छत्तीसगढ़ / रायपुर
मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत दिया जा रहा निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण
लाइवलीहुड कॉलेज में रोजगार उन्मुख प्रशिक्षण – नामांकन प्रारंभ
रायपुर । मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत रायपुर जिले के 18 से 45 वर्ष के, 8वीं एवं 10 वीं उत्तीर्ण युवाओं को, रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने के लिए 03 से 04 माह के विभिन्न प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों का निःशुल्क आयोजन किया जा रहा है।
लाइवलीहुड कॉलेज, जोरा (रायपुर) में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में सोलर पंप टेक्नीशियन,माइक्रो इरीगेशन टेक्नीशियन,असिस्टेंट इलेक्ट्रिशियन,योगा इंस्ट्रक्टर का प्रशिक्षण शामिल है |
प्रशिक्षण के साथ-साथ प्रतिभागियों को कंप्यूटर स्किल, कम्युनिकेशन स्किल एवं व्यक्तित्व विकास का विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। अधिक जानकारी हेतु फोन नंबर 0771-2443066 अथवा 9109321845, 9399791163 पर संपर्क किया जा सकता है। जिला प्रशासन ने युवाओं से अपील की है कि वे इस अवसर का लाभ उठाकर अपने कौशल को निखारें और रोजगार के नए अवसरों से जुड़ें।
प्रोजेक्ट सुरक्षा के तहत छात्रों एवं कर्मचारियों को मिला जीवनरक्षक प्रशिक्षण
स्कूल, कॉलेज के 364 विद्यार्थीयों एवं शासकीय कर्मचारियों ने सीखा प्राथमिक उपचार और सीपीआर
रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशन में जिला प्रशासन रायपुर एवं रेड क्रॉस सोसाइटी, जिला शाखा रायपुर के संयुक्त प्रयास से “प्रोजेक्ट सुरक्षा” कार्यक्रम के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण जीवनरक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के मार्गदर्शन में यह प्रशिक्षण संपन्न हुआ। प्रथम बैच में पीएम श्री स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय, बीरगांव रायपुर में 157 छात्र-छात्राओं एवं प्राध्यापकों को प्रशिक्षण दिया गया, द्वितीय बैच में शहीद नंदकुमार पटेल शासकीय महाविद्यालय, बीरगांव में 207 छात्र-छात्राओं एवं प्राध्यापकों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया, तृतीय बैच में मल्टी लेवल पार्किंग, चौथा फ्लोर रायपुर में विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारियों को प्राथमिक उपचार किट के उपयोग और सीपीआर तकनीक का प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
रेडक्रॉस सोसाइटी, जिला शाखा रायपुर के सहायक प्रबंधक श्री कुर्रे ने प्रशिक्षण का संचालन करते हुए आपातकालीन परिस्थितियों में जीवन रक्षक तकनीकों की महत्ता को समझाया। उन्होंने सीपीआर की विस्तृत विधि का व्यवहारिक प्रदर्शन कर यह बताया कि कैसे सांस रुकने या हृदय गति बंद होने जैसी गंभीर स्थितियों में समय रहते सही तरीके से दी गई सहायता किसी व्यक्ति की जान बचा सकती है।
विदेशी मदिरा ज़ब्त, आरोपी गिरफ्तार
रायपुर। जिला आबकारी विभाग रायपुर द्वारा अवैध शराब और आबकारी अपराधों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। सचिव सह आबकारी आयुक्त एवं प्रबंध संचालक श्रीमती आर. शांगिता तथा कलेक्टर रायपुर गौरव सिंह के मार्गदर्शन में रविवार को बड़ी कार्रवाई की गई।
आदित्य फार्म हाउस में हुई कार्रवाई में आरोपी प्रलय सोना पिता मोहन सोना को गिरफ्तार कर उसके कब्ज़े से 02 बोतल डबल ब्लैक लेबल, 03 बोतल ब्लैक लेबल, 4 बोतल वोडका एवं 12 कैन बीयर कुल 14 ब्लाक लीटर मदिरा जब्त की गई जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 36,320 आंकी गई है।
इस कार्रवाई में आबकारी उपनिरीक्षक श्रीमती ज्योति शर्मा, प्रधान आरक्षक धर्मेन्द्र दुबे, आरक्षक योगेश्वर तिवारी, आरक्षक योगेन्द्र पाण्डेय और आरक्षक बृजेश कुमार की टीम शामिल रही।
अधिकारियों ने बताया कि रायपुर जिले में अवैध शराब के व्यापार और तस्करी पर सख्ती से नज़र रखी जा रही है और आगे भी इसी तरह की प्रभावी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
व्याख्याता प्रेरणा तिवारी एवं उनकी सुपुत्री श्रीदा तिवारी ने दान की पुस्तकें
स्मृति पुस्तकालय योजना, रायपुर में शिक्षा को बढ़ावा
रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार जिले में स्मृति पुस्तकालय योजना का संचालन किया जा रहा है। इसके तहत गिरिजाशंकर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, रायपुरा की व्याख्याता (रसायन) श्रीमती प्रेरणा तिवारी एवं उनकी सुपुत्री श्रीदा तिवारी ने जेआरएफ व नेट सहित अन्य पुस्तकें दान की। इस पुनीत कार्य के लिए कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने पुस्तकें ग्रहण कर दानदाता को प्रमाण पत्र प्रदान किया।
श्रीमती प्रेरणा ने कहा की बच्चों को पढ़ने के लिए पुस्तक नहीं मिल पाता ऐसे बच्चों के लिए जिला प्रशासन की अनोखी पहल है। मैं स्वयं व्याख्याता हूं तो मुझे पता बच्चें कितनी कड़ी मेहनत के बाद एक अच्छे स्थान पर पहुंचते हैं।
जिले में 15 जुलाई से प्रारंभ इस योजना के तहत दानदाताओं द्वारा 3600 से अधिक पुस्तकें दान में दी जा चुकी है। ये पुस्तकें जरूरतमंदों के भविष्य निर्माण में लाभकारी साबित होगी।
जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे आगे आकर पुस्तकें और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट दान करें और ज्ञान के इस अभियान में सहभागी बनें। दान करने के लिए लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता प्रभात सक्सेना, रोजगार अधिकारी केदार पटेल से मोबाइल नंबर 9406049000 पर संपर्क किया जा सकता है। इस अवसर पर एसएसपी डॉ लाल उम्मेद सिंह, निगम आयुक्त विश्वदीप, जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारती सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
नियद नेल्ला नार सुदूर गांवों के लिए सौगात
नम्बी गांव में अब हर घर तक पहुंचा शुद्ध पेयजल
विश्वकर्मा जयंती पर विशेष लेख : छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत अब तक 8.39 लाख निर्माण श्रमिक लाभान्वित
श्रमिकों के उत्थान के लिए 535.62 करोड़ रूपए की राशि
छगन लोन्हारे,
अशोक कुमार चन्द्रवंशी
रायपुर, 16 सितम्बर 2025


मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा श्रमिकों एवं उनके परिजनों की बेहतरी के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही है। इन योजनाओं के माध्यम से श्रमिकों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति के उत्थान के लिए लगातार उन्हें आर्थिक मदद दी जा रही है। इसी सिलसिले में छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत पंजीयन एवं लाभांवित श्रम विभाग द्वारा 01 जनवरी, 2024 से 15 सितम्बर, 2025 तक लगभग 7.3 लाख निर्माण श्रमिकों का पंजीयन किया गया है तथा वर्ष 2024 से 15 सितम्बर 2025 तक संचालित योजनाओं के माध्यम से लगभग 8.39 लाख श्रमिकों को लाभांवित हुए हैं, जिस पर लगभग 535.62 करोड़ रूपए व्यय किया गया है।
उल्लेखनीय है कि असंगठित श्रमिकों के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन के मार्गदर्शन में एक नई पहल शुरू की गई है। असंगठित श्रमिकों एवं उनके परिवारों के समग्र विकास के लिए अम्ब्रेला योजना ‘अटल श्रम सशक्तिकरण योजना‘ प्रारंभ की गई है। प्रवासी श्रमिक साथियों को सहयोग एवं मार्गदर्शन प्रदाय करने हेतु प्रथम चरण में 5 राज्य क्रमशः उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, उड़ीसा, गुजरात एवं महाराष्ट्र में जहां अधिक संख्या में श्रमिक प्रवास करते हैं, वहां ‘मोर चिन्हारी भवन’ बनाया जाएगा। इसके अलावा श्रमिकों को कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने 106 निजी चिकित्सालयों से अनुबंध किया गया है। इससे उन्हें हृदय रोग, किडनी रोग, मस्तिष्क रोग, जटिल सर्जरी आदि के लिए सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल में उपचार सुविधा मिलेगी।
इसी तरह राज्य शासन द्वारा श्रम विभाग की ‘अम्ब्रेला योजना अटल श्रम सशक्तिकरण योजना‘ के नाम से शुरू की गई है। इससे श्रमिकों तथा उनके परिवारों को एक ही स्थान पर सरकार के सभी योजनाओं का लाभ मिलेगा, इसके लिए ‘श्रमेव जयते‘ पोर्टल बनाया गया है। पंजीकृत श्रमिकों के द्वारा आर्थिक गतिविधि के लिए बैंक से लिए जाने वाले ऋण पर लगने वाले ब्याज में अनुदान देने के लिए जल्द ही नई योजना शुरू की जा रही है ताकि आत्म निर्भर बनते हुए स्वयं मालिक बनने की दिशा में बढ़ सकें। इसके अलावा असंगठित श्रमिकों के कल्याण हेतु संचालित योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन एवं सतत् निगरानी हेतु राज्य के प्रत्येक संभाग में संभाग स्तरीय श्रम कल्याण कार्यालय के स्थापना की जा रही है।
श्रम विभाग द्वारा मुख्यमंत्री श्रम संसाधन केन्द्र श्रमिकों की समस्याओं का शीघ्र निराकरण एवं सहायता हेतु राज्य के प्रत्येक जिले में जिला स्तरीय तथा समस्त विकासखंडों में मुख्यमंत्री श्रम संसाधन केन्द्र संचालित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्रम संसाधन केन्द्र योजना अंतर्गत 01 जनवरी, 2024 से 15 सितम्बर, 2025 तक 94,300 निर्माण श्रमिकों को पंजीयन/नवीनीकरण/योजनाओं के आवेदन में सहयोग प्रदान किया गया है।
छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत निर्माण श्रमिकों के पंजीयन हेतु स्व-घोषणा प्रमाण पत्र छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत निर्माण श्रमिकों के पंजीयन की प्रक्रिया सरल करते हुये, ठेकेदार अथवा नियोजक के अधीन कार्य करने संबंधी नियोजक से नियोजन प्रमाण पत्र के स्थान पर श्रमिकों से ही निर्माण कार्य में नियोजित होने संबंधी स्वघोषणा पत्र का प्रावधान किया गया है। उक्त सरलीकरण करने से श्रमिकों को पंजीयन कराने में सुविधा हुई है।
मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत निर्माण श्रमिकों के स्वयं के आवास क्रय एवं आवास निर्माण हेतु 01 लाख रूपये एकमुश्त अनुदान सहायता राशि प्रदाय किया जा रहा है। 01 जनवरी, 2024 से 15 सितम्बर, 2025 तक 1042 निर्माण श्रमिकों को नवीन आवास क्रय/आवास निर्माण हेतु अनुदान सहायता राशि प्रदाय किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा संचालित उक्त योजनांतर्गत कक्षा 10वीं एवं कक्षा 12वीं में 75 प्रतिशत या उससे अधिक प्रतिशत प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों एवं छत्तीसगढ़ बोर्ड के मेरिट के प्रथम 10 में स्थान प्राप्त करने पर प्रत्येक श्रमिक बच्चों को राशि रूपये 01 लाख प्रोत्साहन राशि तथा रूपये 01 लाख दोपहिया वाहन क्रय करने हेतु प्रदाय किया गया है। 01 जनवरी, 2024 से 15 सितम्बर, 2025 तक निर्माण श्रमिक के 7478 पुत्र/पुत्रियों को 10 करोड़ 14 लाख 49 हजार 614 रूपए प्रदान किया गया है।
प्रसूति सहायता योजना 01 जनवरी, 2024 से 15 सितम्बर, 2025 तक छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा संचालित ‘मिनीमाता महतारी जतन योजना’ अंतर्गत 65 हजार 010 महिला निर्माण श्रमिकों को लाभांवित किया गया है।शहीद वीरनारायण सिंह श्रम अन्न योजना उक्त योजना अंतर्गत पंजीकृत निर्माण, असंगठित एवं संगठित श्रमिकों को 05 रूपए में गरम एवं पौष्टिक भोजन प्रदाय किया जा रहा है। 31 दिसम्बर 2023 की स्थिति में 29 भोजन केन्द्र संचालित थे, जो कि वर्तमान में बढ़कर 17 जिलों में 37 भोजन केन्द्र हो गये हैं। 01 जनवरी, 2024 से 15 सितम्बर, 2025 विभाग द्वारा 11,35,362 यूनिट भोजन (मिल) पंजीकृत संगठित एवं असंगठित श्रमिकों को प्रदाय किया जा चुका है, जिसमें छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल द्वारा राशि रूपये रूपये 52,865,395 व्यय हुआ है।
मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना सामान्य मृत्यु होने पर उसके उत्तराधिकारी को एक लाख रूपए की राशि, कार्य स्थल पर दुर्घटना से मृत्यु होने पर उसके उत्तराधिकारी को 5 लाख रूपए की राशि तथा कार्य स्थल पर दुर्घटना से स्थायी दिव्यांगता होने पर श्रमिक को ढ़ाई लाख रूपए की राशि दिए जाने का प्रावधान है। जिसके तहत् 01 जनवरी, 2024 से 15 सितम्बर, 2025 तक कुल 3658 निर्माण श्रमिकों के आश्रितों को लाभांवित किया गया है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 17 सितंबर 2024 को डी०बी०टी० के माध्यम से राशि का हस्तांतरण किया था। श्रम विभाग द्वारा प्रदेश स्तरीय श्रमिक सम्मेलन आयोजित कर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं के तहत् पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को केन्द्रीकृत डी.बी.टी. के माध्यम से लाभांवित करना प्रारंभ कर दिया गया है।
छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को 17 सितम्बर, 2024 से अब तक 16 योजनाओं में 6 लाख 48 हजार 633 पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को 327 करोड़ 13 लाख 53 हजार 108 रूपए से लाभांवित किया गया।
आयुष्मान योजना गरीब एवं मध्यम वर्ग के नागरिकों के लिए सहायक,
गलत क्लेम करने से भुगतान में होती है देरी, इससे ईमानदारी से काम करने वाले संस्थान भी होते हैं प्रभावितः श्री कटारिया
आयुष्मान भारत पीएम जन आरोग्य योजना के स्टेकहोल्डर वर्कशाप का आयोजन
रायपुर, 15 सितंबर 2025


आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत आज सोमवार को न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाईन रायपुर में स्टेकहोल्डर वर्कशॉप का आयोजन किया गया। स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया की परिकल्पना एवं आयुक्त स्वास्थ्य सेवाएं सह मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. प्रियंका शुक्ला के मागदर्शन में यह वर्कशॉप आयोजित की गई।
योजनांतर्गत जनवरी 2025 में राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण, भारत सरकार द्वारा नई दिल्ली में आयोजित बैठक में जानकारी दी गई थी कि छत्तीसगढ़ में देश में सबसे अधिक फ्रॉड क्लेम पाए गए हैं, और ऐसे अस्पतालों की संख्या के मामले में छत्तीसगढ़ चौथे स्थान पर है। वर्कशॉप में अस्पतालों को जानकारी दी गई कि ट्रिगर क्लेम को कैसे कम किया जा सकता है। साथ ही उन्हे जानकारी दी गई कि भविष्य में भी क्लेम, ट्रिगर नहीं हों।
श्री अमित कटारिया द्वारा यह बताया गया कि आयुष्मान योजना गरीब एवं मध्यम वर्ग के नागरिकों के लिए बहुत सहायक है। इस योजना से उन्हें अपने उपचार के लिए अस्पताल का चुनाव करने का विकल्प मिला है। उन्होने बताया कि गलत क्लेम करने से एक दुविधा की शुरुआत हो जाती है। इससे योजना की छवि धूमिल होती है और जनता व अस्पताल का विश्वास डगमगाता है। इससे वास्तविक मरीज जिसे उपचार मिलना चाहिए, अक्सर वंचित रह जाता है। साथ ही अस्पतालों के सही भुगतान में देरी होती है और ईमानदारी से काम करने वाले संस्थान भी प्रभावित होते हैं। और अंततः इसका सबसे बड़ा नुकसान गरीब और वंचित परिवार को उठाना पड़ता है, जिनके लिए यह योजना जीवनरेखा है।
साथ ही उनके द्वारा बताया गया कि योजना में अस्पतालों का सही पंजीयन किया जाये और समय-समय पर उनका निरीक्षण किया जाये। शासकीय अस्पतालों द्वारा भी योजना में क्लेम करने के दौरान पूर्ण दस्तावेज़ अपलोड करें जिससे अनावश्यक क्लेम निरस्त न हों। उन्होने आशा जाहिर की कि हमारा राज्य योजना के सकारात्मक मानकों में पूरे देश में प्रथम स्थान पर आए।
इस वर्कशॉप में पूरे दिन में विभिन्न बिन्दुओ जैसे, योजना की सामान्य जानकारी, आयुष्मान कार्ड कैसे बनाया जाता है, वय वंदना योजना में आयुष्मान कार्ड कैसे बनाए जाएं, सही तरीके से क्लेम कैसे किए जाएं, दस्तावेज़ कैसे सही तरीके से बनाए जाएं, लिपिकीय त्रुटि कम से कम हों, योजना में क्या करना चाहिए व क्या नहीं करना चाहिए, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन अंतर्गत आभा आई.डी. का उपयोग एवं कम्प्लांएट सॉफ्टवेयर का उपयोग आदि पर जानकारी दी गई। वर्कशॉप में उपस्थित प्रतिभागियों द्वारा अपनी शंकाओं को रखा गया जिसका समाधान, वक्ताओं द्वारा किया गया है।
इस वर्कशॉप में डॉ. सुरेन्द्र पामभोई, संचालक, राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान, छत्तीसगढ़, श्री टी.एन. सिंह, राज्य सूचना एवं विज्ञान अधिकारी, एन.आई.सी, छत्तीसगढ़, श्री मनीष कोचर, तकनीकी निदेशक, एन.आई.सी, छत्तीसगढ़, डॉ. सुरेन्द्र शुक्ला, चेयरबोर्ड, हॉस्पिटल बोर्ड ऑफ इंडिया, छ.ग., सुश्री पूजा शुक्ला मिश्रा, संयुक्त संचालक (वित्त), एवं डॉ धर्मेंद्र गहवई, प्रोजेक्ट डॉयरेक्टर, राज्य नोडल एजेंसी, छ.ग., राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण, भारत सरकार से प्रतिनिधि, छत्तीसगढ़ के समस्त जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक, जिला आयुष्मान नोडल अधिकारी, जिला परियोजना समन्वयक एवं अस्पताल सलाहकार एवं जिला रायपुर, दुर्ग एवं बिलासपुर के निजी अस्पतालों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
आलेख : अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की राह पर छत्तीसगढ़
आलेख-नसीम अहमद खान, उप संचालक,जनसंपर्क
रायपुर, 15 सितंबर 2025

आज पूरी दुनिया ऊर्जा संकट और जलवायु परिवर्तन जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। जीवाश्म ईंधनों पर अत्यधिक निर्भरता न केवल सीमित संसाधनों पर दबाव डाल रही है, बल्कि पर्यावरणीय असंतुलन को भी बढ़ा रही है। ऐसे समय में अक्षय ऊर्जा, विशेषकर सौर ऊर्जा, ही भविष्य की सबसे सशक्त और टिकाऊ राह बनकर उभर रही है। भारत ने वर्ष 2030 तक 500 गीगावॉट क्षमता का नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन लक्ष्य निर्धारित किया है। इस राष्ट्रीय लक्ष्य को पूरा करने में छत्तीसगढ़ राज्य महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना ने ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में नई ऊर्जा क्रांति का मार्ग प्रशस्त किया है। योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को घर की छत पर सोलर पैनल लगाने के लिए केंद्रीय सब्सिडी के साथ-साथ राज्य सरकार से भी आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य वर्ष 2027 तक देशभर में एक करोड़ से अधिक परिवारों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराना है।
छत्तीसगढ़ में इस योजना का क्रियान्वयन तेज गति से हो रहा है। अप्रैल 2025 से अब तक 55 हजार से अधिक उपभोक्ताओं ने आवेदन किया है, जिनमें से पाँच हजार घरों में सोलर सिस्टम स्थापित हो चुके हैं। लगभग 16 हजार घरों में सोलर पैनल लगाने का कार्य प्रगति पर है। राज्य सरकार ने मार्च 2027 तक पाँच लाख घरों में सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य तय किया है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने में सौर ऊर्जा का योगदान विशेष महत्व रखता है। प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत किसानों को सोलर पंप उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे न केवल सिंचाई में आसानी होगी, बल्कि किसानों की निर्भरता पारंपरिक बिजली पर भी घटेगी। राज्य सरकार द्वारा अब तक सात मेगावॉट क्षमता के सोलर पंप स्थापित किए जा चुके हैं और आने वाले वर्षों में हजारों पंपों की स्थापना की योजना है।
इसके अतिरिक्त, दुर्गम ग्रामीण अंचलों में सोलर मिनी ग्रिड योजना लागू की जा रही है। लगभग 330 मेगावॉट क्षमता के मिनी ग्रिड प्लांट स्थापित किए जाने का लक्ष्य निर्धारित है, जिससे हजारों गाँवों को रोशनी मिलेगी।
छत्तीसगढ़ ने नवीकरणीय ऊर्जा के औद्योगिक उपयोग की दिशा में भी कदम बढ़ाए हैं। बायोमास आधारित विद्युत संयंत्र, फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट और सोलर स्ट्रीट लाइट्स की स्थापना के साथ-साथ सरकारी भवनों, छात्रावासों और अस्पतालों में सोलर विद्युतीकरण का कार्य तेज़ी से किया जा रहा है। अब तक 2,600 से अधिक सरकारी परिसरों में सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं।
राजनांदगांव जिले में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में देश का सबसे बड़ा बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम डोंगरगढ़ रोड पर ग्राम ढाबा के आसपास के 4-5 गांवों के पहाड़ी क्षेत्र में स्थापित किया गया है। इससे प्रतिदिन 5 लाख यूनिट से अधिक बिजली का उत्पादन होगा और लगभग 4.5 लाख मीट्रिक टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। आने वाले दो वर्षों में 2000 मेगावॉट क्षमता के सोलर पार्क स्थापित किए जाएंगे, जिससे छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय स्तर पर अक्षय ऊर्जा उत्पादन का प्रमुख केंद्र बनेगा।
सौर ऊर्जा न केवल बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करती है, बल्कि यह स्वच्छ पर्यावरण के निर्माण में भी सहायक है। ‘‘सोलर विलेज’’ की अवधारणा के अंतर्गत 53 गाँवों का चयन किया गया है, जहाँ कोयला आधारित बिजली पर निर्भरता कम कर केवल सौर ऊर्जा से ही विद्युत आपूर्ति की जाएगी। यह प्रयास ग्रामीण जीवन में स्थायी बदलाव लाएगा और कार्बन उत्सर्जन घटाने में भी सहायक सिद्ध होगा।
वर्तमान में छत्तीसगढ़ की कुल बिजली मांग लगभग 5,500 मेगावॉट है, जिसमें 15 प्रतिशत आपूर्ति नवीकरणीय स्रोतों से हो रही है। वर्ष 2030 तक इस हिस्सेदारी को 45 प्रतिशत और वर्ष 2047 तक 66 प्रतिशत तक पहुँचाने का लक्ष्य है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा।
छत्तीसगढ़ की नीतियाँ अक्षय ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ-साथ उपभोक्ताओं को सस्ती, स्वच्छ और स्थायी बिजली उपलब्ध कराने पर केंद्रित हैं। ‘‘सूर्यघर योजना’’ और अन्य सौर परियोजनाओं से जहाँ ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लोगों को लाभ मिलने लगा है। इससे आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित पर्यावरण और ऊर्जा आत्मनिर्भरता का मार्ग भी प्रशस्त होगा।
युद्ध तथा सैनिक कार्यवाही में शहीद सैनिकों के आश्रितों को मिलेगी 50 लाख की अनुग्रह राशि
परमवीर चक्र प्राप्त वीर जवानों को मिलेगी 1 करोड़ की अनुग्रह राशि
मुख्यमंत्री श्री साय की अध्यक्षता में राज्य सैनिक बोर्ड की बैठक में हुआ निर्णय
हमारे सैनिक देश की सुरक्षा के लिए न्यौछावर करते हैं अपना जीवन – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
रायपुर, 15 सितंबर 2025



युद्ध तथा सैनिक कार्यवाही में शहीद सैनिकों की पत्नी अथवा उनके आश्रितों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि में वृद्धि करते हुए इसे 20 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दिया गया है। इसके साथ ही युद्ध तथा सैनिक कार्यवाही में विभिन्न वीरता अलंकरण प्राप्त जवानों को दी जाने वाली राशि में भी वृद्धि की गई है। अब परमवीर चक्र प्राप्त वीर जवानों को 40 लाख रुपये की जगह 1 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी। यह महत्वपूर्ण निर्णय आज मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में सम्पन्न राज्य सैनिक बोर्ड की बैठक में लिया गया।
आज मंत्रालय महानदी भवन में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में सैनिक कल्याण विभाग की 6वीं राज्य सैनिक समिति की बैठक सम्पन्न हुई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे सैनिक देश की सुरक्षा के लिए अपना जीवन न्यौछावर करते हैं। हम उनके शौर्य और बलिदान को नमन करते हैं। सरकार भूतपूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। बैठक में शहीदों की वीर नारियों, भूतपूर्व सैनिकों, विधवाओं एवं उनके आश्रितों के लिए राज्य द्वारा संचालित कई कल्याणकारी योजनाओं पर चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री श्री साय ने समिति की छठवीं बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि 140 करोड़ देशवासियों की सुरक्षा में हमारे वीर जवान दिन-रात तत्पर रहते हैं। भारत माँ की सेवा में अपना जीवन अर्पित करने वाले इन वीर सपूतों का कल्याण करना सबका दायित्व और कर्तव्य है। आज की बैठक में भूतपूर्व सैनिकों, विधवाओं और उनके परिजनों के हित में सार्थक चर्चा हुई है। बैठक में लिए गए निर्णयों का लाभ भूतपूर्व सैनिकों और उनके परिवारों तक सीधे पहुंचेगा। भूतपूर्व सैनिकों की बेहतरी के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव भी सदस्यों द्वारा दिए गए हैं, जिन पर सकारात्मक रूप से विचार कर उचित निर्णय लिया जाएगा।
बैठक के दौरान भूतपूर्व सैनिकों, विधवाओं एवं उनके आश्रितों के हित में कई महत्वपूर्ण एजेंडा बिंदुओं पर निर्णय लिये गए। इनमें युद्ध तथा सैनिक कार्यवाही में शहीद (बैटल कैजुअल्टी) सैनिकों की पत्नी अथवा आश्रितों को अनुग्रह राशि 20 लाख से बढ़ाकर 50 लाख करना, विभिन्न शौर्य अलंकरण प्राप्त सैनिकों को दी जाने वाली राशि में वृद्धि करना शामिल है। अब परमवीर चक्र प्राप्तकर्ता सैनिक को 40 लाख की जगह 1 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इसी प्रकार सैनिकों के माता-पिता को दी जाने वाली जंगी इनाम राशि 5 हजार रुपये प्रतिवर्ष से बढ़ाकर 20 हजार रुपये कर दी गई है। युद्ध तथा सैनिक कार्यवाही में दिव्यांग हुए सैनिकों की अनुदान राशि 10 लाख से बढ़ाकर 30 लाख रुपये कर दी गई है। साथ ही सेवारत सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों एवं विधवाओं को प्रथम भूमि/गृह क्रय करने पर 25 लाख रुपये तक के स्टाम्प शुल्क में छूट देने का निर्णय लिया गया।
इस अवसर पर मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन श्री अमिताभ जैन ने मुख्यमंत्री को बालवृक्ष भेंट किया। तत्पश्चात् सैनिक कल्याण संचालनालय छत्तीसगढ़ के संचालक एवं राज्य सैनिक समिति के सचिव ब्रिगेडियर विवेक शर्मा, विशिष्ट सेवा मेडल (से.नि) ने राज्य सैनिक बोर्ड, छत्तीसगढ़ की गतिविधियों की संक्षिप्त जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने 13 जनवरी 2012 को आयोजित पाँचवीं राज्य सैनिक बोर्ड की बैठक की कार्यवाही विवरण पर प्रगति रिपोर्ट दी और 6वीं बैठक में सम्मिलित एजेंडा बिंदुओं पर चर्चा प्रारम्भ की।
बैठक में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, सांसद रायपुर श्री बृजमोहन अग्रवाल, मध्य भारत क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल पदम सिंह शेखावत (पीवीएसएम, एवीएसएम, एसएम), अपर मुख्य सचिव गृह विभाग श्री मनोज पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, केंद्रीय सैनिक बोर्ड नई दिल्ली के सचिव ब्रिगेडियर डी.एस. बसेरा (विशिष्ट सेवा मेडल), कमांडर छत्तीसगढ़ एवं ओडिशा सब एरिया ब्रिगेडियर तेजिंदर सिंह बावा (सेना मेडल), सचिव वित्त विभाग श्री अंकित आनंद, सचिव सामान्य प्रशासन विभाग श्री अविनाश चंपावत, मेजर जनरल संजय शर्मा (से.नि), विंग कमांडर ए. श्रीनिवास राव (से.नि), श्री विक्रांत सिंह एवं श्री राजेश कुमार पाण्डेय राज्य सैनिक समिति छत्तीसगढ़ के सदस्यगण उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से हार्टफुलनेस संस्थान के डायरेक्टर श्री चावला ने की सौजन्य भेंट
रायपुर, 15 सितंबर 2025
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से राजधानी रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में हार्टफुलनेस संस्थान के डायरेक्टर श्री त्रिलोचन चावला ने सौजन्य भेंट की। श्री चावला ने मुख्यमंत्री श्री साय को संस्थान की ओर से हैदराबाद स्थित हार्टफुलनेस मुख्यालय आने का आमंत्रण दिया।
इस अवसर पर श्री चावला ने मुख्यमंत्री को हार्टफुलनेस संस्थान के प्रमुख श्री कमलेश डी. पटेल ‘दाजी’ द्वारा जैन तीर्थंकरों पर लिखी पुस्तक भेंट की। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री को हार्टफुलनेस संस्थान द्वारा दुर्ग जिले के अमलेश्वर स्थित हार्टफुलनेस योग आश्रम सहित छत्तीसगढ़ में संचालित आध्यात्मिक और सामाजिक गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने श्री चावला को हार्टफुलनेस मुख्यालय हैदराबाद आमंत्रण के लिए धन्यवाद दिया और संस्थान के आध्यात्मिक एवं सामाजिक कार्यों के लिए शुभकामनाएं दीं।
वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने किया भारत रत्न विश्वेश्वरैया को नमन
अभियंता दिवस के अवसर पर भारत रत्न विश्वेश्वरैया जीवनी का किया उल्लेख
रायपुर, 15 सितम्बर 2025

भारत रत्न डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती पर अभियंता दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता, संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप ने घड़ी चौक में स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पुष्प अर्पित किया। उन्होंने कहा कि विश्वेश्वरैया ने अपने अद्वितीय योगदान और दूरदर्शी सोच से देश के निर्माण और विकास को नई दिशा दी तथा अभियंताओं की भूमिका और उनके योगदान को याद किया।
मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया एक सिविल इंजीनियर राजनेता और मैसूर के 19वें दीवान थे, जिन्होंने भारत के योगदान में अतुलनीय योगदान दिया। विश्वेश्वररैया की सबसे उल्लेखनीय उपलब्धियां में से एक मांड्या में कृष्ण राजा सागर बांध है। भारत के प्रथम अभियंता विश्वेश्वररैया को वर्ष 1955 में भारत के सर्वाेच्च सम्मान भारत रत्न से विभूषित किया गया था।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, नगर पालिका अध्यक्ष इंद्र प्रसाद बघेल, छोटेडोंगर सरपंच श्रीमती संध्या पवार, जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रताप सिंह मण्डावी, जनपद पंचायत अध्यक्ष पिंकी उसेण्डी जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत के सदस्य एवं नगर पालिका के पार्षदगण, सर्वआदिवासी समाज के संरक्षक रूपसाय सलाम, कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं, एसडीएम अभयजीत मंडावी, कार्यपालन अभियंता जल संसाधन के अशोक चौधरी, पीएमजीएसवाई के कार्यपालन अभियंता विनय वर्मा सहित जनप्रतिनिधि एवं सभी विभागीय अभियंता उपस्थित थे।
वंचित वर्ग के उत्थान और जनसुविधाओं के विस्तार के लिए सरकार निरंतर प्रतिबद्ध – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
गंगरेल डुबान क्षेत्र की 11 मछुआ सहकारी समितियों को मिला मछली पालन का पुनः हक
मुख्यमंत्री साय ने डुबान क्षेत्र में एम्बुलेंस और राष्ट्रीय बैंक शाखा शीघ्र खोलने का दिया आश्वासन
स्वच्छ भारत मिशन, जनधन योजना और आवास योजना से लोगों के जीवन में आया बदलाव
रायपुर, 15 सितंबर 2025

गंगरेल बांध डुबान क्षेत्र की मछुआ सहकारी समितियों को पुनः मछली पालन का हक मिलने पर प्रभावित समितियों के सदस्यों ने विगत दिवस मुख्यमंत्री निवास पहुँचकर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार जताते हुए अभिनंदन किया। इस अवसर पर गंगरेल डुबान क्षेत्र के तीन जिलों—धमतरी, कांकेर और बालोद की 11 मछुआ सहकारी समितियों के सदस्यगण उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मौके पर ग्रामीणों की मांग पर डुबान क्षेत्र में जनसुविधा हेतु एक एम्बुलेंस उपलब्ध कराने और राष्ट्रीय बैंक की शाखा शीघ्र खोले जाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि गरीबों और वंचितों के उत्थान के लिए हमारी सरकार लगातार प्रयासरत है। विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों के माध्यम से आम जनता को उनका अधिकार दिलाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर ही स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध हों और लोग सीधे लाभान्वित हो सकें।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत घर-घर में शौचालय निर्माण को बढ़ावा देकर बेटियों और महिलाओं को सम्मान दिलाने का कार्य किया है। आज स्वच्छ भारत मिशन एक जन आंदोलन का रूप ले चुका है। इसी प्रकार प्रधानमंत्री जनधन योजना के माध्यम से आम नागरिकों को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा गया है और विभिन्न योजनाओं का लाभ अब सीधे डीबीटी के माध्यम से हितग्राहियों तक पहुँच रहा है। इस व्यवस्था ने बिचौलियों की भूमिका समाप्त की है और भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाया है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने महिला स्व-सहायता समूहों को पुनः रेडी-टू-ईट कार्य का जिम्मा सौंपा है, जिससे महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण के अवसर प्राप्त हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक वर्ग के उत्थान और सम्मान के लिए हमारी सरकार सतत कार्य कर रही है।
इस अवसर पर धमतरी महापौर श्री रामू रोहरा एवं पूर्व महिला आयोग अध्यक्ष श्रीमती हर्षिता पांडेय उपस्थित थीं। कार्यक्रम में गंगरेल बांध डुबान क्षेत्र की 11 मछुआ समितियों में ग्राम उरपुरी, तेलगुड़ा, मोगरागहन, कोलियारी पुराना, कोलियारी नया, गंगरेल, फुटहामुड़ा, तुमाबुजुर्ग, अलोरी, भिलाई एवं देवीनवागांव के सदस्यगण सहित अन्य गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री साय से ग्रैंडमास्टर प्रवीण महादेव थिप्से ने की सौजन्य भेंट
रायपुर, 15 सितंबर 2025
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से विगत दिवस राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में भारत के अंतर्राष्ट्रीय शतरंज खिलाड़ी एवं ग्रैंडमास्टर प्रवीण महादेव थिप्से ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री थिप्से की खेल प्रतिभा और उपलब्धियों की सराहना करते हुए उनकी प्रशंसा की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव श्री विक्रम सिसोदिया सहित संघ के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि प्रवीण महादेव थिप्से शतरंज में ग्रैंडमास्टर की उपाधि प्राप्त करने वाले खिलाड़ी हैं और राष्ट्रमंडल शतरंज चैंपियनशिप जीतने वाले पहले भारतीय भी हैं। उन्हें अर्जुन पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है।
दूरदर्शन ने समाज को वैचारिक रूप से समृद्ध करने और संस्कारों को संवारने में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री दूरदर्शन के 66वें स्थापना दिवस समारोह में हुए शामिल
रायपुर, 15 सितम्बर 2025

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर स्थित दूरदर्शन केंद्र में आयोजित दूरदर्शन के 66वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए और दूरदर्शन परिवार, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं दर्शकों को शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और इस ऐतिहासिक यात्रा से जुड़ी अपनी स्मृतियाँ साझा कीं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने दूरदर्शन के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य, गीत तथा शास्त्रीय संगीत और नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों का आनंद लिया। मुख्यमंत्री के समक्ष कलाकारों ने गौर नृत्य, बांस गीत, जवारा नृत्य, सुआ नृत्य और गौरी-गौरा जैसे लोकनृत्य प्रस्तुत किए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि दूरदर्शन ने मनोरंजन के साथ-साथ हमें वैचारिक रूप से समृद्ध करने और संस्कारित करने में भी बड़ी भूमिका निभाई है। उन्होंने 1982 में एशियाई खेलों के रंगीन प्रसारण, रामायण और महाभारत जैसे धारावाहिकों का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में दूरदर्शन का जादू ऐसा था कि प्रसारण के समय सड़कों पर सन्नाटा छा जाता था।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि “मिले सुर मेरा तुम्हारा” जैसे गीतों के माध्यम से दूरदर्शन ने देश की एकता और सांस्कृतिक एकरूपता का संदेश दिया। समाचारों की गरिमा और भाषा की शुचिता बनाए रखने में दूरदर्शन की परंपरा सदैव सराहनीय रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि दूरदर्शन के प्रादेशिक केंद्रों ने स्थानीय कलाकारों और प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान किया है। रायपुर दूरदर्शन ने अपने लोकप्रिय कार्यक्रमों और विशेषकर “हमर चिन्हारी” के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर को देश-दुनिया तक पहुँचाया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कृषि दर्शन, महिलाओं से जुड़े कार्यक्रमों और युवाओं के लिए प्रस्तुत विशेष सामग्री के माध्यम से दूरदर्शन ने समाज के हर वर्ग को जोड़ा है। उन्होंने अपनी मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सँभालने के बाद “अपनी बात” कार्यक्रम में दिए गए साक्षात्कार को याद करते हुए कहा कि दूरदर्शन हमेशा स्पष्टता से और विस्तारपूर्वक अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर देता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लाखों हितग्राहियों को मिल रहा है और दूरदर्शन के द्वारा समाज में आने वाले सकारात्मक बदलावों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब किसी एक व्यक्ति की सफलता की कहानी दूरदर्शन पर प्रसारित होती है, तो वह लाखों लोगों के जीवन को बदलने का सशक्त आधार बनती है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दूरदर्शन परिवार को पुनः स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि दूरदर्शन इसी प्रकार आम जनता का मनोरंजन, संस्कार और जागरूकता का प्रमुख माध्यम बना रहेगा।
संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि दूरदर्शन ने छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और परंपराओं को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंच तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में भी दूरदर्शन प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को और अधिक सशक्त रूप से दुनिया के सामने प्रस्तुत करेगा।
इस अवसर पर रायपुर दूरदर्शन केंद्र के उप महानिदेशक श्री संजय कुमार मिश्र सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित थे।
वर्ल्ड ब्राह्मण फेडरेशन ने हिन्दी दिवस पर आयोजित की विचार गोष्ठी
रायपुर । विश्व हिन्दी दिवस के अवसर पर वर्ल्ड ब्राह्मण फेडरेशन एवं सर्व युवा ब्राह्मण परिषद के सोशल एक्टिविटी ग्रुप द्वारा रविवार को रायपुर के होटल एमराल्ड में विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।
गोष्ठी का विषय
इस आयोजन का विषय रहा – “वर्तमान में हिन्दी की दशा व दिशा”। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष अरविन्द ओझा और महिला अध्यक्ष नमिता शर्मा ने की।
काव्य पाठ और सम्मान
कार्यक्रम में उपस्थित सदस्यों ने हिन्दी के महत्व पर अपने विचार साझा किए। डाॅ. सुनील कुमार ओझा और नमिता शर्मा ने हिन्दी पर विशेष काव्य पाठ प्रस्तुत किया। गोष्ठी में उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु डॉ. ओझा और नमिता शर्मा को सम्मानित किया गया। समय पर उपस्थिति के लिए कनकलता मिश्रा को भी सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर प्रदेश महासचिव अजय अवस्थी, महिला महासचिव सुमन मिश्रा, सलाहकार त्रिभुवन तिवारी, गिरजा शंकर दीक्षित, सांस्कृतिक सचिव प्रीति मिश्रा, अनिमा शर्मा, लक्ष्मी राव, रामबृत तिवारी, अभिषेक त्रिपाठी, अर्चना तिवारी सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
कार्यक्रम का संचालन अजय अवस्थी ने किया जबकि आभार प्रदर्शन सुमन मिश्रा द्वारा किया गया।
नई दिल्ली में दो दिवसीय ‘राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन 15 और 16 सितंबर को
छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम होंगे शामिल
रायपुर, 14 सितंबर 2025 नई दिल्ली के पूसा स्थित भारत रत्न सी. सुब्रमण्यम सभागार में 15 और 16 सितंबर को दो दिवसीय ‘राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन -‘रबी अभियान 2025‘ का आयोजन होगा। राष्ट्रीय स्तर के इस सम्मेलन में छत्तीसगढ़ के कृषि विकास एवं कल्याण मंत्री श्री राम विचार नेताम शामिल होंगे। मंत्री श्री नेताम इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में किसानों के हित में लिए गए निर्णयों, नीतियों और विकास कार्यो के साथ-साथ केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति की जानकारी भी देगें।
इस सम्मेलन में देशभर के कृषि विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों, नीति-निर्धारकों और राज्यों के प्रतिनिधी शामिल होंगे। केंद्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान की अध्यक्षता में होने वाले इस आयोजन में राज्यों के कृषि मंत्री, आईसीएआर के महानिदेशक, कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिक और वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।
रायपुर : युक्तियुक्तकरण के बाद ज्वाइनिंग नही देने वाले कोरबा के 4 शिक्षक निलंबित, कईयों का वेतन भी रोका गया
जिला, संभाग की समितियों में सुनवाई अनुसार हुई कार्यवाही
सभी शिक्षकों को जल्द से जल्द पदस्थापना विद्यालय में उपस्थित होने के निर्देश
रायपुर, 14 सितंबर 2025
कोरबा जिला में युक्तियुक्तकरण के बाद ज्वाइनिंग नहीं देने वाले 4 शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। वहीं युक्तियुक्तकरण के बाद आबंटित स्कूलोें में ज्वाइनिंग नहीं करने वाले कई शिक्षकों को कारण बताओं नोटिस जारी कर उनका 2 महीने का वेतन भी रोका गया है। युक्तियुक्तकरण के बाद ज्वाइनिंग नहीं करने वाले इन शिक्षकों पर जिला एवं संभागीय स्तरीय समितियों में सुनवाई के बाद आवेदनों को अमान्य करने के बाद भी ज्वाइनिंग नहीं करने पर कार्यवाही की जा रही है। जिला शिक्षा अधिकारी ने ऐसे सभी शिक्षकों को जल्द से जल्द आबंटित विद्यालयों में उपस्थिति दे कर बच्चों को पढ़ाने के निर्देश भी दिए हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी कोरबा ने बताया कि शासन द्वारा जारी युक्तियुक्तकरण निर्देश के तहत कोरबा जिले के प्राथमिक शाला के 292 सहायक शिक्षक एवं 15 प्रधान पाठक तथा माध्यमिक शाला के 153 शिक्षक एवं प्रधान पाठक अतिशेष के रूप में चिन्हांकित हुए थे। युक्तियुक्तकरण निर्देश के अनुसार इन अतिशेष शिक्षकों को शिक्षक विहीन एवं एकल शिक्षकीय विद्यालयो में पदस्थ किया जाना था। चूंकि कोरबा जिले के प्राथमिक शाला में एकल शिक्षकीय विद्यालयों की संख्या अतिशेष शिक्षको की संख्या से ज्यादा होने के कारण जिला सारीय युक्तियुक्तकरण समिति के द्वारा दूरस्थ अंचल में स्थिति एवं लबे समय से शिक्षको की कमी वाले एकल शिक्षकीय एवं शिक्षक विहीन विद्यालयों में अतिशेष शिक्षको की पदस्थापना का निर्णय लिया गया। उक्त निर्णय के आधार पर अतिशेष शिक्षको की ओपन काउंसलिंग आयोजित करके पदस्थापना आदेश जारी किया गया।
उन्होंने बताया कि पदस्थापना आदेश से असंतुष्ट शिक्षको के द्वारा जिला स्तरीय युक्तियुक्तकरण समिति के समक्ष अभ्यावेदन प्रस्तुत किया गया, जिसे समाधानकारक नहीं पाए जाने के कारण अमान्य किया गया। इसके पश्चात् संबंधित असंतुष्ट शिक्षको के द्वारा माननीय छ.ग. उच्च न्यायालय बिलासपुर में याचिकाएं प्रस्तुत किया गया, जिसमें अधिकांश याचिकाकर्ता शिक्षको को जिला स्तरीय युक्तियुक्तकरण समिति के समक्ष अभ्यावेदन प्रस्तुत करने एवं जिला स्तरीय युक्तियुक्तकरण समिति को प्रस्तुत अभ्यावेदन का एक सप्ताह के भीतर सुनवाई कर निराकरण करने का निर्देश दिया गया। माननीय न्यायालय के आदेशानुसार जिला स्तर पर सुनवाई उपरांत 5 अभ्यावेदन मान्य पाए गये एवं शेष अभ्यावेदनों को समाधानकारक नहीं पाए जाने के जिला स्तरीय युक्तियुक्तकरण समिति के द्वारा पुन अमान्य किया गया।
जिला शिक्षा अधिकारी कोरबा ने बताया कि राज्य शासन के द्वारा युक्तियुक्तकरण से संबंधित असंतुष्ट शिक्षकों के अभ्यावेदन का निराकरण करने हेतु संभाग एवं राज्य स्तरीय युक्तियुक्तकरण समिति का गठन किया गया। जिला स्तरीय युक्तियुक्तकरण समिति के द्वारा अभ्यावेदन के अमान्य करने उपरात संबंधित असंतुष्ट शिक्षको के द्वारा संभाग स्तरीय समिति के समक्ष अभ्यावेदन प्रस्तुत किया गया। संभाग स्तरीय समिति के द्वारा भी शिक्षकों के अभ्यावेदनों पर सुनवाई उपरात 2 अभ्यावेदन मान्य पाए गये एवं शेष अभ्यावेदनों को समाधानकारक नहीं पाए जाने के कारण अमान्य किया गया।
इसी दौरान जिला स्तर पर युक्तियुक्तकरण के तहत पदांकन आदेश के तहत कार्यभार ग्रहण नहीं करने वाले शिक्षको को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया, जिसके तहत संबंधित शिक्षको के प्रस्तुत जवाब के समाधानकारक नहीं जाए जाने के कारण 4 सहायक शिक्षकों को निलंबित किया गया तथा कार्यभार ग्रहण नहीं करने वाले समस्त शिक्षको का विगत दो माह से वेतन रोका गया है।
उन्होंने बताया कि युक्तियुक्तकरण के उपरांत जिले के अधिकाश दूरस्थ अचल में स्थित प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में शिक्षको के द्वारा कार्यभार ग्रहण कर लिया गया है. फलस्वरूप नियमित रूप से अध्ययन व्यवस्था सुनिश्चित कर लिया गया है तथा वर्तमान में जिन स्कूलों में शिक्षको की कमी है. उन स्कूलो में जिला खनिज न्यास मद से मानदेय शिक्षा का व्यवस्था किया गया है।