छत्तीसगढ़ / रायपुर
विधानसभा में पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने उठाए महत्वपूर्ण प्रश्न
रायपुर । विधानसभा के पंचम सत्र में पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने प्रदेश और अपने क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। उन्होंने विशेष रूप से शिक्षकों के प्रशिक्षण, पंडरिया विधानसभा में लंबित राजस्व प्रकरणों और कैम्पा मद के तहत हुए कार्यों पर सरकार से जवाब मांगा।
शिक्षकों के प्रशिक्षण पर सवाल
विधायक भावना बोहरा ने स्कूल शिक्षा और शिक्षकों से संबंधित प्रश्न करते हुए सरकार से पूछा कि वर्ष 2024 से शासकीय विद्यालयों में पदस्थ शिक्षकों के लिए कोई प्रशिक्षण, एक्सचेंज प्रोग्राम या पर्सनैलिटी डेवलपमेंट प्रोग्राम संचालित किया जा रहा है या नहीं? इस पर मुख्यमंत्री साय ने लिखित जवाब में बताया कि वर्ष 2024 से वर्तमान अवधि तक जिला कबीरधाम में 3,757 और जिला रायपुर में 17,599 शिक्षक इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों से लाभान्वित हुए हैं।
राजस्व मामलों के निपटारे पर चर्चा
पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में लंबित राजस्व मामलों पर विधायक बोहरा ने सरकार से जानकारी मांगी। उन्होंने पूछा कि नजूल, नक्शा, रकबा, दूरस्तीकरण, नामांतरण, प्रमाणीकरण से संबंधित कितने मामले लंबित हैं और उनका निपटारा कब तक होगा? इस पर राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने जवाब देते हुए बताया कि पंडरिया विधानसभा अंतर्गत कोई मामला लंबित नहीं है।
कैम्पा मद के तहत हुए कार्यों पर सवाल
कैम्पा मद के तहत हुए कार्यों पर सवाल उठाते हुए विधायक ने सरकार से पूछा कि अप्रैल 2024 से 30 जनवरी 2025 तक इस मद में कितनी राशि स्वीकृत की गई और कितना खर्च हुआ? वन मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि इस अवधि में कुल 27681.91 लाख रुपये के कार्य स्वीकृत किए गए। जिलेवार जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि कबीरधाम जिले में कवर्धा के लिए 1.47 करोड़ रुपये और पंडरिया के लिए 1.16 करोड़ रुपये के कार्य स्वीकृत किए गए हैं। हालांकि, 2024-25 वित्तीय वर्ष में राज्य को 909.62 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं, लेकिन अब तक कोई कार्य आबंटित नहीं हुआ है।
विधायक बोहरा का बयान
भावना बोहरा ने कहा, "हमारा दायित्व है कि जनता से जुड़े मुद्दों को विधानसभा में उठाएं। इससे न केवल प्रदेश में हो रहे कार्यों की जानकारी जनता तक पहुंचती है, बल्कि सरकार की जवाबदेही भी तय होती है। भाजपा सरकार का लक्ष्य पारदर्शिता के साथ विकास करना और हर व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में हम इसी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं।"
कांग्रेस विधायक दल की बैठक में चुनावी हार पर सामूहिक जिम्मेदारी की चर्चा
रायपुर। कांग्रेस विधायक दल की सोमवार को नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत के निवास पर हुई बैठक में राज्य में हुए चुनावों की समीक्षा की गई। इस बैठक में यह तय किया गया कि आम जनता से जुड़े मुद्दों को विधानसभा सत्र के दौरान आक्रामक तरीके से उठाया जाएगा।
बैठक में अलग-अलग विषयों पर चर्चा चल रही थी, इसी दौरान वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर ने एक बड़ा मुद्दा उठाया। बैठक में मौजूद सूत्रों के अनुसार, मोहम्मद अकबर ने कहा कि स्थानीय चुनावों में पार्टी के हर नेता ने अपने-अपने क्षेत्र में टिकट बांटे थे। उन्होंने बताया कि उनके समेत सभी नेताओं ने अपने क्षेत्र के प्रत्याशियों की सूची प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के समक्ष प्रस्तुत की थी और अध्यक्ष ने बिना किसी संशोधन के उन सभी नामों को स्वीकृति दी थी।
अकबर ने स्पष्ट किया कि चुनाव में सभी नेताओं ने अपने-अपने प्रत्याशी उतारे और यदि हार हुई तो यह सामूहिक पराजय है। इसलिए इसका ठीकरा अकेले प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज पर फोड़ना उचित नहीं होगा।
विधायकों की सहमति
इस मुद्दे पर जब पूर्व मंत्री अकबर ने अपनी बात रखी, तो कुछ देर के लिए विधायक दल में चुप्पी छा गई। बाद में कुछ विधायकों ने इस तर्क से सहमति जताई कि यदि कांग्रेस को राजधानी समेत पूरे प्रदेश में पराजय का सामना करना पड़ा है, तो इसके लिए अकेले प्रदेश अध्यक्ष को ज़िम्मेदार ठहराना सही नहीं होगा, बल्कि यह पूरी पार्टी की सामूहिक ज़िम्मेदारी बनती है।
बताया जा रहा है कि नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और वरिष्ठ नेता टीएस सिंहदेव सहित अधिकांश नेताओं ने भी मोहम्मद अकबर की इस राय का समर्थन किया। उन्होंने माना कि टिकट वितरण में सभी नेताओं की भागीदारी रही है, इसलिए हार की ज़िम्मेदारी भी सभी को लेनी चाहिए।
दीपक बैज पर उठ रहे सवाल
गौरतलब है कि प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के खिलाफ पिछले कुछ महीनों से असंतोष का माहौल बना हुआ था, जिसे नगरीय निकाय चुनावों के परिणामों ने और अधिक बढ़ा दिया है। पार्टी के अंदरूनी हलकों में बैज को ही हार के लिए ज़िम्मेदार ठहराने की बातें हो रही थीं। लेकिन इस बैठक के बाद यह स्पष्ट हुआ कि पार्टी के नेताओं ने सामूहिक रूप से निर्णय लिए थे, इसलिए पराजय की ज़िम्मेदारी भी सामूहिक रूप से ली जानी चाहिए।
इस बैठक से यह संकेत मिलता है कि कांग्रेस में आंतरिक एकता बनाए रखने और आगामी राजनीतिक रणनीति को मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
भटगांव में लो-वोल्टेज से लोग परेशान, विद्युत विभाग से समाधान की उम्मीद...
भटगांव । ग्रीष्मकाल के शुरुआती दौर में ही विद्युत आपूर्ति चरमरा गई है। लो-वोल्टेज की समस्या न केवल पेट्रोल पंपों को प्रभावित कर रही है, बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्र भी इससे बुरी तरह जूझ रहे हैं। पिछले पंद्रह दिनों से लगातार लो-वोल्टेज ने लोगों की दिनचर्या अस्त-व्यस्त कर दी है।
भटगांव विद्युत केंद्र से जुड़े ग्रामीण इलाकों में गर्मी से पहले ही बिजली की आपूर्ति कमजोर हो गई है। इससे आम नागरिकों के अलावा पेट्रोल पंप संचालकों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। ईश्वर चंद्रा पेट्रोल पंप के संचालक कृष्ण कुमार चंद्रा के अनुसार, सलौनीकला और चिकनीडीह सहित कई गांवों में बिजली का वोल्टेज बहुत कम हो गया है, जिससे बोरिंग मशीनें भी ठप हो गई हैं। गिरवानी स्थित उनके पेट्रोल पंप पर भी पर्याप्त वोल्टेज नहीं मिल रहा, जिससे ग्राहकों को सही तरीके से ईंधन उपलब्ध कराना मुश्किल हो गया है। मजबूरी में उन्हें डी.जी. सेट का अधिक उपयोग करना पड़ रहा है।
विद्युत विभाग को दी गई शिकायत
कृष्ण कुमार चंद्रा ने बताया कि उन्होंने लो-वोल्टेज की समस्या को लेकर विद्युत विभाग के जूनियर इंजीनियर (JE) और सहायक अभियंता (AE) को भी सूचित किया, लेकिन अब तक कोई सुधार नहीं हुआ है।
विद्युत विभाग का जवाब
मीडिया टीम ने इस समस्या को लेकर भटगांव विद्युत केंद्र के अधिकारियों से फोन पर संपर्क किया। उन्होंने बताया कि वोल्टेज समस्या स्थानीय नहीं है, बल्कि ऊपर के सिस्टम से वोल्टेज डाउन हो रहा है। साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि 132 केवी का नया कार्य बंदारी में शुरू हो गया है, जिससे जल्द ही लो-वोल्टेज की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि कब तक इस समस्या का समाधान हो पाता है और आमजन को निर्बाध विद्युत आपूर्ति मिल सकेगी।
अफसरों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर धरमलाल ने पूछा प्रश्न, सीएम साय ने दिया जवाब...
रायपुर । विधानसभा बजट सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को धरमलाल कौशिक ने राज्य सेवा के अफसरों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर प्रश्न किया। उन्होंने अभियोजन की स्वीकृति में देरी पर भी सवाल उठाया। इस पर सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि उनकी सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और किसी भी भ्रष्टाचारी को बख्शा नहीं जाएगा।
अपने जवाब में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि राज्य प्रशासनिक सेवा में कुल 255 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से 251 पद भरे हुए हैं, जबकि चार पद रिक्त हैं।
चार अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच जारी
सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, राज्य सेवा के चार अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच चल रही है। इनमें शामिल हैं:
आरती वासनिक (तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक, सीजी पीएससी) – 30 नवंबर 2024 को आरोप पत्र जारी।
सौम्या चौरसिया (निलंबित उप सचिव) – 12 दिसंबर 2024 को आरोप पत्र जारी।
प्रेम प्रकाश शर्मा (तत्कालीन महाप्रबंधक, पापुनि) – 19 सितंबर को निलंबित, 16 दिसंबर 2024 को आरोप पत्र जारी।
निर्भय कुमार (तत्कालीन एसडीओ, अभनपुर) – 6 फरवरी 2024 को आरोप पत्र जारी।
छह अधिकारियों के खिलाफ ईओडब्ल्यू-एसीबी में मामले दर्ज
सीएम ने जानकारी दी कि राज्य के छह अफसरों के खिलाफ आर्थिक अपराध अनुसंधान ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) में भ्रष्टाचार के मामले दर्ज हैं। इनमे सौम्या चौरसिया, भरोसा राम ठाकुर, टेकराम महेश्वरी, शिव बनर्जी, ज्योति बबली बैरागी और नारायण प्रसाद गबेल का नाम शामिल है।
सदन में प्रशासनिक सेवाओं में पारदर्शिता और भ्रष्टाचार निरोध पर चर्चा की गई। सरकार ने आश्वासन दिया कि सभी भ्रष्टाचार मामलों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
नेता प्रतिपक्ष को नहीं मिला प्रश्न का उत्तर, जताई आपत्ति, सभापति ने दी यह व्यवस्था...
रायपुर। विधानसभा बजट सत्र में मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान भारतमाला परियोजना में मुआवजा का मुद्दा उठा। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने इसको लेकर प्रश्न लगाया था, लेकिन आज जब प्रश्नकाल में उसका उत्तर नहीं आया तो नेता प्रतिपक्ष ने इस पर आपत्ति जताई। कहा कि इतने दिन पहले प्रश्न लगाने के बावजूद उत्तर नहीं आया है। इसका मतलब है कि कुछ छिपाया जा रहा है या विभाग बताना ही नहीं चाहता है।
इस पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने व्यवस्था दी कि अगली बार प्रश्नकाल में जब भी राजस्व विभाग के सवाल रखे जाएंगे तब यह प्रश्न पहले नंबर पर रहेगा। इसके साथ ही डॉ. रमन ने मंत्री से कहा कि वे प्रश्नकर्ता नेता प्रतिपक्ष को उत्तर जल्द से जल्द भेजवा दें ताकि वे पढ़ लें और सदन में प्रश्न कर सकें। इसके साथ ही यह प्रश्न अगले प्रश्नकाल के लिए स्थानांतरित कर दिया गया।
डॉ. महंत ने अपने प्रश्न में भारतमाला परियोजना हेतु जिला रायपुर, बिलासपुर एवं कोरबा में अर्जित निजी, शासकीय एवं वनभूमि के भू-स्वामी का नाम, खसरा नंबर, रकबा, सिंचित, असिंचित सहित तहसीलवार विवरण मांगा था। साथ ही उन्होंने मुआवजा की दर और तीनों प्रकार की भूमि में पेड़ों की कटाई को लेकर भी सवाल किया था। डॉ. महंत ने यह भी पूछा था कि कितने भू-स्वामियों और शासकीय भूमि का मुआवजा वितरण कर दिया गया है? कितना वितरण किया जाना शेष है? वितरण में विलम्ब का कारण क्या है ? क्या रायपुर जिले के ग्राम नायक बांधा में किसानों के 32 खाते को 247 छोटे-छोटे टुकड़ों में विभाजित कर मुआवजा का निर्धारण एवं वितरण किया गया है? कलेक्टर रायपुर द्वारा संस्थित जांच का निष्कर्ष तथा लोक सेवकों के विरूद्ध कार्यवाही का विवरण क्या है। कार्य एजेंसी का नाम, पता, अनुबंध की तिथि, लागत राशि तथा कार्य पूर्णता अवधि की भी जाकनारी उन्होंने मांगी थी।
अन्नदाताओं के खाते में हमने एक लाख करोड़ रुपए भेजे : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
रायपुर, 24 फरवरी 2025/प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज बिहार के भागलपुर से पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 19वीं किस्त जारी की। इसके तहत देश भर के 9.8 करोड़ किसानों के बैंक खातों में 22,000 करोड़ रुपये अंतरित किए गए। इनमें छत्तीसगढ़ के 25 लाख 95 हजार 832 किसान शामिल हैं। इन किसानों खाते में 599 करोड़ 38 लाख रुपए की सम्मान निधि भेजी गई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय भी पीएम किसान सम्मान निधि कार्यक्रम से जुड़े। उन्होंने राजधानी रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में किसान सम्मान निधि प्राप्त करने वाले किसानों को बधाई दी और उन्हें सम्मानित भी किया।
मुख्यमत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि अन्नदाताओं का सम्मान माँ अन्नपूर्णा के सम्मान की तरह है। चौदह महीनों के अंतराल में हमने किसान भाइयों के खाते में करीब एक लाख करोड़ रुपए भेजा है। अन्नदाताओं को अच्छा मूल्य मिलने से उनके जीवन खुशहाली आयी है। किसान आधुनिक खेती की ओर बढ़ रहे हैं। किसानों की समृद्धि से ही मजबूत ग्रामीण विकास का आधार तैयार हुआ है और शहरी अर्थव्यवस्था भी इससे बेहतर हुई है। अन्नदाताओं के श्रम से मिली शक्ति और उत्साह से ही हम छत्तीसगढ़ को संवार रहे हैं। विकसित छत्तीसगढ़-विकसित भारत बनाने में किसानों की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है।
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा देशभर के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारियों के दो दिवसीय सम्मेलन का आयोजन
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने विधायकों संग किया निर्माणाधीन नवीन विधानसभा भवन का निरीक्षण
रायपुर, 24 फरवरी 2025/ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने आज नवा रायपुर, अटल नगर में निर्माणाधीन नवीन विधानसभा भवन का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तार से जानकारी ली और दिशानिर्देश दिए।
शुभ संकल्पों की होती है समाज और राष्ट्र के उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका - मुख्यमंत्री श्री साय
सांसद बृजमोहन ने दिए सिपेट के उन्नयन और सीट बढ़ाने के निर्देश
लोकसभा सचिवालय की रसायन-उर्वरक संबंधी स्थाई समिति में शामिल हुए बृजमोहन
रायपुर । लोकसभा सचिवालय की रसायन और उर्वरक संबंधी स्थाई समिति की बैठक सोमवार को नई दिल्ली में आयोजित की गई। बैठक में वित्तीय अनुदान (2025-26) के तहत रसायन और उर्वरक मंत्रालय के विभिन्न विभागों से संबंधित विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
इस बैठक में रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने भागीदारी निभाई और मंत्रालय के अधिकारियों से विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया। उन्होंने उर्वरक, रसायन, पेट्रोकेमिकल और औषधि क्षेत्र में सरकार की नीतियों और योजनाओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए।
किसानों को समय पर एवं उचित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराया जाए: बृजमोहन
बृजमोहन अग्रवाल ने सरकार से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि छत्तीसगढ़ समेत देश के किसानों को समय पर और किफायती दरों पर उर्वरक मिल सके, जिससे उनकी उत्पादन लागत कम हो और कृषि क्षेत्र में मजबूती आए।
रसायन उद्योग एवं फार्मा सेक्टर में आत्मनिर्भरता
उन्होंने देश में रसायन उद्योग को सशक्त करने और फार्मा सेक्टर में आत्मनिर्भरता बढ़ाने पर बल दिया। इसके तहत छोटे और मध्यम उद्यमों (SMEs) को विशेष सुविधाएं दिए जाने की मांग की, जिससे वे भी इस क्षेत्र में अपनी भागीदारी बढ़ा सकें।
सरोरा इंडस्ट्रियल एरिया में प्लास्टिक पार्क
बैठक में रायपुर के सरोरा इंडस्ट्रियल एरिया में निर्माणाधीन प्लास्टिक पार्क की प्रगति पर चर्चा की गई। यह पार्क देश में प्लास्टिक और जैविक खाद उद्योग के विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्थापित किया जा रहा है।
नैनो डीएपी और नैनो यूरिया को बढ़ावा
अग्रवाल ने नैनो डीएपी और नैनो यूरिया को बढ़ावा देने की मांग की, जिससे किसानों को अधिक किफायती और प्रभावी उर्वरक उपलब्ध हो सके। बैठक में नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के अधिकतम उपयोग को बढ़ावा देने के लिए देशभर के कृषि विज्ञान केंद्रों और कृषि विश्वविद्यालयों के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाने पर बल दिया गया। इस पहल से किसानों को कम लागत में अधिक उपज प्राप्त होगी। उर्वरक की कम मात्रा में अधिक प्रभाव देखने को मिलेगा।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा 1.94 लाख करोड़ रुपये की सब्सिडी प्रदान की जा रही है, नैनो डीएपी और नैनो यूरिया के उपयोग से सरकार को 2 लाख करोड़ रुपये तक सब्सिडी व्यय में कमी आएगी, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
जैविक खाद और जैविक दवाइयों को प्रोत्साहन
बैठक में पर्यावरण अनुकूल कृषि को बढ़ावा देने के लिए जैविक खाद और जैविक दवाइयों के उपयोग पर विशेष जोर दिया गया। इससे किसानों को प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग से अधिक लाभ प्राप्त होगा।
छत्तीसगढ़ को मिली नई सौगातें
रायपुर स्थित सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ प्लास्टिक इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी (सिपेट) के अपग्रेडेशन और सीटों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए। इससे छत्तीसगढ़ के युवाओं को तकनीकी शिक्षा और रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
रायपुर के सारदा इंडस्ट्रियल एरिया में निर्माणाधीन निरवाना प्लास्टिक पार्क को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए, जिससे इस क्षेत्र में नए उद्योगों और निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
छत्तीसगढ़ में पेट्रोकेमिकल उद्योग के विकास हेतु व्यापक सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए गए, जिससे प्रदेश में नए निवेश और औद्योगिक अवसरों का मार्ग प्रशस्त होगा।
इस बैठक में सांसद बृजमोहन ने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ किसानों और उद्योगों तक सही समय पर पहुंचे, यह सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में उर्वरक, रसायन और औषधि उद्योग के विकास को तेज गति दी जाए।
मैक कॉलेज में धूमधाम से मना वार्षिकोत्सव 'स्पेक्ट्रम ऑफ लाइफ'
रायपुर । समता कॉलोनी स्थित महाराजा अग्रसेन इंटरनेशनल कॉलेज (मैक) में 22 फरवरी को वार्षिकोत्सव 'मैक कार्निवाल' का भव्य आयोजन किया गया। इस वर्ष का थीम 'स्पेक्ट्रम ऑफ लाइफ' थी, जिसमें जीवन के विभिन्न रंगों को मनमोहक प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शाया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल एवं विशिष्ट अतिथि रायपुर की नवनिर्वाचित महापौर मीनल चौबे थीं, जिनकी उपस्थिति ने आयोजन की भव्यता को और बढ़ा दिया। कॉलेज के चेयरमैन राजेश अग्रवाल, पूर्व चेयरमैन रमेश अग्रवाल, सचिव अनिल अग्रवाल सहित अन्य ट्रस्टीगण एवं अग्रवाल समाज के सदस्य भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।
रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम और सम्मान समारोह
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन, माँ सरस्वती वंदना एवं मैक म्यूजिक की शानदार प्रस्तुति के साथ हुई। इसके बाद चेयरमैन राजेश अग्रवाल के स्वागत भाषण से आयोजन का विधिवत शुभारंभ हुआ।
इस अवसर पर विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया।
छत्तीसगढ़ में विज्ञान और नवाचार की नई क्रांति: नवा रायपुर में बनेगी साइंस सिटी
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित
रायपुर। छत्तीसगढ़ अब शिक्षा, विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में राष्ट्रीय पहचान बनाने की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में साइंस सिटी की स्थापना की दिशा में निर्णायक कदम बढ़ाए जा रहे हैं। नवा रायपुर के सेक्टर-13 में 30 एकड़ भूमि पर बनने वाली इस साइंस सिटी को आधुनिकतम तकनीकों से युक्त किया जाएगा, जो छत्तीसगढ़ को विज्ञान और तकनीक का नया केंद्र बनाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के क्रियान्वयन को लेकर आज उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें मुख्यमंत्री साय के विजन के अनुरूप इस परियोजना को तेजी से और समयबद्ध रूप से पूरा करने की रणनीति पर चर्चा हुई।
बैठक में अपर मुख्य सचिव, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग श्रीमती रेणु जी पिल्ले, छत्तीसगढ़ रीजनल साइंस सेंटर के महानिदेशक डॉ. एस. कर्मकार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक और विशेषज्ञ मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री का विजन: छत्तीसगढ़ बनेगा विज्ञान और नवाचार का अग्रणी राज्य
बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री साय के विजन के अनुरूप छत्तीसगढ़ को केवल प्राकृतिक संसाधनों का राज्य नहीं, बल्कि वैज्ञानिक और तकनीकी नवाचारों के केंद्र के रूप में भी विकसित किया जाना है। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने बैठक में निर्देशित किया कि साइंस सिटी को "एडुटेनमेंट" (शिक्षा + मनोरंजन) की अवधारणा पर विकसित किया जाए, जिससे छात्रों, शोधकर्ताओं और आम नागरिकों को विज्ञान और प्रौद्योगिकी के प्रति रुचि विकसित करने का अवसर मिले।
बैठक में बताया गया कि साइंस सिटी में कई अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी, जो इसे देश के अग्रणी विज्ञान केंद्रों में शामिल करेंगी। इसमें अंतरिक्ष एवं खगोल विज्ञान केंद्र, स्मार्ट सिटी एवं ग्रीन टेक्नोलॉजी सेक्शन, जलवायु परिवर्तन केंद्र, रोबोटिक्स एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस लैब, एयरोस्पेस रिसर्च सेक्शन, वर्चुअल एक्सपेरिमेंट लैब, थ्रीडी थिएटर और इमर्सिव डिस्प्ले जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं शामिल होंगी। इन नवाचारों के माध्यम से छात्रों, शोधकर्ताओं और आम नागरिकों को विज्ञान और प्रौद्योगिकी के प्रति रुचि विकसित करने का अवसर मिलेगा।
विजय शर्मा ने कहा कि साइंस सिटी सिर्फ एक शैक्षिक संस्थान नहीं, बल्कि यह प्रदेश के युवाओं के लिए एक प्रेरणादायक केंद्र बनेगा। उन्होंने निर्देश दिया कि इसमें छात्रों के लिए एक्सपेरिमेंटल लर्निंग ज़ोन बनाए जाएं, जहां वे वैज्ञानिक अवधारणाओं को व्यावहारिक रूप से समझ सकें।
बैठक में चर्चा हुई कि साइंस सिटी छत्तीसगढ़ के आर्थिक और सामाजिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी। यह न केवल छत्तीसगढ़ में विज्ञान पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि यहां के युवाओं और वैज्ञानिकों को वैश्विक स्तर के अनुसंधान और नवाचार के अवसर उपलब्ध कराएगी।
साइंस सिटी का राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व
साइंस सिटी न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के लिए विज्ञान शिक्षा और नवाचार को नई दिशा देने वाली परियोजना होगी। बैठक में निर्णय लिया गया कि इस केंद्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के विज्ञान सम्मेलन और शोध कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा, जिससे यहां के विद्यार्थी और शोधकर्ता दुनिया के सर्वश्रेष्ठ वैज्ञानिकों के साथ काम करने का अवसर प्राप्त कर सकेंगे।
समयबद्ध क्रियान्वयन और तकनीकी नवाचारों पर विशेष जोर
बैठक के दौरान विजय शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस परियोजना को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए और इसे भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किया जाए। उन्होंने कहा कि साइंस सिटी को नवाचार और अनुसंधान का वैश्विक स्तर का केंद्र बनाने के लिए अत्याधुनिक तकनीकी सुविधाओं को शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की यह साइंस सिटी देश की प्रमुख विज्ञान परियोजनाओं में से एक होगी और यह प्रदेश के वैज्ञानिक और तकनीकी विकास में अभूतपूर्व योगदान देगी। बैठक में बताया गया कि साइंस सिटी के विभिन्न सेक्शनों को इस तरह डिज़ाइन किया जाए कि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की विज्ञान प्रदर्शनियों, नवाचार प्रतियोगिताओं और शोध परियोजनाओं की मेजबानी कर सकें। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को जल्द से जल्द मूर्त रूप देने के लिए राज्य सरकार, वैज्ञानिक समुदाय और शिक्षाविदों के सहयोग से एक कार्ययोजना तैयार की जाएगी, जिससे छत्तीसगढ़ विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में एक नई पहचान बना सके।
छत्तीसगढ़ का भविष्य विज्ञान और नवाचार में - मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ को केवल पारंपरिक संसाधनों और कृषि राज्य तक सीमित नहीं रखा जाएगा। अब हमें आगे बढ़कर विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में देश और दुनिया के अग्रणी राज्यों में शामिल होना है। साइंस सिटी इस दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए नए अवसर खोलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह परियोजना सिर्फ एक शैक्षिक केंद्र नहीं होगी, बल्कि यह प्रदेश के युवाओं और वैज्ञानिकों को वैश्विक मंच प्रदान करने का एक सशक्त प्रयास है। अब छत्तीसगढ़ सिर्फ धान का कटोरा नहीं, बल्कि विज्ञान और नवाचार की राजधानी बनने की ओर अग्रसर हो रहा है।
राज्यपाल ने विधानसभा के पंचम सत्र को संबोधित किया, पढ़ें उनका अभिभाषण...
रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने आज छत्तीसगढ़ की 6 वीं विधानसभा के पंचम सत्र को संबोधित किया और अभिभाषण पढ़ा। विधानसभा पहुंचने पर राज्यपाल डेका का मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष डॉ चरण दास महंत ने स्वागत किया।
अभिभाषण का मूल पाठ इस प्रकार है-:
छत्तीसगढ़ विधानसभा के वर्ष 2025 में आयोजित इस प्रथम सत्र में आप सभी का हार्दिक अभिनंदन है। आप सभी को इसके लिए बहुत सारी शुभकामनाएँ।
यह विधानसभा गणतंत्र का मंदिर है। यहाँ संविधान की पूजा होती है। मुझे खुशी है कि सदस्यगण अपनी पूरी क्षमता के साथ यहाँ अपने संवैधानिक दायित्वों को निभा रहे हैं। अपने क्षेत्र के प्रतिनिधि के रूप में आम जनता की आवाज इस फोरम में रख रहे हैं।
विकसित देशों की सूची में शामिल होने, भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। विकसित भारत के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ तैयार करने मेरी सरकार कड़ी मेहनत कर रही है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने मेरी सरकार ने जनप्रतिनिधियों, विशेषज्ञों तथा आम जनता का फीडबैक लेकर आर्थिक-सामाजिक-सांस्कृतिक विकास के लिए बारीकी से रणनीति तैयार की है और इस पर अमल कर रही है।
यह वर्ष छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना का रजत जयंती वर्ष है। यह हमारी विधानसभा का भी रजत जयंती वर्ष है। छत्तीसगढ़ में विकास की बुनियाद को मजबूत करने छत्तीसगढ़ विधानसभा का हिस्सा रहे सभी सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान है। सुखद संयोग यह है कि छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी का भी यह जन्मशताब्दी वर्ष है। मेरी सरकार इसे अटल निर्माण वर्ष के रूप में मना रही है। इन 25 सालों में छत्तीसगढ़ में विकास की जो भव्य इमारतें खड़ी हुई हैं, उनमें पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मार्गदर्शन और सोच नजर आती है।
अटल जी ने छत्तीसगढ़ का निर्माण किया। बीते 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ में मानव संसाधन तथा अधोसंरचना विकास के बड़े कार्य हुए। कुछ साल की बाधा और कमजोर प्रगति के बाद यह विकास प्रक्रिया पुनः तेज हुई। मेरी सरकार ने लंबित पड़ी परियोजनाओं को पुनः आरंभ कराया और सुस्त पड़ गई प्रदेश की अर्थव्यवस्था में पुनः संजीवनी देने का कार्य किया।
मेरी सरकार ने एक वर्ष पूरे कर लिये हैं। मेरी सरकार ने इस मौके को जनादेश परब के रूप में मनाया और जनता को अपने साल भर के काम का लेखा-जोखा दिया। मेरी सरकार विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प लेकर काम कर रही है। इसे पूरा करने हर साल किये गये प्रयासों का जनादेश परब के मौके पर लेखा-जोखा मेरी सरकार प्रस्तुत करेगी। लोकतंत्र की जड़ों की मजबूती जनता से निरंतर संवाद पर निर्भर करती है। जनता के प्रति अपनी जवाबदेही की इसी भावना को मूर्त रूप देने यह नई लोकतांत्रिक परंपरा आरंभ की गई है।
नगरीय निकायों में अब नई निर्वाचित सरकार चुनी गई है। अब प्रदेश को ट्रिपल इंजन की सरकार मिल गई है। केंद्र, राज्य तथा स्थानीय निकायों में बेहतर समन्वय होने से निश्चित ही बेहतर परिणाम देखने को मिलेंगे। स्वाभाविक रूप से इससे प्रदेश के विकास की गति में तीव्र वृद्धि होगी।
मेरी सरकार ने नगरीय निकायों में महापौर और अध्यक्ष के लिए प्रत्यक्ष निर्वाचन की परंपरा पुनः आरंभ की। इसके चलते जनता को महापौर के लिए अपने प्रतिनिधियों के प्रत्यक्ष निर्वाचन का पुनः अधिकार मिला। लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत करने की दिशा में यह कदम प्रभावी साबित हुआ है।
मेरी सरकार ने इस अवधि में पूरी संवेदनशीलता के साथ हर वर्ग के विकास के लिए हितकारी निर्णय लिये हैं। इन निर्णयों से किसान भाइयों के चेहरों पर खुशी और उत्साह नजर आता है। माताओं-बहनों में भरपूर उत्साह है। भ्रष्टाचार मुक्त प्रतियोगी परीक्षाएँ आयोजित होने और स्टार्टअप के प्रति बेहतर इकोसिस्टम निर्मित होने से युवावर्ग भरपूर ऊर्जा से भरा हुआ है। जनजातीय संग्राहकों को वनोपज के अच्छे दाम मिल रहे हैं। हमारे सुरक्षा बल के जवानों द्वारा तेजी से लिए गये एक्शन और एरिया डॉमिनेशन की वजह से आज नक्सलवाद बस्तर में आखिरी साँसें ले रहा है। सरकार की कार्यप्रणाली में डिजिटल गवर्नेंस को अपनाकर मेरी सरकार ने पारदर्शिता सुनिश्चित की है।
मेरी सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता किसानों का संतोष है। इस खरीफ वर्ष में विभिन्न योजनाओं के माध्यम से 52 हजार करोड रुपए से अधिक की राशि किसानों के खाते में अंतरित की गई। इसके साथ ही मेरी सरकार ने बीते 14 महीने में लगभग 1 लाख करोड़ रुपए की राशि विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत किसानों के खाते में अंतरित की है। मेरी सरकार ने किसानों से किये गये वायदे के अनुरूप 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से तथा 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी की। मेरी सरकार की प्रोत्साहक नीतियों के चलते इस साल धान खरीदी ने रिकॉर्ड आंकड़ा छू लिया। 25 लाख 49 हजार किसानों से 149 लाख 25 हजार मीट्रिक टन धान खरीदा गया। भूमिहीन कृषि श्रमिकों के लिए मेरी सरकार ने ‘दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना’ आरंभ की है। इस वर्ष 5 लाख 62 हजार भूमिहीन किसानों को 10-10 हजार रुपए की राशि दी गई है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से 24 लाख 31 हजार 993 किसान लाभान्वित हो रहे हैं। मुझे यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि मेरी सरकार की किसान हितैषी नीतियों के चलते राज्य में किसानों की संख्या बढी है। इसी के चलते प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की प्राथमिकता श्रेणी में राज्य के लाभान्वित होने वाले किसानों की संख्या अब बढ़कर 25 लाख 9 हजार 514 हो गई है। इस तरह से 77 हजार 500 से अधिक नये किसान योजना से लाभान्वित होने के दायरे में आए हैं।
मेरी सरकार खेती-किसानी को हाइटेक करने की दिशा में कार्य कर रही है। फसल का उचित दाम मिलने से किसान भाइयों को पर्याप्त बचत हो रही है। मेरी सरकार के प्रोत्साहन और अपनी बचत के चलते किसान भाई तेजी से कृषि यंत्रों की खरीदी कर रहे हैं। इस बार रिकॉर्ड संख्या में ट्रैक्टर की बिक्री हुई है।
मेरी सरकार क्लाइमेट चेंज से जुड़ी चुनौतियों को समझती है। इसके अनुरूप खेती-किसानी को सहेजने ऐसे बीज तैयार किये जा रहे हैं, जो मौसम की मार झेल सकें, अधिक उत्पादन कर सकें। जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए मेरी सरकार प्रतिबद्ध है। मेरी सरकार ने जैविक खेती मिशन अंतर्गत अब तक 22 हजार 180 हेक्टेयर रकबे का जैविक जीपीएस प्रमाणीकरण कर 39 हजार 950 किसानों को लाभान्वित किया है। मेरी सरकार फसल वैविध्यकरण को बढ़ावा देने के लिए भी कार्य कर रही है।
छत्तीसगढ़ शक्तिपूजा का केंद्र है। मेरी सरकार माताओं-बहनों के सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए महीने की पहली तारीख को ‘महतारी वंदन योजना’ की एक हजार रुपए की राशि 69 लाख 54 हजार माताओं-बहनों के खाते में दी जाती है। इन माताओं-बहनों के लिए एक हजार रुपए की राशि बहुत मायने रखती है। माताएं-बहनें इससे अपने लिए और बच्चों के लिए छोटी-छोटी खुशियां खरीदती हैं। उनके लिए अच्छी शिक्षा का इंतजाम करती हैं। इलाज के लिए दवा खरीदती हैं।
‘महतारी वंदन योजना’ की इस राशि का उपयोग वे बचत के लिए भी कर रही हैं। बड़े पैमाने में पोस्ट ऑफिस में माताओं-बहनों ने खाते खोले हैं। जब हम माताओं-बहनों को सशक्त करते हैं, तो पूरा परिवार सशक्त होता है। परिवार से समाज और समाज से राष्ट्र सशक्त होता है।
मेरी सरकार स्वसहायता समूहों को आगे बढ़ाने प्रतिबद्ध है। इन्हें आसान शर्तों पर ऋण उपलब्ध कराने छत्तीसगढ़ महिला कोष से अब तक 42 हजार 258 समूहों को 122 करोड़ रुपए से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। वर्ष 2024-25 में 220 समूहों को 2 करोड़ 69 लाख रुपए का ऋण वितरित किया गया है।
स्व-सहायता समूहों को आगे बढ़ाने से प्रदेश की अर्थव्यवस्था भी तेजी से सशक्त हो रही है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में एसआरएलएम अंतर्गत 68 हजार से अधिक स्व-सहायता समूहों को 1108 करोड़ रूपए का ऋण बैंकों के माध्यम से वितरित किया गया है। इसके साथ ही समुदाय आधारित संवहनीय कृषि से 11 लाख 62 हजार महिलाओं को जोड़ा गया है। स्व-सहायता समूहों को आगे बढ़ाने से ग्रामीण विकास सशक्त हो रहा है इसका सीधा लाभ अर्थव्यवस्था को मिल रहा है।
मेरी सरकार रेडी-टू-ईट फूड के निर्माण का काम पुनः स्व- सहायता समूहों को चरणबद्ध तरीके से सौंप रही है । इससे स्व-सहायता समूह से जुड़ी हजारों महिलाओं के जीवन में उम्मीद की रोशनी लौटी है।
छत्तीसगढ़ ऐसा प्रदेश है, जहाँ स्वामी विवेकानंद ने अपनी किशोरावस्था बिताई है। स्वामी जी के विचार हम सबके लिए प्रेरक हैं और हमारा मार्गदर्शन करते हैं। स्वामी विवेकानंद कहते थे कि मुझे 100 उत्साही युवा दे दो, मैं पूरे विश्व को बदल दूँगा। मेरी सरकार ने युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा दी है।
छत्तीसगढ़ में एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार हुआ है, जहाँ युवाओं की सृजनात्मक प्रतिभा को बढ़ावा मिल रहा है। मेरी सरकार ने को-वर्किंग सेंटर बनाये हैं, जहां स्टार्टअप करने वाले युवाओं को फर्निश्ड ऑफिस और सभी तरह की तकनीकी सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
मेरी सरकार रायपुर-भिलाई सहित आसपास के क्षेत्रों को स्टेट कैपिटल रीजन के रूप में विकसित कर यहां विश्वस्तरीय आईटी सेक्टर विकसित कर रही है। नवा रायपुर अटल नगर में लाइवलीहुड सेंटर आफ एक्सीलेंस एवं दुर्ग जिले में सेंटर आफ एंटरप्रेन्योरशिप स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है। साथ ही स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने के लिए इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित किये जा रहे हैं। बीपीओ और केपीओ कंपनियों को आकर्षित करने आईटी पार्क की स्थापना की जा रही है। नवा रायपुर में आईटी आधारित रोजगार सृजन के लिए प्लग एंड प्ले माडल का विकास किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में एआई के क्षेत्र में देश तेजी से प्रगति कर रहा है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ के युवाओं को एआई से जोड़ने में मेरी सरकार अग्रणी भूमिका निभा रही है। अटल नगर नवा रायपुर में 14 एकड़ में डाटा सेंटर बनाया जा रहा है। इससे बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार मिल सकेगा। इसके साथ ही मेरी सरकार अटल नगर नवा रायपुर में फार्मास्युटिकल हब भी बना रही है।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बीते एक दशक में छत्तीसगढ़ में तेजी से इंफ्रास्ट्रक्चर विकास हुआ है। रेलवे नेटवर्क का विस्तार हुआ है। प्रदेश में 26 परियोजनाओं के माध्यम से 2768 किलोमीटर नई रेल पटरियां बिछाई गई हैं। इन परियोजनाओं की लागत 38 हजार 378 करोड़ रुपए है। प्रदेश में 1 हजार 672 करोड़ रुपए की लागत से रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग स्टेशनों के पुनर्विकास के साथ 32 अमृत रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण भी किया जा रहा है। वर्ष 2025-26 के बजट में केन्द्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ के रेल विकास के लिए 6925 करोड़ रुपए का आवंटन भी किया गया है जिससे राज्य में रेल नेटवर्क के विस्तार और आधुनिकीकरण को बढ़ावा मिलेगा।
धनबाद और विशाखापट्नम जैसे शहरों को जोड़ने एक्सप्रेस-वे तैयार किये जा रहे हैं। सरगुजा, बस्तर और बिलासपुर में उड़ान योजना अंतर्गत विमान सेवाएं शुरू हो गई हैं। इस शानदार इंफ्रास्ट्रक्चर से आर्थिक विकास का रोडमैप तैयार हुआ।
मेरी सरकार राष्ट्रीय राजमार्गों का तेजी से विकास कर रही है। वर्ष 2024-25 में राज्य मद के तहत 899 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य पूर्ण किये गये। केंद्रीय सड़क निधि के तहत वर्ष 2024-25 में 1204 करोड़ रुपए के 17 कार्य स्वीकृत किये गये। एशियन डेवलपमेंट बैंक द्वारा 3370 करोड़ रुपए की 826 किलोमीटर सड़कें स्वीकृत की गई हैं। छत्तीसगढ़ रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कार्पाेरेशन लिमिटेड द्वारा राज्य में महत्वपूर्ण सड़कों और पुलों के लिए 5784 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। इनमें 451 कार्य पूर्ण कर लिये गए हैं तथा 57 कार्य प्रगति पर हैं।
छत्तीसगढ़ खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है। गेवरा और कुसमुंडा खदानों से 100 मिलियन टन कोयले का उत्पादन होता है जो भारत के कुल कोयला उत्पादन का 10 प्रतिशत है। कोयला और लौह अयस्क उत्पादक राज्यों में छत्तीसगढ़ द्वितीय स्थान पर है। देश की जरूरत के 20 प्रतिशत सीमेंट का उत्पादन छत्तीसगढ़ में होता है। डोलोमाइट उत्पादन में छत्तीसगढ़ देश में पहले स्थान पर है। छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है जहां लिथियम ब्लाक का ई-आक्शन के माध्यम से आवंटन हुआ।
मेरी सरकार ने छत्तीसगढ़ के खनिज संसाधनों के उचित दोहन के लिए तथा यहां औद्योगिक विकास की जरूरतों के अनुरूप नई औद्योगिक नीति लागू की है। नई नीति में एक हजार से अधिक स्थानीय लोगों को रोजगार देने वाले उद्यमों को हम विशेष अनुदान दे रहे हैं। वर्ष 2070 तक मोदी ने शुद्ध शून्य कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य रखा है। इससे ग्रीन उद्यमों के लिए छत्तीसगढ़ में अच्छी संभावनाएं हैं जिन्हें हम बढ़ावा दे रहे हैं।
नई औद्योगिक नीति में सेवानिवृत्त अग्निवीर, आत्मसमर्पित नक्सली और नक्सल हिंसा प्रभावित लोगों के लिए उद्यम हेतु विशेष अनुदान की व्यवस्था की गई है। मेरी सरकार देश के प्रमुख नगरों में निवेश सम्मेलन आयोजित कर रही है जिसके माध्यम से अब तक करीब एक लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं।
मेरी सरकार कारोबार को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयत्नशील है। कारोबारी अपने व्यवसाय के लिए अधिक समय दें इसके लिए हमने एक्ट में बदलाव किया है। श्रमिकों के हितों को संरक्षित करते हुए अब दुकानें 24 घंटे सातों दिन खुली रह सकेंगी। इससे न केवल व्यवसाय बढ़ेगा, बल्कि रोजगार के नये अवसर पैदा होंगे। उपभोक्ताओं को भी सुविधा होगी।
मेरी सरकार स्ट्रीट वेंडर्स के कल्याण के लिए लगातार कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि योजना के तहत 31 हजार 956 आवेदनों पर 55 करोड़ 61 लाख रुपए का ऋण व्यवसायों को बढ़ाने के लिए स्वीकृत किया गया है। पीएम विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत 18 व्यवसायों के 49 हजार से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है।
छत्तीसगढ़ की सुंदरता अब वैश्विक मानचित्र में आ गई है। संयुक्त राष्ट्र पर्यटन संगठन ने कांगेर घाटी के धुड़मारास गाँव को बेस्ट टूरिज्म विलेज के रूप में चुना है। मेरी सरकार ने देश का तीसरा सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व गुरु घासीदास तमोरपिंगला बनाया है। जशपुर में विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग मधेश्वर महादेव हैं।
छत्तीसगढ़ देश के सबसे सुंदर राज्यों में से है। यहाँ के सघन जंगल, जलप्रपात, स्टेलेग्माइट की गुफाएँ और सुंदर आदिवासी संस्कृति के चलते, यहाँ पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। भाग-दौड़ से भरी जिंदगी में सुकून से कुछ दिन गुजारने के लिए हर कोई बस्तर अथवा सरगुजा में होम-स्टे करना चाहेगा। नई औद्योगिक नीति में होम-स्टे को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रावधान मेरी सरकार ने किये हैं। टूरिज्म सेक्टर में बढ़ रही संभावनाओं के चलते, यहाँ युवाओं के लिए रोजगार के विपुल अवसर उपलब्ध होंगे। शासकीय विभागों में 9 हजार से अधिक रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया मेरी सरकार ने आरंभ की है।
नई पीढ़ी को रोजगार के नये अवसरों के लिए तैयार करने और अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने मेरी सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को प्रदेश में लागू किया है। मेरी सरकार 18 स्थानीय भाषाओं में बच्चों को शिक्षा दे रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत कक्षा पहली से कक्षा दसवी तक की हिन्दी माध्यम की पाठ्य पुस्तकों को क्यूआर कोड युक्त किताबों में परिवर्तित किया गया है। कक्षा पहली एवं दूसरी के लिए द्वि-भाषी पाठ्य पुस्तकें निकाली गई है। प्राथमिक एवं माध्यमिक स्तर के विद्यालयों के संचालन के लिए शैक्षणिक कैलेण्डर का निर्माण किया गया है। 5 से 6 वर्ष के बच्चों के लिए संचालित 9438 बालवाड़ियों में गतिविधि पुस्तिका, अभ्यास पुस्तिका के साथ दैनिक शिक्षण योजना तैयार की गई है। खेल-खेल में बच्चों को सिखाने में 30 हजार 522 विद्यालयों में टॉय किट का वितरण किया गया है।
प्रदेश में 341 पीएमश्री विद्यालय आरंभ किये गये हैं। पांचवी और आठवीं की बोर्ड परीक्षाएँ पुनः आरंभ की गई हैं। पेरेण्ट्स टीचर मीटिंग का एजेंडा मेरी सरकार ने व्यवस्थित किया है। आम नागरिकों को अपने जन्मदिन को न्योता भोज के रूप में बच्चों के साथ मनाने की परंपरा आरंभ करने से स्कूलों से सामुदायिक जुड़ाव बढ़ा है।
मेरी सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति से उच्च शिक्षा को भी जोड़ा है। इसके अंतर्गत स्नातक पाठ्यक्रम में कौशल विकास के साथ ही मूल्यपरक शिक्षा आदि विद्यार्थियों की रुचि और रोजगार की जरूरतों के अनुरूप 44 पाठ्यक्रमों को शामिल किया गया है। महापुरुषों की जीवनियों को भी पाठ्यक्रम में सम्मिलित किया गया है।
सभी नागरिकों को बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराने के संकल्प के साथ मेरी सरकार काम कर रही है। मेरी सरकार ने ‘आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जनआरोग्य योजना शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना’ के माध्यम से 77 लाख 20 हजार परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान की है।
मेरी सरकार 100 दिवसीय निक्षय निरामय अभियान चला रही है। इस अभियान के तहत राज्य के 11 हजार 664 ग्राम पंचायतों में 2198 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त ग्राम पंचायत घोषित किया जा चुका है।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पिछले एक दशक में चलाई जा रही केन्द्र की फ्लैगशिप योजनाओं से छत्तीसगढ़ में विकास का नया सूरज उगा है। उज्जवला योजना के माध्यम से 36 लाख 76 हजार 260 गैस कनेक्शन जारी किए गए हैं। लाखों महिलाओं को धुएं से मुक्ति मिली है। प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना के माध्यम से 01 लाख 90 हजार 210 महिलाओं के खाते में 70 करोड़ रूपए से अधिक की राशि अंतरित की गई है।
मेरी सरकार ने जरूरतमंद 68 लाख परिवारों को पाँच साल तक मुफ्त राशन देने का निर्णय लिया। जल-जीवन मिशन के माध्यम से मेरी सरकार ने 40 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों तक शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की है। मेरी सरकार ने कैबिनेट की पहली बैठक में ही 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों को स्वीकृति दी। इन आवासों का निर्माण तेजी से पूरा हो रहा है और हितग्राहियों को घरों की चाबी सौंपी जा रही है। राज्य में नये वित्तीय वर्ष में तीन लाख अतिरिक्त पीएम आवासों की स्वीकृति भी हो गई है। मेरी सरकार मार्च महीने तक इसके लिए सर्वे पूरा कर लेगी। मेरी सरकार ने तेंदूपत्ता संग्रहण दर 4 हजार रुपए से बढ़ाकर साढ़े पाँच हजार रुपए कर दिया है। इससे 52 लाख संग्राहकों को लाभ हो रहा है एवं उन्हें 855 करोड़ रुपए संग्रहण राशि का भुगतान किया गया है।
महात्मा गांधी कहते थे कि स्वच्छता में भगवान का वास है। मेरी सरकार स्वच्छ भारत मिशन अभियान ग्रामीण के द्वितीय चरण के तहत 3 लाख 88 हजार परिवारों के घरों में शौचालय का निर्माण पूरा कर चुकी है। अब तक ग्रामीण क्षेत्रों में 13 हजार 115 सामुदायिक शौचालयों का निर्माण किया जा चुका है। राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे 146 शौचालयों का निर्माण किया गया है। ओडीएफ प्लस मॉडल की श्रेणी में राज्य के 4 जिले दुर्ग, कबीरधाम, जांजगीर चांपा एवं मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी आ गये हैं। इस श्रेणी में अब तक 15 हजार 816 गांव तथा 43 विकासखंड आ चुके हैं।
मेरी सरकार के लिए दिव्यांगजनों की सुविधाएं सर्वाेच्च प्राथमिकता में हैं। सुगम्य भारत अभियान के तहत रायपुर के 42 भवनों को बाधारहित किया गया है। दिव्यांग व्यक्तियों को आश्रय प्रदान करने 11 घरौंदा केंद्रों का संचालन किया जा रहा है। दिव्यांगजनों, वरिष्ठ नागरिकों, थर्ड जेंडर के लिए हेल्प लाइन एवं टोल फ्री नंबर संचालित किये जा रहे हैं। सामाजिक सहायता कार्यक्रम के तहत 22 लाख हितग्राही लाभान्वित हो रहे हैं। नशा मुक्ति के लिए और नशे के दुष्परिणामों के प्रति लोगों को जागरूक करने 22 जिलों में 24 नशामुक्ति केंद्र संचालित किये जा रहे हैं। नशा मुक्ति केन्द्रों के माध्यम से वर्ष 2023-24 में 2880 नशा पीड़ित व्यक्ति लाभान्वित हुए। वरिष्ठ नागरिकों के लिए 26 जिलों में 35 वृद्धाश्रमों का संचालन किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में श्रमिकों की अहम भूमिका रही है। मेरी सरकार श्रमिकों के सरोकारों से जुड़ी हुई है। वर्ष 2024 में श्रम विभाग के अंतर्गत गठित छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल, छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल तथा छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल की योजनाओं के तहत 18 लाख से अधिक श्रमिकों को लाभान्वित किया गया। वर्ष 2024 में 75 हजार से अधिक महिला श्रमिकों को मिनीमाता महतारी जतन योजना के तहत लाभान्वित किया गया। साथ ही 50 हजार से अधिक निर्माण श्रमिकों की बेटियों को मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के तहत लाभान्वित किया गया है।
भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण के माध्यम से ग्रामीणों को संपत्ति का अधिकार प्रदान करने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी पीएम स्वामित्व योजना लेकर आये हैं। प्रदेश के सभी आबादी गांवों में इसके अंतर्गत ड्रोन सर्वेक्षण पूरा कर लिया गया है एवं 1384 गांवों में 1 लाख 84 हजार सर्टिफिकेट वितरित किये जा चुके हैं।
सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के मेरी सरकार के प्रयासों से आजादी के 78 साल बाद पहली बार सुकमा जिले के सिलगेर, टेकलगुड़ा व पूवर्ती जैसे अत्यंत नक्सल प्रभावित रहे गांवों में सोलर एनर्जी के माध्यम से बिजली पहुंची है और पहली बार यहां डीटीएच का प्रसारण हुआ है। नारायणपुर जिले के ओरछा विकासखंड में नक्सल हिंसा से प्रभावित रहे अनेक गांव में सोलर हाई मास्ट के माध्यम से बिजली पहुंची है। देश का पहला सबसे बड़ा बैटरी एनर्जी स्टोरेज आधारित 100 मेगावाट का सौर ऊर्जा प्लांट राजनांदगांव जिले में स्थापित हुआ है।
मेरी सरकार ने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना अंतर्गत वर्ष 2026-27 तक एक लाख 30 हजार घरेलू उपभोक्ताओं की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। अब तक 1050 रूफ टाप सोलर प्लांट स्थापित किये जा चुके हैं तथा 3800 रुफ टाप प्लांट्स की स्थापना प्रक्रियाधीन है। प्रदेश में औद्योगिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों द्वारा ओपन एक्सेस के माध्यम से 850 मेगावाट के सौर संयंत्र स्थापित किये गये हैं।
मेरी सरकार प्रदेश के वन आवरण में वृद्धि के लिए भी लगातार कार्य कर रही है। भारतीय वन सर्वेक्षण की रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ में 684 वर्ग किलोमीटर संयुक्त वन एवं वृक्ष आवरण की वृद्धि हुई है जो देश में सबसे ज्यादा रही है। प्रदेश में हरियाली वृद्धि के लिए एक पेड़ माँ के नाम अभियान अंतर्गत 3 करोड़ 50 लाख 73 हजार पौधों का रोपण एवं वितरण किया गया है।
साइबर क्राइम इस समय की सबसे गंभीर समस्याओं में से है। मेरी सरकार इससे निपटने के लिए पुख्ता कार्य कर रही है। साइबर सुरक्षा नीति का प्रारूप तैयार कर लिया गया है। इसका उद्देश्य राज्य के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को संरक्षित और साइबर खतरों को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करना है। राज्य स्तर पर साइबर भवन का निर्माण किया गया है।
मेरी सरकार ने प्रदेश में नक्सलवाद को जड़ से समाप्त करने की दिशा में प्रभावी कार्य किया है। केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में देश को 31 मार्च 2026 तक नक्सल हिंसा से मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रभावी रणनीति बनाई गई है। इसके अनुरूप लगातार कार्रवाई की जा रही है। नक्सलवाद छत्तीसगढ़ में अब अंतिम साँसें ले रहा है। मेरी सरकार की कुशल रणनीति, जवानों के हौसले और आम जनता के संकल्प के बूते एरिया डॉमिनेशन की सतत कार्रवाई की जा रही है। चौदह महीने की अवधि में 300 से अधिक नक्सली मार गिराये गये। 972 नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं और 1183 नक्सली गिरफ्तार किये गये हैं। आत्मसमर्पित नक्सलियों तथा नक्सल पीड़ित परिवारों के लिए पुनर्वास नीति के तहत 15 हजार प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किये गये हैं।
नक्सल हिंसा प्रभावित 26 गांवों में पहली बार ध्वजारोहण तथा यहां त्रिस्तरीय पंचायतों के निर्वाचन में सुकमा जिले के पेंटाचिमली, केरलापेंदा, दुलेड, सुन्नम गुडा और पुवर्ती जैसे गांवों में पहली बार मतदान हुआ। सुकमा जिले के चिंतागुफा स्वास्थ्य केन्द्र में इलाज की इतनी बढ़िया सुविधा मिल रही है कि इसे केन्द्र सरकार से राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाणपत्र मिला है, वहीं 19 साल बाद दन्तेवाड़ा जिले के पोटाली गांव में पुनः स्वास्थ्य केन्द्र आरंभ किया गया है।
सुरक्षा के इस नये वातावरण में बस्तर में तेजी से विकास का उजाला फैल रहा है। बस्तर में नक्सलवाद प्रभावित इलाकों में नियद नेल्ला नार योजना आरंभ की गई। इसके माध्यम से सुरक्षा कैंपों के निकटवर्ती पांच किमी के दायरे में आने वाले गांवों में 17 विभागों की 52 हितग्राहीमूलक योजना एवं 31 सामुदायिक सुविधाओं का लाभ लोगों को दिया जा रहा है। पीएम जनमन योजना के तहत राज्य के 18 जिलों के 2121 ग्रामों की 2 हजार 160 बसाहटों में 59 हजार 758 विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के परिवारों को लाभान्वित किया गया है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत देश में 4781 किलोमीटर लंबाई की सड़कें स्वीकृत की गई हैं जिनमें 2 हजार 449 किलोमीटर की सड़कें अकेले छत्तीसगढ़ में ही हैं। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान अंतर्गत राज्य के 32 जिलों के 6 हजार 691 अनुसूचित जनजाति बाहुल्य ग्रामों को लाभान्वित किया जा रहा है।
बस्तर शांति की ओर लौटने का उत्सव मना रहा है। मेरी सरकार ने लोगों में उत्साह भरने और खेल प्रतिभाओं को निखारने बस्तर ओलंपिक का आयोजन किया। इन खेलों में 1 लाख 65 हजार लोगों ने हिस्सा लिया। इसमें बड़ी संख्या में माओवादी आतंकवाद से प्रभावित परिवारों के लोग, आत्मसमर्पित माओवादी और माओवादी हिंसा में दिव्यांग हो चुके लोग भी शामिल रहे।
मेरी सरकार यह मानती है कि खेलों के माध्यम से आम जनता में उत्साह का संचार होता है। इसके लिए हम खेल अधोसंरचना को लगातार बढ़ावा दे रहे हैं। प्रदेश में 07 जिलों में खेलो इंडिया के नये सेंटर आरंभ किए गए हैं। मेरी सरकार ने पूर्व वर्षों के लंबित खेल अलंकरण सम्मान भी खिलाड़ियों को प्रदान किए हैं। बस्तर ओलंपिक खेलों के सफल आयोजन के पश्चात मेरी सरकार अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन का आयोजन नारायणपुर जिले में करने जा रही है।
मेरी सरकार पारदर्शिता की राह पर चलती है। डिजिटल गवर्नेंस को सभी विभागीय कार्यों में अपनाया गया है। फाइलों के मूवमेंट के लिए ई-ऑफिस प्रणाली अपनाई गई है। इससे लालफीताशाही से मुक्ति मिलेगी। अटल मानिटरिंग पोर्टल के माध्यम से फ्लैगशिप योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति पर सतत नजर रखी जा रही है।
छत्तीसगढ देश का तेजी से उभरता हुआ राज्य है। मेरी सरकार प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों में ले जाने का कार्य कर रही है। सरकार की आर्थिक नीतियों से राज्य का सकल घरेलू उत्पाद तेजी से बढ़ रहा है।
मेरी सरकार का वित्तीय प्रबंधन अच्छा है। भारत सरकार राज्यों को बेहतर काम के लिए इंसेटिव देती है। इससे छत्तीसगढ़ को 4 हजार 400 करोड़ रूपए मिले हैं, जिसे मेरी सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर पर व्यय करेगी।
छत्तीसगढ़ की भूमि रामलला का ननिहाल भी है और कर्मक्षेत्र भी है। प्रभु श्रीराम से उनके भक्तों के मिलन का माध्यम बनने का सौभाग्य मेरी सरकार को भी प्राप्त हो रहा है। मेरी सरकार ने ‘श्रीरामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना’ के माध्यम से अब तक 20 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम एवं काशी विश्वनाथ की तीर्थ यात्रा कराई है।
प्रयागराज में 144 वर्षों बाद महाकुंभ का आयोजन हो रहा है। यहां छत्तीसगढ़ के तीर्थयात्रियों को पर्याप्त सुविधा मिल सके, इसके लिए मेरी सरकार ने साढ़े चार एकड़ में छत्तीसगढ़ पैवेलियन तैयार किया और यहां श्रद्धालुओं के रूकने और खान-पान की अच्छी सुविधा प्रदान की। मेरी सरकार ने राजिम कुंभ कल्प का वैभव पुनः लौटाया है।
अभी राजिम कुंभ कल्प का सुंदर आयोजन भी त्रिवेणी स्थल पर हो रहा है। यहां संत-समागम के माध्यम से भक्ति भाव की धारा प्रवाहित हो रही है।
हमारे प्रदेश की जनजातीय संस्कृति विलक्षण है। मेरी सरकार इसे सहेजने के लिए पुरखौती मुक्तांगन में जनजातीय संस्कृति पर केंद्रित छत्तीसगढ़ राजकीय मानव संग्रहालय, बाबा गुरु घासीदास पर केंद्रित संग्रहालय एवं शोध पीठ, भारत भवन, कबीर शोध संस्थान, टॉय म्यूजियम एवं राज्य अभिलेखागार बना रही है।
विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को पूरा करने हम सबको कड़ी मेहनत करना है। आप सभी के प्रयासों से निश्चित ही यह लक्ष्य पूरा होगा।
विधानसभा अध्यक्ष ने ली कार्य मंत्रणा समिति की बैठक
रायपुर । छत्तीसगढ़ विधानसभा की कार्य मंत्रणा समिति की बैठक सोमवार को विधानसभा के समिति कक्ष में आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने की।
बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप, वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित थे।
शिवरात्रि में उज्जैन के महाकाल के रूप में होगा सोमेश्वर महादेव का विशेष श्रृंगार
नवनिर्वाचित पार्षद होंगे सम्मानित
रायपुर । महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर प्रति वर्षानुसार इस वर्ष भी 26 फरवरी को सोमेश्वर महादेव का विशेष श्रृंगार होगा जिसमें उज्जैन के महाकाल के रूप में भक्तों को दर्शन देंगे।
शिवरात्रि की तैयारी को लेकर एक बैठक रविवार को सरजू बांधा मुक्तिधाम विकास समिति टिकरापारा रायपुर की सम्पन्न हुई। बैठक में पदाधिकारियों को दायित्व सौंपा गया है। प्रातः 8 बजे रुद्राभिषेक, भस्म आरती एवं पूजा पंडित लक्ष्मी नारायण शर्मा के सानिध्य में होगा तथा शाम 7:00 बजे महाआरती होगी तत्पश्चात भंडारा होगा।
बैठक में सरजू बांधा तालाब के सौंदर्यकरण कार्य की समीक्षा की गई और धीमी गति से चल रहे कार्य पर सभी ने चिंता जताई। नगर निगम कमिश्नर से मिलकर उक्त संबंध में चर्चा करने का निर्णय लिया गया। समिति परिवार टिकरापारा वार्ड के नवनिर्वाचित पार्षद प्रमोद साहू और संजय नगर वार्ड पार्षद बद्री प्रसाद गुप्ता का उक्त अवसर पर सम्मान भी करेगा। बैठक में माधव लाल यादव, गोवर्धन झंवर, रतन वैद्य , राजू यादव, संजय चंद्राकर, राजेश कुमार ठाकुर, योगेश चौहान आदि मौजूद रहे।
छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र आज से
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र आज से शुरू होगा। इस दौरान बजट सत्र में कुल 17 बैठकें होगी। पहले दिन पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह को दी श्रद्धांजलि जाएगी। सत्र में पहले दिन राज्यपाल रमेन डेका का अभिभाषण होगा।
वित्तीय वर्ष 2024-25 के तृतीय अनुपूरक का उपस्थापन होगा। 25 फरवरी को तृतीय अनुपूरक अनुमान की मांगों पर चर्चा होगी। 3 मार्च को छत्तीसगढ़ का बजट पेश वित्त मंत्री ओपी चौधरी करेंगे।
विधानसभा के बजट सत्र में विधायकों ने कुल 2367 प्रश्न लगाये हैं। 21 मार्च को विधानसभा के बजट सत्र का समापन होगा।
ठगी का शिकार होते नंबर 1930 पर करें कॉल
रायपुर । अगर साइबर ठगों ने किसी भी तरीके से आपके बैंक खाते से रुपये अपने खाते में ट्रांसफर कर लिए हैं, इसके बाद आपको ठगे जाने का एहसास हो रहा है, तो घबराएं नहीं। साइबर हेल्पलाइन 1930 को फोन करें और इसकी शिकायत दर्ज कराएं। यहां दो मिनट में ही आपको मदद मिलेगी। जिस खाते में आपका पैसा गया है, उसे फ्रीज कर दिया जाएगा, जिससे आपका पैसा बच जाएगा।
इसे फिर अदालती कार्रवाई के माध्यम से आप वापस ले सकेंगे। जैसे ही ऑनलाइन ठगी की वारदात हुई, तुरंत 1930 पर कॉल करें। इससे ठगी करने वाले का खाता फ्रीज कर आपका पैसा होल्ड पर डाल दिया जाएगा। कॉल करते ही संबंधित थाना पुलिस के पास शिकायत पहुंचेगी।
यहां से पुलिस, पीड़ित से संपर्क करेगी। पीड़ित को थाने आकर एफआईआर दर्ज करानी होगी। इसके बाद पुलिस जांच करेगी। खाता फ्रीज कर होल्ड की गई राशि को वापस लेने के लिए पीड़ित को कोर्ट में एक प्रार्थना पत्र पेश करना होगा। कोर्ट, थाने से उक्त मामले की रिपोर्ट लेगा। फिर बैंक को आदेश कर होल्ड की गई राशि पीड़ित को लौटाने के लिए कहा जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में करीब एक सप्ताह का समय लगेगा।