छत्तीसगढ़ / रायपुर
केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के छत्तीसगढ़ आगमन पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर किया स्वागत
केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के छत्तीसगढ़ आगमन पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर किया स्वागत
सेन समाज की प्रतिभाओं ने अपनी उपलब्धियों से समाज को किया गौरवान्वित: मुख्यमंत्री
सेन समाज भवन विस्तार हेतु 10 लाख एवं बाउंड्रीवाल निर्माण हेतु ₹10 लाख की घोषणा
रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज जशपुर जिले के कुनकुरी के महुआटोली में आयोजित सर्व नाई सेन समाज के महासम्मेलन एवं प्रतिभा सम्मान समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि नाई समाज को मेहनती और स्वावलंबी समाज के रूप में जाना जाता है। सेन समाज के अनेक लोग आज शिक्षा, व्यापार, प्रशासन और तकनीकी क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा के दम पर विशिष्ट उपलब्धियाँ हासिल कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस वर्ष 12वीं कक्षा के प्रदेश टॉपर अखिल सेन इसी समाज से हैं। रायपुर में एआई डेटा सेंटर की स्थापना करने जा रहे इंदौर के उद्यमी भी सेन समाज से हैं। मुख्यमंत्री ने भारत रत्न स्व. कर्पूरी ठाकुर जी का स्मरण करते हुए कहा कि देश की उन्नति में सेन समाज का योगदान उल्लेखनीय रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जन्म से लेकर अंत्येष्टि तक कोई भी संस्कार सेन समाज के योगदान के बिना पूर्ण नहीं होता। समाज के विविध संस्कारों में इस समाज की भूमिका अत्यंत विशिष्ट है।
शिक्षा है समाज की प्रगति की कुंजी: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री श्री साय ने शिक्षा के महत्व पर बल देते हुए कहा कि शिक्षा केवल रोजगार प्राप्ति का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण की कुंजी है। जिस समाज में शिक्षा का स्तर ऊंचा होता है, वह समाज उतना ही सशक्त और प्रगतिशील बनता है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बच्चों की शिक्षा गुणवत्ता को बेहतर बनाने हेतु निरंतर नीतिगत निर्णय ले रही है। राज्य में अब राष्ट्रीय स्तर की सभी प्रमुख शैक्षणिक संस्थाएँ स्थापित की जा रही हैं। नालंदा परिसर जैसे अत्याधुनिक पुस्तकालयों का निर्माण प्रदेशभर में किया जा रहा है, ताकि छात्र प्रतियोगी युग के अनुरूप स्वयं को तैयार कर सकें।
सेन समाज को सामाजिक भवन विस्तार व बाउंड्रीवाल के लिए 20 लाख की सौगात
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कुनकुरी स्थित सेन समाज के सामाजिक भवन के विस्तार हेतु 10 लाख और बाउंड्रीवाल निर्माण हेतु 10 लाख की राशि स्वीकृत करने की घोषणा की।
छत्तीसगढ़ केश शिल्पी बोर्ड की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन ने इस अवसर पर कहा कि महतारी वंदन योजना प्रदेश की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मसम्मान का मजबूत आधार बन रही है। उन्होंने कहा कि इस योजना ने माताओं-बहनों में एक नया आत्मविश्वास जगाया है और शासन की जनहितैषी योजनाएँ प्रदेश में सभी वर्गों के सर्वांगीण विकास का आधार बन रही हैं।
मुख्यमंत्री ने सेन समाज की प्रतिभाओं को किया सम्मानित
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर सेन समाज के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभावान सदस्यों को “संत शिरोमणि सेन सम्मान” से सम्मानित किया।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, कलेक्टर रोहित व्यास, पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह, कृष्ण कुमार राय, भरत सिंह, सर्व सेन समाज के प्रदेश अध्यक्ष पुनीत सेन, प्रदेश उपाध्यक्ष अविनाश ठाकुर, राज श्रीवास सहित समाज के पदाधिकारीगण, गणमान्यजन और बड़ी संख्या में समाज के सदस्य उपस्थित थे।
बस्तर संभाग में मलेरिया प्रकरणों में 72% की गिरावट: जनसहयोग से मिली बड़ी सफलता
0.46 प्रतिशत तक सिमटी मलेरिया दर: बस्तर में स्वास्थ्य सेवाओं की ऐतिहासिक उपलब्धि
रायपुर । छत्तीसगढ़ सरकार के मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान को बस्तर संभाग में बड़ी सफलता मिली है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बस्तर जैसे संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में मलेरिया के मामलों में ऐतिहासिक कमी दर्ज की गई है।
राज्य शासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार बस्तर संभाग में मलेरिया धनात्मक दर 4.60 प्रतिशत से घटकर मात्र 0.46 प्रतिशत रह गई है। वहीं वर्ष 2015 की तुलना में वर्ष 2024 में मलेरिया के मामलों में 72 प्रतिशत की गिरावट आई है। राज्य का वार्षिक परजीवी सूचकांक (API) वर्ष 2015 में 5.21 था, जो घटकर 2024 में 0.98 हो गया है। बस्तर संभाग का API इसी अवधि में 27.4 से घटकर 7.11 तक पहुंचा है। 2023 की तुलना में 2024 में मलेरिया प्रकरणों में 8.52 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान हमारी सरकार की जन-केंद्रित सोच और समर्पित स्वास्थ्य प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि बस्तर जैसे क्षेत्र में मलेरिया नियंत्रण में मिली यह सफलता स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों, मितानिनों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की मेहनत का प्रमाण है।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि सरकार का लक्ष्य पूरे छत्तीसगढ़ को मलेरिया मुक्त बनाना है और इस दिशा में ठोस प्रयास लगातार जारी हैं। अभियान के तहत मच्छरदानी वितरण, घर-घर जाकर जांच, त्वरित उपचार, और जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से मलेरिया के प्रसार को नियंत्रित किया गया है। वर्ष 2024 में अभियान के 10वें और 11वें चरणों में विशेष निगरानी और उपचार कार्यों के चलते मलेरिया नियंत्रण को और बल मिला है।
राज्य सरकार मलेरिया उन्मूलन के लिए राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम (NVBDCP) और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अभियान में योगदान देने वाले स्वास्थ्य विभाग, स्थानीय प्रशासन, मितानिनों और आमजन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता सामूहिक प्रयासों से ही संभव हुई है और यह छत्तीसगढ़ को एक स्वस्थ और समृद्ध राज्य बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है।
भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण, राज्य इकाई रायपुर ने एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग के वैश्विक थीम के साथ 11वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह में सक्रियतापूर्वक लिया हिस्सा
रायपुर। भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई), राज्य इकाई: छत्तीसगढ़ ने 11वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (IDY) को उत्साह और जीवंतता के साथ मनाया। इस वर्ष की थीम थी "एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग"। दिन की शुरुआत अधिकारियों, कर्मचारियों और उनके परिवार जनो द्वारा "योग संगम" में भाग लेकर हुई, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक राष्ट्रव्यापी पहल थी। प्रधानमंत्री ने योग को वैश्विक शांति और संतुलन का माध्यम बताया।
अधिकारियों और कर्मचारियों के परिवारों द्वारा प्रस्तुत एक ऊर्जा से परिपूर्ण योग प्रदर्शन के बाद, योग प्रशिक्षिका, सुश्री संजु चक्रवर्ती के मार्गदर्शन में खुले वातावरण में हरियाली के बीच योग सत्र आयोजित किया गया। इसमें योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास कराया गया। रायपुर की प्रातः बेला, मानसून के धीरसमीर और प्रभात के सौम्य आभा के बीच आयोजित इस सत्र की शुरुआत वार्म-अप एक्सरसाइज से हुई, जो धीरे-धीरे प्रारंभिक से मध्यम स्तर के योग आसनों में परिवर्तित हुई।
प्रतिभागियों ने विभिन्न प्राणायाम तकनीकों का अभ्यास किया, जिसके बाद दस मिनट का ध्यान और "शांति मंत्र" का जाप किया गया — जो वैश्विक शांति और सद्भावना के लिए एक सशक्त प्रार्थना है।
यह कार्यक्रम भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के IDY 2025 के चरण-I जागरूकता पहल का समापन कार्यक्रम था। इस पहल के तहत 5 जून से 21 जून तक योग बूटकैम्प आयोजित किया गया, जिसमें योगासन, प्राणायाम, और माइंडफुलनेस सत्र शामिल थे। साथ ही, जीएसआई, राज्य इकाई: छत्तीसगढ़,रायपुर के सेवानिवृत्त निदेशक, योगेश पाण्डेय द्वारा योग के दर्शन और चिकित्सीय लाभों पर एक विशेष व्याख्यान दिया गया ।
इस पहल को ओजस सहभागिता प्राप्त हुई, जो स्वास्थ्य और कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह कार्यक्रम जीएसआई, राज्य इकाई : छत्तीसगढ़ के उप महानिदेशक, अमित धारवाड़कर के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया, जिसे व्यापक सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली, जिससे समुदाय के स्वास्थ्य और कल्याण पर योग के परिवर्तनकारी प्रभाव का प्रमाण मिला।
श्री रजनीश दिव्य ध्यान योग संस्थान द्वारा नया रायपुर स्थित सेंट्रल पार्क में योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2025 के अवसर पर श्री रजनीश दिव्य ध्यान योग संस्थान द्वारा नया रायपुर स्थित सेंट्रल पार्क में योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें संस्था के सदस्यों के अलावा पार्क में आए हुए और भी गणमान्य नागरिकों ने उत्साह पूर्वक भाग लिया l संस्था के अध्यक्ष स्वामी आनंद रूपम जी ने योग के महत्व को बताते हुए बहुत ही सरल ढंग से सभी को योग आसन एवं प्राणायाम करवाया l इस अवसर पर इस कार्यक्रम के संयोजक श्री प्रेमप्रकाश गजेन्द्र जी संस्था के सचिव श्री जागेश्वर साहू, उपाध्यक्ष श्री आशीष जिंदल तथा अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे l
मुख्यमंत्री श्री साय ने कुनकुरी में 250 सीटर नालंदा परिसर का किया भूमिपूजन: लाइब्रेरी में होगी इंडोर और आउटडोर अध्ययन की व्यवस्था
मुख्यमंत्री श्री साय ने कुनकुरी में 250 सीटर नालंदा परिसर का किया भूमिपूजन: लाइब्रेरी में होगी इंडोर और आउटडोर अध्ययन की व्यवस्था
लीनेस क्लब रायपुर द्वारा छाछ व गमछा वितरण
लीनेस क्लब रायपुर द्वारा छाछ व गमछा वितरण
क्लॉडियस करेंगे केन्या में कमेंट्री
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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कुनकुरी में मातृ-शिशु चिकित्सालय की रखी आधारशिला
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कुनकुरी में मातृ-शिशु चिकित्सालय की रखी आधारशिला
बस्तर संभाग में मलेरिया प्रकरणों में 72% की गिरावट: जनसहयोग से मिली बड़ी सफलता
0.46 प्रतिशत तक सिमटी मलेरिया दर: बस्तर में स्वास्थ्य सेवाओं की ऐतिहासिक उपलब्धि
रायपुर, 21 जून 2025/छत्तीसगढ़ सरकार के मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान को बस्तर संभाग में बड़ी सफलता मिली है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बस्तर जैसे संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में मलेरिया के मामलों में ऐतिहासिक कमी दर्ज की गई है।
राज्य शासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार बस्तर संभाग में मलेरिया धनात्मक दर 4.60 प्रतिशत से घटकर मात्र 0.46 प्रतिशत रह गई है। वहीं वर्ष 2015 की तुलना में वर्ष 2024 में मलेरिया के मामलों में 72 प्रतिशत की गिरावट आई है। राज्य का वार्षिक परजीवी सूचकांक (API) वर्ष 2015 में 5.21 था, जो घटकर 2024 में 0.98 हो गया है। बस्तर संभाग का API इसी अवधि में 27.4 से घटकर 7.11 तक पहुंचा है। 2023 की तुलना में 2024 में मलेरिया प्रकरणों में 8.52 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान हमारी सरकार की जन-केंद्रित सोच और समर्पित स्वास्थ्य प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि बस्तर जैसे क्षेत्र में मलेरिया नियंत्रण में मिली यह सफलता स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों, मितानिनों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की मेहनत का प्रमाण है।
स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि सरकार का लक्ष्य पूरे छत्तीसगढ़ को मलेरिया मुक्त बनाना है और इस दिशा में ठोस प्रयास लगातार जारी हैं। अभियान के तहत मच्छरदानी वितरण, घर-घर जाकर जांच, त्वरित उपचार, और जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से मलेरिया के प्रसार को नियंत्रित किया गया है। वर्ष 2024 में अभियान के 10वें और 11वें चरणों में विशेष निगरानी और उपचार कार्यों के चलते मलेरिया नियंत्रण को और बल मिला है।
राज्य सरकार मलेरिया उन्मूलन के लिए राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम (NVBDCP) और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अभियान में योगदान देने वाले स्वास्थ्य विभाग, स्थानीय प्रशासन, मितानिनों और आमजन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता सामूहिक प्रयासों से ही संभव हुई है और यह छत्तीसगढ़ को एक स्वस्थ और समृद्ध राज्य बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दुलदुला में 3 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का किया लोकार्पण व भूमिपूजन
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आईटी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है छत्तीसगढ़: यूआईडीएआई
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय "पंख खेल उपलब्धि पुरस्कार 2025" कार्यक्रम में हुए शामिल
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पुष्करणा ब्राह्मण सभा सदन का 22 को लोकार्पण होगा
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अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर 21 जून को राज्यभर में ’’योग संगम-हरित योग’’ थीम पर आधारित होगा विशेष आयोजन
रायपुर, 20 जून 2025/ छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 21 जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई है। जिला मुख्यालयों से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक 21 जून को इस बार ’’योग संगम-हरित योग’’ थीम पर सामूहिक योगाभ्यास का कार्यक्रम आयोजित होगा। जिला मुख्यालयों में आयोजित सामूहिक योगाभ्यास के कार्यक्रम में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, केंद्रीय राज्य मंत्री, उपमुख्यमंत्री द्वय, मंत्रीगण, सांसद एवं विधायकगण मुख्य अतिथि होंगे। छत्तीसगढ़ सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार जिला मुख्यालयों में आयोजित होने वाले सामूहिक योगाभ्यास में मुख्य अतिथि नामांकित किया गया है।
प्रधानमंत्री मोदी ओडिशा को आज देंगे 2750 करोड़ से अधिक की रेलवे परियोजनाओं की सौगात
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20 जून 2025 को ओडिशा के दौरे पर रहेंगे। इस अवसर पर वे झारसुगुड़ा–जामगा चौथी रेल लाइन सहित ₹2750 करोड़ से अधिक की रेलवे परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन एवं राष्ट्र को समर्पित करेंगे। यह आयोजन ‘विकसित भारत – विकसित ओडिशा’ की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है और प्रधानमंत्री के 11 वर्षों की सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण तथा ओडिशा सरकार के 1 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
झारसुगुड़ा–जामगा चौथी रेल लाइन: औद्योगिक विकास को मिलेगा बल
प्रधानमंत्री जी झारसुगुड़ा और जामगा के बीच 53 किलोमीटर लंबी चौथी रेल लाइन राष्ट्र को समर्पित करेंगे। यह परियोजना बिलासपुर – झारसुगुड़ा चौथी रेल लाइन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह परियोजना औद्योगिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है। चौथी रेल लाइन इस रेलखंड पर भारी रेल ट्रैफिक से निजात दिलाएगी, और यह चौथी लाइन माल और यात्री ट्रेनों के संचालन को अधिक कुशल, संरक्षित और समयबद्ध बनाएगी।
अन्य प्रमुख परियोजनाएं
1. सोनपुर-पुरुणाकटक नई रेलवे लाइन (73 किमी) का उद्घाटन – ₹1376 करोड़ की लागत से निर्मित यह लाइन 301 किमी लंबी खुर्दा रोड–बालांगीर रेल परियोजना का हिस्सा है।
2. सारला–सासन के बीच तीसरी और चौथी रेल लाइन की आधारशिला ।
3. मालगाड़ी अनुरक्षण सुविधा (Freight Maintenance Facility) – सारला
4. बामरा–धरुआडीही खंड में सबवे निर्माण।
5. लिंक सी–डुमेट्रा सेक्शन में दोहरीकरण ।
6. जलेश्वर में रोड ओवर ब्रिज का लोकार्पण ।
नई रेल सेवाएं – बौध को भुवनेश्वर से जोड़ेगी सीधी सुविधा
प्रधानमंत्री ओडिशा के लोगों को कई नई रेल सेवाओं की सौगात देंगे:
1. 18313/18314 बौध–भुवनेश्वर न्यू–बौध साप्ताहिक एक्सप्रेस
2. 18311/18312 संबलपुर–बौध–संबलपुर साप्ताहिक एक्सप्रेस
इसके अतिरिक्त:
भुवनेश्वर–सोनपुर–भुवनेश्वर इंटरसिटी एक्सप्रेस
दो जोड़ी बलांगीर–सोनपुर शटल पैसेंजर ट्रेनों का संचालन अब पुरुणाकटक से होगा
ओडिशा में रेलवे विकास की रफ्तार
पिछले 11 वर्षों में ओडिशा में रेलवे विकास ने अभूतपूर्व गति पकड़ी है:
राज्य का 100% रेल नेटवर्क विद्युतीकृत किया जा चुका है
59 स्टेशनों को “अमृत स्टेशन” के रूप में आधुनिक सुविधाओं से विकसित किया जा रहा है
6 वंदे भारत ट्रेनों के माध्यम से राज्य के 17 जिलों को आधुनिक रेल सुविधा का लाभ मिल रहा है
”क्रेडा की योजनाओं में सुशासन तिहार-2025 के प्रभावी क्रियान्वयन का प्रदेश के सभी क्षेत्रों में दिख रहा प्रभाव“
”क्रेडा की योजनाओं में सुशासन तिहार-2025 के प्रभावी क्रियान्वयन का प्रदेश के सभी क्षेत्रों में दिख रहा प्रभाव“