छत्तीसगढ़ / रायपुर
रायपुर : उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स के लिए मशाल गौरव यात्रा को दिखाई हरी झंडी
रायपुर : रोजगार, कौशल और बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में बड़ा कदम: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में हेल्थ केयर में कौशल विकास हेतु सत्य साईं हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट के साथ एमओयू
केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से की सौजन्य भेंट
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज नवा रायपुर, सेक्टर-24 स्थित मुख्यमंत्री निवास में केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने सौजन्य भेंट की। मुलाकात के दौरान छत्तीसगढ़ में पर्यटन विकास, सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं सुदृढ़ीकरण से संबंधित विषयों पर सौहार्दपूर्ण एवं रचनात्मक चर्चा हुई।
दूरस्थ आदिवासी अंचलों को स्वास्थ्य की नई राह — मुख्यमंत्री साय ने 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट वाहनों को दिखाई हरी झंडी
प्रदेश के 18 जिलों के 2100 से अधिक गाँवों और बसाहटों तक पहुँचाई जाएंगी नियमित स्वास्थ्य सेवाएँ
मधुमक्खी पालन बनीं रोज़गार की कुंजी : अतिरिक्त आय का सशक्त माध्यम बना मधुमक्खी पालन
बारनवापारा अभयारण्य में मिला दुर्लभ ब्लैक-कैप्ड किंगफिशर
छत्तीसगढ़ में दूसरा और बारनवापारा अभयारण्य से पहला रिकॉर्ड दर्ज
सियादेवी जलाशय बनेगा इको-टूरिज्म केन्द्र : एडवेंचर एवं राफ्टिंग सेंटर का हुआ शुभारंभ
स्थानीय रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
छत्तीसगढ़ राज्य सड़क सुरक्षा परिदृश्य की समीक्षा बैठक संपन्न
प्रधानमंत्री आवास योजना से सरगुजा के दिल भरन राजवाड़े परिवार को मिला पक्का आशियाना
जल बचत से बढ़ी खुशहालीः रबी फसलों ने बदली धमतरी के किसानों की तस्वीर
दलहन-तिलहन की ओर रुझान, आय संवर्धन की नई राह
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी
रायपुर, 31 दिसम्बर 2025
केन्द्रीय प्रसंस्करण इकाई जामगांव एम : ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार को नया बल
औद्योगिक विकास नीति 2024–30 में संशोधन : छत्तीसगढ़ को और अधिक निवेश-अनुकूल एवं प्रतिस्पर्धी बनाने की बड़ी पहल
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य की औद्योगिक विकास नीति 2024–30 में महत्वपूर्ण संशोधनों को स्वीकृति प्रदान की गई है। इन संशोधनों के माध्यम से नीति को अन्य राज्यों की तुलना में और अधिक प्रतिस्पर्धात्मक, स्पष्ट एवं निवेश-अनुकूल बनाया गया है। इससे राज्य में औद्योगिक एवं सेवा क्षेत्र के साथ-साथ रोजगार के नए अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावनाएँ सुदृढ़ हुई हैं।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की एक और बड़ी सौगात
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30 लाख से ज्यादा राशन हितग्राहियों का ई-केवायसी बाकी, सरकार ने तेज की प्रक्रिया
रायपुर । छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़े लाखों हितग्राहियों की पहचान अब भी अधूरी है। राज्य में पंजीकृत 2.73 करोड़ राशन सदस्यों में से करीब 30.32 लाख लोगों का ई-केवायसी अब तक नहीं हो पाया है, जिसे लेकर सरकार ने प्रक्रिया तेज कर दी है।
राज्य में वर्तमान में 82.18 लाख राशन कार्ड प्रचलित हैं। केंद्र सरकार के निर्देश पर वास्तविक लाभार्थियों तक योजना का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से ई-केवायसी अभियान लगातार जारी है। अब तक 2.30 करोड़ सदस्यों (85 प्रतिशत) का ई-केवायसी पूरा किया जा चुका है।
ई-पॉश मशीन और मोबाइल ऐप से हो रहा ई-केवायसी
खाद्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, प्रदेश की सभी शासकीय उचित मूल्य दुकानों में लगे ई-पॉश मशीन में ई-केवायसी की सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा भारत सरकार द्वारा जारी “मेरा ई-केवायसी” मोबाइल ऐप के जरिए भी यह प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। एंड्रॉयड मोबाइल उपयोगकर्ता गूगल प्ले स्टोर से ऐप डाउनलोड कर आधार ओटीपी और फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से घर बैठे ई-केवायसी कर सकते हैं।
14 हजार से अधिक उचित मूल्य दुकानें संचालित
प्रदेश में वर्तमान में 14,040 शासकीय उचित मूल्य दुकानें संचालित हो रही हैं। राशन कार्डधारी अपनी पसंद की दुकान से खाद्यान्न प्राप्त कर रहे हैं। वर्ष 2025 की अनुमानित जनसंख्या के अनुसार राज्य में लगभग 89 प्रतिशत आबादी सार्वजनिक वितरण प्रणाली के दायरे में आ चुकी है।
राशन वितरण को पारदर्शी बनाने के लिए आधार सीडिंग का काम भी लगभग पूरा कर लिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक 99.7 प्रतिशत सदस्यों का आधार सीडिंग और 85 प्रतिशत का ई-केवायसी हो चुका है।
73 लाख से अधिक परिवारों को मुफ्त चावल
खाद्य सुरक्षा योजना के तहत राज्य में 2.73 करोड़ से अधिक लोग लाभान्वित हो रहे हैं। इनमें प्राथमिकता श्रेणी के 73 लाख से अधिक परिवारों को निःशुल्क चावल, जबकि गरीबी रेखा से ऊपर जीवन यापन करने वाले लगभग 8.5 लाख परिवारों को रियायती दर पर चावल उपलब्ध कराया जा रहा है। प्राथमिकता वाले परिवारों को आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन बी-12 युक्त फोर्टिफाइड चावल भी वितरित किए जा रहे हैं।
बस्तर के पांच जिलों में विशेष वितरण
राज्य सरकार की नियद नेल्लानार योजना के तहत बस्तर संभाग के पांच जिले—बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, नारायणपुर और कांकेर—के चयनित 402 दूरस्थ गांवों में 42,220 राशन कार्डधारियों को चावल के साथ चना, शक्कर, नमक और गुड़ का निःशुल्क वितरण किया जा रहा है।