छत्तीसगढ़ / रायपुर
मुख्य सचिव श्री विकासशील ने उच्च स्तरीय बैठक में विभागीय सचिवों से विभागीय काम-काज की ली जानकारी
योजनाओं की प्रगति के संबंध में सचिवों को दिए निर्देश
रायपुर, 14 अक्टूबर 2025

मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में सभी विभागों के भारसाधक सचिवों से उनके विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की जानकारी ली। मुख्य सचिव ने अधिकारियों से प्रधानमंत्री गति शक्ति में शामिल विभागों के एक्शन प्लान के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने राज्य के हित में विभिन्न विभागों की योजनाओं में और तीव्र प्रगति के लिए विभागीय कार्ययोजना बनाकर शामिल करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने सड़क, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य सहित अन्य विभागों के मेजरमेंट और एक्शन प्लान गंभीरता के साथ तैयार करने के निर्देश दिए और शिलान्यास किए गए कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण कर उनका लोकार्पण कराने के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने निर्माण विभागों से संबंधित अधिकारियों से कहा है कि वे अपने विभाग द्वारा निर्माण किए जाने वाले कार्यों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराएं।
मुख्य सचिव ने हाल ही में सम्पन्न कलेक्टर-कॉन्फ्रेंस में दिए गए निर्देशों का तीव्रता से क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार ने पी एम गति शक्ति योजना और जेम के माध्यम शासकीय विभागों में खरीदी के संबंध प्रस्तुतीकरण दिया। इसी तरह से संयुक्त सचिव मुख्यमंत्री एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. रवि मित्तल ने जनसम्पर्क विभाग द्वारा शासन की योजनाओं के प्रचार-प्रसार के संबंध प्रस्तुतीकरण के जरिये जानकारी प्रस्तुत की।
बैठक में अपर मुख्य सचिव गृह एवं जेल श्री मनोज कुमार पिंगुआ, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सहित सभी विभागों के सचिव शामिल हुए।
उद्भव ': बच्चों की देखरेख और संरक्षण के लिए अभिनव पहल का शुभारंभ
हर बच्चे को मिले सुरक्षित और सशक्त भविष्य का अवसर: मंत्री श्रीमती राजवाड़े
रायपुर, 14 अक्टूबर 2025


महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मुख्य आतिथ्य में आज रायपुर के खम्हारडीह स्थित शासकीय बालिका गृह में “उद्भव” नामक अभिनव कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। यह कार्यक्रम महिला एवं बाल विकास विभाग, छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण समिति द्वारा किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 यथा संशोधित 2021 के अंतर्गत संस्थागत एवं गैर संस्थागत देखरेख के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आयोजित किया गया।
मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 2047 के विकसित भारत के विजन से प्रेरित होकर राज्य सरकार बच्चों के सर्वांगीण विकास और सुरक्षा के लिए सतत कार्य कर रही है।
“उद्भव” कार्यक्रम इसी दिशा में एक अभिनव प्रयास है, जो हर बच्चे को स्नेह, सुरक्षा और सम्मान के साथ सशक्त जीवन जीने का अवसर प्रदान करेगा। कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने शासकीय बालिका गृह में कंप्यूटर लैब का शुभारंभ किया और लाइब्रेरी का अवलोकन किया। उन्होंने बच्चों से संवाद करते हुए कहा कि तकनीकी शिक्षा और कौशल आज की आवश्यकता है, ताकि बच्चे आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बन सकें।


मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि Catalysts for Social Action (CSA) संस्था के साथ जुलाई 2025 में एम.ओ.यू. किया गया था। संस्था के सहयोग से राज्य के रायपुर, दुर्ग, सरगुजा और बस्तर संभागों की 15 संस्थाओं में प्रथम चरण में कार्य प्रारंभ किया जा रहा है। इस पहल के अंतर्गत शिक्षा, स्वास्थ्य, करियर काउंसलिंग, व्यावसायिक प्रशिक्षण और जीवन कौशल से जुड़े कार्यक्रम संचालित होंगे। राज्य में वर्तमान में 112 बाल देखरेख संस्थाएं संचालित हैं, जिनमें 2000 से अधिक बच्चों की देखभाल की जा रही है। वहीं गैर संस्थागत देखरेख अंतर्गत दत्तक ग्रहण, स्पॉन्सरशिप, फोस्टर केयर और आफ्टर केयर कार्यक्रमों से भी बड़ी संख्या में बच्चे लाभान्वित हो रहे हैं।

इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग के संचालक श्री पदुम सिंह एल्मा Catalysts for Social Action (CSA) संस्था की सीईओ श्रीमती स्मिता शेट्टी, विभागीय अधिकारी, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट एक्सिस बैंक श्री अभिजीत अग्रवाल, संयुक्त संचालक श्री नंदलाल चौधरी, जिला बाल संरक्षण अधिकारी, बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड, संरक्षण अधिकारी, बाल देखरेख संस्थाओं के अधीक्षक, बाल कल्याण अधिकारी और बालिकाएं उपस्थित रहे
लोगों को जागरूक करने मनाया यूरोलॉजी जागरूकता दिवस
रायपुर । यूरोलॉजी सोसाइटी ऑफ इंडिया हर वर्ष 13 अक्टूबर को यूरोलॉजी जागरूकता दिवस मनाता है । इसका उद्देश्य सामान्य जनता को यूरोलॉजी की जानकारी देने के साथ ही यूरोलॉजी से संबंधित बीमारियों के होने पर एक यूरोलॉजिस्ट से ही उचित परामर्श लेकर जांच व उपचार करने के लिए जागरूक किया जाता है । आमतौर पर देखा जाता है कि लोगों को यह जानकारी ही नहीं रहती की किसी भी तरह की बीमारी होने पर उनके विशेषज्ञ डॉक्टर के पास ही जाना चाहिए ताकि समय में उचित इलाज प्राप्त किया जा सके। 13 अक्टूबर को यूरोलॉजी जागरुकता दिवस के माध्यम से आमजनों को मूत्र संबंधी रोगों के बारे में समझाने और जागरूक करने के लिए मूत्र रोग विशेषज्ञों द्वारा महती भूमिका निभाई जाती है।
इंटरनेट क्रांति के इस युग में लोगों में जागरूकता का आभाव है। मूत्र संबंधी बीमारियां लोगों के जीवन प्रभाव डाल सकती हैं। इस सम्बंध में आज जागरूकता सीमित है। इस क्षेत्र में पेशेवरों के रूप में, हमारी जिम्मेदारी है कि हम जनता को विभिन्न मूत्र संबंधी विकारों के बारे में सूचित करें, जिनमें मूत्र पथ के संक्रमण जैसे सामान्य मुद्दों से लेकर प्रोस्टेट कैंसर या गुर्दे की पथरी जैसी अधिक जटिल स्थितियां शामिल हैं। रोगियों के लिए योग्य विशेषज्ञों से समय पर उपचार लेने के महत्व को समझना आवश्यक है। यूरोलॉजी जागरूकता दिवस उन योग्यताओं को भी स्पष्ट करने के लिए है जो एक सक्षम मूत्र रोग विशेषज्ञ की पहचान कराती है।
हममें से जो लोग यूरोलॉजी में एमसीएच या डीएनबी या एफआरसीएस रखते हैं, उन्होंने कठोर प्रशिक्षण प्राप्त किया है और अपने रोगियों को सर्वोत्तम संभव देखभाल प्रदान करने के लिए आवश्यक कौशल से लैस हैं। यूरोलॉजिस्ट या यूरोसर्जन नेशनल मेडिकल कमिशन (एनएमसी पूर्व में एमसीआई द्वारा मान्यता प्राप्त सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर होते हैं।
इसके लिए एमसीएच यूरोलॉजी या डीएनबी यूरोलॉजी की डिग्री अनिवार्य है। यूरोलॉजिस्ट यूरोसर्जन महिलाओं, पुरुषों और बच्चों के गुर्दा,यूरेटर, पेशाब की थैली या मसाना,पेशाब के रास्ते, एड्रिनल ग्रंथि एवं पुरुषों के प्रजनन तंत्र के अंगों जैसे प्रोस्टेट, अंडकोष, लिंग अंगों की बीमारियों का इलाज ऑपरेशन करते हैं। उपरोक्त अंगों के कैंसर, गांठ, पथरी, इंफेक्शन,रुकावट खराबी ,चोट, जन्मजात बीमारियों व अन्य बीमारियों के इलाज एवं ऑपरेशन के लिए यूरोलॉजिस्ट से मिलना चाहिए। अप्रशिक्षित एवं अल्प प्रशिक्षित लोगों से इलाज न कराकर अपने व अपने प्रि जनों के लिए सही डॉक्टर का चयन करें।
छत्तीसगढ़ में ‘सूर्य घर’ क्रांति - ‘जीरो बिजली बिल’ से आत्मनिर्भरता की ओर
रायपुर, 14 अक्टूबर 2025

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना अब छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में ऊर्जा आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रही है। केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त पहल से संचालित इस योजना के अंतर्गत अब आम उपभोक्ता भी “ऊर्जा उत्पादक” बनते जा रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा दी जा रही अतिरिक्त सब्सिडी ने सोलर पैनल स्थापना को किफायती और आकर्षक बना दिया है।
महेंद्र कुमार साहू का प्रेरक उदाहरण
ग्राम करमतरा निवासी श्री महेंद्र कुमार साहू ने अपने मकान की छत पर 3 किलोवॉट क्षमता का सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित किया है। उन्होंने बताया कि इस सिस्टम की कुल लागत लगभग 2 लाख रूपए रही, जिसमें से उन्हें केंद्र सरकार से 78 हजार रूपए की सब्सिडी सीधे बैंक खाते में प्राप्त हुई है, जबकि राज्य सरकार से 30 हजार रूपए की अतिरिक्त सब्सिडी शीघ्र मिलने वाली है। इस सहायता से उन्हें उल्लेखनीय राहत मिली है।
‘जीरो बिजली बिल’ का अनुभव
सोलर सिस्टम लगाए अब एक माह का समय हो चुका है। इस अवधि में उनकी मासिक खपत 248 यूनिट रही, जबकि उनके सोलर पैनल ने 256 यूनिट बिजली का उत्पादन किया, यानी 8 यूनिट अधिक।
यह “उत्पादन अधिक, खपत कम” का अनुपात इस योजना की सफलता का जीवंत प्रमाण है। श्री साहू का बिजली बिल अब लगभग शून्य हो गया है।
4 वर्षों में लागत वसूली, 20 वर्षों तक लाभ
श्री साहू का कहना है कि यह निवेश 4 से 5 वर्षों में ही अपनी पूरी लागत वसूल कर लेगा। इसके बाद अगले 20 से 21 वर्षों तक वे मुफ्त और स्वच्छ बिजली का लाभ उठाएँगे। इससे न केवल उनका घरेलू खर्च घटा है बल्कि यह कदम कोयले जैसे पारंपरिक ईंधनों पर निर्भरता कम करने और ऊर्जा आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य में भी योगदान दे रहा है।
नागरिकों से अपील
श्री महेंद्र साहू ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सभी नागरिकों से अपील की है कि वे भी इस ऐतिहासिक और पर्यावरण हितैषी योजना से जुड़कर हरित ऊर्जा की दिशा में कदम बढ़ाएँ।
चित्रकारों ने कराया रंगों से छत्तीसगढ दर्शन
रायपुर । संस्कार भारती छत्तीसगढ़ द्वारा छत्तीसगढ़ रजत जयंती महोत्सव के उपलक्ष्य में 51 चित्रों की एक चित्रमाला निर्माण कार्यशाला 11 -12 अक्टूबर को विप्र भवन समता कॉलोनी रायपुर में आयोजित की गई । कार्यशाला में प्रदेश की राजधानी रायपुर के चित्रकारों के अलावा बिलासपुर , राजनांदगांव , खैरागढ़ , जांजगीर – चांपा , दुर्ग , बालोद, महासमुंद , दंतेवाड़ा ,रायगढ़ धमतरी, बलोदा बाजार ,बस्तर आदि स्थानों से कलाकार पधारे एवं 51 चित्रों की रचना की. इन चित्रों में कला संस्कृति एवं परम्परा, ऐतिहासिक घटना, सामाजिक जनजीवन और तीज त्यौहार आदि विषय आधार रूप में हैं. इन विषयों का चयन साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा के द्वारा किया गया।
छत्तीसगढ़ को भारत के मानचित्र पर एक नए राज्य के रूप में 25 वर्ष हो गए इसी अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा छत्तीसगढ़ रजत जयंती महोत्सव का प्रारंभ 15 अगस्त 2025 से हुआ जिसमें सभी विभागों के द्वारा फरवरी 2026 तक विभिन्न कार्यक्रम का आयोजन शासन और गैर सरकारी संस्थाओं के द्वारा किया जा रहा है. इसी तारतम्य में संस्कार भारती के द्वारा इस कार्यशाला के आयोजन योजना बनी और कार्यशाला सफल रूप से संपन्न हुई। इस चित्रकला कार्यशाला को संस्कार भारती द्वारा प्रशासन को समर्पित कर आग्रह किया जाएगा कि इसकी भव्य प्रदर्शनी का उद्घाटन 1 नवंबर को राज्योत्सव के अवसर पर किया जाए । संस्था द्वारा एक स्मारिका प्रकाशित की जाएगी जिसमें इन सभी कलाकृतियों के छायाचित्र रहेंगे ।
कार्यशाला के समापन समारोह में प्रांतीय अध्यक्ष संस्कार भारती श्री रिखी क्षत्री, डॉ विकास चंद्रा विभाग,अध्यक्ष चित्रकला विभाग संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ व श्री शशांक शर्मा, साहित्य अकादमी छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा संपन्न हुई । इस अवसर पर संस्था के महामंत्री हेमंत माहुलिकर, महानगर महामंत्री कबीर चंद्राकर, पुरुषोत्तम चंद्राकर, डॉ आनंद पांडे, किशोर वैभव, प्रांजल राजपूत, प्रीतेश पांडेय, लवकुश तिवारी, अपूर्वा , अंकित , रंजना गुरु, शैलदुलारी सारवा, सूर्यकांता कश्यप, पार्थ महावर, कला प्रेमी, कलाकार नगरवासी आदि उपस्थित थे।
प्रदेश में अब तक 1212.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज
रायपुर, 14 अक्टूबर 2025
छत्तीसगढ़ में अब तक 1212.3 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक दंतेवाड़ा जिले में सर्वाधिक 1646.8 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 554.0 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।
रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 1159.6 मि.मी., बलौदाबाजार में 1004.8 मि.मी., गरियाबंद में 1234.9 मि.मी, महासमुंद में 1065.1 मि.मी. और धमतरी में 1149.6 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।
बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 1205.1 मि.मी., मुंगेली में 1183.0 मि.मी., रायगढ़ में 1396.7 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 1116.1 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1413.5 मि.मी., सक्ती में 1274.2 मि.मी., कोरबा में 1179.3 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 1112.9 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।
दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 948.2 मि.मी., कबीरधाम में 892.0 मि.मी., राजनांदगांव में 1012.5 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1462.0 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 919.1 मि.मी. और बालोद में 1317.0 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।
सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 799.0 मि.मी., सूरजपुर में 1183.2 मि.मी., बलरामपुर में 1580.4 मि.मी., जशपुर में 1105.3 मि.मी., कोरिया में 1253.4 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 1138.6 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।
बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 1635.3 मि.मी., कोंडागांव जिले में 1213.5 मि.मी., कांकेर में 1421.8 मि.मी., नारायणपुर में 1474.4 मि.मी., सुकमा जिले में 1323.8 मि.मी. और बीजापुर जिले में 1632.4 मि.मी. की औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।
किशोर न्याय अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु अभिनव कार्यक्रम का 14 अक्टूबर को होगा शुभारंभ
रायपुर, 13 अक्टूबर 2025
महिला एवं बाल विकास विभाग के छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण समिति द्वारा किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम के अंतर्गत बच्चों के संस्थागत एवं गैर संस्थागत देखरेख के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अभिनव कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम का शुभारंभ 14 अक्टूबर को महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मुख्य आतिथ्य में रायपुर के खम्हारडीह स्थित शासकीय बालिका गृह में होगा।
प्रशिक्षण में जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी, जिला बाल संरक्षण अधिकारी, बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड, संरक्षण अधिकारी गैर संस्थागत, बाल देखरेख संस्थाओं के अधीक्षक एवं बाल कल्याण अधिकारी भाग लेंगे।
गो सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए अखिल जैन को राष्ट्रीय सम्मान
रायपुर। नई दिल्ली में गौ पंचगव्य आधारित अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस पर सोमवार को तृतीय राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में मनोहर गौशाला के ट्रस्टी डॉ. अखिल जैन (पदम डाकलिया) को गो सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इस दौरान डॉ. जैन से प्राकृतिक खेती करने का प्रशिक्षण भी दिया।
दिल्ली के डॉ. बीआर अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र जनपथ में आयोजित कार्यक्रम में मनोहर गौशाला खैरागढ़ के गौ उत्पाद का स्टाल भी लगाया गया। पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री वल्लभ भाई कथरिया, नई दिल्ली के प्रो. वीरेंद्र कुमार विजय, साकेत मनी त्रिवेदी, सुनील मान सिंगा सहित अन्य लोगों ने स्टाल का जायजा लेकर मनोहर गौशाला के कार्यों, वहां होने वाले रिसर्च और बनने वाले उत्पादों की सराहना की।
एग्रीस्टेक पोर्टल में 31 अक्टूबर तक कराएं पंजीयन
धान खरीदी एवं फसल बीमा जैसी योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसान पंजीयन की प्रक्रिया अब और आसान
रायपुर, 13 अक्टूबर 2025
राज्य के किसानों से अपील की गई है कि वे धान खरीदी, फसल बीमा एवं अन्य कृषि योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए एग्रीस्टेक पोर्टल में 31 अक्टूबर 2025 तक अपना ऑनलाइन पंजीयन अवश्य कराएं। पंजीयन प्रक्रिया अब सरल और सुलभ कर दी गई है, जिससे किसान स्वयं अपने मोबाइल या कम्प्यूटर से पंजीयन कर सकते हैं।
किसान अपना पंजीयन एग्रीस्टेक पोर्टल https://cgfr.agristack.gov.in या फार्मर रजिस्ट्री सीजी मोबाइल एप के माध्यम से कर सकते हैं। पोर्टल पर नया खाता बनाने के लिए किसान को आधार से लिंक मोबाइल नंबर, आधार कार्ड, भूमि के खसरा और बी-1 दस्तावेज की आवश्यकता होगी। पोर्टल में लॉगिन कर आवश्यक विवरण भरने के बाद किसान अपनी भूमि की जानकारी सत्यापित कर ई-साइन के माध्यम से पंजीयन प्रक्रिया पूर्ण कर सकते हैं। सफल पंजीयन के बाद किसान को रजिस्ट्रेशन नंबर प्राप्त होगा।
पंजीयन के लिए एग्रीस्टेक पोर्टल या मोबाइल एप पर क्रिएट न्यू यूजर पर क्लिक करें। अपना आधार नंबर भरें और ओटीपी से सत्यापन करें। मोबाइल नंबर दर्ज कर वेरीफाई करें तथा पासवर्ड बनाएं। लॉगिन कर व्यक्तिगत व भूमि संबंधी जानकारी भरें। फेच लैण्ड डिटेल पर क्लिक कर अपने खसरा नंबर दर्ज करें और विवरण सत्यापित करें। अंत में ई-साइन ओटीपी के माध्यम से पंजीयन प्रक्रिया पूर्ण करें।
यदि किसान की जानकारी 80 प्रतिशत या उससे अधिक मेल खाती है, तो पंजीयन स्वचालित रूप से 48 घंटे के भीतर स्वीकृत हो जाएगा। अन्य मामलों में स्थानीय राजस्व अधिकारी द्वारा सत्यापन के बाद पंजीयन स्वीकृत किया जाएगा। किसानों की सुविधा के लिए एग्रीस्टेक हेल्पलाइन नंबर 1800-233-1033 जारी किया गया है। साथ ही, आवश्यक जानकारी के लिए किसान अपने क्षेत्र के पटवारी या कृषि विस्तार अधिकारी से भी संपर्क कर सकते हैं।
किसानों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने और कृषि योजनाओं के लाभ त्वरित रूप से पहुँचाने के लिए एग्रीस्टेक पोर्टल को एकीकृत मंच के रूप में विकसित किया है। किसान 31 अक्टूबर से पूर्व अपना पंजीयन कर किसान हितैषी योजनाओं का लाभ ले सकते हैं।
कृषि विश्वविद्यालय के नए कुलसचिव ने पदभार ग्रहण किया
रायपुर, 13 अक्टूबर 2025
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के नवनियुक्त कुलसचिव श्री कपिलदेव दीपक ने आज पदभार ग्रहण किया. उन्होंने प्रभारी कुलसचिव डॉ सी पी खरे से कुलसचिव पद का प्रभार लिया. पदभार ग्रहण करने के उपरांत श्री दीपक ने कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ गिरीश चंदेल से सौजन्य मुलाकात की. डॉ चंदेल ने श्री दीपक को उनके सफल कार्यकाल हेतु शुभकामनाएं दी. श्री कपिल देव दीपक ने विश्वविद्यालय के अधिकारियों से संवाद कर विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली एवं गतिविधियों के बारे में जानकारी प्राप्त की. इस अवसर पर उप कुलसचिव डॉ यमन देवांगन, डॉ श्रीकांत चितले, डॉ विजय सोनी सहित विश्वविद्यालय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे. उल्लेखनीय है कि श्री कपिल देव दीपक मूलतः कृषि विभाग में संयुक्त संचालक के पद पर पदस्थ है.
वंदना ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड में मजदूरों की हड़ताल: पेमेंट में अनियमितताओं के खिलाफ विरोध
वंदना ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड में मजदूरों की हड़ताल: पेमेंट में अनियमितताओं के खिलाफ विरोध
धरसींवा
सिलतरा औद्योगिक क्षेत्र फेस टू में स्थित वंदना ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड के ऑटोमोबाइल के मजदूरों ने हाल ही में अपनी मजदूरी के भुगतान में हुई अनियमितताओं के खिलाफ हड़ताल की। यह हड़ताल तब शुरू हुई जब मजदूरों को उनके मेहनत के अनुसार उचित वेतन नहीं मिला। कंपनी प्रबंधन द्वारा मजदूरों की पेमेंट में भारी कटौती की गई है, जिससे मजदूरों में आक्रोश फैल गया है।
मजदूरों का आरोप है कि कंपनी ने उनकी मेहनत की कमाई में डाका डालते हुए, विभिन्न कर्मचारियों की पेमेंट में असमानता की है। कुछ मजदूरों की वेतन में 3000 रुपये, कुछ की 4000 रुपये और कुछ की 5000 रुपये तक की कटौती की गई है। इस असमानता और अन्याय के खिलाफ मजदूरों ने एकजुट होकर कंपनी के सामने हड़ताल करने का निर्णय लिया।
हड़ताल के दौरान, मजदूरों ने अपने अधिकारों की रक्षा करने और उचित वेतन की मांग करने के लिए नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि उनकी मेहनत और समर्पण का उचित नहीं मिल रहा है, जो कि उनके जीवन यापन के लिए आवश्यक है। मजदूरों ने यह भी कहा कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे आगे भी संघर्ष जारी रखेंगे।
मजदूरों का कहना है कि वे अपने अधिकारों के लिए लड़ते रहेंगे और किसी भी प्रकार के अन्याय को बर्दाश्त नहीं करेंगे। इस स्थिति ने पूरे औद्योगिक क्षेत्र में हलचल मचा दी है, और अन्य कंपनियों में भी इस मुद्दे पर चर्चा शुरू हो गई है।
यह घटना न केवल वंदना ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड के लिए, बल्कि पूरे औद्योगिक क्षेत्र के लिए एक चेतावनी है कि मजदूरों के अधिकारों का उल्लंघन नहीं किया जाना चाहिए। मजदूरों की मेहनत और समर्पण का सम्मान होना चाहिए, ताकि वे सुरक्षित और सम्मानजनक तरीके से अपना जीवन यापन कर सकें
देश के पहले डिजिटल संग्रहालय में दिखेगी आदिवासी नायकों की शौर्य गाथा
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी नवा रायपुर में करेंगे शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय का लोकार्पण
केन्द्रीय जनजातीय मंत्रालय के अधिकारियों ने की संग्रहालय की भव्यता और जीवंत प्रस्तुति की सराहना
रायपुर, 13 अक्टूबर 2025


प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी नवा रायपुर अटल नगर में छत्तीसगढ़ के आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की स्मृति में तैयार किए गए भव्य संग्रहालय सह-स्मारक का लोकार्पण राज्योत्सव के अवसर पर करेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर बनाए जा रहा यह संग्रहालय देश का पहला डिजिटल संग्रहालय होगा। इस संग्रहालय में स्वतंत्रता आंदोलन के समय छत्तीसगढ़ में हुए 16 आदिवासी विद्रोहों की झलक देखने और सुनने को मिलेगी। संग्रहालय के लोकार्पण के लिए साज-सज्जा का काम अंतिम चरण में है। भारत सरकार के केन्द्रीय जनजाति मंत्रालय के अधिकारियों ने आज इस संग्रहालय का अवलोकन कर इसकी भव्यता और जीवंत प्रस्तुति की सराहना की।
प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने केन्द्रीय जनजातीय मंत्रालय की ओएसडी श्रीमती रंजना चोपड़ा और संचालक श्रीमती दीपाली मासिरकर को संग्रहालय का भ्रमण कराते हुए बताया कि यह संग्रहालय छत्तीसगढ़ में जनजातीय समाज के ऐतिहासिक गौरव गाथा, शौर्य और बलिदान का प्रतीक है। नई पीढ़ियों को आदिवासियों का स्वतंत्रता विद्रोह की याद दिलाता रहेगा। यह न सिर्फ आदिवासी वर्गों के लिए बल्कि देश-विदेश के लोगों के लिए भी प्रेरणास्पद होगा। उन्होंने बताया कि संग्रहालय में डिजिटल माध्यम से आदिवासी समाज के विद्रोहों और उनके नायकों की गाथा की प्रस्तुति संग्रहालय का विशेष आकर्षण रहेगी। पूरे संग्रहालय परिसर को सर्वसुविधायुक्त बनाया जा रहा है।
प्रमुख सचिव श्री बोरा ने बताया कि संग्रहालय के प्रवेश द्वार पर सरगुजा के कलाकारों द्वारा बनाए गए बेहद खूबसूरत नक्काशीदार पैनल लगाए जाऐंगे। वहीं मुख्य द्वार पर अंदर प्रवेश करते ही लगभग 1400 वर्ष पुराने साल वृक्ष की प्रतिकृति बनाई जा गई है, इसकी पत्तियों पर सभी 14 विद्रोहों का जीवंत वर्णन किया गया है। केन्द्रीय जनजातीय मंत्रालय की ओएसडी श्रीमती रंजना चोपड़ा ने संग्रहालय परिसर में तैयार हो रहे तालाब के चारों ओर सुन्दर पाथवे बनाने एवं लाईट की व्यवस्था और अंदर की गैलरी में ट्राईबल आर्ट का प्रयोग करने कहा। संग्रहालय के ओरिएंटेशन रूम की बाहरी दीवारों पर शहीद वीर नारायण सिंह जी की शहादत संबंधी जानकारी जैसे जेल रिकॉर्ड, सुनाई गई सजा के आदेश की कॉपी इत्यादि सभी मूल अभिलेख संरक्षित कर डिस्प्ले करने के सुझाव दिए।
श्रीमती चोपड़ा ने शहीद वीर नारायण सिंह जी के संघर्ष से संबंधित समाज द्वारा उपलब्ध कराई गई तलवार को भी संग्रहालय में संरक्षित कर प्रदर्शित करने और सोनाखान विद्रोह को प्रदर्शित करने के लिए ऑडियो-वीडियो व डिजिटल स्क्रीन की व्यवस्था, संग्रहालय में ट्राईबल रिलेटेड डॉक्यूमेंट फिल्म का भी प्रदर्शन, प्रत्येक गैलेरी में ऑडियो विजुअल की व्यवस्था कहा, ताकि आगंतुकों को मोबाइल में स्कैन करने पर पूरी जानकारी उपलब्ध हो और म्यूजिक को भी सुना जा सके। उन्होंने संग्रहालय में सेल्फी प्वाइंट भी बनाने भी कहा।
शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय में स्वतंत्रता आंदोलन के समय छत्तीसगढ़ में हुए विभिन्न आदिवासी विद्रोहों जैसे- हल्बा विद्रोह, सरगुजा विद्रेाह, भोपालपट्टनम विद्रोह, परलकोट विद्रोह, तारापुर विद्रोह, लिंगागिरी विद्रोह, कोई विद्रोह, मेरिया विद्रोह, मुरिया विद्रोह, रानी चौरिस विद्रोह, भूमकाल विद्रोह, सोनाखान विद्रोह, झण्डा सत्याग्रह एवं जंगल सत्याग्रह के वीर आदिवासी नायकों के संघर्ष एवं शौर्य के दृश्य का जीवंत प्रदर्शन 14 गैलेरियों में किया जा रहा है। वहीं जंगल सत्याग्रह और झंडा सत्याग्रह पर एक-एक गैलेरियों का भी निर्माण किया जा रहा है।
इस मौके पर आदिम जाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक विकास विभाग के आयुक्त डॉ. सरांश मित्तर, छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी विकास निगम के संचालक डॉ. जगदीश सोनकर, छत्तीसगढ़ आदिवासी अनुसंसाधन एवं प्रशिक्षण संस्थान की संचालक श्रीमती हिना अनिमेष नेताम सहित निर्माण कार्य से जुड़े अधिकारी उपस्थित थे।
भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विधानसभा का नया भवन – श्री अरुण साव
उप मुख्यमंत्री ने अंतिम दौर के कार्यों का किया निरीक्षण, लोकार्पण की तैयारियों का लिया जायजा
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी राज्योत्सव पर करेंगे लोकार्पण
आधुनिक व सर्वसुविधायुक्त विधानसभा के नए भवन में छत्तीसगढ़ की संस्कृति की झलक
सदन की सीलिंग पर उकेरी गई हैं धान की बालियां, ज्यादातर फर्नीचर बस्तर के शिल्पियों द्वारा निर्मित
रायपुर, 13 अक्टूबर 2025






उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने आज नवा रायपुर में निर्माणाधीन छत्तीसगढ़ विधानसभा के नए भवन के अंतिम दौर के कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने इस दौरान इसके लोकार्पण की तैयारियों का भी जायजा लिया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी आगामी 1 नवम्बर को राज्योत्सव के मौके पर विधानसभा के नए भवन का लोकार्पण करेंगे। आधुनिक व सर्वसुविधायुक्त इस भवन में छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपरा की झलक दिखाई देगी। विधानसभा के सदन की सीलिंग में धान की बालियां उकेरी गई हैं। सदन के भीतर के ज्यादातर फर्नीचर बस्तर के शिल्पियों द्वारा बनाए गए हैं।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने विधानसभा के नवनिर्मित संपूर्ण परिसर का भ्रमण कर अंतिम चरण के कार्यों को देखा और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने यहां स्थापित एयर कंडीशनिंग चीलर प्लांट का भी अवलोकन किया। श्री साव ने कहा कि नवीन विधानसभा भवन सभी आधुनिक सुविधाओं से लैस है। इसे तीन सेक्टरों में विभाजित कर बनाया गया है। भवन के सिविल कार्य पूर्ण हो चुके हैं। फिनिशिंग कार्य भी अंतिम चरण में हैं। दीपावली के बाद शिफ्टिंग का काम शुरू कर दिया जाएगा।
श्री साव ने कहा कि आगामी 1 नवम्बर को छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण के 25 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। राज्योत्सव के अवसर पर आयोजित भव्य समारोह में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के करकमलों से विधानसभा के नए भवन का लोकार्पण होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ नित नवीन आयाम तय कर रहा है। विधानसभा का यह नवनिर्मित भवन छत्तीसगढ़ के इतिहास में बहुमूल्य उपलब्धि होगी।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि 25 साल पहले वर्ष 2000 में रायपुर के राजकुमार कॉलेज में टेंट से शुरू हुए छत्तीसगढ़ के विधानसभा को खुद का भव्य भवन मिलने जा रहा है। नवीन विधानसभा भवन सर्वसुविधायुक्त, सुसज्जित तथा अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है। इसे अगले 50 वर्षों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है। भविष्य में पेपरलेस विधानसभा संचालित हो सके, इसका भी ध्यान रखा गया है। सदन के भीतर के ज्यादातर फर्नीचर बस्तर के शिल्पकारों द्वारा तैयार किए गए हैं। सीलिंग पर धान की बालियां उकेरी गई हैं। इस नए भवन में छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपरा की झलक दिखेगी, जहां छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता की उम्मीदों और आकांक्षाओं के अनुरूप फैसलों को आकार मिलेगा। श्री साव द्वारा विधानसभा परिसर के निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह और प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी सहित वरिष्ठ विभागीय अधिकारी भी मौजूद थे।
राज्योत्सव की तैयारियों का भी किया निरीक्षण
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने नए विधानसभा परिसर का अवलोकन करने के बाद नवा रायपुर स्थित श्यामा प्रसाद मुखर्जी उद्योग एवं व्यापार परिसर पहुंचकर राज्य स्थापना के रजत जयंती समारोह की तैयारियों का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
हम सभी एक किसान परिवार के हैं आपकी समस्याओं के हल के लिए हम प्रतिबद्ध: मंत्री श्री गजेंद्र यादव
मंत्री गजेंद्र यादव ने आंदोलनरत किसानों से मिलकर सुनी उनकी समस्याएं
किसानों की मांगों पर मंत्री ने प्रतिनिधि मंडल से मिलकर सहानुभूतिपूर्वक की चर्चा
रायपुर, 13 अक्टूबर 2025




भारतीय किसान संघ छत्तीसगढ़ प्रदेश के द्वारा आज बूढ़ा तलाब स्थित धरना स्थल पर आंदोलन किया गया था। जिसे देखते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव आंदोलनरत भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधि मंडल से मुलाकात की और उनसे उनकी समस्याओं के संबंध में जाना। जहां बिंदुवार सभी नौ सूत्रीय मांगों पर उन्होंने प्रतिनिधियों से सहानुभूतिपूर्वक सभी मांगों के संबंध में चर्चा की। इसके बाद वे बूढ़ा तलाब स्थित धरना स्थल में पहुंचे। जहां बड़ी संख्या में आये किसानों ने मंत्री श्री यादव का अभिवादन किया।
शिक्षा मंत्री श्री यादव ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि हम सभी किसान एक परिवार की तरह हैं, हमारी विचारधारा भी एक ही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय भी इसी किसान परिवार से संबंध में रखते हैं, इसीलिए आपकी मांगों पर उन्होंने संवेदनशीलतापूर्वक विचार किया है। जिसमें उन्होंने बताया कि सिंचाई का रकबा बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा कैबिनेट बैठक में 15 परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई थी जिसके निर्माण के लिए 2800 करोड़ रूपयों को आज जारी किया जा रहा है। इसके साथ ही धान खरीदी पर किसानों से 40 किलो में सात सौ ग्राम से अधिक नहीं लेने एवं समितियों में भंडारण सुनिश्चित करने की भी उन्होंने घोषणा की और खाद की कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण का भी आश्वासन दिया।
इसके अतिरिक्त उन्होंने बताया कि किसानों की मांग अनुरूप कवर्धा के भोरमदेव शक्कर उत्पादक कंपनी के गन्ना उत्पादक किसानों की बकाया 46 करोड़ रूपयों की राशि को कैबिनेट द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है, वित्त द्वारा इसपर जल्द कार्यवाही पूर्ण कर किसानों को लाभान्वित किया जाएगा। जिस पर सभी किसानों ने प्रसन्नता व्यक्त की।
अवैध रेत खनन पर बड़ी कार्रवाई
ग्राम गुदगुदा में 2 बोट एवं 2 चैन माउंटेन मशीन जब्त
रायपुर, 14 अक्टूबर 2025

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार रायपुर जिले में अवैध रेत खनन के विरुद्ध त्वरित एवं सख्त कार्रवाई की जा रही है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में राजस्व एवं खनिज विभाग की संयुक्त टीम ने आरंग विकासखंड के ग्राम गुदगुदा में बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रेत उत्खनन में प्रयुक्त 2 बोट एवं 2 चैन माउंटेन मशीन जब्त की है।
यह कार्रवाई आरंग एसडीएम श्रीमती अभिलाषा पैकरा के नेतृत्व में की गई, जिसमें नायब तहसीलदार श्री जी.एन. सिदार, राजस्व अमला तथा खनिज अधिकारी श्री हेमंत क्षेरपा एवं उनकी टीम शामिल रही। कार्रवाई के दौरान मौके पर अवैध उत्खनन कार्य रोका गया और जब्त की गई सामग्रियों को सुरक्षित रखवाया गया है।
दीपावली से पहले मिली राशि ने बढ़ाई खुशियां
यपुर, 13 अक्टूबर 2025

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए संचालित महतारी वंदन योजना लाखों महिलाओं के जीवन में खुशहाली और आत्मनिर्भरता लाने में मददगार साबित हो रही है। दीपावली पर्व से पूर्व योजना की 20वीं किश्त जारी होने से पूरे प्रदेश की महिलाओं के चेहरों पर प्रसन्नता और आत्मविश्वास झलक उठा है।
इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक पात्र महिला को प्रति माह 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, जिससे महिलाएं अपने परिवार की आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ-साथ स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। इसी कड़ी में सक्ती जिले की ग्राम पंचायत टेमर निवासी श्रीमती रजनी कुम्हार भी महतारी वंदन योजना से लाभान्वित होकर अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम हुई हैं।
श्रीमती रजनी ने बताया कि पहले परिवार की दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने में कठिनाई होती थी, लेकिन अब योजना से मिलने वाली राशि से उन्हें आर्थिक संबल और परिवार की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिली है। उन्होंने इस राशि का सदुपयोग करते हुए अपने पति श्री पीताम्बर कुम्हार के सहयोग से मिट्टी के दीये, मटके, घड़े, कलश और सुराही जैसे पारंपरिक मिट्टी के उत्पादों के निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया है। दीपावली के अवसर पर वे प्रतिदिन लगभग 2,000 से 2,500 दीये तैयार कर रही हैं, जिससे अच्छी आमदनी की उम्मीद है।
श्रीमती रजनी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के सम्मान, स्वावलंबन और समृद्धि की दिशा में एक सशक्त और प्रेरणादायक पहल है। जिसने उनके जीवन में उजाला और आत्मनिर्भरता की नई रोशनी फैलाई है।
अपराधियों में हो कानून का भय और जनता में हो सुरक्षा का अहसास — मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस — कानून-व्यवस्था, मादक पदार्थ नियंत्रण और सड़क सुरक्षा पर मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश
रायपुर, 13 अक्टूबर 2025
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि पुलिस की छवि ऐसी होनी चाहिए, जिससे अपराधियों में कानून का भय और आम नागरिकों में सुरक्षा का अहसास उत्पन्न हो। मुख्यमंत्री श्री साय आज मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे।
कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस में प्रदेश की कानून-व्यवस्था की समग्र स्थिति, मादक पदार्थ नियंत्रण, सड़क सुरक्षा, साइबर अपराधों की रोकथाम और प्रशासनिक समन्वय को सुदृढ़ करने जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। इस अवसर पर गृह मंत्री श्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव श्री विकास शील, अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक दोनों की भूमिका समान रूप से महत्वपूर्ण है। जिन जिलों में दोनों के बीच समन्वय मजबूत है, वहां बेहतर परिणाम प्राप्त हुए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि कानून-व्यवस्था के मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई को प्रशासनिक उदासीनता माना जाएगा और ऐसे मामलों में कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सड़कों पर अव्यवस्था फैलाने, चाकूबाजी और हत्या जैसे जघन्य अपराधों पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाए। गौ-तस्करी और धर्मांतरण जैसे संवेदनशील मामलों पर सघन निगरानी रखी जाए और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि जिन जिलों ने अपराध नियंत्रण में उल्लेखनीय सुधार किया है, उनके अनुभवों को अन्य जिलों में मॉडल के रूप में लागू किया जाए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने नशाखोरी और मादक पदार्थों की अवैध तस्करी पर सख्त रुख अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशा अपराधों की जड़ है, और इसे समाप्त करना ही कानून-व्यवस्था सुधार की पहली शर्त है। मुख्यमंत्री श्री साय ने एनकॉर्ड (NCORD) के तहत राज्यव्यापी अभियान चलाने, सीमावर्ती जिलों में तस्करी पर रोक लगाने और एनडीपीएस एक्ट के तहत समय-सीमा में कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराने के लिए जनजागरूकता अभियान चलाया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में घुसपैठियों की पहचान और नियंत्रण के लिए विशेष टास्क फोर्स (STF) गठित की गई है। उन्होंने निर्देश दिए कि सीमावर्ती जिलों में सघन जांच की जाए और संदिग्ध गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो। उन्होंने यह भी कहा कि अपराधों की अनदेखी अक्सर गंभीर अपराधों को जन्म देती है, इसलिए प्रत्येक मामले में समयबद्ध कार्रवाई आवश्यक है।
बैठक में आत्मसमर्पित माओवादियों के पुनर्वास और आजीविका सशक्तिकरण पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की पुनर्वास नीति में माओवादियों का विश्वास बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। आत्मसमर्पित माओवादियों को कौशल विकास प्रशिक्षण देकर स्थानीय रोजगार या स्वरोजगार से जोड़ा जाए, ताकि वे मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत कर सकें।
कलेक्टर एसपी कॉन्फ्रेंस में सड़क सुरक्षा को लेकर भी गहन मंथन हुआ। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और यातायात व्यवस्था सुधार हेतु कठोर कदम उठाने पर जोर दिया गया। हेलमेट, सीट बेल्ट और यातायात नियमों का पालन न करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साथ ही, ब्लैक स्पॉट की पहचान कर सुधारात्मक कार्य किए जाने, रात 10 बजे के बाद डीजे या लाउडस्पीकर के उपयोग पर रोक लगाने और नशे में वाहन चलाने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सड़क पर आवारा पशुओं से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए भी प्रभावी कदम उठाने को कहा गया।
कॉन्फ्रेंस में साइबर अपराधों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा गया कि साइबर अपराध आधुनिक युग का सबसे जटिल खतरा बन चुका है। इसे रोकने के लिए पुलिस बल को निरंतर तकनीकी प्रशिक्षण दिए जाने पर बल दिया गया। साथ ही साइबर हेल्पलाइन नंबर का प्रचार-प्रसार जनसंपर्क विभाग के सहयोग से व्यापक स्तर पर किए जाने के निर्देश दिए गए। बैठक में निर्देश दिए गए कि साइबर अपराधों के नए-नए तरीकों को देखते हुए प्रत्येक जिले में जागरूकता अभियान चलाए जाएं, ताकि आम नागरिक ठगी, फिशिंग और ऑनलाइन धोखाधड़ी जैसे अपराधों से सुरक्षित रह सकें।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन, टीम भावना और साझा उत्तरदायित्व ही विकसित छत्तीसगढ़ की वास्तविक नींव है। उन्होंने कहा कि शासन और प्रशासन तभी सशक्त बन सकते हैं, जब प्रत्येक अधिकारी अपने दायित्व को ईमानदारी से निभाए और टीम के रूप में मिलकर परिणाम दे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि योजनाओं की सफलता केवल नीतियों पर नहीं, बल्कि उन्हें लागू करने वाली टीम की पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जवाबदेही पर निर्भर करती है। यही भावनात्मक और प्रशासनिक समन्वय “विकसित छत्तीसगढ़” को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा।