छत्तीसगढ़ / रायपुर
रायपुर जगन्नाथ मंदिर में उमड़ी भीड़
रायपुर । भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा का पावन उत्सव आज राजधानी रायपुर में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा । शहर के अवंती विहार स्थित जगन्नाथ मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है. जगन्नाथ मंदिर से आज भव्य रथ यात्रा निकाली जाएगी।
पारंपरिक रीति-रिवाज और मंत्रोच्चार के बीच भगवान जगन्नाथ, भाई बलराम और बहन सुभद्रा को रथ में विराजित कर नगर भ्रमण कराया जाएगा. इस भव्य आयोजन में इस भव्य आयोजन में राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल होंगे।
वे रथ यात्रा मार्ग पर “सोने की झाड़ू” लगाकर प्रतीकात्मक रूप से सफाई कर यात्रा का शुभारंभ करेंगे. यह परंपरा सेवा और समर्पण का प्रतीक मानी जाती है. स्थानीय प्रशासन और मंदिर समिति द्वारा यात्रा की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कई सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं.
भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा में ‘छेरा पहरा’ एक विशेष और पवित्र परंपरा है. रथ यात्रा से पूर्व रथ के मार्ग को स्वर्ण झाड़ू से साफ किया जाता है ।
जिसे भक्ति और विनम्रता का प्रतीक माना जाता है. सुबह 9:30 से 10:30 बजे के बीच होने वाली इस परंपरा में पुरी के गजपति राजा या उनके प्रतिनिधि झाड़ू लगाकर सुगंधित जल का छिड़काव करते हैं और रथों को प्रणाम करते हैं. इसका उद्देश्य भगवान के मार्ग को शुद्ध और मंगलकारी बनाना होता है।
छत्तीसगढ़ में रेल क्रांति : 47 हजार करोड़ रूपए की रेल विकास परियोजनाएं प्रगति पर
रायपुर, 27 जून 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ की संकल्पना को पूरा करने और छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को बूस्ट करने के लिए नई-नई रेल परियोजनाओं को मंजूरी मिल रही है। वर्ष 1853 से लेकर 2014 तक 161 साल में छत्तीसगढ़ में केवल 1100 रूट किलोमीटर रेल लाइन बिछाई गई थी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में वर्ष 2014 से वर्ष 2030 तक प्रदेश में रेल नेटवर्क दोगुना बढ़कर 2200 रूट किलोमीटर हो जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय रथयात्रा में हुए शामिल, निभाई छेरा-पहरा की रस्म
परंपरागत श्रद्धा-भक्ति और उल्लास के वातावरण में निकाली गई भव्य रथयात्रा
उत्तरप्रदेश के राज्य मंत्री संजय सिंह गौड़ ने मंत्री रामविचार नेताम से की मुलाकात
केन्द्र और राज्य की महत्वाकांक्षी विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन पर हुई चर्चा
रायपुर । उत्तर प्रदेश सरकार में आदिम जाति, अनुसूचित जाति तथा समाज कल्याण राज्य मंत्री संजय सिंह गौड़ के नेतृत्व में चार सदस्यीय अध्ययन दल छत्तीसगढ़ राज्य के प्रवास पर है। छत्तीसगढ प्रवास के पहले दिन आज राज्य मंत्री संजय सिंह ने छत्तीसगढ़ सरकार के आदिम जाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री रामविचार नेताम से सौजन्य मुलाकात की। मंत्री श्री नेताम ने राज्य मंत्री संजय सिंह गौड़ का आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने इस दौरान छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध कलाकृति, नंदी भेंट कर उन्हे सम्मानित किया।
मंत्री श्री गौड़ ने मंत्री श्री नेताम को बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से, छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आदिम जाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक वर्ग के विकास के लिए संचालित योजनाओं के अध्ययन के लिए आए हैं।
मंत्री श्री नेताम ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हमारी सरकार किसान, गरीब, मजदूर और कमजोर वर्गो के विकास के लिए प्राथमिकता के साथ काम कर रही है। उन्होंने पीएम जनमन योजना, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, नियद नेल्लानार, आश्रम-छात्रावास का संचालन तथा छात्रवृत्ति योजनाओं सहित कमजोर वर्गो के विकास के लिए संचालित योजनाओं के माध्यम से किए जा रहे कार्यो के संबंध में जानकारी दी। मंत्रियों ने इस दौरान उत्तरप्रदेश और छत्तीसगढ़ में संचालित केंद्र और राज्य प्रवर्तित महत्वकांक्षी योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की।
रायपुरा चौक में ₹433.37 लाख की अंडरग्राउंड केबलिंग का शुभारंभ
विधायक राजेश मूणत ने किया भूमि पूजन
रायपुर। रायपुर पश्चिम के विधायक राजेश मूणत ने गुरुवार को रायपुरा चौक में ₹433.37 लाख की लागत से शुरू होने वाले अंडरग्राउंड बिजली केबलिंग का नारियल फोड़कर शुभारंभ किया। इस कार्य का उद्देश्य क्षेत्र की बिजली आपूर्ति को सुरक्षित बनाना और भविष्य में चौड़ीकरण के लिए मार्ग प्रशस्त करना है।
इस मौके पर रायपुर नगर निगम की महापौर मीनल चौबे, सभापति सूर्यकांत राठौर, बिजली विभाग के मुख्य अभियंता मधुकर जमुलकर, अधीक्षण अभियंता महावीर विश्वकर्मा, कार्यपालन अभियंता वी.के. तिवारी और शिव गुप्ता, लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता राजीव नशीने, जोन-8 की आयुक्त राजश्री पटेल समेत कई विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
कहां-कहां होगी अंडरग्राउंड केबलिंग
यह कार्य मनुआस रियल्टी मैरिज पैलेस चौक रायपुरा से प्रतिमा हार्डवेयर, गोल चौक, डीडी नगर, मंजीत टावर, कामाख्या रेस्टोरेंट और राजा बैटरी से सनी ट्रेडर्स तक किया जाएगा।
ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने की दिशा में बड़ा कदम
विधायक मूणत ने बताया कि इस कार्य के पूरा होते ही लोक निर्माण विभाग से चौड़ीकरण भी प्रारंभ करवा दिया जाएगा। अंडरग्राउंड केबलिंग से बिजली खंभे हटाए जाएंगे, जिससे सड़क चौड़ी हो जाएगी और ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी।
भविष्य की योजनाओं का खाका भी पेश किया
विधायक ने कहा कि उनका अगला लक्ष्य विवेकानंद आश्रम से अनुपम गार्डन तक की केबल को अंडरग्राउंड करना है। उन्होंने बताया कि रायपुर पश्चिम में निरंतर विकास कार्य जारी हैं, जिनमें प्रमुख रूप से:
अवैध शराब महामारी बन चुकी, कानून-व्यवस्था ढह चुकी है: बैज
रायपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बुधवार को पत्रकारों से चर्चा करते हुए प्रदेश की भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्य में अवैध शराब की बिक्री महामारी का रूप ले चुकी है, वहीं बिजली संकट, कानून-व्यवस्था की बदहाली और किसानों की समस्याओं पर सरकार पूरी तरह असंवेदनशील बनी हुई है।
अवैध शराब बन चुकी है सामाजिक संकट
दीपक बैज ने कहा कि प्रदेश भर में महिलाएं और आम लोग शराब दुकानों और भट्ठियों के खिलाफ सड़कों पर उतर रहे हैं। रायपुर के डूंडा और दोंदे में विरोध प्रदर्शन जारी है, तो मंदिर हसौद के पास ग्राम खौली में शराब दुकान के विरोध में बच्चे तक स्कूल नहीं जा रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार शराब की काली कमाई में व्यस्त है, और पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार द्वारा खोले गए सी-मार्ट केंद्रों को अब प्रीमियम शराब दुकानों में बदला जा रहा है।
"युक्तियुक्तकरण" बना उगाही का जरिया
बैज ने आरोप लगाया कि युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया एक भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुकी है। रायपुर का जिला संचालकालय "युक्तियुक्तकरण की मंडी" बन गया है, जहां खुलेआम बोलियां लगाई जा रही हैं और सौदेबाजी हो रही है। शिक्षकों और कर्मचारियों को मनमाने तरीके से दूरस्थ स्थानों पर भेजा जा रहा है।
बिजली व्यवस्था ध्वस्त, दाम फिर बढ़ेंगे
उन्होंने कहा, “17 महीनों में छत्तीसगढ़ की बिजली व्यवस्था बर्बाद हो गई। कटौती और लो-वोल्टेज से आम जनता परेशान है।” बैज ने दावा किया कि भाजपा सरकार 20% बिजली दर बढ़ाने की तैयारी कर रही है, जबकि कांग्रेस शासन में छत्तीसगढ़ सरप्लस बिजली वाला राज्य था।
अपराध बेलगाम, पूर्व विधायक के परिजन तक असुरक्षित
प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए, बैज ने कहा, “हर दिन हत्या, लूट, बलात्कार की घटनाएं बढ़ रही हैं। अब तो पूर्व विधायकों के परिवारों तक को धमकी दी जा रही है। कोरबा की एक बच्ची का शव सिंगरौली में मिलता है, राजधानी में खुलेआम लाशें फेंकी जा रही हैं – सरकार चुप है।”
महिलाओं और किसानों से किया गया वादा भी अधूरा
बैज ने कहा कि सरकार ने रेडी टू ईट सप्लाई का काम महिला स्व सहायता समूहों को देने का वादा किया था, लेकिन 5 जिलों में पायलट प्रोजेक्ट की घोषणा के बावजूद काम किसी को नहीं मिला। वहीं, डी.ए.पी. और अन्य उर्वरकों की भारी किल्लत के कारण किसान परेशान हैं, और कांग्रेस पार्टी इसके खिलाफ आंदोलन कर रही है।
पद्मश्री डॉ. सुरेन्द्र दुबे के निधन पर सांसद बृजमोहन ने जताया गहरा शोक
रायपुर । छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध हास्य कवि, पद्मश्री सम्मान से अलंकृत डॉ. सुरेन्द्र दुबे जी के निधन पर रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि डॉ. सुरेन्द्र दुबे का जाना छत्तीसगढ़ की साहित्यिक, सांस्कृतिक और रचनात्मक दुनिया के लिए अपूरणीय क्षति है।
सांसद अग्रवाल ने कहा कि डॉ. दुबे जी ने 20 वर्षों तक उनके साथ लगातार कार्य किया और उनके व्यक्तित्व में विषय को गहराई से समझने, पहचानने और अंतिम परिणति तक पहुँचाने की विलक्षण क्षमता थी। उन्होंने हास्य और व्यंग्य के माध्यम से सामाजिक चिंतन को नई दिशा दी और भारतीय समाज की जटिलताओं पर सरल भाषा में गंभीर प्रहार किया।
उन्होंने कहा कि डॉ. दुबे केवल एक कवि नहीं, बल्कि विचारों और मूल्यों के सजग प्रहरी थे। वे छत्तीसगढ़ की पहचान बन चुके थे और साहित्य जगत में उनकी कमी को भर पाना भविष्य में असंभव होगा।
बृजमोहन अग्रवाल ने ईश्वर से प्रार्थना की कि वे डॉ. दुबे जी की पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और उनके परिजनों को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
लोकतंत्र सेनानियों का संघर्ष हम सबके लिए प्रेरणास्रोत : विष्णु देव साय
आपातकाल स्मृति दिवस पर सम्मानित हुए लोकतंत्र सेनानी
रायपुर । लोकतंत्र केवल एक शासन प्रणाली नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक पद्धति है। आज हम लोकतंत्र की फिजा में जिस आज़ादी का अनुभव कर रहे हैं, उसकी कीमत आपातकाल के दौरान कुछ लोगों ने यातना, अपमान और जेलों में समय काटकर चुकाई थी। इन लोकतंत्र सेनानियों की पीड़ा और संघर्ष को हर पीढ़ी तक पहुँचाना हमारा कर्तव्य है। मुख्यमंत्री साय ने गुरुवार को अपने निवास कार्यालय में आयोजित आपातकाल स्मृति दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री साय ने लोकतंत्र विरोधी ताकतों से सावधान रहने और लोकतंत्र को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयत्नशील रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले लोकतंत्र सेनानियों को बेड़ियों में जकड़कर शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। यह सब स्वतंत्र भारत में हुआ, लेकिन उस अमानवीयता ने अंग्रेजी हुकूमत की क्रूरता की याद दिला दी। आपातकाल के दौरान असहनीय कष्ट सहने वाले लोकतंत्र सेनानी आज भी हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 25 जून 1975 को भारत के लोकतांत्रिक इतिहास का सबसे काला दिन माना जाता है। आपातकाल में हजारों लोगों को बिना अपराध के जेलों में ठूंस दिया गया, मौलिक अधिकार छीन लिए गए और लोकतंत्र का गला घोंट दिया गया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि उन्होंने इस त्रासदी को बहुत करीब से देखा है। उनके स्वर्गीय बड़े पिताजी नरहरि प्रसाद साय भी उस दौर में 19 महीने तक जेल में बंद रहे थे। उनके द्वारा सुनाए गए किस्से आज भी रोंगटे खड़े कर देते हैं। उन्होंने बताया कि किस प्रकार लोकतंत्र सेनानियों को बेड़ियों में जकड़कर शारीरिक और मानसिक यातनाएं दी गईं। यह सब स्वतंत्र भारत में हुआ, लेकिन उस अमानवीयता ने अंग्रेजी हुकूमत की क्रूरता की पुनः याद दिला दी। उन्होंने कहा कि आपातकाल में कलाकारों की स्वतंत्रता तक छीनी गई। पार्श्व गायक किशोर कुमार द्वारा सरकारी प्रचार गीत गाने से इनकार करने पर उनके गीतों पर आकाशवाणी में प्रतिबंध लगा दिया गया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने लोकतंत्र सेनानियों को सम्मान राशि देने की शुरुआत की थी, जिसे पूर्ववर्ती सरकार ने बंद कर दिया। हमारी सरकार ने न केवल यह सम्मान राशि पुनः प्रारंभ की, बल्कि पूर्व सरकार द्वारा रोकी गई पिछले पाँच वर्षों की बकाया राशि का भी भुगतान किया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अब लोकतंत्र सेनानियों की अंत्येष्टि राजकीय सम्मान के साथ की जाएगी और उनके परिजनों को ₹25,000 की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त, विधानसभा में एक अधिनियम पारित कर यह सुनिश्चित किया गया है कि भविष्य में कोई भी सरकार इस सम्मान योजना को समाप्त न कर सके।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने अपने उद्बोधन में आपातकाल की भयावहता और लोकतंत्र सेनानियों के बलिदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आपातकाल के 21 महीनों की प्रताड़ना और लोकतंत्र पर हुए आघात को देश के हर नागरिक तक पहुँचाना आज की पीढ़ी की ज़िम्मेदारी है। डॉ. सिंह ने कहा कि यह हम सबका सौभाग्य है कि आज मीसाबंदी आंदोलन के सहभागी और उनके परिजन हमारे बीच हैं। उन्होंने आपातकाल को असंवैधानिक करार देते हुए कहा कि उस समय पूरे देश को एक विशाल जेल में बदल दिया गया था। लोकतंत्र के स्तंभ—न्यायपालिका, कार्यपालिका, विधायिका और मीडिया—को निष्क्रिय कर दिया गया था। प्रेस पर सेंसरशिप थोप दी गई थी और सच्चाई बोलने वालों को जेलों में डाल दिया गया था।उन्होंने बताया कि देश उस समय गहरे आर्थिक और सामाजिक संकट से गुजर रहा था—मंहगाई, बेरोज़गारी और भ्रष्टाचार चरम पर थे। जनता के भीतर आक्रोश पनप रहा था और उसी को कुचलने के लिए आपातकाल थोपा गया। उन्होंने कहा कि यदि आज लोकतंत्र जीवित और मजबूत है, तो इसका श्रेय उन सेनानियों को जाता है जिन्होंने अपार कष्ट सहकर भी संविधान और देश की आत्मा की रक्षा की।
इस अवसर पर पवन साय और लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सच्चिदानंद उपासने ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।
कार्यक्रम में उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, विधायक मोतीलाल साहू, सीजीएमएससी के अध्यक्ष दीपक म्हस्के, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष नन्द कुमार साहू, लोकतंत्र सेनानी संघ के प्रदेश अध्यक्ष दिवाकर तिवारी सहित लोकतंत्र सेनानी एवं उनके परिजन उपस्थित थे।
डिप्टी सीएम शर्मा के निर्देश पर बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान के लिए हेल्पलाइन नम्बर जारी
रायपुर। प्रदेश में आंतरिक सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान के लिए उपमुख्यमंत्री व गृह मंत्री विजय शर्मा के निर्देश पर पुलिस विभाग द्वारा टोल फ्री हेल्पलाइन नम्बर 1800-233-1905 जारी किया गया है, जो 24 घंटे और सप्ताह के सभी दिनों में सक्रिय रहेगा। इस हेल्पलाइन के माध्यम से राज्य का कोई भी नागरिक, अपने क्षेत्र में मौजूद संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों अथवा उनकी गतिविधियों के संबंध में सूचना सीधे पुलिस प्रशासन को दे सकता है। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी, ताकि लोग बिना किसी भय के राष्ट्रहित में सहयोग कर सकें।
उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि देश की सुरक्षा हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार राज्य को घुसपैठियों और अवैध गतिविधियों से मुक्त रखने के लिए प्रतिबद्ध है। जब तक ऐसी ताकतों को जड़ से नहीं उखाड़ा जाएगा, तब तक हमारे नागरिकों की सुरक्षा और शांति खतरे में रहेगी। यह हेल्पलाइन आम जनता को एक सीधा, सुरक्षित और प्रभावी माध्यम प्रदान करती है जिससे वे देशहित में अपनी भागीदारी निभा सकें। राज्य में अवैध बांग्लादेशी नागरिको की सूचना पर पूरी ताकत के साथ जांच और पहचान कर रही है।
उपमुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग को निर्देश दिए हैं कि वे इस हेल्पलाइन पर प्राप्त हर सूचना को गंभीरता से लें, आवश्यक सतर्कता बरतें और जल्द से जल्द आवश्यक कार्रवाई करें। साथ ही इस अभियान को लेकर आम नागरिकों में जागरूकता फैलाने हेतु प्रचार-प्रसार के निर्देश भी दिए गए हैं। पुलिस विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि घुसपैठ के मामलों की पुष्टि के लिए प्राप्त सूचनाओं की सत्यता की पूर्ण जांच की जाएगी, ताकि निर्दोष लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
उपमुख्यमंत्री शर्मा ने राज्य के सभी नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें अपने आस-पास किसी संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधि अथवा पहचान पर संदेह हो तो वे तुरंत टोल फ्री नम्बर 1800-233-1905 पर संपर्क करें। यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम छत्तीसगढ़ को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सशक्त बनाए रखें।
सुप्रसिद्ध हास्य कवि डॉ. सुरेंद्र दुबे का निधन
रायपुर । छत्तीसगढ़ के मशहूर हास्य कवि डाॅ. सुरेंद्र दुबे का गुरुवार को निधन हो गया। रायपुर के एडवांस कार्डियक इंस्टीटयू में उनका उपचार चल रहा था। उन्होंने एसीआई में उपचार के दौरान अंतिम सांस ली। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर वे बड़े व्यंग्यवादी और लेखक थे। वह पेशे से आयुर्वेदिक चिकित्सक भी थे।
मिली जानकारी के अनुसार दो दिन पहले ही सुरेंद्र दुबे को हार्टअटैक आया था, जिसके बाद उन्हे उपचार के लिए भर्ती कराया गया था। सुरेंद्र दुबे की निधन की खबर के बाद रायपुर कलेक्टर मेकाहारा के एसीआई सेंटर पहुंचे हैं। मंत्री ओपी चौधरी में एसीआई सेंटर पहुंचे हैं।
नक्सल प्रभावित इलाकों में विकास की नई रेखा: अंतिम चरण में रेल सर्वे
नक्सल प्रभावित इलाकों में विकास की नई रेखा: अंतिम चरण में रेल सर्वे
छत्तीसगढ़ में अब तक 106.3 मि.मी. औसत वर्षा
रायपुर। छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 106.3 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक जशपुर जिले में सर्वाधिक 245.6 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। राजनांदगांव जिले में सबसे कम 35.1 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सरगुजा में 95.7 मि.मी., सूरजपुर में 119.2 मि.मी., बलरामपुर में 228.2 मि.मी., कोरिया में 188.8 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 109.6 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। रायपुर जिले में 71.1 मि.मी. बलौदाबाजार में 107.6 मि.मी., गरियाबंद में 98.9 मि.मी., महासमुंद में 90.1 मि.मी. और धमतरी में 64.1 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।
बिलासपुर में 74.7 मि.मी., मुंगेली में 95.8 मि.मी., रायगढ़ में 162.3 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 103.2 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 138.9 मि.मी., सक्ती में 68.7 मि.मी. कोरबा में 114.4 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 117.0 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड हुई है।
दुर्ग जिले में 62.1 मि.मी., कबीरधाम में 63.2 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 82.1 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 58.8 मि.मी., बालोद में 68.7 मि.मी. बेमेतरा में 44.0 मि.मी और बस्तर जिले में 141.4 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड हुई है। कोंडागांव में 86.9 मि.मी., कांकेर में 105.0 मि.मी., नारायणपुर में 66.5 मि.मी., दंतेवाड़ा में 144.8 मि.मी., सुकमा में 56.9 मि.मी. और बीजापुर में 198.0 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।
खाद्य-औषधि प्रशासन विभाग के 14 अधिकारी-कर्मचारियों का ट्रांसफर
रायपुर। लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग में प्रशासनिक फेरबदल किया है और 14 अधिकारियों और कर्मचारियों का तबादला आदेश जारी किया है। ये तबादले अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक लागू रहेंगे।
जारी आदेश के अनुसार, सहायक औषधि नियंत्रक रमिला भगत को सरगुजा से स्थानांतरित कर बस्तर (जगदलपुर) भेजा गया है। वहीं, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी आशीष कुमार यादव को बीजापुर से गरियाबंद और तरूण कुमार बिरला को गरियाबंद से बीजापुर स्थानांतरित किया गया है। इसके अतिरिक्त खाद्य सुरक्षा अधिकारी सागर दत्ता को जांजगीर-चांपा से रायगढ़, पंकज कुमार नाग को सुकमा से बस्तर (जगदलपुर) और अंकित गुप्ता को कबीरधाम से बिलासपुर स्थानांतरित किया गया है।
औषधि निरीक्षक चंद्रभान सिंह मरावी को दंतेवाड़ा से धमतरी, कामेश्वरी पटेल को कोरबा से बिलासपुर, सतीश कुमार सोनी को बलरामपुर से गरियाबंद और आलोक मौर्य को सरगुजा से दंतेवाड़ा भेजा गया है। इसी क्रम में नमूना सहायक फणीभूषण जायसवाल को दुर्ग से बिलासपुर, निधि जायसवाल को बिलासपुर से कोरिया, सुजित मुखर्जी को नवा रायपुर से रायपुर और चंद्रकला साहू को रायपुर से नवा रायपुर स्थानांतरित किया गया है। यह आदेश लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के उप सचिव विजय कुमार चौधरी ने जारी किया है।
IPS ट्रांसफर: 9 अधिकारियों का तबादला...
राज्यपाल ने गोद ग्राम सोनपुरी के विकास कार्यों का लिया जायजा
स्वास्थ्य, शिक्षा, जल आपूर्ति, खेती और स्व-सहायता समूहों पर दिया गया विशेष जोर
रायपुर । राज्यपाल रमेन डेका दो दिवसीय दौरे के पहले दिन गुरुवार को खैरागढ़-छुईखदान-गंडई पहुंचे। अपने प्रवास के दौरान उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक लेकर विकास कार्यों की जानकारी ली। विशेष रूप से उन्होंने अपने गोद लिए ग्राम सोनपुरी में संचालित योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की।
राज्यपाल ने शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रधानमंत्री आवास योजना, कृषि, उद्यानिकी और जल जीवन मिशन जैसे बुनियादी सेवाओं की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि सभी योजनाओं का लाभ प्रत्येक ग्रामीण तक पहुँचना चाहिए, यह सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
खेती और प्रोसेसिंग पर बल
राज्यपाल डेका ने ग्राम सोनपुरी में टमाटर की खेती की संभावनाओं को देखते हुए बाड़ी में टमाटर उत्पादन करने कहा। उन्होंने कहा कि टमाटर के अधिक उत्पादन को देखते हुए उसकी प्रोसेसिंग को बढ़ावा देना जरूरी है, ताकि किसानों को बेहतर मूल्य मिले और फसल की बर्बादी न हो।
शत-प्रतिशत योजना लाभ का देने निर्देश
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत शत-प्रतिशत कार्ड बनाए जाएं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से वंचित किसानों को शीघ्र लाभान्वित किया जाए।
जल जीवन मिशन के तहत नल-जल पहुंचाएं
जल जीवन मिशन की प्रगति पर चर्चा करते हुए राज्यपाल ने सोमपुरी में प्रत्येक घर तक नल से शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जल स्रोतों की सततता बनाए रखने के लिए वर्षा जल संग्रहण, सोखता गड्ढे और पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण जैसे उपायों को प्राथमिकता देने को कहा।
एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत वृक्षारोपण का आह्वान
राज्यपाल ने ‘एक पेड़ माँ के नाम‘ अभियान के अंतर्गत सभी शासकीय भवनों जैसे स्कूल, आंगनबाड़ी, पंचायत भवन और स्वास्थ्य केंद्रों में अधिकाधिक वृक्ष लगाने का आग्रह किया। उन्होंने इसे पर्यावरण और मातृत्व दोनों से जुड़ी एक संवेदनशील पहल बताया।
शिक्षा में ड्रॉपआउट रोकने निर्देश
स्कूल छोड़ चुके बच्चों की जानकारी लेते हुए राज्यपाल ने ऐसे बच्चों को दोबारा विद्यालय से जोड़ने के लिए ठोस पहल करने को कहा। उन्होंने ग्रामीणों को साक्षर बनाने की भी अपील की, ताकि वे कम से कम अपना नाम लिख सकें।
महिला समूहों की सराहना
राज्यपाल ने स्व-सहायता समूहों द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की और अधिकारियों को निर्देशित किया कि समूहों को आवश्यक संसाधन एवं प्रशिक्षण प्रदान कर उनकी आर्थिक स्थिति को और सशक्त किया जाए।
राज्यपाल ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि तीन माह के भीतर ग्राम सोनपुरी में चल रहे समस्त विकास कार्यों की जानकारी ली जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी योजना में कोई कमी या बाधा पाई गई, तो उसे तत्काल दूर करते हुए गुणवत्ता युक्त कार्य सुनिश्चित किया जाएगा।
दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु निर्देश
राज्यपाल ने पुलिस विभाग के कार्यों की जानकारी लेते हुए सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए समुचित उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने खासकर मोटरसाइकिल दुर्घटनाओं की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताई और जागरूकता अभियान चलाने पर बल दिया।
उन्होंने शहर में भारी वाहनों की गति को नियंत्रित करने के लिए वाहन मालिकों को अपने चालकों को समझाइश देने को कहा। साथ ही दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान कर वहां सुरक्षा उपाय जैसे स्पीड ब्रेकर, चेतावनी बोर्ड आदि लगाने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर पर उप सचिव श्रीमती हिना अनिमेष नेताम, कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल, सहित संबंधित जिलाधिकारी उपस्थित रहे।
यातायात नियमों का प्रचार करेंगे EV, कलेक्टर-एसएसपी ने दिखाई झंडी
रायपुर। शहर की यातायात व्यवस्था को और बेहतर बनाने और सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए रायपुर पुलिस ने एक अनोखी पहल की है। कलेक्टर गौरव कुमार और एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने बुधवार को EV 3 व्हीलर ट्रैफिक पेट्रोलिंग वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस वाहन के जरिए अब गली-गली और चौक-चौराहों पर यातायात नियमों का प्रचार-प्रसार और निगरानी की जाएगी।
क्या है यह EV ट्रैफिक पेट्रोलिंग?
यह खास ई-रिक्शा वाहन छत्तीसगढ़ की कंपनी जी.के. इलेक्ट्रिक के सहयोग से तैयार किया गया है। इसमें पीए सिस्टम, स्लोगन पोस्टर, और यातायात नियमों से जुड़ी चेतावनी संदेश लगे हैं। वाहन से नियमित रूप से शहर की गलियों, बाजारों और प्रमुख सड़कों पर गश्त कर लोगों को ट्रैफिक नियमों के पालन के लिए प्रेरित किया जाएगा।
जनता से नियम पालन की अपील
कलेक्टर गौरव कुमार ने स्वयं वाहन चलाकर संदेश दिया कि नागरिकों को खुद पहल करते हुए यातायात नियमों का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा, "यातायात व्यवस्था को सफल बनाने के लिए पुलिस के साथ-साथ नागरिकों की भी जिम्मेदारी है।"
एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि "दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनें, चार पहिया वाहन में सीट बेल्ट लगाएं, मोबाइल का उपयोग ड्राइविंग के दौरान न करें और नशे में वाहन बिल्कुल न चलाएं।" उन्होंने इसे एक सुरक्षित समाज और स्मार्ट शहर की दिशा में अहम कदम बताया।
ट्रैफिक सुधार की दिशा में मिलकर काम
EV पेट्रोलिंग के इस कार्यक्रम में एएसपी (यातायात) डॉ. प्रशांत शुक्ला, डीएसपी सतीश ठाकुर, और थाना प्रभारी विशाल कुजूर भी शामिल रहे। वहीं, जी.के. इलेक्ट्रिक ग्रुप के डायरेक्टर पुनीत परवानी और अमर परवानी ने बताया कि यह पहल रायपुर की सड़कों को सुरक्षित बनाने की दिशा में निजी और सरकारी भागीदारी का बेहतरीन उदाहरण है।
यह ट्रैफिक पेट्रोलिंग वाहन अब नियमित तौर पर शहर में घूमेगा और लोगों को प्रसारण के माध्यम से जागरूक करता रहेगा। यह पहल रायपुर में सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों के पालन को बढ़ावा देने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है।
रिंग रोड पर नो पार्किंग में खड़े 40 ट्रकों का कटा चालान
3 ट्रक चालकों पर अपराध दर्ज
रायपुर । शहर के प्रमुख रिंग रोड नंबर 2 पर नो पार्किंग जोन में खड़े भारी मालवाहक वाहनों के खिलाफ रायपुर पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर यह अभियान चलाया गया, जिसमें नो पार्किंग में खड़े 40 ट्रकों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की गई। वहीं तीन ट्रक चालकों पर बीएनएस की धारा 285 के तहत अपराध भी दर्ज किया गया है।
यातायात को बाधित कर रहे थे भारी वाहन
रिंग रोड नंबर 1 और 2 पर लंबे समय से भारी वाहनों के अवैध पार्किंग की शिकायतें मिल रही थीं। ये वाहन सर्विस रोड पर लापरवाहीपूर्वक खड़े कर दिए जाते थे, जिससे ट्रैफिक बाधित होता और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती थी।
इस पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) डॉ. प्रशांत शुक्ला के मार्गदर्शन में यातायात थाना टाटीबंध और भनपुरी की टीमों ने संयुक्त अभियान चलाया। 40 भारी वाहनों को नो पार्किंग में खड़ा पाए जाने पर चालान काटा गया।
इन ट्रक चालकों पर दर्ज हुआ अपराध
तीन ट्रक चालकों पर सीधे भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 285 के तहत मामला दर्ज किया गया है:
रज्जू ठाकुर – ट्रक नंबर CG 28 Q 2520
हिमाचल लोधी – ट्रक नंबर MH 40 CM 2231
तेजराम साहू – ट्रक नंबर CG 19 H 8372
सख्त चेतावनी दी गई
अन्य ट्रक चालकों को कड़ी चेतावनी दी गई है कि यदि भविष्य में नो पार्किंग में वाहन खड़े किए गए, तो उनके खिलाफ भी बीएनएस की धारा 285 के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा।
पुलिस की अपील
रायपुर पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे शहर की मुख्य सड़कों और रिंग रोड पर नियमों का पालन करें, ताकि यातायात सुगम बना रहे और दुर्घटनाओं से बचा जा सके। अभियान आगे भी जारी रहेगा।