छत्तीसगढ़ / रायपुर
बलौदा बाजार स्पंज आयरन फैक्ट्री हादसे पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जताया गहरा शोक
रायपुर ,22 जनवरी 2026
बलौदा बाजार जिले के बकुलाही स्थित स्पंज आयरन फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट की घटना को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अत्यंत दुखद एवं हृदयविदारक बताया है। इस दर्दनाक हादसे में 6 श्रमिकों की असमय मृत्यु हो गई, जबकि 5 श्रमिक गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें बेहतर एवं उच्च स्तरीय उपचार के लिए बिलासपुर रेफर किया गया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले श्रमिकों के परिजनों के प्रति गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस कठिन समय में पीड़ित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता और मजबूती से खड़ी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शोकाकुल परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि घायलों के उपचार में किसी भी प्रकार की कमी न हो तथा उन्हें सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही, हादसे के कारणों की तथ्यपरक जांच सुनिश्चित करने के भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रमिकों की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मेडिसिटी विकास की दिशा में बड़ी उपलब्धि: चार माह में जमीन लीज और रजिस्ट्री पूरी, ₹680 करोड़ की लागत से बनेगा 300 बिस्तरों का बॉम्बे हॉस्पिटल
स्वास्थ्य सेवाओं के साथ युवाओं को मिलेगा रोजगार: नवा रायपुर बनेगा सेंट्रल इंडिया का हेल्थकेयर हब - मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
रायपुर, 22 जनवरी 2026 नवा रायपुर को देश के प्रमुख हेल्थकेयर हब के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में देश के प्रतिष्ठित बॉम्बे हॉस्पिटल एंड मेडिकल रिसर्च सेंटर और नवा रायपुर विकास प्राधिकरण के मध्य 15 एकड़ भूमि के लीज एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता नवा रायपुर में प्रस्तावित मेडिसिटी के विकास को नई गति देगा।
यह परियोजना न केवल राज्य के हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करेगी, बल्कि निवेश के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की तेज़ और भरोसेमंद प्रशासनिक कार्यप्रणाली का भी उदाहरण बनेगी। राज्य सरकार द्वारा 24 सितंबर 2025 को निवेश आमंत्रण जारी किए जाने के बाद मात्र चार माह के भीतर भूमि चिन्हांकन, आवश्यक स्वीकृतियां और रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कर ली गई, जो अपने आप में एक नया बेंचमार्क है।
नवा रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा आबंटित 15 एकड़ भूमि पर बॉम्बे हॉस्पिटल ट्रस्ट द्वारा लगभग ₹680 करोड़ की लागत से 300 बिस्तरों का अत्याधुनिक मल्टी सुपर-स्पेशलिटी हॉस्पिटल स्थापित किया जाएगा। यह अस्पताल ट्रस्ट का देश में चौथा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल होगा। इससे पूर्व मुंबई, इंदौर और जयपुर में ट्रस्ट के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं।
बॉम्बे हॉस्पिटल के माध्यम से कार्डियक साइंसेज, कैंसर उपचार, न्यूरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, क्रिटिकल केयर, ऑर्गन ट्रांसप्लांट सहित कई उन्नत चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध होंगी। इसके प्रारंभ होने से छत्तीसगढ़ और आसपास के राज्यों के मरीजों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मुंबई या दिल्ली जैसे महानगरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा।
इस परियोजना से 500 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है, जिनमें डॉक्टर, सर्जन, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ और मेडिकल टेक्नीशियन शामिल होंगे। इसके साथ ही हेल्थकेयर सप्लाई चेन, सेवाओं और सहयोगी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर अप्रत्यक्ष रोजगार भी उत्पन्न होंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को उल्लेखनीय प्रोत्साहन मिलेगा।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि बॉम्बे हॉस्पिटल की स्थापना से नवा रायपुर में मेडिसिटी का सपना साकार होने की दिशा में निर्णायक कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के नागरिकों को अपने ही राज्य में विश्वस्तरीय सुपर स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी और युवाओं को गुणवत्तापूर्ण रोजगार के अवसर मिलेंगे।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार स्वास्थ्य के क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के निरंतर विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। बॉम्बे हॉस्पिटल जैसे प्रतिष्ठित संस्थान का नवा रायपुर में निवेश करना राज्य की नीतिगत स्थिरता, तेज़ निर्णय क्षमता और निवेशक-अनुकूल वातावरण पर विश्वास का प्रमाण है।
यह परियोजना छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास नीति 2024–30 के अंतर्गत स्वास्थ्य जैसे रणनीतिक क्षेत्रों को दिए जा रहे विशेष प्रोत्साहनों और समयबद्ध क्रियान्वयन का प्रत्यक्ष परिणाम है। इससे नवा रायपुर को सेंट्रल इंडिया के प्रमुख हेल्थकेयर डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने में सहायता मिलेगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, नवा रायपुर विकास प्राधिकरण के सीईओ श्री चंदन कुमार, बॉम्बे हॉस्पिटल ट्रस्ट के ट्रस्टी एवं चेयरमैन श्री भरत तापड़िया, सचिव श्री श्याम जी सहित ट्रस्ट एवं शासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
ट्रिपल आईटी में 17 - 18 मार्च को 21वां छत्तीसगढ़ युवा वैज्ञानिक सम्मेलन
प्रत्येक विषय-धारा में चयनित युवा वैज्ञानिक को 21 हजार रूपए का नकद पुरस्कार
पंजीयन एवं शोध पत्र प्रस्तुति 15 फरवरी तक
रायपुर, 22 जनवरी 2026
छत्तीसगढ़ के युवा वैज्ञानिकों एवं शोधकर्ताओं को शोध, नवाचार और अकादमिक पहचान का सशक्त मंच प्रदान करने के उद्देश्य से 21वां छत्तीसगढ़ युवा वैज्ञानिक सम्मेलन (सीवायएससी - 2026) का आयोजन 17 एवं 18 मार्च 2026 को अंतरराष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, नया रायपुर में किया जाएगा। इस सम्मेलन का आयोजन छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद तथा ट्रिपल आईटी नया रायपुर द्वारा किया जा रहा है।
सीवायएससी - 2026, छत्तीसगढ़ के उभरते हुए युवा वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के लिए एक सुनहरा अवसर है, जिसके माध्यम से उन्हें आर्थिक प्रोत्साहन के साथ राष्ट्रीय स्तर पर शोध अनुभव तथा वैज्ञानिक समुदाय में पहचान प्राप्त होगी। यह सम्मेलन राज्य की विकास आवश्यकताओं से जुड़े मौलिक, नवोन्मेषी एवं गुणवत्तापूर्ण शोध को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
सम्मेलन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक डॉ. कवीश्वर प्रशांत ने कहा कि छत्तीसगढ़ युवा वैज्ञानिक सम्मेलन राज्य की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य प्रतिभाशाली युवा वैज्ञानिकों की पहचान कर उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है। सीवायएससी-2026 के माध्यम से राज्य में हो रहे मौलिक एवं नवाचारी शोध को राष्ट्रीय स्तर पर मंच प्रदान किया जाएगा।
ट्रिपल आईटी नया रायपुर के कुलपति एवं निदेशक प्रो. ओम प्रकाश व्यास ने कहा कि संस्थान में 21वें छत्तीसगढ़ युवा वैज्ञानिक सम्मेलन का आयोजन शोध-केंद्रित दृष्टिकोण और युवा वैज्ञानिकों के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह सम्मेलन युवा शोधकर्ताओं को विशेषज्ञों से संवाद, मार्गदर्शन और अनुसंधान क्षमता के विकास का प्रभावी मंच प्रदान करेगा।
सीवायएससी - 2026 के प्रत्येक विषय-धारा में चयनित युवा वैज्ञानिक को 21 हजार रूपए की नकद पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही पुरस्कार विजेताओं को भारत की किसी राष्ट्रीय प्रयोगशाला, प्रतिष्ठित शोध संस्थान अथवा मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय में दो माह तक उन्नत शोध कार्य करने का अवसर भी मिलेगा। सम्मेलन में कृषि विज्ञान, कृषि अभियांत्रिकी, जीव विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी, जैव रसायन, जैव सूचना विज्ञान एवं जैव चिकित्सा विज्ञान, रासायनिक विज्ञान, पृथ्वी एवं वायुमंडलीय विज्ञान, रासायनिक अभियांत्रिकी, कंप्यूटर विज्ञान, इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी, उपकरण विज्ञान, सिविल एवं वास्तुकला अभियांत्रिकी, विद्युत, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं दूरसंचार अभियांत्रिकी, यांत्रिकी, मेकाट्रॉनिक्स एवं उत्पादन अभियांत्रिकी, पर्यावरण विज्ञान, पर्यावरण अभियांत्रिकी एवं वानिकी, गृह विज्ञान एवं व्यवहार विज्ञान, जीवन विज्ञान, गणितीय एवं सांख्यिकीय विज्ञान, वैदिक गणित, चिकित्सा एवं औषधि विज्ञान, भौतिकी, पशु चिकित्सा विज्ञान, पशुपालन एवं दुग्ध प्रौद्योगिकी, खनन, धातुकर्म एवं अनुप्रयुक्त भूविज्ञान, छत्तीसगढ़ की स्वदेशी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सहित कुल 20 विषय धाराओं को शामिल किया गया है।
सम्मेलन हेतु पंजीकरण एवं एकल लेखक शोध पत्र प्रस्तुति की अंतिम तिथि 15 फरवरी 2026 निर्धारित की गई है। प्रस्तुत शोध पत्र मौलिक होना चाहिए, छत्तीसगढ़ में किया गया होना चाहिए तथा पूर्व में प्रकाशित नहीं होना चाहिए। सभी शोध पत्रों की प्लेज़रिज़्म जांच अनिवार्य रूप से की जाएगी। सम्मेलन से संबंधित अधिक जानकारी एवं ऑनलाइन पंजीकरण के लिए वेबसाइटcgysc2026.iiitnr.ac.inपर विज़िट किया जा सकता है।
धमतरी की दो सड़कों के कार्य हेतु 16.04 करोड़ रुपये स्वीकृत
रायपुर, 22 जनवरी 2026
छत्तीसगढ़ शासन लोक निर्माण विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ के रजत जयंती महोत्सव के विशेष अवसर पर राज्य के विभिन्न जिलो में महत्वपूर्ण सड़क निर्माण के कार्यों को कराने के लिए स्वीकृति जारी की गई है।
इसी कड़ी में रजत जयंती के विशेष मौके पर क्षेत्रीय लोगों के आवागमन सुगम कराने धमतरी जिले के दो सड़को के कार्य कराने के लिए 16 करोड़ 04 लाख 15 हजार रुपये की राशि स्वीकृत किये गये हैं। स्वीकृत कार्यों में धमतरी जिले के मेघा से खैरझिटी मार्ग लंबाई 3.50 किलोमीटर ग्रामीण सड़के चौड़ीकरण एवं मजबूती करण कार्य के लिए 10 करोड़ 39 लाख 64 हजार रुपये स्वीकृत किये गयें हैं। इसी तरह से धमतरी के भोथली मेंढ़रका मार्ग निर्माण कार्य लम्बाई 3 किलोमीटर के लिए 5 करोड़ 64 लाख 51 हजार रुपये स्वीकृत किये गये हैं। क्षेत्र में इन महत्वपूर्ण सड़कों के कार्यों की स्वीकृति मिलने से लोगो का आवागमन और सुविधा जनक हो जाएगा। इन मार्गों के कार्य क्षेत्रीय लोगो के आवागमन के लिए अति महत्वपूर्ण है। इन कार्यों की स्वीकृति मिलने से सड़क निर्माण कार्य शीघ्र होने से लोगो को सुविधा होगी।
महिला एवं बाल विकास विभाग के सहायक ग्रेड 02 श्री गिरीश कुमार वारे तत्काल प्रभाव से निलंबित
रायपुर, 22 जनवरी 2026
राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कड़ी कार्रवाई करते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग के एक लिपिक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया हैै। कलेक्टर जशपुर श्री रोहित व्यास ने 48 घंटे से अधिक अवधि से पुलिस अभिरक्षा में रखे जाने पर महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत् जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय जशपुर के सहायक ग्रेड 02 श्री गिरीश कुमार वारे को तहत तत्काल प्रभाव से निलबित किया है।
विदित हो कि उप पुलिस अधीक्षक, एन्टी करप्शन ब्यूरो, अंबिकापुर कार्यालय के द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत् जिला कार्यक्रम अधिकारी जशपुर कार्यालय के सहायक ग्रेड 02 श्री गिरीश कुमार वारे को 08 जनवरी 2026 को शाम 8:30 बजे गिरफ्तार कर 48 घंटे से अधिक अवधि से पुलिस अभिरक्षा में रखे जाने के फलस्वरूप छ.ग. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण व अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलबित किया गया है। निलंबन अवधि मे श्री गिरीश कुमार वारे को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी।
गणतंत्र दिवस पर वाणिज्य उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन कवर्धा में करेंगे ध्वजारोहण
रायपुर, 22 जनवरी 2026
गणतंत्र दिवस के अवसर पर 26 जनवरी को प्रदेश के वाणिज्य उद्योग एवं श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन कबीरधाम जिले के मुख्यालय कवर्धा में ध्वजारोहण करेंगे तथा मुख्यमंत्री का प्रदेश की जनता के नाम संदेश का वाचन करेंगे। गणतंत्र दिवस मुख्य समारोह जिला मुख्यालय कवर्धा में आयोजित होगा।
सुजल ग्राम संवाद के तृतीय चरण में ग्राम पंचायत साल्हेभाट ने किया छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व
रायपुर, 22 जनवरी 2026
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के मिशन संचालक द्वारा ग्राम पंचायत साल्हेभाट के प्रतिनिधियों से पेयजल की उपलब्धता, जल जीवन मिशन से ग्रामीणों के जीवन में आए सकारात्मक परिवर्तनों, जल वहिनियों द्वारा एफटीके के माध्यम से जल परीक्षण एवं नमूना जांच की प्रक्रिया पर चर्चा की गई। इसके साथ ही ग्रामवासियों द्वारा पेयजल हेतु मासिक शुल्क निर्धारण, योजना के संचालन एवं संधारण की व्यवस्थाओं पर भी विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।
इस अवसर पर जिला कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से कलेक्टर कोंडागांव श्रीमती नूपुर राशि पन्ना ने जिले में जल जीवन मिशन की प्रगति की जानकारी दी तथा जल सेवा आकलन एवं जल अर्पण दिवस को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। कार्यक्रम के अंत में जेरेना/GRAMG द्वारा पेयजल स्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु तैयार की गई कार्ययोजना प्रस्तुत की गई। वहीं, मिशन संचालक जल जीवन मिशन छत्तीसगढ़ शासन श्री जितेन्द्र शुक्ला ने राज्य स्तर पर योजना की प्रगति से अवगत कराया।
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से सतेंद्र साहू का बिजली बिल हुआ न के बराबर, मिली सब्सिडी का लाभ
रायपुर, 22 जनवरी 2026
शासन की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। यह योजना न केवल बढ़ते बिजली बिल से राहत प्रदान कर रही है, बल्कि लोगों को स्वच्छ, सस्ती एवं हरित ऊर्जा से जोड़ते हुए ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भी बना रही है। योजना के माध्यम से आम उपभोक्ता अब केवल बिजली उपभोगकर्ता नहीं, बल्कि ऊर्जा उत्पादक भी बन रहे हैं।
योजना की सफलता का जीवंत उदाहरण खैरागढ़ विकासखंड के ग्राम बेन्द्रिडीह निवासी श्री सतेंद्र साहू हैं। उन्होंने अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप पैनल स्थापित किया है। सोलर पैनल लगने के महज एक माह के भीतर ही उनका बिजली बिल लगभग शून्य हो गया। पूर्व में जहां अधिक बिजली खपत के कारण उन्हें प्रतिमाह औसतन 1500 रुपये तक का बिजली बिल चुकाना पड़ता था, वहीं अब सौर ऊर्जा के उपयोग से उन्हें बड़ी राहत मिली है। दिसंबर माह में उनका बिजली बिल मात्र 20 रुपये आया।
श्री सतेंद्र साहू ने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की जानकारी मिलते ही उन्होंने इसका लाभ लेने का निर्णय लिया। योजना के अंतर्गत केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा कुल 1 लाख 8 हजार रुपये तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है, जिससे सोलर रूफटॉप पैनल की स्थापना आम नागरिकों के लिए सरल और किफायती हो गई है। सब्सिडी मिलने से प्रारंभिक लागत में उल्लेखनीय कमी आई, जिससे उनका निर्णय और भी आसान हो गया।
उन्होंने कहा कि इस योजना से न केवल बिजली खर्च में बचत हो रही है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान मिल रहा है। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना आम नागरिकों को स्वच्छ ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित कर रही है और सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
पिता गढ़ते है ईट-पत्थर से इमारत, मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना से खुशबू गढ़ेगी अपना भविष्य
मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना से श्रमिक परिवारों के बच्चों के सपने को मिली उड़ान
रायपुर, 22 जनवरी 2026
आदिवासी बहुल मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के छोटे से गांव सिंगरायटोला में एक साधारण सी झोपड़ी में पल रहे सपनों को आज नई उड़ान मिली है। यहां रहने वाले निर्माण श्रमिक श्री जयगोपाल मेश्राम रोजाना कड़ी मेहनत कर ईट-पत्थरों से इमारतें खड़ी करते हैं, लेकिन उनके दिल में हमेशा एक ही सपना रहा उनकी बेटी पढ़-लिखकर एक बेहतर और सम्मानजनक जीवन जिए।
आर्थिक समस्याओं के बीच भी उन्होंने कभी अपनी बेटी कुमारी खुशबू की पढ़ाई को बोझ नहीं बनने दिया। मेहनत, लगन और पिता के सपनों के साथ खुशबू आगे बढ़ती रही। ऐसे समय में श्रम विभाग की मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना उनके परिवार के लिए आशा की किरण बनकर आई। इस योजना के अंतर्गत खुशबू को छात्रवृत्ति का लाभ मिला, जिसने उसकी पढ़ाई की राह को मजबूत और आसान बना दिया। यह केवल आर्थिक सहायता नहीं थी, बल्कि एक संदेश है कि मेहनतकश श्रमिक के बच्चे भी बड़े सपने देखे और उन्हें पूरा करने का हक रखते है। मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना के माध्यम से कक्षा 1 से लेकर स्नातकोत्तर, पीएचडी एवं शोध कार्य तक अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को 1,000 से 10,000 तक की छात्रवृत्ति बिना अंकों की बाध्यता के प्रदान की जाती है। शर्त सिर्फ इतनी है कि श्रमिक अभिभावक ने पिछले एक वर्ष में कम से कम 90 दिन निर्माण कार्य किया हो।
शैक्षणिक सत्र 2025-26 में मोहला जिले को जहां 800 विद्यार्थियों का लक्ष्य मिला था, वहीं 2,856 बच्चों को योजना की स्वीकृति दी गई। यह आंकड़ा महज संख्या नहीं, बल्कि उन हजारों परिवारों की उम्मीदों और विश्वास का प्रतीक है, जिनके बच्चे अब शिक्षा के माध्यम से अपने भविष्य को संवार रहे हैं। लगभग 357 प्रतिशत की उपलब्धि यह दर्शाती है कि शासन श्रमिक परिवारों के उत्थान के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रहा है। आज खुशबू मेश्राम की कहानी हर उस श्रमिक परिवार के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद अपने बच्चों को आगे बढ़ते देखना चाहता है।
कम लागत में ज्यादा मुनाफा: रबी में गेहूं की खेती से किसानों की बढ़ी आमदनी
रायपुर, 22 जनवरी 2026 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से कृषि विभाग की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। विभाग द्वारा किसानों को खरीफ के साथ-साथ रबी फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे कम लागत में अधिक लाभ सुनिश्चित हो सके।
इसी कड़ी में जशपुर जिले के मनोरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम सोगड़ा निवासी सीमांत कृषक श्री कीना राम ने रबी मौसम में गेहूं की खेती कर उल्लेखनीय लाभ प्राप्त किया है। कृषि विभाग मनोरा के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के मार्गदर्शन में उन्हें एनएफएसएनएम योजना के तहत एक एकड़ भूमि के लिए उन्नत किस्म का गेहूं बीज अनुदान पर उपलब्ध कराया गया।
कृषक श्री कीना राम ने खेत की अच्छी तैयारी कर पर्याप्त मात्रा में गोबर खाद का उपयोग किया। साथ ही समय-समय पर सिंचाई एवं खरपतवार प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया, जिसके परिणामस्वरूप गेहूं की फसल में किसी प्रकार की गंभीर कीट-रोग समस्या नहीं आई और फसल की स्थिति अत्यंत संतोषजनक रही। इससे बेहतर उत्पादन की प्रबल संभावना बनी है।
किसान कीना राम ने बताया कि उनके पास कुल 0.800 हेक्टेयर कृषि भूमि है। पूर्व में वे केवल खरीफ में धान की खेती करते थे और रबी में खेत खाली छोड़ देते थे, जिससे गेहूं जैसी आवश्यक खाद्य सामग्री बाजार से खरीदनी पड़ती थी। रबी में गेहूं की खेती शुरू करने से अब न केवल अतिरिक्त आय हो रही है, बल्कि चावल के साथ-साथ अपने उपयोग के लिए गेहूं और आटा भी उपलब्ध हो रहा है।
रबी फसल के प्रमुख लाभ
धान के बाद गेहूं की खेती से अतिरिक्त आमदनी, खाली समय और संसाधनों का सदुपयोग, बेहतर गुणवत्ता का अनाज, तथा रबी में पड़ती भूमि का क्षेत्रफल समाप्त होना जैसे कई लाभ सामने आए हैं।
कृषक श्री कीना राम ने अन्य किसानों से अपील की है कि वे खरीफ के साथ-साथ रबी मौसम में भी गेहूं, दलहन एवं तिलहन फसलों की खेती अपनाएं, ताकि कम समय और कम लागत में अधिक आमदनी के साथ आत्मनिर्भरता हासिल की जा सके। उन्होंने रबी फसल की खेती हेतु मार्गदर्शन एवं सहयोग के लिए कृषि विभाग और छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
बलौदाबाजार इस्पात संयंत्र हादसा: स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जताया गहरा शोक, घायलों के बेहतर इलाज के दिए निर्देश
रायपुर, 22 जनवरी, 2026
बलौदाबाजार जिले के भाटापारा ग्रामीण क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बकुलाही स्थित इस्पात संयंत्र में हुए दर्दनाक हादसे पर छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने गहरा शोक व्यक्त किया है। क्लिनिकल फर्नेस के दौरान हुए विस्फोट में श्रमिकों के असामयिक निधन को अत्यंत दुःखद बताते हुए उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति तथा शोकाकुल परिवारजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हादसे में गंभीर रूप से घायल श्रमिकों को बेहतर उपचार हेतु सिम्स, बिलासपुर में भर्ती कराया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि घायलों को हर संभव उत्तम एवं त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि उनके उपचार में किसी प्रकार की कमी न रहे।
श्री जायसवाल ने बताया कि इस संबंध में बलौदाबाजार कलेक्टर से चर्चा की गई है। पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर दोषियों के विरुद्ध शीघ्र एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है और हर आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाएगा।
कक्षा 5वीं एवं 8वीं की केंद्रीकृत परीक्षा 2026 हेतु जिला स्तरीय संचालन समिति गठित की जाएगी
रायपुर, 21 जनवरी 2026
लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ द्वारा कक्षा 5वीं एवं कक्षा 8वीं की केंद्रीकृत परीक्षा वर्ष 2026 के सफल एवं सुचारु संचालन के लिए जिला स्तर पर जिला स्तरीय संचालन समिति का गठन किया जाएगा। यह समिति प्रत्येक जिले में जिला शिक्षा अधिकारी की अध्यक्षता में कार्य करेगी।
जिला स्तरीय संचालन समिति में जिला शिक्षा अधिकारी अध्यक्ष होंगे। समिति में डाइट प्राचार्य सदस्य, सहायक संचालक कार्यालय शिक्षा अधिकारी सदस्य सचिव, जिला मिशन समन्वयक, विकासखंड शिक्षा अधिकारी, हायर सेकेण्डरी विद्यालय के प्राचार्य, शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय के प्रधान पाठक, शासकीय प्राथमिक विद्यालय के प्रधान पाठक तथा संकुल समन्वयक सदस्य के रूप में शामिल रहेंगे। समिति परीक्षा से संबंधित सभी व्यवस्थाओं के समन्वय, निगरानी एवं क्रियान्वयन की जिम्मेदारी निभाएगी।
कक्षा 5वीं एवं 8वीं की केंद्रीकृत परीक्षा 2026 में राज्य के समस्त शासकीय विद्यालय, अनुदान प्राप्त विद्यालय तथा छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल से संबद्ध अशासकीय गैर-अनुदान प्राप्त विद्यालयों (हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम) के विद्यार्थी अनिवार्य रूप से सम्मिलित होंगे।केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सी.बी.एस.ई.) एवं आई.सी.एस.ई. से संबद्ध गैर-अनुदान प्राप्त अशासकीय विद्यालय इस केंद्रीकृत परीक्षा में शामिल नहीं होंगे।
25 जनवरी को मनाया जाएगा 16वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस
“मेरा भारत, मेरा वोट” थीम पर होंगे विविध कार्यक्रम
रायपुर, 21 जनवरी 2026
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी 25 जनवरी को पूरे देश के साथ-साथ छत्तीसगढ़ में भी 16वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस (National Voters’ Day) पूरे उत्साह एवं गरिमा के साथ मनाया जाएगा। इस वर्ष राष्ट्रीय मतदाता दिवस की थीम “मेरा भारत, मेरा वोट” निर्धारित की गई है, जिसका उद्देश्य लोकतंत्र को सशक्त बनाते हुए नागरिकों, विशेषकर युवाओं में मतदान के प्रति जागरूकता एवं सक्रिय सहभागिता को प्रोत्साहित करना है।इस संबंध में छत्तीसगढ़ शासन सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय महानदी भवन नवा रायपुर द्वारा परिपत्र जारी कर दी गई है।
जारी परिपत्र के अनुसार 25 जनवरी 2026 को राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर प्रदेश के सभी स्कूलों एवं शैक्षणिक संस्थानों में निर्धारित थीम पर वाद-विवाद, चर्चा तथा चित्रकला, पेंटिंग, निबंध लेखन, नाटक, गीत जैसी विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त राज्य सरकार के समस्त विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों (पीएसयू) तथा जिला एवं राज्य स्तरीय कार्यालयों में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा मतदाता प्रतिज्ञा ली जाएगी। यह प्रतिज्ञा 25 जनवरी 2026 को प्रातः 11:00 बजे अथवा यथोचित समय पर आयोजित की जाएगी।
इसके साथ ही सभी शासकीय व सार्वजनिक उपक्रम कार्यालय एवं शिक्षण संस्थानों में भारत निर्वाचन आयोग के लोगो, जो मतदान के महत्व की पुष्टि करता है का उपयोग आधिकारिक वेबसाइटों में भी किया जाएगा ।साथ ही, राज्यभर में आयोजित सभी कार्यक्रमों एवं गतिविधियों के फोटोग्राफ्स, जहां संभव हो, #NVD2026 हैशटैग के साथ संबंधित शासकीय सोशल मीडिया हैंडल अथवा वेबसाइट पर अपलोड किए जाएंगे।
छत्तीसगढ़ का शिमला मैनपाट को पर्यटन के क्षेत्र में मिलेगा नया आयाम
मैनपाट में बनेगा पर्यटकों के लिए सर्वसुविधायुक्त आवासीय परिसर
मैनपाट में 4.80 हेक्टेयर भूमि छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल आवंटित
रायपुर, 21 जनवरी 2026 मैनपाट जिसे छत्तीसगढ़ का शिमला कहा जाता है, अपनी वादियों, झरनों और हरियाली से भरपूर प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है। छत्तीसगढ़ का ‘शिमला’ नाम से प्रसिद्ध मैनपाट में पर्यटन सुविधाओं और आवासीय विकास को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। राज्य सरकार द्वारा मैनपाट में 4.80 हेक्टर (12 एकड़) भूमि अटल विहार योजना हेतु छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल को आवंटित की गई है।
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव ने बताया कि इस भूमि पर आधुनिक एवं बहुउपयोगी पर्यटन, आवासीय परिसर का निर्माण शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। प्राकृतिक परिवेश के अनुरूप विकसित होने वाली यह परियोजना मैनपाट आने वाले पर्यटकों को बेहतर, सुरक्षित और किफायती ठहराव उपलब्ध कराएगी। इन्हीं अद्भुत स्थलों में से एक है जलपरी पर्यटन बिंदु। जलपरी प्वाइंट का मनोहारी दृश्य मानो किसी परीकथा की दुनिया में ले जाता है। यहां बहती ठंडी हवाएं, गहरी घाटियां और झरनों की मधुर ध्वनि यात्रियों को मंत्रमुग्ध कर देती है। बादलों से खेलती पहाड़ियां और हर मौसम में बदलते रंग यहां की विशेष पहचान हैं।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्राकृतिक सुंदरता इस स्थल की सुंदरता किसी जलपरी की तरह आकर्षक है। शांत वातावरण, झरनों से गिरती जलधारा और हरियाली से भरे जंगल यहां आने वाले पर्यटकों को ऐसा अनुभव कराती हैं, मानो वे किसी परियों की कहानी में प्रवेश कर गए हों। श्री अनुराग सिंह देव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के मार्गदर्शन में आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी और पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के सक्रिय प्रयासों से संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि मैनपाट में लगातार बढ़ते पर्यटक आगमन को देखते हुए इस तरह की सुविधाओं की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी।
मैनपाट में प्रस्तावित परिसर में आधुनिक वेलनेस एवं मनोरंजन सुविधाएँ विकसित की जाएंगी। श्री सिंह देव ने बताया कि परियोजना में केरल मॉडल पर आधारित वेलनेस सेंटर, प्राकृतिक पंचकर्म चिकित्सा, हर्बल स्पा और आयुष सेवाएं प्रस्तावित हैं। साथ ही 24×7 क्लब हाउस, मिलेट्स कैफे, जिम, स्विमिंग पूल, किड्स प्ले एरिया, स्टीम बाथ और एंटरटेनमेंट ज़ोन विकसित किए जाएंगे। पर्यावरण अनुकूल विकास के तहत ट्री हाउस, कॉटेज और स्थानीय जीवन एवं संस्कृति का अनुभव कराने वाला सांस्कृतिक क्षेत्र भी शामिल होगा।
आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि मैनपाट छत्तीसगढ़ का विशिष्ट एवं उभरता हुआ पर्यटन गंतव्य है। तेजी से बढ़ रही पर्यटक संख्या को देखते हुए यहाँ आधुनिक सुविधाओं का विकास अत्यावश्यक है। हाउसिंग बोर्ड की यह पहल पर्यटन, आवास और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगी तथा मैनपाट को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर सशक्त रूप से स्थापित करेगी। श्री सिंह देव ने बताया कि परियोजना से मैनपाट में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय रोजगार के अवसर सृजित होंगे और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में नई संभावनाएं खुलेंगी। गुणवत्तापूर्ण आवासीय सुविधा उपलब्ध होने से पर्यटकों का ठहराव समय बढ़ेगा, जो क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा।
पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने परियोजना को छत्तीसगढ़ के पर्यटन विस्तार के लिए मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि आधुनिक पर्यटन सुविधाओं के विकास से पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिलेगा और राज्य का हॉस्पिटैलिटी सेक्टर मजबूत होगा। मैनपाट के समग्र विकास से स्थानीय युवाओं को रोजगार एवं व्यापार के अवसर उपलब्ध होंगे और क्षेत्र की पहचान को नई ऊँचाई देगी।
सरगुजा की पहाड़ियों में बसे छत्तीसगढ़ के हिल स्टेशन मैनपाट में वर्षभर ठंड पड़ती है. यहां सैर-सपाटे के लिए कई खूबसूरत जगहें है,जिसमें बौद्ध मंदिर, उल्टा-पानी, टाइगर पॉइंट, जलजली, मेहता पॉइंट, चाय बगान के अलावा कई अन्य स्थान शामिल है। यहां घूमने के लिए प्रदेश के अन्य जिलों से पर्यटक पहुंचते है,इसके अलावा देश के अलग-अलग राज्यों से भी लोगों का आना होता है। वहीं अब पर्यटन विभाग की ओर से मैनपाट में पर्यटकों के लिए सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव ने कहा कि यह पहल छत्तीसगढ़ में पर्यटन, आवास विकास के क्षेत्र में गृह निर्माण मंडल की ऐतिहासिक भूमिका को मजबूत करेगी और भविष्य में मैनपाट को एक प्रमुख राष्ट्रीय पर्यटन केन्द्र के रूप में स्थापित करने का आधार बनेगी।
भारत अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र एवं निर्वाचन प्रबंधन सम्मेलन (IICDEM)–2026
प्लेनरी सत्र में 42 देशों के चुनाव प्रबंधन निकायों के प्रमुखों की सहभागिता
निर्वाचन प्रशासन के समक्ष वैश्विक चुनौतियों पर हुआ उच्च-स्तरीय विचार-विमर्श
रायपुर, 21 जनवरी 2026 भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित भारत अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र एवं निर्वाचन प्रबंधन सम्मेलन (IICDEM)–2026 के अंतर्गत आयोजित प्लेनरी सत्र में 42 देशों के चुनाव प्रबंधन निकायों (EMBs) के प्रमुखों ने सहभागिता की।
प्लेनरी सत्र की कार्यवाही का शुभारंभ भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार तथा निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू एवं डॉ. विवेक जोशी द्वारा किया गया। इस सत्र में लगभग 60 अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें विभिन्न देशों के चुनाव प्रबंधन निकायों के प्रमुखों के साथ-साथ राजदूत एवं उच्चायुक्त भी शामिल थे।
यह प्लेनरी सत्र लोकतंत्र एवं निर्वाचन प्रबंधन के क्षेत्र में उच्च-स्तरीय विचार-विमर्श एवं अनुभवों के आदान-प्रदान हेतु एक महत्वपूर्ण मंच सिद्ध हुआ, जिसमें चुनाव प्रबंधन निकायों के शीर्ष नेतृत्व, वरिष्ठ अधिकारी तथा राजनयिक प्रतिनिधि एक साथ उपस्थित रहे।
सत्र के दौरान इंटरनेशनल आईडिया (International IDEA) की अध्यक्षता के अंतर्गत वर्ष 2026 के लिए भारत द्वारा निर्धारित विषयगत प्राथमिकताओं को साझा किया गया। इस अवसर पर EMB नेताओं एवं विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों द्वारा लोकतंत्र एवं निर्वाचन प्रशासन के समक्ष विद्यमान वैश्विक चुनौतियों, नवाचारों एवं श्रेष्ठ प्रक्रियाओं पर अपने विचार व्यक्त किए गए।
छत्तीसगढ़ के बिहान समूहों के उत्पाद को खरीददारों से मिला बेहतर रिस्पॉन्स
खरीददारों और समूहों के बीच विभिन्न उत्पादों की 2.13 लाख मीट्रिक टन की डील
जैविक चावल, चना बेसन, मसाला, उड़द दाल सहित कोदो-कुटकी और तिखूर की भारी मांग
रायपुर, 21 जनवरी 2026 नवा रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित दो दिवसीय बायर-सेलर मीट 2026 में राज्य के बिहान महिला समूहों और इनके एफपीओ को जर्बदस्त रिस्पॉन्स मिला है, इससे महिला समूहों का मनोबल बढ़ा है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा आयोजित यह बायर-सेलर मीट 20 एवं 21 जनवरी को नया रायपुर स्थित निजी होटल में आयोजित हुई। इस दौरान खरीददार और महिला समूहों के प्रतिनिधियों के बीच उनके उत्पादों की मात्रा, क्वालिटी और मार्केेटिंग को लेकर कई सहमतियां भी बनी।
इस मीट में छत्तीसगढ़ के अलावा अन्य राज्यों के खरीददार भी शामिल हुए, जिन्होंने बिहान के महिला समूहों के उत्पाद को न सिर्फ सराहा, बल्कि 11 प्रकार के उत्पादों की खरीददारी के लिए 2 लाख 13 हजार मीट्रिक टन की सप्लाई की डील भी फाइनल की। इन 11 उत्पादों में जैविक चावल जैसे- विष्णु भोग, देवभोग, जवाफूल, जीराफूल, विभिन्न प्रकार के मसाले, चना दाल बेसन, उड़द दाल, कोदो-कुटकी और तिखूर मुख्य रूप से शामिल हैं।
राज्य स्तरीय बायर-सेलर मीट 2026 दो दिवसीय मीट के दौरान बिहान के समूहों ने खरीददारों को अपने-अपने उत्पाद, मात्रा और क्वालिटी के बारे में विस्तार से जानकारी दी। खरीददारों ने समूहों को अपनी डिमांड से भी अवगत कराया। बायर और सेलर के बीच आर्डर और सप्लाई को लेकर कई सहमति भी बनी।
छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान, एएफसी इंडिया लिमिटेड एवं प्रदान संस्था के सहयोग से आयोजित व्यावसायिक संवाद और बैठक न सिर्फ सार्थक रही बल्कि इसके परिणाम बहुत ही उत्साहजनक रहे। महिला समूहों और एफपीओ का अपने उत्पादों की मात्रा को बढ़ाने को लेकर एक नया उत्साह जगा।
इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव सुश्री निहारिका बारिक सिंह ने राज्य के सभी जिलों से आए महिला स्व-सहायता समूहों एवं महिला-नेतृत्व वाले एफपीओ के स्टॉलों का अवलोकन कर उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग, प्रस्तुति और नवाचार की सराहना की। उन्होंने कहा कि महिला समूह की दीदियां केवल उत्पादन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बाज़ार की मांग को समझते हुए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने खरीदारों से संवाद करते हुए इस बात का भरोसा दिलाया कि निकट भविष्य में महिला समूहों के उत्पादों की मात्रा और गुणवत्ता दोनों को और बेहर किया जाएगा, ताकि राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों की मांग को पूरा किया जा सके।
इस अवसर पर बिहान के मिशन संचालक श्री अश्विनी देवांगन ने कहा कि बायर सेलर मीट 2026 एक ऐतिहासिक अवसर है इसमें खरीदारों से सीधे संवाद से महिला एफपीओ एवं एसएचजी वास्तविक और टिकाऊ बाज़ार के अवसर प्राप्त हुए हैं। यह आयोजन छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और आजीविका संवर्धन की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगा।
रायपुर साहित्य उत्सव में देश-प्रदेश के सौ से अधिक ख्यातिप्राप्त साहित्यकार होंगे शामिल : 23 से 25 जनवरी तक नवा रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन में होगा तीन दिवसीय भव्य आयोजन
अब तक 10 हजार से अधिक साहित्य प्रेमियों ने कराया पंजीकरण
रायपुर, 20 जनवरी 2026
छत्तीसगढ़ की समृद्ध साहित्यिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक परंपरा को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान करने के उद्देश्य से 23, 24 एवं 25 जनवरी 2026 को अटल नगर, नवा रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन में रायपुर साहित्य उत्सव 2026 का भव्य आयोजन किया जा रहा है। तीन दिवसीय यह उत्सव साहित्य, संस्कृति और विचार-विमर्श का एक सशक्त मंच बनेगा, जिसमें देश-प्रदेश के ख्यातिप्राप्त लेखक, कवि, विचारक, बुद्धिजीवी और साहित्य प्रेमी बड़ी संख्या में सहभागिता करेंगे।
राज्यसभा उपसभापति श्री हरिवंश के मुख्य आतिथ्य में होगा उद्घाटन समारोह
रायपुर साहित्य उत्सव 2026 का उद्घाटन 23 जनवरी 2026 को राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश के मुख्य आतिथ्य में किया जाएगा। उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय करेंगे। उद्घाटन समारोह के अति विशिष्ट अतिथि अतिथि डॉ. रमन सिंह तथा विशिष्ट अतिथि उपमुख्यमंत्रीद्वय श्री अरुण साव और श्री विजय शर्मा, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय वर्धा की कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा, रंगकर्मी एवं अभिनेता श्री मनोज जोशी रहेंगे।
उद्घाटन दिवस की सांस्कृतिक संध्या में ‘चाणक्य’ नाटक का मंचन
उद्घाटन दिवस की सांस्कृतिक संध्या में सायं 7 बजे रंगमंच के प्रतिष्ठित कलाकार एवं पद्मश्री से सम्मानित श्री मनोज जोशी द्वारा बहुचर्चित नाटक ‘चाणक्य’ का मंचन किया जाएगा। अपने सशक्त और जीवंत अभिनय के माध्यम से श्री जोशी आचार्य चाणक्य की भूमिका में दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे। यह नाटक समकालीन समस्याओं और उनके समाधान को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करते हुए भारतीय साहित्य और संस्कृति की गहराइयों को समझने का
अवसर प्रदान करेगा।
रायपुर साहित्य उत्सव में ख्यातिप्राप्त साहित्यकारों की व्यापक सहभागिता
रायपुर साहित्य उत्सव में देश एवं प्रदेश के लगभग 120 ख्यातिप्राप्त साहित्यकार, बुद्धिजीवी और रचनाकार सहभागिता करेंगे। तीन दिनों में कुल 42 सत्रों का आयोजन किया जाएगा, जिनमें समकालीन सामाजिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक विषयों पर गहन विमर्श होगा।
उत्सव में लेखिका एवं पत्रकार सुश्री शिखा वार्ष्णेय, लेखक एवं कवि श्री कमलेश कमल, डॉ. गोपाल कमल तथा नवगीत के शिखर पुरुष डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र अपनी रचनाओं से श्रोताओं को भावविभोर करेंगे।
प्रमुख साहित्यकारों की गरिमामयी उपस्थिति
साहित्यिक सत्रों में मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी के संचालक श्री विकास दवे, सुप्रसिद्ध लेखक श्री अजय के. पांडे (बेस्टसेलर कृति ‘यू आर माई बेस्ट वाइफ’ के रचयिता), प्रसिद्ध उपन्यासकार श्रीमती इंदिरा दांगी, लेखिका सुश्री सोनाली मिश्र, हिन्दी साहित्य की विदुषी श्रीमती जयश्री रॉय, चर्चित फोटोग्राफर एवं लेखिका डॉ. कायनात काज़ी तथा लेखक-वक्ता श्री अनिल पांडेय सहभागिता करेंगे।
छत्तीसगढ़ी कवियों और लोकगीतों की विशेष प्रस्तुति
छत्तीसगढ़ी कविता और लोकगीतों के लिए विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। छत्तीसगढ़ी बोली के प्रमुख कवि श्री रामेश्वर वैष्णव, श्री रामेश्वर शर्मा, श्री मीर अली मीर, श्रीमती शशि सुरेंद्र दुबे उपस्थित रहेंगे।
लोकगीत सत्र में डॉ. पी.सी. लाल यादव, श्रीमती शकुंतला तरार, श्री बिहारीलाल साहू और डॉ. विनय कुमार पाठक अपनी प्रस्तुतियाँ देंगे।
साहित्यिक मंडपों का नामकरण प्रतिष्ठित साहित्यकारों के नाम पर
उल्लेखनीय है कि साहित्य उत्सव के मंडपों का नामकरण प्रतिष्ठित साहित्यकारों के नाम पर किया गया है। मुख्य मंडप ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित छत्तीसगढ़ के एकमात्र साहित्यकार स्व. विनोद कुमार शुक्ल के नाम पर होगा। इसके अतिरिक्त अन्य मंडप पं. श्यामलाल चतुर्वेदी, लाला जगदलपुरी एवं अनिरुद्ध नीरव के नाम पर होंगे।
अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में विशेष काव्य-पाठ
पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में 24 जनवरी को विशेष काव्य-पाठ का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र, श्री अजय सहाब, श्री अमन अक्षर, डॉ. अंशु जोशी, श्री त्रिलोकचंद्र महावर, श्री हर्षराज हर्ष, डॉ. अजय पाठक तथा श्री राहुल अवस्थी अपनी रचनाएँ प्रस्तुत करेंगे।
आयोजन स्थल पर भी कराया जा सकेगा पंजीकरण
रायपुर साहित्य उत्सव के लिए अब तक 10,000 से अधिक साहित्य प्रेमी पंजीकरण करवा चुके हैं। जिन साहित्य प्रेमियों का पंजीकरण अब तक नहीं हो पाया है, वे आयोजन स्थल पर भी पंजीकरण करवा सकेंगे।
राष्ट्रीय चिंतकों और विचारकों से होगा संवाद
साहित्य उत्सव में राज्यसभा सांसद एवं प्रखर वक्ता डॉ. सुधांशु त्रिवेदी, राष्ट्रवादी चिंतक डॉ. प्रभात कुमार तथा प्रख्यात बुद्धिजीवी श्री जे. नंदकुमार भी सहभागिता करेंगे और विभिन्न विषयों पर संवाद करेंगे।
शिक्षाविदों की उल्लेखनीय उपस्थिति
उत्सव में वर्धा विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा, शिक्षाविद श्री मुकुल कानिटकर, आईआईएम अहमदाबाद के निदेशक डॉ. भारत भास्कर, आईआईएमसी के पूर्व महानिदेशक डॉ. संजय द्विवेदी, पटना विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. गुरु प्रकाश पासवान तथा जेएनयू की प्रखर विचारक डॉ. अंशु जोशी विचार-विमर्श में सहभागी होंगी।
पत्रकारिता, सिनेमा और डिजिटल युग पर विशेष सत्र
साहित्य उत्सव के दौरान पत्रकारिता, सिनेमा और टेलीविजन पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में श्री अनुराग बसु, श्री मनोज वर्मा, श्रीमती रुबिका लियाकत और श्री हर्षवर्धन त्रिपाठी सहित अनेक वरिष्ठ पत्रकार एवं फिल्मकार शामिल होंगे।
इसके अतिरिक्त 24 जनवरी को डिजिटल युग और एआई विषय पर आयोजित सत्रों में “डिजिटल युग के लेखक और पाठक” तथा “उपनिषद से एआई तक : साहित्य की यात्रा” जैसे विषयों पर गहन बौद्धिक विमर्श होगा।