छत्तीसगढ़ / रायपुर
108 महिलाओं का सम्मान, कोसलपुत्री का विमोचन
रायपुर । जय जोहार साहित्य एवं संस्कृति संस्थान एवं वैभव प्रकाशन, रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में छत्तीसगढ़ की नारी-शक्ति पर केंद्रित पुस्तक ‘कोसलपुत्री’ के सहित चार अन्य पुस्तकों का विमोचन किया गया। इस अवसर पर प्रदेश की 108 विशिष्ट महिला नेत्रियों को सम्मानित किया गया। जिनमें बस्तर की गौरवशाली बेटी और युवा आइकॉन अपूर्वा त्रिपाठी को उनके अद्वितीय कार्यों के लिए विशेष सम्मान प्रदान किया गया।
समारोह की मुख्य अतिथि प्रख्यात समाजसेवी कौशल्या साय ने कहा कि “महिलाओं को अपनी सुरक्षा, स्वाभिमान और स्वतंत्रता के लिए स्वयं सजग रहना होगा। आज छत्तीसगढ़ की महिलाएं जीवन के हर क्षेत्र में अपनी पहचान स्थापित कर रही हैं। घर-परिवार के साथ ही राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में उनकी सक्रियता सराहनीय है।” उन्होंने अपने कई प्रेरक संस्मरण भी साझा किए।
समारोह की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा ने की। उन्होंने कहा, “छत्तीसगढ़ साहित्य की दृष्टि से अत्यंत उर्वरा भूमि है। ‘कोसलपुत्री’ जैसी पुस्तकें गहन शोध के पश्चात तैयार की जाती हैं, जो केवल साहित्य नहीं, प्रमाणिक इतिहास की तरह भी मूल्यवान हैं।”
इस गरिमामय आयोजन में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से आई लेखिकाओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। कोंडागांव की प्रसिद्ध लेखिका और कवयित्री डॉ. रश्मि विपिन अग्निहोत्री को उनके आलेख ‘बस्तर बाला: युवा आइकॉन अपूर्वा त्रिपाठी’ हेतु कोसलपुत्री रचनाकार सम्मान प्रदान किया गया। डॉ. रश्मि अब तक 38 साझा संकलनों की लेखिका रह चुकी हैं।
विमोचन समारोह में पद्मश्री शमशाद बेगम, उषा बारले, तथा बस्तर बाला अपूर्वा त्रिपाठी सहित कुल 108 महिला प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया जिन्होंने विविध क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय पटल पर गौरवान्वित किया है।विशिष्ट अतिथि छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग की सचिव अभिलाषा बेहार ने लेखिकाओं को आत्मनिर्भर बनने हेतु प्रेरित किया। विशिष्ट अतिथि डॉ. रश्मि लता मिश्रा ने साहित्य और संगीत के समन्वय पर बल दिया।
समारोह की शुरुआत में संयोजक डॉ. सीमा निगम और डॉ. सुधीर शर्मा ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। डॉ. रमेंद्र नाथ मिश्र और डॉ. महेंद्र ठाकुर की उपस्थिति में द्वितीय सत्र संपन्न हुआ। संचालन शुभ्रा ठाकुर, डॉ. सीमा अवस्थी और सुमन बाजपेयी ने संयुक्त रूप से किया।
संस्था की अध्यक्ष डॉ. सीमा निगम ने कहा कि “छत्तीसगढ़ में इस प्रकार का आयोजन पहली बार हुआ है, जिसमें राज्य की विशिष्ट महिला प्रतिभाओं पर केंद्रित ‘कोसलपुत्री’ दो भागों में प्रकाशित किया गया है। इसे छत्तीसगढ़ की महिला रचनाकारों ने गहन शोध कर तैयार किया है। साहित्यिक जगत को आशा है कि यह संग्रह भविष्य में पाठ्यक्रम में शामिल कर व्यापक लाभ प्रदान करेगा।”
कलेक्टर ने ली समय सीमा की बैठक, दिए खुले गढ्ढों को भरने के निर्देश
रायपुर । कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह ने आज कलेक्टोरेट परिसर स्थित रेडक्रॉस सभाकक्ष में समय सीमा की बैठक ली। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार में आवेदन लेने की प्रक्रिया समाप्त हो गई है। अब इन प्राप्त आवेदनों से प्राप्त समस्या का समाधान करें। गर्मी मौसम के मद्देनजर सभी पेयजल आपूर्ति का इंतजाम सुनिश्चित करें, बिगड़े हैंडपंप का सुधार कर लें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग गर्मी के मौसम के अनुसार दवाईयों का स्वास्थ्य केन्द्रों में व्यवस्था रखें। नए शैक्षणिक सत्र 2025-26 की शुरूआत हो चुकी है। शिक्षा विभाग इसके आधार पर अपनी कार्ययोजना बनाकर तैयारी पूर्ण करें।
कलेक्टर ने कहा कि सभी नगरीय निकायों में और सभी ग्रामीण क्षेत्रों में सीवरेज, बोर या अन्य किसी कारण से गढ्ढे खोदे गए हैं तो उसे खुला ना छोडे या सुरक्षा के अन्य उपाय अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें। बैठक में एसएसपी डॉ लाल उम्मेद सिंह, नगर निगम आयुक्त विश्वदीप, डीएफओ लोकनाथ पटेल, जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
सुशासन तिहार से प्राप्त आवेदनों का ईमानदारी और गंभीरता से करें निराकरण: सोनमणि बोरा
मुख्यमंत्री के निर्देश पर आदिम जाति विकास विभाग का बड़ा निर्णय, अब फार्म भरते ही मिलेगा छात्रवृत्ति
रायपुर । आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने रायपुर, दुर्ग और सरगुजा संभाग के सहायक आयुक्तों की मैराथन बैठक ली। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार राज्य सरकार की महत्वकांक्षी पहल है। पहले चरण में 8 से 11 अप्रैल तक सामान्यजनों से आवेदन आमंत्रित किए गए थे। दूसरे चरण में एक माह के भीतर प्राप्त आवेदनों का निराकरण किया जाना है। श्री बोरा ने कहा कि जनहित में हमारा दायित्व है कि सुशासन तिहार से प्राप्त आवेदनों का पूरी ईमानदारी और गंभीरता से निराकरण किया जाए।
प्रमुख सचिव श्री बोरा ने बैठक में कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर आदिम जाति विकास विभाग ने सुशासन की ओर एक कदम आगे बढ़ते हुए एक छात्रवृत्ति पोर्टल के रूप में 7 मई से नवीन व्यवस्था शुरू करने जा रहा है। इसके तहत अब छात्रवृत्ति के लिए फार्म भरने वाले छात्र-छात्राओं को फार्म भरते ही छात्रवृत्ति मिलना शुरू हो जाएगा। नवीनीकरण वाले छात्र-छात्राएं 7 मई से आवेदन करेंगे, उन्हें 15 जून के भीतर ही छात्रवृत्ति की पहली किस्त मिल जाएगी और जून-जुलाई में फार्म भरने वालो को अक्टूबर में और नवीन छात्र जो अगस्त-सितम्बर में फार्म भरेंगे, उन्हें नवम्बर दिसंबर में ही छात्रवृत्ति मिलना शुरू हो जाएगी। इस नवीन व्यवस्था से शासकीय और निजी संस्थाओं में अध्ययनरत् अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को काफी लाभ मिलेगा।
दरअसल बात यह है कि पहले विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति फार्म भरने के बाद कई महीनों तक इंतजार करना पड़ता था। ज्यादातर फरवरी-मार्च में ही छात्रवृत्ति प्रदान किए जाने की परंपरा रही है। इससे मंहगी फीस वाले संस्थाओं में अध्ययन कर रहे छात्र-छात्राओं को फीस जमा करने में परेशानी होती थी। अब नवीन व्यवस्था के तहत फार्म जमा करते ही छात्रवृत्ति मिलने से उन्हें फीस पटाने, पुस्तक कॉपी खरीदने सहित अन्य जरूरत के समान खरीदने में आसनी होगी।
बैठक में श्री बोरा ने अधोसंरचना विकास के कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि निर्माणधीन कार्यों में तेजी लाते हुए बारिश के पहले पूर्ण कर लें। उन्होंने कहा कि नवीन कार्य की निविदा जारी कर 15 मई तक काम शुरू हो जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य के ऐसे आश्रम-छात्रावास जो जर्जर हो चुके हैं, ऐसे भवनों का परीक्षण कर नए भवन निर्माण के लिए तत्काल प्रस्ताव भेजा जाए। उन्होंने कहा कि नवीन भवनों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अनिवार्य रूप से बनाया जाए। साथ ही विभाग के पुराने भवनों में भी जल संरक्षण के दिशा में आगे बढ़ते हुए चरणबद्ध तरीके से वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना सुनिश्चित हो।
प्रमुख सचिव श्री बोरा ने बैठक में कहा कि आगामी दो माह बाद अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस आने वाला है। आश्रम-छात्रावास के बच्चों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने तथा योग से जोड़ने के लिए वृहद रूप से योगाभ्यास कार्यक्रम किया जाना सुनिश्चित हो। इसके लिए अभी से तैयारी शुरू की जाए। उन्होंने कहा कि समय-समय में आश्रम-छात्रावासों में कांउसलर आमंत्रित कर बच्चों के कैरियर निर्माण विषय पर व्याख्यान कराया जाना चाहिए। श्री बोरा ने कहा कि पीएम जनमन योजना और धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत शत्-प्रतिशत गांवों को सेचुरेट किया जाए। उन्होंने आगामी मानसून सीजन में योजना के तहत लाभान्वित प्रति परिवारों को फलदार और फूलदार पौधारोपण कार्यक्रम से जोड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि आगामी सीजन में आश्रम-छात्रावास परिसरों में भी व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण किया जाना है इसके लिए विभाग द्वारा 10 लाख पौधारोपण का लक्ष्य है। इसकी भी तैयारी शुरू की जाए।
प्रमुख सचिव श्री बोरा ने एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, प्रयास आवासीय विद्यालय, जवाहर उत्कर्ष योजना, वन धन विकास केन्द्र, वन अधिकार पत्र की प्रगति सहित विभिन्न विभागीय योजनाओं की समीक्षा की। बैठक में उप सचिव बी.के. राजपूत, अपर संचालक संजय गौड़, आर.एस. भोई, जितेन्द्र गुप्ता, तारकेश्वर देवांगन, उपायुक्त गायत्री नेताम, मेनका चंद्राकर, डॉ. रेश्मा खान, विश्वनाथ रेड्डी सहित विभिन्न जिले के सहायक आयुक्त एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में 'विकसित बस्तर की ओर' विषय पर परिचर्चा का हुआ आयोजन
बस्तर को विकास की दिशा में आगे ले जाने के लिए कृषि पर देना होगा जोर-मुख्यमंत्री श्री साय
छत्तीसगढ़ में रेड क्रॉस सोसाइटी का नया अध्याय
नई सरेंडर पॉलिसी 2025 में प्रोत्साहन राशि और मुआवाजा राशि में इजाफा किया गया है। मुख्यधारा में शामिल होने पर शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार व्यवसाय से जोड़ा जाएगा..
रायपुर । राज्य सरकार अब नई सरेंडर पॉलिसी के तहत हिंसा का रास्ता छोड़ने वाले नक्सलियों को सुरक्षा के साथ ही लाखों रुपए की प्रोत्साहन राशि भी देगी। नई सरेंडर पॉलिसी 2025 में प्रोत्साहन राशि और मुआवाजा राशि में इजाफा किया गया है। मुख्यधारा में शामिल होने पर शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार व्यवसाय से जोड़ा जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार द्वारा नई नक्सल पॉलिसी जारी की गई है।
28 मार्च को राजपत्र में इसकी अधिसूचना जारी की गई। नई नीति के जरिए नक्सलवादियों को समाज की मुख्यधारा में शामिल करेगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का कहना है कि जो हथियार छोड़ेंगे, उन्हें भय नहीं, बल्कि सम्मान मिलेगा। बरसों से जंगल में भटक रहे युवा, जो किसी भ्रम या दबाववश नक्सली संगठन में शामिल हो गए हैं, उनके लिए यह नीति एक नया जीवन शुरू करने का द्वार है। आत्मसमर्पण कर वह खुद के साथ ही परिवार और समाज का भविष्य भी सुरक्षित कर सकते हैं।
खाली हाथ सरेंडर करने वाले नक्सली को 50 हजार की नकद प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यदि कोई आत्मसमर्पित नक्सली, नक्सलियों द्वारा छिपाए गए आईईडी या विस्फोटकों की सूचना देकर बरामद कराने पर 15,000 से 25,000 तक की अतिरिक्त राशि दी जाएगी। बड़े हथियार डंप या विस्फोटक सामग्री की जानकारी देने पर एक लाख तक का इनाम मिलेगा। वहीं, सरेंडर करने के बाद विवाह करने के इच्छुक को एक लाख रुपए अनुदान राशि मिलेगी। यदि पति और पत्नी दोनों आत्मसमर्पित नक्सली हैं तो उन्हें एक इकाई मानते हुए यह लाभ दिया जाएगा। बता दें कि उक्त सभी राशि नियमानुसार दी जाएगी। राज्य सरकार के साथ ही केंद्र सरकार की पुनर्वास योजनाओं का लाभ भी मिलेगा।
नई नीति में हथियारों के साथ आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को लाखों रुपए की मुआवजा राशि मिलेगी। एलएमजी के साथ आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली को 5 लाख रुपए का मुआवजा मिलेगा। इसी तरह एके-47/त्रिची असॉल्ट रायफल पर 4 लाख रुपए, मोर्टार पर 2.50 लाख, एसएलआर/ इंसास रायफल पर 2 लाख, एक्स 95 असाल्ट रायफल/एमपी-9 टेक्टिल पर 1.50 लाख, थ्री नाट थ्री रायफल पर 1 लाख, एक्स-कैलिबर पर 75 हजार और यूबीजीएल अटैचमेंट पर 40 हजार, 315/12 बोर बंदूक पर 30 हजार, ग्लॉक पिस्टल पर 30 हजार के साथ ही अन्य छोटे हथियारों जैसे कार्बाइन, रिवॉल्वर, वायरलेस, डेटोनेटर आदि पर भी मुआवजा राशि का प्रावधान किया गया है।
अब 30 अप्रैल तक जमा कर सकेंगे संपत्ति कर, नगरीय प्रशासन विभाग ने दी विशेष छूट
सभी कलेक्टरों, नगर निगमों के आयुक्तों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को पत्र जारी
रायपुर । नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने नगरीय निकायों में वित्तीय वर्ष 2024-25 के संपत्ति कर और विवरणी जमा करने के लिए 30 दिनों की विशेष छूट प्रदान की है। अब ये 30 अप्रैल तक जमा किए जा सकते हैं। राज्य शासन ने सभी कलेक्टरों, नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को इस संबंध में परिपत्र जारी किया है।
नगरीय प्रशासन विभाग ने परिपत्र में कहा है कि नगरीय निकायों में संपत्तिकर तथा विवरणी जमा करने के लिए निर्धारित अंतिम तिथि 31 मार्च निर्धारित है। इस वर्ष भी संपत्ति कर तथा विवरणी जमा करने के लिए अंतिम तिथि 31 मार्च निर्धारित है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में लोकसभा निर्वाचन कार्य, निकायों का परिसीमन कार्य, मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य तथा स्थानीय निकायों के निर्वाचन आदि में आचार संहिता भी प्रभावी रही। इन कार्यों में निकायों के अधिकारी-कर्मचारी भी संलग्न रहे। फलस्वरूप राजस्व आय संग्रहण की कार्यवाही प्रभावित हुई है।
विभाग ने राजस्व संग्रहण के कार्यों के प्रभावित होने के मद्देनजर वर्ष 2024-25 के संपत्ति कर तथा विवरणी जमा करने के लिए अंतिम तिथि में 30 दिनों की विशेष छूट प्रदान करते हुए इसके लिए 30 अप्रैल 2025 की अंतिम तिथि निर्धारित की है। नगरीय प्रशासन विभाग ने परिपत्र के माध्यम से निकाय के कर्मचारियों द्वारा घर-घर जाकर संपत्ति कर संग्रहण करने एवं नागरिकों को ऑनलाइन (Online) भुगतान के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने सभी नगरीय निकायों में इनका अनुपालन सुनिश्चित करते हुए कर संग्रहण के लिए किए गए कार्यों से शासन को अवगत कराने के भी निर्देश दिए हैं।
राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का ट्रांसफर...
रायपुर । राज्य शासन ने राज्य प्रशासनिक सेवा के 6 अधिकारियों का तबादला किया है। सामान्य प्रशासन विभाग के अवर सचिव क्लेमेंटीना लकड़ा ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं।
देखें आदेश...
IAS रजत कुमार को मिला सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग का अतिरिक्त प्रभार
रायपुर । राज्य शासन ने IAS रजत कुमार को सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। पहले यह प्रभार आईएएस मुकेश कुमार बंसल के पास था।
देखें आदेश...
3 साल की मासूम से हैवानियत! 13 साल के नाबालिग ने खेलने के बहाने किया दुष्कर्म, पीड़िता ने मां को बताई आपबीती
रायपुर । दुर्ग जिले में मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी और हत्या के बाद अब राजधानी रायपुर से भी एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां चंद्रशेखर नगर इलाके में एक 3 साल की मासूम बच्ची के साथ पड़ोस में रहने वाले 13 साल के नाबालिग द्वारा दुष्कर्म करने का आरोप लगा है।
बताया जा रहा है कि, स्थानीय लोगों ने ही नाबालिग आरोपी को पकड़ा है। मौके पर जब पुलिस पहुंची तो उसे पुलिस के हवाले किया गया। बता दें कि इससे पहले छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में 6 साल की बच्ची से सेक्सुअल असॉल्ट किया गया। प्राइवेट पार्ट को सिगरेट से दागा और इलेक्ट्रिक शॉक देकर मारा है। इस केस में बच्ची के चाचा को आरोपी बनाया गया है। हालांकि परिवार वाले इसे मानने को तैयार नहीं हैं।
छत्तीसगढ़ में पेट्रोल पंप के लिए लाइसेंस की जरूरत खत्म
पेट्रोल पंप खोलना हुआ आसान
रायपुर । छत्तीसगढ़ सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए पेट्रोलियम रिटेल आउटलेट्स यानी पेट्रोल पंप के लिए राज्य स्तर पर लाइसेंस की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है। यह बदलाव 14 नवंबर 2024 को खाद्य नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग की ओर से जारी एक अधिसूचना के जरिए लागू किया गया है। अब पेट्रोल पंप खोलने के लिए व्यवसायियों को सिर्फ केंद्रीय पेट्रोलियम अधिनियम के नियमों का पालन करना होगा। पहले की दोहरी अनुमति की प्रक्रिया को हटाकर इसे आसान बना दिया गया है।
क्या बदला और क्यों है यह अहम
पहले पेट्रोल पंप शुरू करने के लिए व्यवसायियों को कलेक्टर के माध्यम से खाद्य विभाग से क्रय विक्रय का लाइसेंस प्राप्त करना होता था। प्रत्येक वर्ष अथवा तीन वर्ष में एक बार लाइसेंस का रिन्यूवल कराना होता था। राज्य शासन और केंद्र, दोनों जगह से अनुमति लेने की दोहरी प्रक्रिया से समय और पैसा दोनों खर्च होते थे, साथ ही कागजी कार्रवाई भी बढ़ जाती थी। अब केवल केंद्र के नियमों का पालन करना काफी होगा। इससे व्यवसायियों को राहत मिलेगी और पेट्रोल पंप खोलने की प्रक्रिया तेज और सस्ती हो जाएगी। यह कदम छत्तीसगढ़ में व्यवसाय को बढ़ावा देने और नियमों को सरल बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव है।
व्यवसायियों को कैसे होगा फायदा
अब कम कागजी कार्रवाई और एक ही स्तर की अनुमति से पेट्रोल पंप जल्दी शुरू हो सकेंगे। नए व्यवसायी, खासकर छोटे उद्यमी और तेल कंपनियां, बिना ज्यादा परेशानी के अपना काम शुरू कर सकेंगे। यह सुधार ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में पेट्रोल पंप खोलने को बढ़ावा देगा, जहां अभी ईंधन की पहुंच कम है।
राज्य और जनता को क्या लाभ
इस बदलाव से छत्तीसगढ़ में ईंधन की उपलब्धता बढ़ेगी, जिससे लोगों को पेट्रोल-डीजल आसानी से मिल सकेगा। खासकर उन इलाकों में, जहां अभी पेट्रोल पंप कम हैं, वहां सुविधा बेहतर होगी। साथ ही, नए पेट्रोल पंप खुलने से राज्य में निवेश बढ़ेगा और बुनियादी ढांचे का विकास होगा। यह सरकार के उस लक्ष्य को भी पूरा करता है, जिसमें व्यवसाय करने में आसानी और आर्थिक विकास पर जोर दिया गया है।
छत्तीसगढ़ बन रहा व्यवसाय के लिए आकर्षक
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का कहना है कि छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में व्यवसायों के लिए अनुकूल माहौल बनाने को लेकर गंभीर है। नियमों को सरल करके और अनावश्यक बाधाओं को हटाकर राज्य उद्योग, व्यवसाय को सहूलियत और निवेश को प्रोत्साहित करने की दिशा में काम कर रही है। इससे न सिर्फ व्यवसायियों को फायदा होगा, बल्कि राज्य की जनता को भी बेहतर सेवाएं मिलेंगी। छत्तीसगढ़ सरकार के इस निर्णय से पेट्रोल पंप खोलना आसान हो गया है। यह कदम न केवल सभी क्षेत्रों में ईंधन की पहुंच बढ़ाएगा, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगा।
नक्सलियों के सामूहिक आत्मसमर्पण पर दोगुना ईनाम
गांव के नक्सल मुक्त होने पर 1 करोड़ रुपए के होंगे विकास कार्य
रायपुर । नक्सल प्रभावित छत्तीसगढ़ में अब हिंसा छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने वाले नक्सलियों को सरकार और अधिक प्रोत्साहन देगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में तैयार नई नक्सल आत्मसमर्पण नीति के तहत सामूहिक आत्मसमर्पण करने वालों को न केवल घोषित ईनाम की दोगुनी राशि मिलेगी, बल्कि नक्सल मुक्त घोषित ग्राम पंचायतों में एक करोड़ के विशेष विकास कार्य भी कराए जाएंगे।
नक्सली संगठन की किसी फॉर्मेशन इकाई के यदि 80 प्रतिशत या उससे अधिक सक्रिय सदस्य सामूहिक रूप से आत्मसमर्पण करते हैं, तो उन्हें उनके विरुद्ध घोषित इनामी राशि की दोगुनी राशि प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर और कांकेर जैसे अति नक्सल प्रभावित जिलों में यदि किसी ग्राम पंचायत क्षेत्र में सक्रिय समस्त नक्सली व मिलिशिया सदस्य आत्मसमर्पण करते हैं, और ग्राम पंचायत को नक्सल मुक्त घोषित किया जाता है, तो वहां एक करोड़ रूपए के विकासात्मक कार्य स्वीकृत किए जाएंगे।
नई नीति के तहत यदि पति-पत्नी दोनों आत्मसमर्पण करते हैं, तो उन्हें पृथक इकाई मानते हुए अलग-अलग पुनर्वास योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। हालांकि यदि किसी योजना में दोनों को एक इकाई माना जाता है, तो वहीं के अनुसार लाभ मिलेगा। इनामी राशि का निर्धारण दोनों के लिए पृथक रूप से किया जाएगा।
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली को राहत व सहायता राशि गृह विभाग के बजट से उपलब्ध कराई जाएगी। जिला कलेक्टर को यह सुनिश्चित करना होगा कि आत्मसमर्पण के 10 दिनों के भीतर पूरी राशि संबंधित व्यक्ति को प्रदान कर दी जाए। यदि किसी आत्मसमर्पित नक्सली पर पहले से आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं, तो उसके नक्सलवाद उन्मूलन में योगदान और 6 माह तक के अच्छे आचरण को देखते हुए मंत्रिपरिषद की उप समिति इन मामलों को समाप्त करने पर विचार कर सकती है।
नेतृत्व की उड़ान भरते मैक यूनाइटेड के सितारे
रायपुर । जेसीआई रायपुर मैक यूनाइटेड द्वारा “आई एम द बेस्ट “ ट्रेनिंग सेशन का आयोजन महाराजा अग्रसेन इंटरनेशनल कॉलेज में किया गया। इस विशेष ट्रेनिंग का संचालन इंटरनेशनल प्राइम ट्रेनर, पीपीपी जेएफआर राजेश अग्रवाल जी ने किया, जिन्होंने अपनी प्रभावशाली शैली और व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से प्रतिभागियों को जीवन और नेतृत्व के नए आयाम सिखाए।
इस ट्रेनिंग में जीवन के 6 ज़रूरी पहलुओं – सामाजिक, आर्थिक, पारिवारिक, मानसिक, आध्यात्मिक और शारीरिक क्षेत्रों में संतुलन बनाए रखने की महत्ता को समझाया गया।
लीडरशिप स्किल्स पर आधारित एक इंटरैक्टिव एक्टिविटी में सभी प्रतिभागियों को टीमों में बाँटकर पोस्टर और भाषण गतिविधि करवाई गई, जिससे उन्हें टीमवर्क, समय प्रबंधन और प्रभावी संवाद की शक्ति को समझने का अवसर मिला।
ट्रेनर ने “लीडर और फॉलोअर” के बीच का अंतर भी बहुत सरल भाषा में बताया – एक प्रोएक्टिव व्यक्ति स्वयं निर्णय लेकर आगे बढ़ता है, जबकि रिएक्टिव व्यक्ति केवल परिस्थितियों पर प्रतिक्रिया देता है।
सेशन के दौरान ट्रेनर ने एक्शन प्लान पर ज़ोर दिया – सर्वेक्षण, विश्लेषण, योजना, कार्य और मूल्यांकन। ट्रेनर ने बताया कि यदि इन पांचों में से एक भी हिस्सा कमज़ोर हुआ, तो लक्ष्य तक पहुँचना मुश्किल हो सकता है।
इसके अलावा जब दूसरों को उठाओगे, तो खुद भी ऊपर उठोगे,और जब दूसरों को झुकाओगे, तो खुद भी झुक जाओगे जैसी बातें एक्टिविटी के साथ समझाई इसके साथ-साथ दैनिक जीवन में कामों के सही वितरण और कंट्रोल पावर बनाए रखने पर ज़ोर दिया, यह भी कहा कि असफलता के बाद निराश नहीं होना चाहिए, बल्कि यह समझना चाहिए कि असफलता क्यों हुई और उसमें सुधार कैसे लाना है।
“आई एम द बेस्ट” में विनर बने अर्क पीयूष पांडे और रनर अप का अवार्ड मिला मीत पटेल को, बेस्ट पार्टिसिपेंट की विनर बनी खुशी अग्रवाल और बेस्ट पार्टिसिपेंट रनर अप बनी रिया यादव, बेस्ट स्पीकर का अवार्ड मिला अनय सोनी को और मोस्ट ऐक्टिव पार्टिसिपेंट बने अनंत दुबे|
इस ट्रेनिंग प्रोग्राम में यूथ को अपने अंदर के हुनर को एक्टिविटी के माध्यम से बाहर लाने को मिला।
ट्रेनर नें एक अच्छा लीडर बने के सही तरीक़े बताए जिससे पूरे यूथ में एक अलग ही ऊर्ज़ा दिखाई दी।
संपूर्ण कार्यक्रम चैप्टर इंचार्ज जे.सी डॉ ऋषि पांडे ,अध्यक्ष जेसी रौनक बेंगानी और आईपीपी जे.सी अभिजीत अग्रवाल के मार्गदर्शन में सफल हुआ।
इस प्रोग्राम में प्रोग्राम कॉर्डिनेटर के रूप में थी जेसी हिमानी सोनवानी और प्रोग्राम डायरेक्टर के रूप में जे.सी अक्षत राव और जेसी कृष्णा बोरा थे।धन्यवाद ज्ञापन सेक्रेटरी जे.सी ख़ुशी कुंभारे द्वारा किया गया।
कलेक्ट्रेट परिसर में डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती पर सामाजिक समरसता दिवस का आयोजन
ग्रामीण विकास और जल संरक्षण को बढ़ावा: बृजमोहन अग्रवाल
रायपुर । डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के अवसर पर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित रेडक्रॉस हॉल में सामाजिक समरसता दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रायपुर समेत अन्य जिलों से जुड़े और सभी उपस्थित जनप्रतिनिधियों को सामाजिक समरसता दिवस और अंबेडकर जयंती की बधाई देते हुए ग्राम पंचायत भवनों को सुसज्जित करने तथा ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं देने की घोषणा की । उन्होंने प्रदेशभर में वाटर हार्वेस्टिंग शुरू करने और प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों के दायरे को बढ़ाने के लिए शीघ्र सर्वेक्षण कराने की निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सामाजिक समरसता दिवस पर प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण अंतर्गत 'मोर दुआर, साय सरकार महाअभियान' के तहत आवास प्लस 2.0 सर्वेक्षण के लिए पखवाड़ा का आयोजन किया जाएगा, उन्होंने सभी पात्र परिवारों से सर्वे में शामिल होने की अपील की।
वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से ही कार्यक्रम से जुड़े उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने प्रत्येक ग्राम पंचायत में जल स्तर बढ़ाने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) साझा की।
रायपुर जिले के कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अटल डिजिटल सुविधा केंद्र की शुरुआत करते हुए बताया कि ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ और डीबीटी के माध्यम से नकद आहरण की सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से 'अटल डिजिटल सुविधा केंद्र' की शुरुआत की जाएगी। इसका औपचारिक शुभारंभ 24 अप्रैल को राष्ट्रीय पंचायत राज दिवस पर होगा। इस अवसर पर आज श्री अग्रवाल की उपस्थिति में प्रत्येक जनपद पंचायत के 10 ग्राम पंचायतों के सरपंच और वीएलई के बीच MoU पर हस्ताक्षर किए गए। श्री अग्रवाल ने कहा कि अगले वित्तीय वर्ष तक इसे सभी गांवों में पहुंचा दिया जाएगा।
सांसद श्री अग्रवाल ने पेयजल की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जिले में तालाबों को भरने, एनीकट की स्थिति जांचने, और सूखे ट्यूबवेलों को दुरुस्त करने या पाइपलाइन बिछाने की योजना बनाई जानी चाहिए। उन्होंने अवैध ट्यूबवेलों को बंद करने और तालाबों के गहरीकरण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। श्री अग्रवाल ने सुझाव दिया कि लाइमस्टोन खदानों में भरे पानी को शुद्ध कर पीने योग्य बनाने की योजना भी बनाई जानी चाहिए।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत सम्मान
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया गया। धरसीवां के उमेद दांडेकर और गोपी साहू, तथा आरंग के खिलावन दास को सांसद श्री अग्रवाल ने प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। साथ ही अभनपुर निवासी हेमंत कुमार, आरंग निवासी अमितेश चंद्राकर, तिल्दा निवासी योगेश धीवर एवं योगेश्वरी वर्मा को भी प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
पर्यावरण संरक्षण की पहल
'एक पेड़ मां के नाम' कार्यक्रम के अंतर्गत सांसद बृजमोहन अग्रवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल और उपाध्यक्ष संदीप यदु को पौधे भेंट किए गए। कार्यक्रम में पेयजल संकट और जल संवर्धन पर भी व्यापक चर्चा हुई, जिसमें जल स्तर बनाए रखने और पेयजल संकट से बचने के उपायों पर बल दिया गया। कार्यक्रम में जल संरक्षण पर विशेष जोर देते हुए उपस्थित अतिथियों ने पानी बचाने और उसके विवेकपूर्ण उपयोग करने की शपथ ली।
कार्यक्रम के समापन पर जिला पंचायत सीईओ कुमार विश्वरंजन ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में विभिन्न गांव के सरपंच, वीएलई तथा विभिन्न समाज प्रमुख उपस्थित थे।
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