छत्तीसगढ़ / रायपुर
कोल लेवी घोटाला: ED ने राज्य सरकार को लिखा पत्र, 10 IAS-IPS पर कार्रवाई की सिफारिश
रायपुर । छत्तीसगढ़ में 570 करोड़ रुपये के कोल लेवी घोटाले की जांच कर रही प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ा कदम उठाया है। ईडी ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर 10 वरिष्ठ IAS और IPS अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत कार्रवाई की सिफारिश की है। यह पत्र मुख्य सचिव और आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) को भेजा गया है।
ईडी की जांच रिपोर्ट के मुताबिक, 15 जुलाई 2020 को तत्कालीन खनिज निदेशक और निलंबित IAS समीर विश्नोई ने एक आदेश जारी किया था, जिसके तहत ऑनलाइन कोल परमिट सिस्टम को ऑफलाइन कर दिया गया। इसके बाद अवैध लेवी वसूली का सिलसिला शुरू हुआ।
इस घोटाले में कारोबारी सूर्यकांत तिवारी को मुख्य आरोपी माना गया है। उनके साथ निलंबित IAS समीर विश्नोई, रानू साहू, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की तत्कालीन उप सचिव सौम्या चौरसिया और आईएएस अनिल टुटेजा के नाम भी सामने आ चुके हैं।
राज्यपाल श्री डेका से हार्टफुलनेस संस्थान के डायरेक्टर श्री चॉवला ने की सौजन्य भेंट
रायपुर, 29 सितंबर 2025
राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज राजभवन में हार्टफुलनेस संस्थान के डायरेक्टर श्री त्रिलोचन चॉवला ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने राज्यपाल को संस्थान के प्रमुख श्री कमलेश डी. पटेल (दाजी) द्वारा जैन तीर्थंकरों पर लिखी पुस्तक भेंट की। राज्यपाल श्री डेका ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि नशामुक्त समाज निर्माण की दिशा में ऐसे प्रयास अनुकरणीय हैं और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में सहायक सिद्ध होंगे।
भेंट के दौरान श्री चॉवला ने छत्तीसगढ़ में संस्थान द्वारा संचालित आध्यात्मिक और सामाजिक गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने राज्यपाल को प्रदेश मंत नशामुक्ति अभियान के लिए संस्थान की कार्ययोजना से भी अवगत कराया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दी सौगात ,घोषणा अनुरूप मिली मंजूरी
1 करोड़ 65 लाख की लागत से बनेगा विश्राम गृह
रायपुर, 29 सितंबर 2025
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। मुख्यमंत्री ने जिलेवासियों को एक और बड़ी सौगात दी है। उनकी घोषणा अनुरूप जिले के बागबहार में विश्राम गृह भवन के निर्माण कार्य के लिए स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। 1 करोड़ 65 लाख रुपए की राशि इस कार्य हेतु मंजूरी मिली है, जिसका निविदा प्रक्रिया पूर्ण होते ही निर्माण कार्य जल्द शुरू की जाएगी।
गौरतलब है कि जिले के फरसाबहार में भी विश्राम गृह निर्माण के लिए 1 करोड़ 72 लाख रुपए मंजूरी मिल चुकी है। बागबहार क्षेत्र में लंबे समय से विश्राम गृह की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, अब इस भवन के निर्माण से न केवल आम नागरिकों को सुविधा मिलेगी,बल्कि विभिन्न सरकारी-अर्धसरकारी कार्यक्रमों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं बाहर से आने वाले मेहमानों के ठहरने की भी उत्तम व्यवस्था उपलब्ध हो सकेगी। लगातार सड़कों, पुल-पुलियों, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और जनसुविधाओं से जुड़ी योजनाओं को धरातल पर उतारा जा रहा है। इसी कड़ी में बागबहार को यह सौगात मिली है, जो आने वाले समय में क्षेत्र के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी।ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बागबहार में विश्राम गृह बनने से क्षेत्र का गौरव बढ़ेगा और स्थानीय लोगों को लंबे समय से चली आ रही सुविधा की कमी पूरी होगी।
मुख्यमंत्री की घोषणा पर हो रहा है तत्काल अमल
यह उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा की गई घोषणाओं पर तत्काल अमल हो रहा है। यही कारण है कि जिले में एक के बाद एक विकास कार्यों को मंजूरी मिल रही है और आमजन सीधे तौर पर इसका लाभ मिल रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय संत बाबा हरदास राम साहिब जी की बरसी महोत्सव में हुए शामिल
गोदड़ीवाला धाम पहुंचे मुख्यमंत्री : प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना
रायपुर, 29 सितम्बर 2025

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय कल देर रात राजधानी रायपुर के देवपुरी स्थित गोदड़ीवाला धाम पहुंचे, जहाँ उन्होंने संत शिरोमणि बाबा हरदास राम साहिब जी की 34वीं बरसी महोत्सव में शामिल होकर संत परंपरा को नमन किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री गोदड़ीवाला धाम में स्थापित संत गेला राम साहिब जी की प्रतिमा के समक्ष मत्था टेककर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा – “यह मेरा परम सौभाग्य है कि मुझे संत शिरोमणि बाबा हरदास राम साहिब जी की बरसी महोत्सव में शामिल होने का अवसर मिला। यहाँ देशभर से आए पूज्य संतों के दर्शन का लाभ मिल रहा है। मेरी कामना है कि छत्तीसगढ़ पर संतों का आशीर्वाद सदा बना रहे और घर-घर में खुशहाली एवं समृद्धि हो।”
मुख्यमंत्री ने बरसी महोत्सव में पधारे देशभर के संत-महात्माओं का छत्तीसगढ़ की पावन भूमि पर हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि श्री गोदड़ीवाला संत बाबा हरदास राम जी का संपूर्ण जीवन मानव सेवा, त्याग और समर्पण का प्रेरणास्रोत रहा है। उनके चरण पड़ने से छत्तीसगढ़ की यह धरा धन्य हुई है।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि धाम परिसर में समय-समय पर आयोजित नि:शुल्क नेत्र जांच शिविर, स्वास्थ्य शिविर और रक्तदान शिविर संत बाबा हरदास राम जी की शिक्षाओं और आदर्शों का जीवंत उदाहरण हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बरसी महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भक्ति, एकता और सामाजिक सेवा का उत्सव है।
संत समाज को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या का मायका और भगवान श्रीराम का ननिहाल है। उन्होंने कहा कि राजिम में भगवान श्रीराम और माता सीता द्वारा स्थापित कुलेश्वर महादेव आज भी विराजमान हैं। भगवान श्रीराम ने अपने 14 वर्षों के वनवास में से लगभग 10 वर्ष छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर व्यतीत किए। प्रदेशवासी भगवान श्रीराम को आज भी अपना भांजा मानते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम के दर्शन कराने हेतु ‘श्री रामलला दर्शन योजना’ चला रही है। इस योजना के अंतर्गत पिछले वर्ष 22 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने अयोध्या पहुंचकर श्रीरामलला के दर्शन किए।
बरसी महोत्सव में मुख्यमंत्री के साथ विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा, छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री नन्द कुमार साहू, छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष श्री अनिल थौरानी, श्री ललित जयसिंह, श्री श्रीचंद सुंदरानी सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे।
कैबिनेट बैठक लेंगे CM विष्णुदेव साय
रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज दोपहर 3:30 बजे राज्य मंत्रीपरिषद (कैबिनेट) की बैठक मंत्रालय (महानदी भवन) अटल नगर, नवा रायपुर मे आयोजित होगी।
छत्तीसगढ़ में ऑनलाइन ओपन काउंसलिंग से शिक्षकों की पदोन्नति और नियुक्ति कार्य सम्पन्न।
छत्तीसगढ़ लोक शिक्षण संचालनालय के आदेशानुसार राज्य के कुल 1227 प्रधान पाठक (प्राथमिक शाला) और बी.एड. प्रशिक्षित स्नातकोत्तर शिक्षक (एल.वी.) को व्याख्याता/व्याख्याता (एल.बी.) टी. संवर्ग में पदोन्नत करने हेतु ऑनलाइन ओपन काउंसलिंग का आयोजन किया गया। यह काउंसलिंग 25 से 28 सितम्बर तक शासकीय शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय, शंकर नगर, रायपुर में संपन्न हुई।
काउंसलिंग के पहले तीन दिनों में अनुपस्थित रहे अभ्यर्थियों के लिए चौथे दिन यानि 28 सितम्बर को विशेष काउंसलिंग आयोजित की गई। इसमें संस्कृत, अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, भूगोल और गणित विषय के 5 अभ्यर्थियों की काउंसलिंग कराई गई। इसके अतिरिक्त 165 अनुपस्थित अभ्यर्थियों को लॉटरी के माध्यम से उनके संबंधित जिले/संभाग की शालाओं में रिक्त पदों पर स्थान आवंटित किया गया।
कुल 1102 अभ्यर्थियों में से 937 अभ्यर्थी काउंसलिंग में उपस्थित रहे, जिससे उपस्थित रहने का प्रतिशत 85.03 प्रतिशत रहा। काउंसलिंग में चयनित सभी अभ्यर्थियों को उनके द्वारा चयनित विद्यालयों में पदस्थापना के लिए नोडल अधिकारी द्वारा नियुक्ति आदेश जारी कर दिए गए हैं।
छत्तीसगढ़ के स्टील प्लांट में हुए हादसे में प्रबंधन के खिलाफ केस दर्ज
रायपुर । धरसींवा थाना क्षेत्र स्थित गोदावरी पावर एंड इस्पात लिमिटेड में हुए भीषण हादसे में प्रबंधन के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया गया है। शुक्रवार को प्लांट के पेलेट यूनिट में मशीन का भारी लोहे का ढांचा गिरने से मैनेजर सहित छह लोगाें की मौत हो गई थी।
इस घटना में 12 से अधिक लोग मलबे में दब गए थे। पुलिस ने सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने पर लापरवाही की धाराओं के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया है। सुबह सभी मृतकों को पोस्टमार्टम कर शव को स्वजनों को सौंप दिया गया।
जल्दबाजी में खुलवाया गया था प्लांट
हादसे को लेकर कर्मचारियों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके मुताबिक प्लांट को महज दो दिन पहले ही शटडाउन किया गया था। सामान्य स्थिति में शटडाउन के बाद कम से कम सात दिन तक ठंडा होने के बाद ही मशीनों से मटेरियल हटाया जाता है। लेकिन उत्पादन की जल्दबाजी में अधिकारियों ने सिर्फ दो दिन में ही जांच और सफाई शुरू करा दी। इसी दौरान हाफर गिरा और मजदूरों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला।
जांच टीम पहुंची, रिपोर्ट तैयार होगी
श्रम और औद्योगिक स्वास्थ्य सुरक्षा विभाग की टीम शनिवार को घटनास्थल पहुंची। टीम ने हादसे की परिस्थितियों का जायजा लिया और सुरक्षा उपायों से संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल की। विभाग ने कहा है कि विस्तृत जांच रिपोर्ट जल्द ही तैयार कर आगे की कार्रवाई तय होगी।
प्रबंधन ने कही स्वतंत्र जांच की बात
कंपनी प्रबंधन की ओर से इमेंद्र दान ने कहा कि घायलों का इलाज और मृतकों के परिजनों को सहायता प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि कंपनी स्वतंत्र जांच कराएगी और सुरक्षा मानकों के पालन की पूरी समीक्षा की जाएगी। दान ने यह भी बताया कि हादसा प्लांट के उस हिस्से में हुआ जो विस्तार कार्य के अंतर्गत तैयार किया जा रहा था। सभी मजदूरों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे। इधर उनके बयान के इतर प्रारंभिक जांच में निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और संरचनात्मक कमजोरी पर सवाल उठे हैं।
पर्यटन मंत्री ने किया 'सेंट्रल इंडिया कनेक्ट मार्केट प्लेस' का शुभारंभ
आईआरसीटीसी व फिक्की संग दो महत्वपूर्ण समझौते, टूरिज्म बोर्ड की नई वेबसाइट का लोकार्पण
रायपुर । विश्व पर्यटन दिवस पर छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड और छत्तीसगढ़ ट्रैवल ट्रेड एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में हॉस्पिटैलिटी पार्टनर माइरा रिसॉर्ट कन्वेंशन सेंटर रायपुर में “सेंट्रल इंडिया कनेक्ट मार्केट प्लेस” का आयोजन हुआ। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए राज्य की सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन संभावनाओं व योजनाओं पर प्रकाश डाला तथा छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड की नई वेबसाइट का लोकार्पण किया गया।
इस अवसर पर पर्यटन विकास को गति देने के लिए दो महत्वपूर्ण समझौते किए गए। पहला समझौता छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड एवं आईआरसीटीसी के मध्य मुख्यमंत्री जन पर्यटन योजना टूर प्रारंभ करने के लिए किया गया। दूसरा समझौता छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड एवं फिक्की के बीच राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय रोड शो तथा छत्तीसगढ़ ट्रैवल मार्ट आयोजन हेतु किया गया।
कार्यक्रम में मंत्री राजेश अग्रवाल ने पर्यटन क्षेत्र में योगदान देने वाले स्टेकहोल्डर्स को सम्मानित किया। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री साय द्वारा पूर्व में कनेक्ट मार्केट प्लेस के पहले संस्करण में घोषित पर्यटन पुरस्कार योजना के अंतर्गत इस वर्ष 10 श्रेणियों में पुरस्कार प्रदान किए गए। इनमें होटल श्रेष्ठा को सर्वश्रेष्ठ होटल, रितेश मुंद्रा को सर्वश्रेष्ठ टूर ऑपरेटर, दन्तेवाड़ा को सर्वश्रेष्ठ जिला टूरिज्म प्रमोशन अवार्ड, जीत सिंह आर्या को सर्वश्रेष्ठ पर्यटन स्टार्टअप, दण्डामी लग्जरी रिसॉर्ट को सीटीबी स्टार परफॉर्मर (सर्वश्रेष्ठ रिसॉर्ट), टी.आई.सी. एयरपोर्ट रायपुर को सीटीबी स्टार परफॉर्मर (पर्यटक सूचना केंद्र), भोरमदेव जंगल रिट्रीट को सर्वश्रेष्ठ होमस्टे, आकाश साहू (आकाश का सफर) को सर्वश्रेष्ठ सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर, गौरेला पेन्ड्रा मरवाही जिले को सर्वश्रेष्ठ इको टूरिज्म साइट तथा 36 मोन्टाने एडवेंचर कैंपिंग के खेमलाल साहू को सर्वश्रेष्ठ एडवेंचर टूरिज्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य पर्यटन व्यवसाय के अवसरों को बढ़ावा देना, नए नेटवर्किंग प्लेटफ़ॉर्म उपलब्ध कराना और राज्य के पर्यटन क्षेत्र को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रोत्साहित करना है। कार्यक्रम का शुभारंभ बिजनेस टू बिजनेस मार्केटप्लेस और नेटवर्किंग सत्र से हुआ, जिसमें विभिन्न राज्यों से आए टूर ऑपरेटर्स एवं प्रतिनिधियों ने अपना प्रजेन्टेशन दिया साथ ही अंतर्राष्ट्रीय डेस्टिनेशन पार्टनर संस्था फॉर एवर जर्नी दुबई तथा वेन्यू पार्टनर माइरा रिसॉर्ट एवं कन्वेंशन सेंटर रायपुर के प्रतिनिधियों ने भी अपना प्रजेन्टेशन दिया गया।
इस दौरान पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव ने राज्य की पर्यटन नीतियों एवं अवसरों पर विस्तृत जानकारी दी। छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने अपने उद्बोधन में आगामी आयोजनों और रोडमैप की जानकारी साझा की। छत्तीसगढ़ ट्रैवल ट्रेड एसोसिएशन के अध्यक्ष जसप्रीत भाटिया ने स्वागत संबोधन प्रस्तुत किया एवं कार्यक्रम का समापन उद्बोधन छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने दिया। कार्यक्रम के समापन के अवसर पर पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। यह महत्वपूर्ण आयोजन न केवल छत्तीसगढ़ के पर्यटन क्षेत्र को नया आयाम देने का कार्य करेगा बल्कि राज्य को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और अधिक सशक्त रूप से स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा।
व्याख्याता पदोन्नति हेतु ऑनलाईन ओपन काउंसलिंग के तृतीय दिवस में 84.57 प्रतिशत अभ्यर्थी उपस्थित हुए
रायपुर, 28 सितंबर 2025
लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ द्वारा कुल 1227 प्रधान पाठक (प्राथमिक शाला) एवं शिक्षक संवर्ग (बी.एड. प्रशिक्षित स्नातकोत्तर) एल.बी. को आनलाईन ओपन काउंसलिंग द्वारा व्याख्याता/याख्याता (एल.बी.) टी. संवर्ग के पद पर पदोन्नत हेतु काउंसलिंग 25 से 28 सितंबर तक आयोजित की किये गये हैं।
गौरतलब है कि कुल 1227 प्रधान पाठक (प्राथमिक शाला) एवं शिक्षक संवर्ग (बी.एड प्रशिक्षित स्नातकोत्तर) एल.बी को व्याख्याता/व्याख्याता (एल.टी) टी. संवर्ग के पद पर पदोन्नत किए जाने हेतु दिनांक 25 सितंबर से 28 सितंबर तक आनलाईन ओपन काउंसलिंग शासकीय शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय शंकर नगर रायपुर में आयोजित की गई है। इस दौरान काउंसलिंग के तृतीय दिवस (27 सितंबर 2025) कुल 296 अभ्यर्थियों की काउंसलिंग दो पालियों में आयोजित की गई। जिसमें हिन्दी विषय के 182 अभ्यर्थियों में से 143 अभ्यर्थी उपस्थित थे तथा 39 अभ्यर्थी अनुपस्थित थे, अर्थशास्त्र विषय के 114 अभ्यर्थियों में से 82 अभ्यर्थी उपस्थित हुए तथा 32 अभ्यर्थी अनुपस्थित थे।
काउंसलिंग की प्रक्रिया में दिनांक 25 से 27 सितंबर 2025 में कुल 1102 अभ्यर्थी में से 932 अभ्यर्थी उपस्थित हुए तथा 170 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहें। जिससे कुल उपस्थिति प्रतिशत 84.57 रहा है।
संचालनालय के अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया है कि ऑनलाइन ओपन काउंसलिंग प्रक्रिया के अंतर्गत सभी अभ्यर्थियों को उनके द्वारा चयनित विद्यालयों में पदस्थापना हेतु नियुक्ति आदेश जारी कर दिए गए हैं।
भिलाई निवासी शकुन्तला ने सोलर ऊर्जा से घटाया बिजली बिल, अतिरिक्त उत्पादन से आमदनी भी
रायपुर, 28 सितंबर 2025
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से आमजन को हो रहा लाभ अब दिखाई देने लगा है। भिलाई निवासी श्रीमती शकुंतला टंडन ने अपने घर की छत पर 2 किलोवाट क्षमता की रूफटॉप सोलर पैनल यूनिट स्थापित की है। उन्हें इस योजना के तहत केंद्र सरकार से 62,000 रूपए तथा राज्य सरकार से 30,000 रूपए की सब्सिडी प्राप्त हुई है।
श्रीमती शकुन्तला टंडन के अनुसार, उन्होंने 13 दिसंबर 2024 से अब तक 3,590 यूनिट सौर ऊर्जा का उत्पादन किया है, जिसमें से 1,000 यूनिट बिजली विभाग को विक्रय भी किया गया है। उन्होंने बताया कि उन्हें इस महत्वाकांक्षी योजना की जानकारी अपने आसपास के लोगों और बच्चों से मिली। शकुन्तला ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना से उनके घर के बिजली बिल में भारी कमी आई है और अतिरिक्त उत्पादन से आय भी अर्जित हो रही है। उन्होंने कहा, “मैं सभी से अपील करती हूँ कि इस योजना का लाभ उठाकर अपने घरों में सोलर पैनल अवश्य लगवाएँ और मार्च 2027 तक एक करोड़ घरों में रूफटॉप सोलर पैनल लगाने के लक्ष्य को पूरा करने में योगदान दें।”
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत 3 किलोवाट क्षमता की रूफटॉप सोलर यूनिट लगाने पर प्रति माह 300 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले परिवार को सालाना लगभग 15,000 रूपए की बचत का आश्वासन दिया गया है।
आवासीय रूफटॉप सौर ऊर्जा के लिए केंद्रीय वित्तीय सहायता (सीएफए)
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 2 किलोवाट क्षमता वाले सिस्टम के लिए सिस्टम लागत का 60 प्रतिशत और 2 से 3 किलोवाट क्षमता वाले सिस्टम के लिए अतिरिक्त सिस्टम लागत का 40 प्रतिशत सीएफए प्रदान किया जाता है। सीएफए की अधिकतम सीमा 3 किलोवाट है। मौजूदा बेंचमार्क कीमतों के आधार पर, 1 किलोवाट सिस्टम के लिए 30,000 रूपए, 2 किलोवाट सिस्टम के लिए 60,000 रूपए और 3 किलोवाट या उससे अधिक सिस्टम के लिए 78,000 रूपए की सब्सिडी दी जा रही है।
विशेष लेख :मिलाराबाद के किसान अंतर्यामी ऑर्गेनिक खेती अपनाकर समाज में मिसाल पेश की
हम गाय को नहीं, बल्कि गाय हमें पालती है: किसान अंतर्यामी प्रधान
रायपुर, 28 सितंबर 2025

महासमुंद जिले के विकासखंड बसना के ग्राम मिलाराबाद के किसान शिक्षित किसान अंतर्यामी प्रधान और उनके पुत्र लक्ष्मी नारायण प्रधान ने पूरी तरह ऑर्गेनिक खेती अपनाकर समाज के लिए मिसाल पेश की है। अंतर्यामी प्रधान बी.एससी. तक और लक्ष्मी नारायण प्रधान बैचलर इन फिजियोथेरेपी तथा बीजेएमसी की पढ़ाई की है। वे लगभग 29 एकड़ भूमि में ऑर्गेनिक खेती करते हुए इन्होंने यह साबित किया है कि कम लागत और स्वस्थ तरीके से भी किसान अच्छी आमदनी कमा सकते हैं।
गौरतलब है कि रासायनिक खेती के इस दौर में जहां किसान अधिक उपज की लालच में भूमि की उर्वरता और मानव स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव डाल रहे हैं। वहीं प्रधान परिवार ने तकरीबन सत्तर के दशक से रासायनिक खाद और जहरीली दवाइयों का उपयोग बंद कर ऑर्गेनिक खेती का आदर्श प्रस्तुत कर रहा है। कम लागत, स्वस्थ उत्पादन और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त धान की किस्में उगाकर इन्होंने यह साबित किया है कि ऑर्गेनिक खेती ही भविष्य की सच्ची जरूरत है। आज इनके पास 29 एकड़ जमीन पर ऑर्गेनिक खेती चल रही है, जिनमें से 15 एकड़ का एपीईडीए (APEDA) से रजिस्ट्रेशन भी हो चुका है।
विविध फसलें और खास किस्म का धान
किसान अंतर्यामी प्रधान ने बताया कि उनके खेती में कई उन्नत किस्म की फसलें लगाई गई हैं जिनमें धान में जवाफुल, कलानमक नरेंद्र 01, शाही नमक, कालीमुच, चिनौर कालाजीरा, गंगा बालू, दुबराज और सुपर फाइन जैसे उन्नत किस्म के धान का उत्पादन कर रहें है। इससे अच्छी आमदनी मिल रही है। वहीं यह उत्पाद स्वास्थ्य वर्धक भी है। सुपरफाइन किस्म की धान का कीमत लगभग 75 रूपए से शुरू है। काला नमक नरेंद्र कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाला चावल होने के कारण इसका कीमत 250 रूपए किलो के लगभग है। अवाम धान बीज 350 रूपए किलो तक बिकता है। उन्होंने बताया कि वे धान फसलों के साथ-साथ अपने खेतों में शरबती गेहूं C-306 किस्म के और अरहर का भी फसल लेते हैै।इसके साथ ही कोयंबतूर 86032 किस्म के गन्ना का फसल लेते है जो गुड़ बनाने में काफी अच्छा है। इसकी कीमत 120 रूपए किलो तक है। वे अपने खेतों में ग्रीष्मकालीन मौसम में मूंगफली का फसल लेते है। चार एकड़ में टॉप-10 वैरायटी के आम का पेड़ लगाया हुआ है। जिससे प्रतिवर्ष 25-30 क्विंटल आम का उत्पादन होता है। नारियल के 160 पौधे लगाए है, जिनमें फल आना शुरू हो रहा है।
जैविक खेती का आधार - गाय
जैविक खेती कर रहे किसान प्रधान परिवार ने बताया कि उनके पास 60 देसी नस्ल की गायें हैं, जिनमें गिर नस्ल प्रमुख है। इनके गोबर और गोमूत्र से ही खाद, बीजामृत, जीवामृत और ‘ब्रह्मास्त्र’ जैविक दवा बनाई जाती है। किसान अंतर्यामी प्रधान का कहना है - “हम गाय को नहीं पालते, बल्कि गाय हमें और हमारे पूरे परिवार को पालती है।”
प्राकृतिक कीटनाशक के रूप में नीम, सीताफल, करंज, भेरू, बेल और (अरंडी) के पत्ते है ब्रह्मास्त्र
अंतर्यामी प्रधान ने बताया कि प्राकृतिक कीटनाशक के रूप में नीम, सीताफल, करंज, भेरू, बेल और आक (अरंडी) के पत्ते ब्रम्हास्त्र के रूप में काम करते है। इन पेड़ों के पत्तों की पेस्ट बनाकर गोमूत्र के साथ मिट्टी के बर्तन में पकाया जाता है। इसे फसलों पर छिड़कने से कीट और रोगों से बचाव होता है। किसान अंतर्यामी ने बताया कि इसके अलावा गाय के गोबर से गैस संयंत्र से रसोई की जरूरत पूरी होती है। उन्हें राज्य शासन सहित राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन और नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल के अंतर्गत बीज और तकनीकी मदद मिलती है।
मन की बात से मिली नई ऊर्जा, योजनाओं को घर-घर पहुँचाना प्राथमिकता : मंत्री श्रीमती राजवाड़े
रायपुर, 28 सितंबर 2025

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम “मन की बात” के 126वें संस्करण का प्रसारण आज पूरे प्रदेश में उत्साहपूर्वक सुना गया। महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने इसे बीरपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में जनप्रतिनिधियों और आमजन के साथ सुना।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने अपने संबोधन में कहा कि देश में त्योहारों का शुभ दौर शुरू हो गया है। नवरात्रि, दशहरा, दीपावली और छठ पूजा जैसे पर्व पूरे देश में उल्लास और श्रद्धा से मनाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इस विजयदशमी को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपना शताब्दी वर्ष मना रहा है और संघ के स्वयंसेवक हर संकट की घड़ी में सेवा भाव से कार्य करते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान दे रहे हैं। प्रधानमंत्री जी ने असम के लोकप्रिय गायक जुबिन गर्ग के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें अमूल्य धरोहर बताया। साथ ही उन्होंने गांधी जयंती पर खादी खरीदने और 7 अक्टूबर को महर्षि वाल्मीकि जयंती पर उनके योगदान को स्मरण करने का आह्वान किया।
“मन की बात” कार्यक्रम के पश्चात मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने हमें संस्कृति, परंपरा और राष्ट्र सेवा के महत्व से अवगत कराया। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों, महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों सभी को सीधे प्रधानमंत्री जी से जोड़ता है और नई प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी के मार्गदर्शन में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को घर-घर पहुँचाना तथा आमजन को लाभान्वित करना हमारी प्राथमिकता है। सरकार पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ जनता की सेवा में कार्यरत है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अमर शहीद भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया नमन
रायपुर, 28 सितम्बर 2025

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज अमर शहीद भगत सिंह की जयंती के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित भगत सिंह चौक पहुँचकर उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि अमर शहीद भगत सिंह भारत के स्वतंत्रता संग्राम के वह तेजस्वी नायक थे, जिन्होंने अपने अदम्य साहस, अटूट देशभक्ति और सर्वोच्च बलिदान से आने वाली पीढ़ियों के लिए अमिट प्रेरणा छोड़ी है। उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि राष्ट्रहित सर्वोपरि है और स्वतंत्रता के लिए त्याग ही सच्ची देशभक्ति का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगत सिंह के विचार और आदर्श आज भी युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करते हैं।
इस अवसर पर रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, सीजीएमएससी अध्यक्ष श्री दीपक म्हस्के, अल्पसंख्यक बोर्ड के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुनी ‘मन की बात’ कार्यक्रम की 126वीं कड़ी
मन की बात’ करोड़ों देशवासियों को जोड़ने, प्रेरित करने, नवाचार और उत्कृष्ट कार्यों को सामने लाने का माध्यम : मुख्यमंत्री श्री साय
रायपुर, 28 सितंबर 2025


मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के शंकर नगर स्थित सिंधु पैलेस में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम की 126वीं कड़ी का श्रवण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ करोड़ों देशवासियों को जोड़ने, उन्हें प्रेरित करने तथा नवाचार और बेहतर कार्यों को सामने लाने का सशक्त माध्यम है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस दौरान क्रांतिकारी शहीद भगत सिंह और स्वर कोकिला लता मंगेशकर को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए पुण्य स्मरण किया। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों को शक्ति उपासना के पर्व नवरात्रि की शुभकामनाएँ भी दीं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शक्ति उपासना के इस पावन अवसर पर प्रधानमंत्री ने देश की दो बहादुर बेटियों, लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना और लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा की ‘नाविका सागर परिक्रमा’ का उल्लेख किया। दोनों अधिकारियों ने 47 हजार 500 किलोमीटर की समुद्री यात्रा 238 दिनों में पूरी की और दुनिया के सबसे सुदूर स्थान ‘नीमो प्वाइंट’ पर तिरंगा फहराकर देश का गौरव बढ़ाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समय देशभर में ‘जीएसटी बचत उत्सव’ मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जीएसटी दरों में हुई कटौती से लोगों को दैनिक जरूरतों की वस्तुओं से लेकर वाहनों, कृषि उपकरणों और मशीनों तक में बड़ी राहत मिल रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर भारत का आह्वान करते हैं और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना इस दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हम स्वदेशी वस्तुएँ खरीदते हैं, तो हम केवल सामान नहीं लेते, बल्कि एक परिवार की उम्मीद, एक कारीगर की मेहनत और एक उद्यमी के सपनों को सम्मान देते हैं। उन्होंने कहा कि खादी उत्पादों की लोकप्रियता पिछले कुछ वर्षों में लगातार बढ़ी है और हम सभी को खादी के वस्त्रों और उत्पादों का उपयोग करना चाहिए।
इस अवसर पर रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, सीजीएमएससी के अध्यक्ष श्री दीपक म्हस्के, छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
रायपुर में फिर पकड़ाया माओवादी, सोने के बिस्किट और नगदी बरामद
रायपुर । राजधानी रायपुर में सुरक्षाबलों को एक और बड़ी सफलता मिली है। स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) ने भाठागांव इलाके से माओवादी रामा किचाम को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से सोने के बिस्किट और नगदी रकम बरामद की गई है। गिरफ्तार माओवादी को एनआईए कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
तीन दिन पहले भी हुई थी गिरफ्तारी
गौरतलब है कि तीन दिन पहले ही रायपुर से माओवादी दंपती गिरफ्तार किए गए थे। वे फर्जी आधार कार्ड बनाकर किराए के मकान में छिपकर रह रहे थे। पुलिस ने उनके पास से डेढ़ लाख रुपये नकद और 10 ग्राम सोने का बिस्किट भी बरामद किया था।
लगातार जारी है पूछताछ
सुरक्षा एजेंसियां अब गिरफ्तार माओवादी रामा किचाम और हाल में पकड़े गए दंपती से पूछताछ कर रही हैं। आशंका है कि राजधानी में माओवादियों का अंडरग्राउंड नेटवर्क सक्रिय हो सकता है।
भाजपा जवाहर नगर मंडल ने सुनी पीएम मोदी की मन की बात
रायपुर । भाजपा जिला रायपुर के जवाहर नगर मंडल द्वारा रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम मन की बात के 126वें एपिसोड का प्रसारण बूथ स्तर पर आयोजित किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक शामिल हुए।
मंडल अध्यक्ष संदीप जंघेल ने बताया कि मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी सामाजिक, राष्ट्रीय और वैश्विक गतिविधियों पर अपने विचार साझा करते हैं। यह कार्यक्रम हर माह देशभर में बूथ स्तर तक प्रसारित किया जाता है।
पीएम मोदी का संबोधन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज के एपिसोड में कई विषयों पर देश को संबोधित किया। उन्होंने कहा: खादी का महत्व: गांधी जयंती पर खादी को अपनाने की अपील करते हुए पीएम ने कहा, “2 अक्टूबर को आप सभी कोई न कोई खादी का सामान अवश्य खरीदें और गर्व से कहें कि यह स्वदेशी है।”
छठ पूजा को वैश्विक पहचान: उन्होंने छठ महापर्व को दुनिया के मंच पर ले जाने की बात कही।
बेटियों की उपलब्धियां: नवरात्रि के अवसर पर पीएम ने शिक्षा, व्यापार और खेल के क्षेत्र में बेटियों की बढ़ती भूमिका पर गर्व व्यक्त किया।
कार्यक्रम का आयोजन
जवाहर नगर मंडल में बूथ क्र. 126, बूथ न.116 और बूथ न.121 पर कार्यक्रम रखा गया। इसमें विशेष रूप से तात्यापारा वार्ड की छाया पार्षद मनोज विश्वकर्मा, पूर्व पार्षद भारती बागल, प्रमोद विश्वकर्मा, महामंत्री रमेश शर्मा, गीता रेड्डी, नीलू तलमले, संतोष निहाल, सूरज शर्मा, बूथ सचिव ममता साहू, सुकल्या साहू, मुन्नी साहू, अविजित सिंह बागल, संतोष विश्वकर्मा समेत मोहल्ले के लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
राज्यपाल श्री रमेन डेका ने तेजस्विनी छात्रावास का किया निरीक्षण
छात्राओं से की आत्मीय चर्चा, बेहतर इंसान बनने की दी प्रेरणा
छात्रावास के लिए 2 लाख रूपये की सहायता राशि देने की घोषणा
रायपुर,

राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज बिलासपुर प्रवास के दौरान नेहरू नगर स्थित तेजस्विनी छात्रावास का निरीक्षण किया। उन्होंने छात्रावास में अध्ययनरत बच्चियों से आत्मीय चर्चा की और उन्हें शिक्षा के साथ-साथ अपने जीवन में नैतिक मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा दी। शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का बेहतर जरिया है। एक सच्चे नागरिक की पहचान उसके सोच और व्यवहार से होती है। उन्होंने कहा कि सभी बच्चों को समावेशी सोच के साथ जीवन यात्रा में आगे बढ़ना चाहिए। राज्यपाल श्री डेका ने छात्रावास के विकास के लिए 2 लाख रूपए की सहायता राशि प्रदान करने की घोषणा की।
राज्यपाल श्री डेका ने छात्राओं से चर्चा करते हुए कहा कि जीवन में भौतिक सफलता के साथ-साथ बेहतर इंसान बनना सबसे जरूरी है। उन्होंने सभी छात्राओं से परिचय लेकर उनकी रूचि और भविष्य में वे क्या बनना चाहते हैं, इस संबंध में भी चर्चा की। उन्होंने छात्राओं की शिक्षा, रहन सहन एवं अन्य आवश्यकताओं के संबंध में जानकारी ली। राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि बच्चियों की शिक्षा, सुरक्षा एवं आत्मनिर्भरता को लेकर शासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
छात्राओं ने राज्यपाल से खुलकर बातचीत की और अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम में छात्रावास की संचालिका सुश्री सुलभा देशपांडे ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने बताया कि यहां 21 बच्चियां अध्ययनरत है। यहां गरीब और बेसहारा वर्ग की बच्चियों के निःशुल्क रहने और खाने की व्यवस्था की जा रही है। यहां की बच्चियां शहर के विभिन्न स्कूलों और कॉलेज में अध्ययनरत हैं। उनकी पढ़ाई की व्यवस्था भी छात्रावास समिति द्वारा की जा रही है। इस अवसर पर कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह,नगर निगम कमिश्नर श्री अमित कुमार, सीईओ जिला पंचायत श्री संदीप अग्रवाल सहित छात्रावास समिति के सदस्य मौजूद थे।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का रजत जयंती समारोह
संविधान का व्याख्याकार, नागरिक अधिकारों का संरक्षक और न्याय का सजग प्रहरी बनकर खड़ा है उच्च न्यायालय: राज्यपाल श्री रमेन डेका
इन्फ्रास्ट्रक्चर और संसाधनों की उपलब्धता के साथ समय पर न्याय उपलब्ध कराने राज्य सरकार कटिबद्ध: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
आमजनों का विश्वास प्राप्त करना न्यायपालिका का सर्वाेत्तम उद्देश्य: न्यायाधीश श्री माहेश्वरी
रायपुर,


छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की स्थापना का रजत जयंती समारोह’ का आयोजन महामहिम राज्यपाल श्री रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों ने मुख्य अतिथि राज्यपाल श्री रमेन डेका एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू को पौधा एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर स्वागत एवं अभिनंदन किया। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा, वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी, विधि मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस भी इस अवसर पर मौजूद रहे। कार्यक्रम में रजत जयंती समारोह पर केंद्रित स्मारिका का विमोचन भी किया।

मुख्य अतिथि राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि इस गौरवशाली अवसर पर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की रजत जयंती समारोह में आप सभी को संबोधित करना मेरे लिए अत्यंत सम्मान और गर्व का विषय है। 1 नवम्बर 2000 को जब छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना हुई, तब शासन के साथ-साथ न्याय के क्षेत्र में भी एक नई शुरुआत हुई। इस राज्य के जन्म के साथ ही इस महान संस्था छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर की स्थापना हुई। तभी से यह न्यायालय संविधान का व्याख्याकार, नागरिक अधिकारों का संरक्षक और न्याय का प्रहरी बनकर खड़ा है। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने लोक अदालत के अंतर्गत लंबित मामलों के हो रहे त्वरित निराकरण के लिए न्यायपालिका की सराहना की। उन्होंने न्यायपालिका में नैतिकता, सुदृढ़ीकरण और न्यायपालिका के लंबित मामलों को कम कर आम जनों को त्वरित न्याय उपलब्ध कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि न्याय केवल सामर्थ्यवान लोगों के लिए ही उपलब्ध नहीं हो बल्कि गांव गरीब एवं आमजनों के लिए भी सर्व सुलभ न्याय उपलब्ध हो तभी इस लोकतांत्रिक व्यवस्था में न्यायपालिका की भूमिका सार्थक बनेगी।

राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि हम उन दूरदर्शी व्यक्तित्वों और संस्थापकों को कृतज्ञतापूर्वक नमन करते हैं, जिन्होंने इस न्यायालय की नींव रखी। प्रथम मुख्य न्यायाधीश माननीय न्यायमूर्ति डब्ल्यू.ए. शिशक और उनके उत्तराधिकारियों ने इस नवगठित न्यायालय को गरिमा, विश्वसनीयता और सशक्त न्यायिक परंपरा प्रदान की। इसी प्रकार अधिवक्ताओं, न्यायालय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की निष्ठा और परिश्रम ने इस संस्था को पच्चीस वर्षों तक सुदृढ़ बनाए रखा। इन वर्षों में न्यायालय ने संवैधानिक नैतिकता, नागरिक स्वतंत्रता, आदिवासी अधिकार, पर्यावरण संरक्षण, सुशासन और सामाजिक न्याय जैसे अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर निर्णय दिए। इसने छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचानदृउसके जंगल, खनिज, संस्कृति और वंचित समुदायों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाया। विकास और अधिकारों के बीच संतुलन स्थापित करते हुए इसने यह सुनिश्चित किया कि प्रगति कभी भी न्याय की कीमत पर न हो।


समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर कहा कि हमारा प्रदेश छत्तीसगढ़ अपनी स्थापना की रजत जयंती मना रहा है। यह शुभ अवसर हमारे हाईकोर्ट की रजत जयंती का भी है। यह वर्ष हमारी विधानसभा का रजत जयंती वर्ष भी है। इन सभी शुभ अवसरों पर मैं आप सभी को हार्दिक बधाई देता हूँ।. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बिलासपुर की नगरी को एक नई पहचान दी है। इस शुभ अवसर पर हम भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री एवं हमारे राज्य के निर्माता श्रद्धेय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, जिनकी दूरदर्षिता से छत्तीसगढ़ राज्य एवं छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की स्थापना संभव हो सकी।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इन्फ्रास्ट्रक्चर और संसाधनों की उपलब्धता के साथ ही हम किसी भी हालत में समय पर न्याय उपलब्ध कराने के लिए कटिबद्ध हैं। इसी क्रम में हमने वर्ष 2023-24 की तुलना में विधि एवं विधायी विभाग के बजट में पिछले साल 25 प्रतिशत और इस वर्ष 29 प्रतिशत बढ़ोतरी की है। यह पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है कि इस पीठ के न्यायाधीश जस्टिस ए.एम. खानविलकर, जस्टिस श्री नवीन सिन्हा, जस्टिस श्री अशोक भूषण, जस्टिस श्री भूपेश गुप्ता और जस्टिस श्री प्रशांत कुमार मिश्रा जैसे न्यायाधीश देश की सर्वाेच्च अदालत तक पहुँचे। न्यायिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने वर्चुअल कोर्ट और लाइव स्ट्रीमिंग जैसे डिजिटल नवाचारों को बढ़ावा दिया है। साथ ही डिजिटल रिकॉर्ड रूम, आधार आधारित सर्च और न्यायिक प्रशिक्षण के नए माड्यूल भी अपनाये जा रहे हैं। अपने 25 वर्षों की इस गौरवशाली यात्रा में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने ऐसे उल्लेखनीय फैसले दिये हैं जो देश भर में नजीर के रूप में प्रस्तुत किये जाते हैं। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की स्थापना के बाद छत्तीसगढ़ के युवाओं में लॉ प्रोफेशन की ओर भी रुझान बढ़ा है। इससे उन्हें करियर के नये अवसर मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री नेा कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने अंग्रेजों के समय की दंड संहिता को समाप्त कर भारतीय न्याय संहिता को लागू किया। अंग्रेजों के समय भारतीय दंड संहिता का जोर दंड पर था। भारतीय न्याय संहिता का जोर न्याय पर है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का प्रयास है कि लोगों को आधुनिक समय के अनुरूप आये नये तकनीकी बदलावों को भी शामिल किया गया है। इसमें फॉरेंसिक साइंस से जुड़ी पहलुओं का काफी महत्व है। लोगों को त्वरित और सुगम न्याय मिल सके, इसके लिए न्यायपालिका को मजबूत करने समय-समय पर जो अनुशंसाएँ की गईं, उनका बीते एक दशक में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में प्रभावी क्रियान्वयन हुआ है।


उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश श्री जे.के. माहेश्वरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है और यह धान्य पूर्णता की ओर ली जाती है। जहां धर्म है वहां विजय है। हमार सच्चा कर्म और विचार ही धर्म है। चेतना ही सहज धर्म से जोड़ती है। अगले 25 साल में हम न्यायपालिका को कहां रखना चाहते है इस पर विचार और योजना बनाने का समय है। आम आदमी कोर्ट के दरवाजे पर एक विश्वास के साथ आता है उस मूल भावना के साथ कार्य करें। उन्होंने न्याय व्यवस्था से जुड़े बेंच, बार और लॉयर को विजन के साथ आगे बढ़ने प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सभी समेकित विजन बनाएं ताकि न्यायपालिका अपने जनकल्याण के अंतिम उद्वेश्य तक पहुंच सके। न्यायाधीश श्री माहेश्वरी ने कहा कि भारत के संविधान में रूल ऑफ लॉ की भावना पूरी हो इसके लिए सभी कार्य करें और अंतिम पायदान तक खड़े व्यक्ति तक न्याय पहंुचे इस सोच के साथ आगे बढ़ना है। उन्होंने कहा कि आमजनों का विश्वास प्राप्त करना न्यायपालिका का सर्वाेत्तम उद्देश्य है। हाईकोर्ट की स्थापना के साक्षी रहे उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश श्री प्रशांत कुमार मिश्रा ने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के रजत जयंती कार्यक्रम के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी और न्यायालय से जुड़े अपने संस्मरण साझा किया।


रजत जयंती कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि आज केवल न्यायपालिका के 25 वर्षों की यात्रा का उत्सव नहीं है बल्कि न्यायपालिका की उस सुदृढ़ परंपरा का सम्मान है जिसने संविधान और लोकतंत्र की रक्षा में अपना निरंतर योगदान दिया है। पिछले 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने न्याय की पहुंच को आम जनता तक सरल बनाने, पारदर्शिता सुनिश्चित करने और तकनीकी को क्रांति की तरह अपनाने में अभूतपूर्व कार्य किए हैं।


छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश सिन्हा ने स्वागत भाषण दिया। न्यायालय की स्थापना के रजत जयंती अवसर पर सभी अतिथियों और उपस्थित जनों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय का रजत जयंती कार्यक्रम निश्चित रूप से हम सभी के लिए गौरवशाली क्षण है। पिछले 25 वर्षों में न्यायालय ने विधि के शासन को स्थापित करने बेहतर कार्य किया है। उन्होंने न्यायालय की स्थापना से लेकर अब तक उपलब्धि एवं कामकाज में आए सकरात्मक बदलाव से सभा को अवगत कराया।
समारोह के अंत में न्यायाधीश श्री संजय के अग्रवाल ने आभार प्रदर्शन किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव, श्री विजय शर्मा, वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी, विधि विधायी मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, मद्रास उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश श्री एम.एम. श्रीवास्तव, तेलंगाना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पी सैम कोसी, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश श्री यतीन्द्र सिंह, पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, डीजीपी श्री अरूणदेव गौतम, महाधिवक्ता श्री प्रफुल्ल भारत, विधायक श्री धरमलाल कौशिक, श्री अमर अग्रवाल, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट बार एसोसिएशन अध्यक्ष श्री चंदेल सहित अन्य न्यायाधीश, अधिवक्ता, जन प्रतिनिधिगण तथा न्यायिक सेवा से जुड़े अधिकारी उपस्थित थे।