छत्तीसगढ़ / रायपुर
वर्ल्ड ब्राह्मण फेडरेशन सोशल एक्टीविटी ग्रुप की बैठक में
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का तबादला: मुख्यमंत्री श्री साय की सख़्त चेतावनी के बाद पहली कार्रवाई, शिक्षा व्यवस्था में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
महासमुंद में बोर्ड परीक्षा परिणामों पर सख़्त रुख: मुख्यमंत्री ने जताई थी नाराजगी
रायपुर 10 मई 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की जीरो टॉलरेंस नीति और परिणाम आधारित कार्यशैली का असर अब स्पष्ट रूप से दिखने लगा है। राज्य शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने आज महासमुंद जिले में पदस्थ जिला शिक्षा अधिकारी का स्थानांतरण करते हुए यह स्पष्ट कर दिया है कि शिक्षा व्यवस्था में लापरवाही, निष्क्रियता और खराब प्रदर्शन अब किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं है।
स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार महासमुंद जिले के प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी प्राचार्य श्री एम.आर. सावंत को उनके पद से हटाकर कार्यालय संभागीय संयुक्त संचालक, शिक्षा विभाग, जगदलपुर में सहायक संचालक के पद पर पदस्थ किया गया है। उनके स्थान पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी नवागढ़ (जांजगीर-चांपा) के पद पर कार्यरत प्राचार्य श्री विजय कुमार लहरे को प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी महासमुंद नियुक्त किया गया है। वहीं श्री भूपेंद्र कुमार कौशिक को जांजगीर चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड का विकासखंड शिक्षा अधिकारी नियुक्त किया गया है।
यह निर्णय उस समीक्षा बैठक के बाद सामने आया है, जिसमें मुख्यमंत्री श्री साय ने महासमुंद जिले की बोर्ड परीक्षा में खराब परिणामों पर गहरी नाराजगी व्यक्त की थी। सुशासन तिहार के तीसरे चरण में महासमुंद में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री श्री साय ने स्पष्ट कहा था कि शिक्षा की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए सुधार लाने का निर्देश दिया था। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा की गई यह कार्रवाई दर्शाती है कि मुख्यमंत्री श्री साय की सरकार परिणाम आधारित कार्यशैली में विश्वास रखती है और प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए हर आवश्यक कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने देश के पहले हाइड्रोजन फ्यूल ट्रक को दिखाई हरी झंडी
शून्य कार्बन उत्सर्जन और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में ऐतिहासिक पहल- मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने अपने हस्ताक्षर कर हाइड्रोजन ट्रक के चालक को सौंपी ट्रक की चाबी
लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में स्वच्छ और ग्रीन ट्रांसपोर्ट को मिलेगा बढ़ावा
रायपुर 10 मई 2025

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी स्थित अपने निवास परिसर से देश के पहले हाइड्रोजन फ्यूल लॉजिस्टिक ट्रक को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने अपने हस्ताक्षर कर हाइड्रोजन ट्रक के चालक को चाबी सौंपी और इस अभिनव पहल के लिए सीएसपीजीसीएल और अडानी नैचरल रिसोर्सेस को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि यह पहल छत्तीसगढ़ और देश को हरित ऊर्जा की ओर अग्रसर करने वाला क्रांतिकारी कदम होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ लगातार विकास कर रहा है और इसमें आज एक नया आयाम जुड़ा है। भारत के पहले हाइड्रोजन फ्यूलड लॉजिस्टिक ट्रक का शुभारंभ छत्तीसगढ़ में हो रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने पर विशेष फोकस है और उन्होंने वर्ष 2070 तक भारत को शून्य कार्बन उत्सर्जन वाला देश बनाने का जो संकल्प लिया है, उसे पाने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण है। पर्यावरण संरक्षण और औद्योगिक विकास के बीच संतुलन साधने में भी यह कदम मददगार होगी। श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संपदा समृद्ध प्रदेश है और इस ट्रक का उपयोग खनिज परिवहन में होने से कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पारंपरिक संसाधनों के साथ-साथ ग्रीन टेक्नोलॉजी और नवाचार को भी प्राथमिकता दी जा रही है। श्री साय ने कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ संभव हैं और ऐसी पहल से हमारे संकल्प को और मजबूती मिलेगी।
इस मौके पर अडानी एंटरप्राइजेज के नैचरल रिसोर्सेस के सीईओ डॉ. विनय प्रकाश ने भी अपने विचार साझा किए और इस पहल को खनन क्षेत्र में सतत विकास के लिए मील का पत्थर बताया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य बीज विकास निगम के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर, छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध संचालक श्री संजीव कटियार और अडानी ग्रुप के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
हाइड्रोजन ईंधन के उपयोग से ग्रीन एनर्जी को मिलेगा बढ़ावा
हाइड्रोजन प्रचुर मात्रा में पाया जाने वाला तत्व है और सबसे विशेष बात यह किसी भी प्रकार का हानिकारक उत्सर्जन नहीं करता है। हाइड्रोजन फ्यूल सेल से चलने वाले वाहन डीज़ल ट्रक जितनी दूरी और लोड उठाने की क्षमता रखते हैं। लेकिन धुएं के बजाए ये सिर्फ पानी की भांप और गर्म हवा उत्सर्जित करते हैं और आवाज़ भी बहुत कम करते हैं। चूंकि माइनिंग क्षेत्र में अधिकांश मशीनें मुख्य रूप से डीज़ल से ही चलती है, ऐसे में स्वच्छ ईंधनों को अपनाने से प्रदूषण और शोर को कम करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही, यह कदम भारत की कच्चे तेल पर निर्भरता घटाने और कार्बन फुटप्रिंट कम करने में भी सहायक होगा। खास बात यह है कि अडानी नैचरल रिसोर्सेस एशिया की पहली कंपनी है, जिसने 'डोज़र पुश सेमी ऑटोनॉमस तकनीक को अपनाया है, जिससे सुरक्षा और स्थिरता, दोनों को बढ़ावा मिल रहा है।
गौरतलब है कि भारतीय एवं अंतर्राष्ट्रीय तकनीकी साझेदारी से यह ट्रक तैयार किया गया है और इसमें ईंधन के तौर पर हाइड्रोजन का उपयोग होगा। इसके अंतर्गत माल परिवहन के लिए हाइड्रोजन फ्यूल सेल बैटरी से चलने वाले ट्रक विकसित किया जा रहा है। प्रत्येक ट्रक स्मार्ट तकनीक और तीन हाइड्रोजन टैंक से लैस होगा, जिसमें 200 किलोमीटर की दूरी तक 40 टन तक का माल ले जाने की क्षमता होगी। प्रदेश में हरित भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड और अदाणी नैचरल रिसोर्सेस ने यह साझा प्रयास किया है।छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड द्वारा रायगढ़ जिले के गारे पेल्मा-3 कोल ब्लॉक से राज्य की विद्युत उत्पादन इकाई तक कोयला परिवहन में इसका उपयोग किया जाएगा।
अदाणी ग्रुप का ग्रीन मिशन - माइनिंग ट्रांसपोर्ट में शामिल किया भारत का पहला हाइड्रोजन से चलने वाला ट्रक
रायपुर / अहमदाबाद, 10 मई, 2025: अदाणी ग्रुप की प्रमुख कंपनी, अदाणी एंटरप्राइज़ेज़ ने भारत का पहला हाइड्रोजन फ्यूल सेल ट्रक जारी किया है, जो लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में स्वच्छ और ग्रीन ट्रांसपोर्ट व्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है। आने वाले समय में हाइड्रोजन से चलने वाले ये ट्रक, कंपनी के लॉजिस्टिक्स संबंधी ऑपरेशन्स में इस्तेमाल हो रहे डीज़ल वाहनों की जगह लेने के लिए तैयार हैं।
अदाणी, एक भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा तकनीकी कंपनी और एक प्रमुख ऑटो निर्माता कंपनी के साथ मिलकर, माल परिवहन के लिए हाइड्रोजन फ्यूल सेल बैटरी से चलने वाले ट्रक विकसित कर रहा है। प्रत्येक ट्रक स्मार्ट तकनीक और तीन हाइड्रोजन टैंक से लैस होगा, जिसमें 200 किलोमीटर की दूरी तक 40 टन तक का माल ले जाने की क्षमता होगी।
शनिवार को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर में इस पहले ट्रक को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह ट्रक अब गारे पेलमा III कोल ब्लॉक से राज्य के पॉवर प्लांट तक कोयले के परिवहन के लिए उपयोग में लाया जाएगा।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, "छत्तीसगढ़ में भारत के पहले हाइड्रोजन से चलने वाले ट्रक का शुभारंभ राज्य की सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस तरह की पहल हमारे कार्बन उत्सर्जन को काफी हद तक कम करेंगी और उद्योग जगत के लिए एक नई मिसाल कायम करेंगी। छत्तीसगढ़, देश की बिजली जरूरतों को पूरा करने में तो अग्रणी है ही, अब यह सतत विकास को बढ़ावा देने की मिसाल भी कायम कर रहा है।"
राज्य सरकार के स्वामित्व वाली छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी लिमिटेड ने प्रतिस्पर्धात्मक निविदा प्रक्रिया के माध्यम से गारे पेलमा III कोल ब्लॉक के लिए अदाणी एंटरप्राइज़ेज़ को माइन डेवलपर और ऑपरेटर नियुक्त किया है।
इस अवसर पर अदाणी एंटरप्राइज़ेज़ के नैचरल रिसोर्सेस के सीईओ और डायरेक्टर, डॉ. विनय प्रकाश ने कहा, "हाइड्रोजन से चलने वाले ट्रकों की यह पहल अदाणी ग्रुप की डिकार्बनाइज़ेशन और जिम्मेदार खनन के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को मजबूत करती है। हम ऐसी मॉडल माइन विकसित कर रहे हैं, जिनका पर्यावरण पर असर बेहद कम हो। इसके लिए हम ऑटोनॉमस डोज़र पुश तकनीक, सौर ऊर्जा, डिजिटल तकनीकों और पेड़ ट्रांसप्लांटर जैसे आधुनिक उपायों को अपना रहे हैं। हमारा उद्देश्य है कि हर व्यक्ति तक सस्ती और भरोसेमंद बिजली की पहुँच हो और साथ ही खनन क्षेत्र में सतत विकास के नए मानक स्थापित किए जाएं।"
यह परियोजना अदाणी एंटरप्राइज़ेज़ की दो इकाइयों- अदाणी नैचरल रिसोर्सेस (एएनआर) और अदाणी न्यू इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड (एएनआईएल) का संयुक्त प्रयास है। इस साझेदारी में एएनआर, हाइड्रोजन सेल्स की आपूर्ति एएनआईएल से करेगा, जो ग्रीन हाइड्रोजन, विंड टर्बाइन, सोलर मॉड्यूल और बैटरी निर्माण के क्षेत्र में भी सक्रिय है।
हाइड्रोजन में सबसे प्रचुर मात्रा में पाया जाने वाला तत्व है और सबसे विशेष बात, यह किसी भी प्रकार का हानिकारक उत्सर्जन नहीं करता है। हाइड्रोजन फ्यूल सेल से चलने वाले वाहन डीज़ल ट्रकों जितनी दूरी और लोड उठाने की क्षमता रखते हैं। लेकिन धुएँ के बजाए ये सिर्फ पानी की भाँप और गर्म हवा उत्सर्जित करते हैं और आवाज़ भी बहुत कम करते हैं।
चूँकि, माइंनिंग क्षेत्र में अधिकांश मशीनें मुख्य रूप से डीज़ल से ही चलती हैं, ऐसे में स्वच्छ ईंधनों को अपनाने से प्रदूषण और शोर को कम करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही, यह कदम भारत की कच्चे तेल पर निर्भरता घटाने और कार्बन फुटप्रिंट कम करने में भी सहायक होगा। खास बात यह है कि अदाणी नैचरल रिसोर्सेस एशिया की पहली कंपनी है, जिसने 'डोज़र पुश सेमी-ऑटोनॉमस तकनीक' को अपनाया है, जिससे सुरक्षा और स्थिरता, दोनों को बढ़ावा मिल रहा है।
नृसिंह जन्मोत्सव पर 11 को बुढ़ेश्वर मंदिर में भव्य आयोजन
पुष्टिकर समाज करेगा ऐतिहासिक झांकी का मंचन
रायपुर। रायपुर पुष्टिकर समाज ट्रस्ट द्वारा आगामी रविवार, 11 मई को बुढ़ेश्वर महादेव मंदिर परिसर में भगवान नृसिंह जन्मोत्सव का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन समाज की गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है और हर वर्ष की तरह इस बार भी संध्या 5 बजे से कार्यक्रम की शुरुआत होगी।
इस अवसर पर राक्षसराज हिरण्यकश्यप, भक्त प्रह्लाद और भगवान नृसिंह की झांकी और जीवंत मंचन किया जाएगा। समाज के सदस्य इन पात्रों की भूमिका निभाएंगे और हिरण्यकश्यप के वध की दिव्य कथा को नाट्य रूप में प्रस्तुत करेंगे।
कार्यक्रम की एक विशेष परंपरा यह भी है कि हिरण्यकश्यप सदर बाजार स्थित गोपाल मंदिर से आततायी रूप में निकलकर बुढ़ेश्वर मंदिर तक आता है, जहां उसका भगवान नृसिंह से युद्ध होता है। अंत में, संध्या संधिकाल में भगवान नृसिंह उसका वध करते हैं — इस पौराणिक दृश्य को दर्शकों के सामने जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
हजारों श्रद्धालुओं की भागीदारी की संभावना
हर वर्ष की तरह इस बार भी आयोजन में असंख्य श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है, जो इस धार्मिक उत्सव और मेले का हिस्सा बनकर आध्यात्मिक आनंद प्राप्त करेंगे।
DMF घोटाले में बड़ी कार्रवाई: EOW ने चार अधिकारियों को किया गिरफ्तार
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित जिला खनिज न्यास (DMF) घोटाले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए कोरबा जिले के तीन जनपद सीईओ और एक नोडल अधिकारी को गिरफ्तार किया है। चारों अधिकारियों को रायपुर की स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया, जहां EOW ने 13 मई तक की रिमांड हासिल की है।
गिरफ्तार अधिकारी ये हैं:
भरोसा राम ठाकुर – तत्कालीन नोडल अधिकारी, DMF, जिला कोरबा
भुनेश्वर सिंह राज – तत्कालीन जनपद सीईओ, कोरबा
राधेश्याम मिर्झा – तत्कालीन जनपद सीईओ, कोरबा
वीरेंद्र कुमार राठौर – तत्कालीन जनपद सीईओ, कोरबा
इन सभी अधिकारियों पर करोड़ों रुपये के DMF फंड के गबन का आरोप है। ये सभी तत्कालीन कलेक्टर रानू साहू के कार्यकाल में पदस्थ थे, जब फंड के दुरुपयोग की शिकायतें सामने आईं।
ईओडब्ल्यू ने कोर्ट में बताया:
EOW के मुताबिक, इन अधिकारियों के कार्यकाल में DMF राशि की जमकर बंदरबांट की गई। जांच के दौरान इन अफसरों की भूमिका स्पष्ट हुई, जिसके बाद पूछताछ और सबूतों के आधार पर गिरफ्तारी की गई।
DMF फंड का उपयोग खनिज प्रभावित क्षेत्रों के विकास और जनकल्याण के लिए किया जाना था, लेकिन अधिकारियों ने कथित रूप से इसमें भारी भ्रष्टाचार किया।
EOW की इस कार्रवाई को राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम के रूप में देखा जा रहा है।
प्रयास के 13 बच्चों ने मेरिट में बनाया स्थान
10वीं बोर्ड के घोषित नतीजों में प्रयास के बच्चों का शानदार प्रदर्शन: परीक्षा परिणाम रहा शत-प्रतिशत
रायपुर। “कौन कहता है आसमां में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारों’’ इस उक्ति को प्रयास आवासीय विद्यालय के बच्चों ने अपनी कठिन मेहनत और लगन से आज सच कर दिखाया है।
माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा शैक्षणिक सत्र 2024-25 के 10वीं बोर्ड के घोषित परीक्षा परिणामों में प्रयास के 13 बच्चों का मेरिट में आना निश्चित ही एक बड़ी उपलब्धि है। 10वीं बोर्ड का ओवरऑल परीक्षा परिणाम शत् प्रतिशत रहा है, इसमें 98.35 प्रतिशत विद्यार्थियों ने प्रथम श्रेणी में परीक्षा उत्तीर्ण की है। इन विद्यार्थियों की सफलता पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, मंत्री रामविचार नेताम सहित प्रमुख सचिव सोनमणि वोरा और आयुक्त डॉ. साराशं मित्तर ने शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।
खासकर तब, जबकि ये बच्चे बहुत ही सामान्य पृष्ठभूमि से आते हैं एवं अधिकतर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से संबंधित हैं। इन्होंने अपनी मेहनत, दृढ़ इच्छाशक्ति तथा विद्यालय के कड़े अनुशासन एवं अध्यापकों द्वारा दिए गए बेहतर मार्गदर्शन के बल पर बड़ी सफलता प्राप्त की है। अब इनके सपनों को मानों पखों की उड़ान मिल गई है इनमें किसी का लक्ष्य आईएएस बनने का है, तो कोई आईपीएस बनना चाहता है कोई डॉक्टर तो कोई इंजींनियर, तो कोई सीए बनना चाहता है।
टॉप 10 में जगह बनाने वाले बच्चों का कहना है कि प्रयास विद्यालय में प्रवेश से पहले इनके मन में पढ़ाई के प्रति इतना जुनून नहीं था। यहां आने के बाद विद्यालय के अच्छे वातावरण, अच्छे शिक्षकों द्वारा दिए गए मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन तथा उनके द्वारा कड़ी मेहनत के बल पर उन्होंने यह सफलता प्राप्त की है।
मंत्री श्री नेताम ने इन विद्यार्थियों की सफलता पर कहा कि प्रयास विद्यालयों के अच्छे परीक्षा परिणाम, प्रतियोगी परीक्षाओं में सशक्त उम्मीदवारी के कारण अब इसकी गिनती प्रदेश के सबसे अच्छे विद्यालयों के रूप में होने लगी है। प्रयास विद्यालय में प्रवेश हेतू प्राक्चयन परीक्षा में बच्चों की लगातर बढ़ती संख्या इसका उदाहरण है। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रयास विद्यालय के सफलता को देखते हुए राजनांदगांव एवं बलरामपुर में एक-एक नए प्रयास आवासीय विद्यालय खोलने की स्वीकृति प्रदान की है। इससे अब प्रयास विद्यालय की संख्यां बढ़कर 17 हो जाएगी।
कठिन मेहनत से हासिल किया लक्ष्य - 10वीं के टॉप 10 में 13 विद्यार्थी
माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा घोषित परीक्षा परिणामों में प्रयास के 13 विद्यार्थियों ने मेरिट में स्थान बनाया है। मेरिट में आने वाले छात्रों में सर्वाधिक छात्र प्रयास कन्या आवासीय विद्यालय, गुढ़ियारी, रायपुर से हैं। यहां की पांच छात्राओं - खुशबू सेन ने 8वां, महक चंद्रवंशी ने 9वां, अंजली साहू, नेहा चक्रधारी एवं काव्या वर्मा ने मेरिट में 10वां स्थान हासिल किया है। इसी प्रकार प्रयास संयुक्त आवासीय विद्यालय, कांकेर के जतिन नरेटी ने 5वां, डेविड गावडे ने 6वां, प्रयास, अंबिकापुर कीे खशबू बारिक एवं दिया चौहान 10वां-10वां, जबकि प्रयास, दुर्ग के बिटटू कुशवाहा ने 9वां, प्रयास, कोरबा की कु. डिम्पल ने 10वां, प्रयास, जशपुर कीे स्तुती पांडे ने 8वां एवं प्रयास, बालोद की भूमिका साहू ने 10वां, इस प्रकार कुल 13 विद्यार्थियों ने टॉप टेन में जगह बनाकर विद्यालय एवं प्रदेश का नाम रोशन किया है।
उल्लेखनीय है कि प्रयास योजना मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजना का एक महत्वपूर्ण घटक है। योजनांतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य के नक्सल प्रभावित क्षेत्र के प्रतिभावान विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराते हुए विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होने हेतु सक्षम बनाकर व्यावसायिक उच्च शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश कराकर उनके जीवन में स्थयित्व प्रदान करना इस योजना का प्रमुख लक्ष्य है।
मजदूर दिवस के उपलक्ष्य में प्रदेश स्तरीय मजदूर सम्मान समारोह का आयोजन सांकरा में 15मई को
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सिलतरा औद्योगिक क्षेत्र में रात के अंधेरे में जहर उगलता नाकोड़ा टीएमटी, ग्रामीणों में बढ़ी चिंता
रायपुर
रेत पर नहीं, रंगों में रचा गया सपना : रायपुर के युवाओं ने WAVES 2025 में रचा इतिहास
ऐनिमी एनीमेशन श्रेणी में गोल्ड, वेबटून में सिल्वर मेडल भारत की झोली में
रायपुर । रायपुर के युवाओं ने अपने हुनर और रचनात्मकता से दुनिया को दिखा दिया कि सपने रेत पर नहीं, रंगों में रचे जाते हैं। ‘एंटैंगल्ड स्टूडियो’ के बैनर तले काम करने वाली इस टीम ने वर्ल्ड ऑडियो विज़ुअल एंटरटेनमेंट समिट (WAVES) 2025 में भारत के लिए ऐनिमी एनीमेशन श्रेणी में गोल्ड मेडल और वेबटून श्रेणी में सिल्वर मेडल जीतकर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है।
यह प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय आयोजन पहली बार भारत में हुआ। मुंबई में आयोजित चार दिवसीय समिट का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। इस आयोजन में 90 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों और 10 हजार से अधिक प्रतिभागियों की मौजूदगी में भारत की युवा प्रतिभा ने अपना परचम लहराया।
टीम में शामिल ये सितारे
गोल्ड मेडल जीतने वाली टीम में शुभ्रांशु सिंह, शेफाली सिंह, निहाल डुंगडुंग और प्रथम विरानी शामिल हैं। सभी की उम्र 22 से 25 वर्ष के बीच है और ये युवा इंजीनियरिंग व फैशन डिज़ाइन जैसे विभिन्न शैक्षणिक पृष्ठभूमियों से आते हैं। वे ऐनिमी की उस दुनिया में अपना नाम बनाना चाहते थे जो अपनी रंगीनता, भावनात्मक गहराई और जीवंत पात्रों के लिए जानी जाती है।
वेबटून में भी छत्तीसगढ़ के विजयी रंग
वेबटून श्रेणी में सिल्वर मेडल छत्तीसगढ़ के ही एक और प्रतिभाशाली युवा विशाल मरावी ने जीता। वे भी एंटैंगल्ड स्टूडियो से जुड़े हैं और उनकी इस रचनात्मक जीत ने स्टूडियो को दोहरी सफलता दिलाई है।
सपनों की यह उड़ान नागपुर से शुरू हुई
शुभ्रांशु सिंह ने बताया कि इस रचनात्मक यात्रा की शुरुआत अक्टूबर 2024 में नागपुर में आयोजित रीजनल प्रतियोगिता से हुई। वहां विजयी होने के बाद, टीम ने राष्ट्रीय स्तर पर 11 शहरों की विजेता टीमों के साथ मुकाबला किया और फाइनल के लिए चुनी गई। WAVES 2025 के मंच पर 20 से अधिक देशों की टीमों को पछाड़कर इन युवाओं ने भारत को स्वर्ण दिलाया।
नज़रे अब टोक्यो पर
गोल्ड मेडल के साथ टीम को 2026 में टोक्यो, जापान में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय ऐनिमी इवेंट में भारत का प्रतिनिधित्व करने का गौरव प्राप्त हुआ है। टीम इस अवसर को लेकर बेहद उत्साहित है और मानती है कि यह भारत की ऐनिमी प्रतिभा को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने का सुनहरा मौका है।
युवा सपनों का भविष्य है ऐनिमी
टीम लीडर शुभ्रांशु सिंह का कहना है कि भारत में ऐनिमी एनीमेशन का भविष्य बेहद उज्ज्वल है और यह युवा वर्ग के लिए एक रचनात्मक व करियर विकल्प बन सकता है। रायपुर के इन रचनात्मक सितारों ने यह साबित कर दिया है कि तकनीक, कल्पनाशीलता और मेहनत का संगम हो तो छत्तीसगढ़ जैसे राज्य से भी विश्व मंच पर छा जाना मुमकिन है।
नवविवाहिताओं को भी जल्द मिलेगा महतारी वंदन योजना का लाभ: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
माथमौर में महुआ पेड़ की छांव तले लगी सीएम की चौपाल
रायपुर, 08 मई 2025/सुशासन तिहार के तीसरे चरण के अंतर्गत मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज अचानक मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के ग्राम माथमौर पहुंचे। बिना किसी पूर्व सूचना के जब मुख्यमंत्री माथमौर गांव पहुंचे, तो गांव में उत्साह की लहर दौड़ गई। अचानक पहुंचे मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए ग्रामीणों ने आस-पास लगे फूलों से सुन्दर गुलदस्ता तैयार कर उनका आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने गांव के बीच स्थित महुआ के पेड़ के नीचे चौपाल लगाई और वहां मौजूद ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। ग्रामीणों से शासकीय योजनाओं के लाभ की जानकारी लेते हुए कहा कि, नई बहुओं को भी जल्द महतारी वंदन योजना का लाभ मिलेगा। वहीं ग्राम सरपंचों को पीएम आवास के लिए पात्र परिवारों की सूची बनाकर भेजने के लिए कहा।
मुख्यमंत्री ने चौपाल की शुरुआत भारत माता और छत्तीसगढ़ महतारी के जयकारों के साथ की। उन्होंने गांव के सरपंच को अपने पास बिठाया और पंचायत में विकास कार्यों एवं जनहित की योजनाओं के क्रियान्वयन तथा समस्याओं की विस्तार से जानकारी ली। मुख्यमंत्री के आगमान की खबर पाकर आसपास के कोलियारी और कुवांरपुर पंचायत के साथ निकट के कई ग्रामों से भी बड़ी संख्या में ग्रामीण माथमौर पहुंचे थे, जिन्होंने अपनी समस्याएं और मांगें मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सामने रखीं।
चौपाल में मुख्यमंत्री श्री साय ने राशन दुकान संचालन, महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना की स्थिति पर ग्रामीणों से फीडबैक लिया। उन्होंने महिलाओं से पूछा कि, क्या उन्हें हर माह हजार रुपये की राशि समय पर मिल रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने स्पष्ट किया कि जिन नवविवाहित महिलाओं की पात्रता बनती है, उन्हें भी जल्द महतारी वंदन योजना का लाभ मिलेगा।
कुवांरपुर में 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र की होगी स्थापना
जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी सच्चाई जानने के साथ ही मुख्यमंत्री श्री साय ने माथमौर और उसके आसपास के गांवों के लिए कई बड़ी घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कुवांरपुर में 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र की स्थापना की घोषणा की। साथ ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत फुलझर से चंदेला, तिलौली से दर्रीटोला, सनबोरा से पण्डो, कुवांरपुर से गाजर और पटपर टोला से चंदेला तक नई सड़कों के निर्माण की बात कही।
राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए लगेगा बंदोबस्त कैंप
मुख्यमंत्री श्री साय ने कुवांरपुर में नायब तहसीलदार कार्यालय के लिए भवन निर्माण की स्वीकृति भी दी और राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए बंदोबस्त कैंप आयोजित करने एसडीएम को निर्देशित किया। माथमौर में सामुदायिक भवन की भी स्वीकृति दी गई है, जिससे ग्रामीणों को सामाजिक आयोजनों और बैठकों के लिए एक स्थायी सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
जनकपुर में 100 बिस्तरों वाले अस्पताल का जल्द होगा निर्माण, मिल चुकी है स्वीकृति
मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को यह भी जानकारी दी कि जनकपुर में 100 बिस्तरों वाले अस्पताल का निर्माण स्वीकृत हो चुका है, जिससे इस आदिवासी अंचल के लोगों को इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। इस दौरान उन्होंने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुवांरपुर में पढ़कर बोर्ड परीक्षाओं में अच्छे अंकों से उत्तीर्ण हुए विद्यार्थियों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से उनके भविष्य की करियर प्लानिंग पर बात करते हुए गांव में स्कूल की व्यवस्था की जानकारी ली।
इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजु एस. सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का छिंदिया गांव में आकस्मिक दौरा, सुशासन तिहार के तहत चौपाल लगाकर ग्रामीणों से किया सीधा संवाद
बैगा समुदाय की बिटिया ने किया टॉप, मुख्यमंत्री से की मुलाकात
अच्छे अंक लाने पर मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित
अंतिम छोर का गांव, जहां बढ़ रही शिक्षा के प्रति जागरूकता
मध्यप्रदेश की सीमा से लगे माथमौर में मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर उतरा
रायपुर 8 मई 2025/राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र और विशेष पिछड़ी जनजाति समूह के बच्चों में अब शिक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। इसकी बानगी राज्य के अंतिम छोर पर बसे एक गांव में संचालित स्कूल से सामने आई है। छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश की सीमा से लगे गांव कुवांरपुर स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की बैगा समुदाय की छात्रा कंगना बैगा ने हाई स्कूल सर्टिफिकेट परीक्षा (10वीं) में 83.67 प्रतिशत अंक प्राप्त कर स्कूल में टॉप किया है।
कंगना बैगा की इस उपलब्धि पर न केवल उनके परिजन और स्कूल प्रशासन बल्कि पूरा गांव गर्वित है और परिणाम के बाद से जश्न मना रहा है।
इस बीच सुशासन तिहार-2025 की कड़ी में औचक निरीक्षण के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एम.सी.बी.) जिले के भरतपुर विकासखंड अंतर्गत माथमौर गांव पहुंचे। जैसे ही बच्चों को यह जानकारी मिली कि मुख्यमंत्री उनके गांव आए हैं, वे अपनी सफलता की खुशी साझा करने के लिए उनसे मिलने पहुंच गए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने आत्मीयता और वात्सल्य के साथ बच्चों से मुलाकात की। उन्होंने अभिभावक के रूप में संवाद करते हुए उनकी शिक्षा और भविष्य की योजनाओं के बारे में पूछा।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर राज्य में सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है। इसके तीसरे चरण में समाधान शिविरों के माध्यम से प्रदेशवासियों की समस्याओं, मांगों और शिकायतों के निराकरण की जानकारी दी जा रही है। कई स्थानों पर स्वयं मुख्यमंत्री पहुंचकर आमजन से सीधा संवाद कर रहे हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री श्री साय सुदूर अंचलों में शासकीय योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने के लिए आकस्मिक दौरे कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री के आज माथमौर गांव आने की खबर मिलते ही ग्रामीणों के साथ कई विद्यार्थी भी प्रदेश के मुखिया से मिलने पहुंचे। इस दौरान शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कुवांरपुर में पढ़ने वाली 10वीं की टॉपर छात्रा कंगना बैगा (83.67%), मीनाक्षी शुक्ला (82.83%) तथा 12वीं के विद्यार्थी विद्यासागर तिवारी, सचिन कुमार बांधे और कु. शशि सिंह को मुख्यमंत्री ने पेन देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यार्थियों से भविष्य की शिक्षा और करियर संबंधी योजनाओं पर संवाद किया।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जहां राज्य में जनकल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित कर रहे हैं, वहीं शिक्षा के प्रसार पर भी विशेष ध्यान दे रहे हैं। इसी का सकारात्मक परिणाम है कि अब सुदूर वनांचल क्षेत्रों के बच्चे परीक्षाओं में प्रवीण्य सूची में स्थान पा रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के द्वारा 7 मई को छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी परीक्षाओं का परिणाम घोषित किया गया था।
नवा रायपुर में जनजातीय संग्रहालय बनकर तैयार
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 14 को करेंगे लोकार्पित
रायपुर। नवा रायपुर में जनजातीय संग्रहालय लगभग 9 करोड़ रूपए की लागत से बनकर तैयार हो गया है, इस सग्रहालय में जनजातीय संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। इस संग्रहालय का लोकार्पण मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 14 मई को करेंगे। प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने बताया कि संग्रहालय में डिजीटल एवं एआई तकनीक के माध्यम से जनजातीय संस्कृति का भी प्रदर्शन होगा। उन्होंने आज संग्रहालय के शुभारंभ को लेकर अधिकारियों की बैठक ली और सभी कार्य जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। यह संग्रहालय नवा रायपुर स्थित आदिवासी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर में बनाया गया है।
प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने अधिकारियों को संग्रहालय के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री के हाथों नवनियुक्त छात्रावास अधीक्षक को नियुक्ति प्रमाण-पत्र भी प्रदान करने साथ ही प्रयास आवासीय विद्यालय के जेईई मेंस 2025 में क्वालिफाई करने वाले छात्रों का सम्मान कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों के साथ जनजातीय संग्रहालय व्यस्थित रूप से रख-रखाव और यह आने वाले आगंतुकों के लिए आवश्यक व्यवस्था के संबंध में भी विचार-विमर्श किया। प्रमुख सचिव श्री बोरा ने सुशासन तिहार में मांग के 12 हजार 88 आवेदन और शिकायत के 222 आवेदनों को जन्द निराकरण करने के निर्देश दिए। बैठक में आयुक्त डॉ सारांश मित्तर, टीआरटीआई के संचालक जगदीश कुमार सोनकर, उप सचिव बी.एस राजपुत सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। गौरतलब है कि विभागीय मंत्री जी रामविचार नेताम 01 मई को इस संग्रहालय का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए थे।
14 गेलरियों में दिखेगी जनजातीय संस्कृति
जनजातीय संग्रहालय में कुल 14 गैलरियां हैं, जिनमें जनजातीय जीवनशैली के सभी पहलुओं का बहुत ही खूबसूरत ढ़ंग से जीवंत प्रदर्शन किया गया है। इनमें जनजातियों के भौगोलिक विवरण, तीज-त्यौहार, पर्व-महोत्सव तथा विशिष्ट संस्कृति, आवास एवं घरेलू उपकरण, शिकार उपकरण, वस्त्र (परिधान) एवं आभूषण, कृषि तकनीक एवं उपकरणों, जनजातीय नृत्य, जनजातीय वाद्ययंत्रों, आग जलाने, लौह निर्माण, रस्सी निर्माण, फसल मिंजाई (पौधांे से बीज अलग करना), कत्था निर्माण, चिवड़ा-लाई निर्माण, मंद आसवन, अन्न कुटाई व पिसाई, तेल प्रसंस्करण हेतु उपयोग में लाने जाने वाले उपकरणांे व परंपरागत तकनीकों, सांस्कृतिक विरासत के अंतर्गत अबुझमाड़िया में गोटुल, भुंजिया जनजाति में लाल बंगला इत्यादि, जनजातीय में परम्परागत कला कौशल जैसे बांसकला, काष्ठकला, चित्रकारी, गोदनाकला, शिल्पकला आदि का एवं अंतिम गैलरी में विषेष रूप से कमजोर जनजाति समूह यथा अबूझमाड़िया, बैगा, कमार, पहाड़ी कोरवा, बिरहोर एवं राज्य शासन द्वारा मान्य भुंजिया एवं पण्डो के विशेषीकृत पहलुओं का प्रदर्शन किया गया है।
भारत के एयरस्ट्राइक "आपरेशन सिन्दूर" सफलता पर वर्ल्ड ब्राम्हण फेडरेशन ने आतिशबाजी एवं मिठाई वितरण कर खुशी मनायी
रायपुर, वर्ल्ड ब्राम्हण फेडरेशन एवं सर्व युवा ब्राह्मण परिषद छ ग द्वारा पाकिस्तान पर हुए एयर स्ट्राइक "आपरेशन सिन्दूर" के सफल अभियान के उपलक्ष्य में रायपुर के हृदय स्थल जय स्तम्भ चौक में रात्रि 8.00 बजे आतिशबाजी करके एवं मिठाई खिलाकर उत्सव मनाते हुए खुशी व्यक्त की गयी. भारतीय सेना द्वारा उठाये गये कदम की सराहना करते हुए नारेबाजी की गयी.
इस अवसर पर प्रमुख रूप से प्रदेश अध्यक्ष - अरविंद ओझा, युवा अध्यक्ष - अविनय दुबे, महिला अध्यक्ष - नमिता शर्मा, राष्ट्रीय युवा सचिव - अमित शर्मा, राघवेन्द्र पाठक, रवि शर्मा, उमेश शर्मा, राजेश शर्मा, सोनल शर्मा, मिहिर शर्मा, सत्येन्द्र शुक्ला, बी. के. शुक्ला (पप्पू), महेंद्र प्रसाद शुक्ला, तरूण शर्मा, कमलेश दुबे सहित अनेक विप्रजन उपस्थित थे.
प्रेषक - अरविन्द ओझा, प्रदेश अध्यक्ष
वर्ल्ड ब्राह्मण फेडरेशन छत्तीसगढ़
मोबाइल नम्बर 9424214658
एक ही दिन में 16 प्रकरणों पर निर्णय
सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय छानबीन समिति की बैठक सम्पन्न
6 प्रकरणों पर जाति होगा मान्य, 4 प्रकरणों पर जाति प्रमाण पत्र होगा अमान्य
रायपुर। आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय छानबीन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जाति प्रमाण पत्र, के शिकायत एवं जांच हेतु 16 प्रकरण रखें गए थे। इनमें 11 प्रकरण पर सुनवाई के लिए एवं 5 प्रकरण विचार विमर्श के लिए रखा गया था। इनमें से 6 प्रकरणों में विजीलेंस जांच समिति द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन एवं संबंधित पक्ष द्वारा समक्ष बयान के पश्चात पात्र पाए जाने पर उनके जाति प्रमाण पत्र को मान्यता देने का निर्णय लिया गया है।
बैठक में सुनवाई के लिए रखे गए 11 प्रकरणों में से 4 प्रकरणों में विजीलेंस के जांच प्रतिवेदन एवं संबंधितों के समक्ष प्रस्तुतीकरण व बार-बार सुनवाई के लिए अवसर प्रदान करने के बाद भी उपस्थित नही होने पर इन प्रकरणों को खारिज कर दिया गया है। सुनवाई के लिए एक प्रकरण में विजीलेंस जांच प्रतिवेदन नहीं होने पर विजीलेंस टीम को जांच करने के निर्देश दिए गए है तथा शेष अन्य प्रकरणों को सुनवाई हेतु संबंधितों को उपस्थित होने एक और अवसर प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। बैठक में आदिम जाति विकास विभाग के आयुक्त डॉ सारांश मित्तर, आदिवासी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के संचालक जगदीश कुमार सोनकर, संचालक भू-अभिलेख वितिन नंदनवार, संचालक लोक शिक्षण ऋतुराज रघुवंशी, अनुसंधान अधिकारी रमा उइके, डॉ अनिल विरूलकर सहित विजीलेंस टीम के गायत्री नेताम, जितेन्द्र गुप्ता, अंजनी भगत, ईश्वर साहू, जयभगत पटेल उपस्थित थे।
लगातार तीसरे वर्ष कक्षा 10वीं में प्रदेश टॉपर जशपुर से
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी बधाई
रायपुर। जशपुर जिले के 14 विद्यार्थियों ने कक्षा दसवीं बोर्ड परीक्षा और कक्षा बारहवीं बोर्ड परीक्षा में एक विद्यार्थी ने प्रवीण्य सूची में स्थान बनाकर जिले को गौरवान्वित किया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जशपुर जिले के विद्यार्थियों के शानदार परीक्षा परिणाम पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के पालकों, संकल्प संस्थान और जशपुर के सभी शिक्षकों को भी बधाई दी है। प्रदेश में 10 वीं प्रावीण्य सूची मे स्थान बनाने वाले जिलों में लगातार तीसरे वर्ष जशपुर जिला अव्वल रहा है। राज्य की प्रावीण्य सूची में सम्मिलित विद्यार्थियों मे 11 संकल्प जशपुर, 01 संकल्प पत्थलगांव, 01 स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम जशपुर, 01 प्रयास आवासीय विद्यालय जशपुर से हैं।
कक्षा 10 वीं में 99.17 प्रतिशत् के साथ संकल्प जशपुर के नमन खुंटिया ने पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। पत्थलगांव शहर के रहने वाले नमन के पिता अर्जुन यादव दुकान चलाते हैं। उनके पिता और माता श्रीमती हरावती यादव ने बेटे की इस उपलब्धि पर बहुत प्रसन्न है।
इस वर्ष कक्षा 10 वीं बोर्ड परीक्षा में इन विद्यार्थियों ने प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त किया है- संकल्प जशपुर से 99.17 प्रतिशत के साथ नमन खुंटिया ने प्रथम स्थान, टीपेश प्रसाद यादव 98.83 प्रतिशत के साथ तृतीय स्थान, युवराज पैंकरा 98.50 प्रतिशत के साथ पांचवा स्थान, 98.17 प्रतिशत के साथ पुर्णिमा पैंकरा सातवां स्थान, 98 प्रतिशत के साथ संयुक्त रूप से अंकित कुमार यादव, हर्षिता सिंह, जितेंद्र बंजारे, पूजा चौहान ने आठवां स्थान, 97.83 प्रतिशत के साथ संयुक्त रूप से करिना टोप्पो, रितु कुर्रे ने सातवां स्थान, 97.67 प्रतिशत के साथ माही डनसेना ने दसवां स्थान, संकल्प पत्थलगांव से संजना पैकरा ने 98 प्रतिशत के साथ आठवां स्थान, सेजेस अंग्रेजी माध्यम जशपुर से 98.17 प्रतिशत के साथ सेजेज अंग्रेजी माध्यम जशपुर से अनुष्का सिंह ने सातवां स्थान, प्रयास आवासीय विद्यालय जशपुर से स्तुति पांडेय ने 98 प्रतिशत के साथ आठवां संजना पर स्थान प्राप्त किया हैं।
कक्षा 12 वीं में डीपीएस जशपुर से 98.70 प्रतिशत के साथ पूरे प्रदेश में पांचवा स्थान प्राप्त किया हैं। पहाडी कोरवा समुदाय से आने वाले संकल्प जशपुर के छात्र अंबीराज पहाड़िया ने 96 प्रतिशत अंक प्राप्त किया है। विद्यार्थियों की इस सफलता पर संकल्प जशपुर के प्राचार्य विनोद कुमार गुप्ता, यशस्वी जशपुर के संजीव शर्मा सहित सभी शिक्षकों ने बच्चों को बधाई देते हुए उज्जवल भविष्य की कामना की है।