजनाओं ने हम जैसे ग्रामीणों को नया आत्मविश्वास दिया है। पहले पशुओं को बारिश और सर्दी से बचाना मुश्किल होता था, अब पक्का शेड होने से यह दिक्कत नहीं रही। जिससे हम सुरक्षित और स्थायी आय के साथ आगे बढ़ रहे हैं।” गांव के लोग भी मानते हैं कि साय सरकार की जनहितकारी नीतियों ने रोजगार के अवसर बढ़ाए हैं और आज ग्रामीण अर्थव्यवस्था नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रही है।
बस्तर ओलिंपिक में दिखेगा महिला सशक्तीकरण, माओवादी रामदेर भी समर्पण की तैयारी में
रायपुर। बस्तर की धरती इस बार महिला सशक्तीकरण की नई कहानी लिखने जा रही है। बस्तर ओलिंपिक 2025 में पुरुषों से 63,961 अधिक महिलाओं ने पंजीयन कराया है।
विगत वर्ष की तुलना में महिला खिलाड़ियों की संख्या ढाई गुना से अधिक बढ़ी है। इसे बस्तर में सिकुड़ती माओवादी हिंसा का परिणाम माना जा रहा है।
इस बीच शीर्ष माओवादी हिंसक पोलित ब्यूरो सदस्य भूपति और केंद्रीय समिति सदस्य रूपेश के बाद केंद्रीय समिति सदस्य रामदेर ने भी समर्पण के लिए सुरक्षा बल के शीर्ष अधिकारियों से संपर्क साधा है।
करीब 50 सशस्त्र माओवादियों के साथ उसके जल्द समर्पण की उम्मीद है। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने शुक्रवार को बस्तर ओलिंपिक की तैयारियों को लेकर कहा कि 3,91,297 प्रतिभागियों ने पंजीयन कराया है।
इसमें 1,63,668 पुरुष और 2,27,629 महिलाएं शामिल हैं। विगत वर्ष 1,65,300 प्रतिभागियों ने पंजीयन कराया था, जिसमें 83,374 पुरुष और 81,926 महिलाएं थीं। इस वर्ष भी माओवादी हिंसा के शिकार व दिव्यांग खिलाड़ी पैरा खेल स्पर्धाओं के माध्यम से सक्रिय भागीदारी करेंगे। विगत वर्ष बस्तर ओलिंपिक में आत्मसर्पण कर चुके माओवादियों को नया नाम ‘नुवा बाट’ दिया गया था।
11 खेलों को किया गया है शामिल
ओलिंपिक में 11 पारंपरिक व आधुनिक खेलों को शामिल किया गया है, जिसमें तीरंदाजी, एथलेटिक, कबड्डी, बैडमिंटन, फुटबाल, हॉकी, कराते, वेटलिफ्टिंग, खोखो, वालीबाल, रस्साकसी शामिल है। यह आयोजन तीन चरणों में होगा, जिसमें विकासखंड (ब्लाक) स्तरीय प्रतियोगिताएं 25 अक्टूबर से प्रारंभ होकर पांच नवंबर तक बस्तर संभाग के सभी ब्लाक मुख्यालयों में होंगी। जिला स्तरीय प्रतियोगिताएं छह से 15 नवंबर तक होंगी, जिसमें ब्लाक स्तर के विजेता खिलाड़ी शामिल होंगे।
संभाग स्तरीय स्पर्धाएं 24 से 30 नवंबर तक संभावित है, जिसमें सभी सात जिलों बस्तर, कोंडागांव, कांकेर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा और नारायणपुर के विजेता खिलाड़ी शामिल होंगे।
विकासखंड स्तरीय आयोजन के लिए सात जिलों के 32 विकासखंडों में 62 से अधिक खेल मैदानों को चिन्हित कर तैयार किया जा रहा है।
जिला स्तरीय आयोजन के लिए सात जिला मुख्यालय में 20 से अधिक खेल अधोसंरचनाओं को चिन्हित कर तैयार किया जा रहा है। संभाग स्तरीय आयोजन राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मानक युक्त खेल मैदानों व स्टेडियम में होगा।
समापन समारोह में शामिल हो सकते हैं अमित शाह
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि समापन समारोह में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शामिल हो सकते हैं। वर्ष 2024 में आयोजित प्रथम बस्तर ओलिंपिक ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में इसकी प्रशंसा करते हुए देश का अनूठा ओलिंपिक बताया था।
7 IPS अधिकारियों का तबादला, नई जिम्मेदारियां तय
रायपुर । छत्तीसगढ़ में पुलिस विभाग ने 7 IPS अधिकारियों का तबादला किया है। राज्य पुलिस मुख्यालय और विभिन्न जिलों में की गई नियुक्तियों के अनुसार अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं।
जारी आदेश में मोहित गर्ग को सहायक पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस मुख्यालय में पदस्थ किया गया। चंद्रमोहन सिंह को निदेशक आपातकालीन सेवाएं की जिम्मेदारी सौंपी गई। अंकिता शर्मा सक्ती की जगह राजनांदगांव की पुलिस अधीक्षक नियुक्त हुई हैं। यदुवली अक्षय सिदार को सहायक पुलिस महानिरीक्षक बनाया गया। रतना सिंह को पुलिस अधीक्षक मनेंद्रगढ़ की जिम्मेदारी दी गई। प्रफुल्ल ठाकुर को पुलिस अधीक्षक सक्ती नियुक्त किया गया। पंकज चंद्रा को कोंडागांव के पुलिस अधीक्षक के रूप में तैनात किया गया।