छत्तीसगढ़ / रायपुर
मंत्रिपरिषद की बैठक 31 दिसम्बर को
रायपुर, 23 दिसंबर 2025 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक 31 दिसम्बर को सवेरे 11.30 बजे से मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित की जाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने किया जिला चिकित्सालय जांजगीर-चांपा का औचक निरीक्षण, नई ओपीडी व एनआईसीयू का किया शुभारंभ
रायपुर, 23 दिसम्बर 2025

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज जिला चिकित्सालय जांजगीर-चांपा का औचक निरीक्षण किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, संचालक श्री संजीव झा एवं सहायक संचालक डॉ. सुरेंद्र पाम्भोई उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने अस्पताल की व्यवस्थाओं, स्वच्छता, दवाओं की उपलब्धता तथा मरीजों को मिल रही सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने जिला चिकित्सालय में नवनिर्मित ओपीडी हॉल एवं नवजात शिशुओं के बेहतर उपचार हेतु 10 बेड के अत्याधुनिक एनआईसीयू वार्ड का विधिवत शुभारंभ किया। उन्होंने कहा 10 बेड के एनआईसीय से अब क्षेत्र के नवजात शिशुओं को क्रिटिकल केयर हेतु बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
स्वास्थ्य मंत्री मंत्री ने जीवनदीप समिति के माध्यम से स्वीकृत कार्यों की जानकारी लेते हुए कलेक्टर श्री जन्मेजय मोहबे के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि मरीजों की आवश्यकता के अनुरूप जीवनदीप समिति से समयबद्ध स्वीकृतियाँ देना सराहनीय कदम है, जिससे अस्पताल की सेवाएँ निरंतर सुदृढ़ हुई हैं। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. यू.के. मरकाम, सिविल सर्जन डॉ. एस. कुजूर, जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री उत्कर्ष तिवारी, जिला अस्पताल प्रबंधक श्री अंकित ताम्रकार, आरएमओ डॉ. संदीप साहू सहित जिला चिकित्सालय के समस्त अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
बदली हुई धान खरीदी व्यवस्था ने बदली धौलपुर के किसान बुद्धराम की तस्वीर
80.80 क्विंटल धान की सफल खरीदी से उजागर हुई सरकार की पारदर्शी नीति
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में किसान सशक्तिकरण की नई कहानी
रायपुर, 22 दिसंबर 2025 खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 छत्तीसगढ़ के कृषि इतिहास में किसानों के लिए भरोसे सम्मान और पारदर्शिता का नया प्रतीक बनकर उभरा है। राज्य सरकार द्वारा लागू की गई सरल सुचारू और पूरी तरह तकनीक आधारित धान खरीदी व्यवस्था ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि अब किसान की मेहनत का पूरा मूल्य बिना किसी बाधा के समय पर और सम्मानपूर्वक मिलेगा। इस सकारात्मक बदलाव की सशक्त और जीवंत मिसाल हैं ग्राम धौलपुर निवासी किसान बुद्धराम पिता सज्जन जिन्होंने कोड़ा उपार्जन केंद्र पर अपनी धान की फसल का सफल विक्रय कर इस व्यवस्था की ताकत को प्रत्यक्ष रूप से महसूस किया ।
किसान की मेहनत को नीति का संबल
बुद्धराम एक साधारण लेकिन अत्यंत परिश्रमी किसान हैं जिन्होंने पूरे समर्पण के साथ अपने खेतों में धान की फसल तैयार की। राज्य सरकार द्वारा प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान खरीदी की स्पष्ट नीति और 3100 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य ने उनके जैसे किसानों के मन से अनिश्चितता और चिंता को दूर किया है। यह नीति न केवल आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर रही है बल्कि किसानों को खेती के प्रति आत्मविश्वास और सम्मान की अनुभूति भी करा रही है ।
तुहर टोकन 24×7 व्यवस्था से समय और सम्मान दोनों की गारंटी
राज्य सरकार की अभिनव “तुहर टोकन 24×7” सुविधा के माध्यम से निर्धारित तिथि पर टोकन प्राप्त कर जब किसान बुद्धराम कोड़ा उपार्जन केंद्र पहुँचे तो उन्हें एक सुव्यवस्थित और किसान केंद्रित व्यवस्था का अनुभव हुआ। केंद्र पर बैठने की समुचित व्यवस्था स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता और सहयोगी कर्मचारियों के व्यवहार ने पूरी प्रक्रिया को सहज सरल और सम्मानजनक बना दिया। किसानों को न तो लंबी प्रतीक्षा करनी पड़ी और न ही किसी प्रकार की असुविधा का सामना करना पड़ा ।
डिजिटल तकनीक से पारदर्शिता और विश्वास
धान खरीदी प्रक्रिया में डिजिटल तौल कांटा फोटो अपलोड आधारित सत्यापन और रियल टाइम डाटा एंट्री जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया। पूरी प्रक्रिया किसान की उपस्थिति में संपन्न हुई, जिससे पारदर्शिता बनी रही। तकनीक के इस प्रभावी उपयोग से न केवल समय की बचत हुई बल्कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या संदेह की संभावना भी समाप्त हो गई जिससे किसानों का भरोसा व्यवस्था पर और अधिक मजबूत हुआ ।
80.80 क्विंटल धान की सफल और निर्बाध खरीदी
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान किसान बुद्धराम द्वारा कुल 80.80 क्विंटल धान का सफलतापूर्वक विक्रय किया गया। पूरी खरीदी प्रक्रिया समयबद्ध रही और बिना किसी बाधा के पूर्ण हुई। इस अनुभव ने बुद्धराम को न केवल संतोष दिया बल्कि उन्हें अपने श्रम के प्रति गर्व और आत्मविश्वास की अनुभूति भी कराई ।
सीधे बैंक खाते में भुगतान से आर्थिक सशक्तिकरण
धान विक्रय के पश्चात भुगतान राशि सीधे किसान के बैंक खाते में अंतरित की गई। समय पर भुगतान मिलने से बुद्धराम की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। अब वे बच्चों की शिक्षा घरेलू आवश्यकताओं और आगामी कृषि कार्यों की बेहतर योजना बना पा रहे हैं। यह व्यवस्था किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है ।
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में किसान हितैषी शासन
किसान बुद्धराम ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में लागू की गई किसान हितैषी नीतियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उनका कहना है कि सरकार की यह नई व्यवस्था किसानों के मनोबल को बढ़ाती है और खेती को एक सम्मानजनक और सुरक्षित आजीविका के रूप में स्थापित करती है । बुद्धराम की यह सफलता की कहानी छत्तीसगढ़ के उन हजारों किसानों की भावना का प्रतीक है जो बदली हुई धान खरीदी व्यवस्था से लाभान्वित हो रहे हैं। यह कहानी दर्शाती है कि जब सही नीति आधुनिक तकनीक और संवेदनशील प्रशासन एक साथ काम करते हैं तो किसान के जीवन में वास्तविक और सकारात्मक परिवर्तन संभव हो पाता है ।
आधार कार्ड सभी को उपलब्ध करायें: मुख्य सचिव श्री विकासशील
रायपुर, 22 दिसम्बर 2025

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए है कि सभी को आधार उपलब्ध कराया जाए। मुख्य सचिव ने आधार हेतु नामांकन, अपडेट्स, वेरिफिकेशन सहित अन्य मुद्दों पर विस्तार से अधिकारियों से चर्चा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में एलडब्ल्यूई प्रभावित जिलों में लोगों के आधार नामांकन, अपडेशन और उपलब्धता की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों में दर्ज शत-प्रतिशत बच्चों का आधार बनाया जाना चाहिए। इसके लिए अधिकारी रणनीतिक तरीके से कार्य करें। उन्होंने कहा कि स्कूलों के विद्यार्थियों का सूचीबद्ध करें। कितने बच्चों का आधार बन गया है और किन बच्चों का आधार नहीं बना है। अधिकारी आगामी माह में शिविर लगाकर आधार हेतु नामांकन अपडेशन का कार्य करायें। मुख्य सचिव ने कलेक्टरों को निर्देश दिए है कि आधार नामांकन अपडेशन सहित सभी को आधार उपलब्धता की लगातार समीक्षा करें। मुख्य सचिव ने शहरी क्षेत्रों में नगर पंचायत, नगर पालिका, नगर निगम क्षेत्र में आधार के कार्य के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करें। इसी तरह से ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत स्तर पर यह कार्य करायें।
बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक, महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग तथा आईटी के सचिव श्री अंकित आनंद, सीईओ चिप्स श्री प्रभात मलिक, स्कूल शिक्षा विभाग की संयुक्त सचिव डॉ. फरिहा आलम, स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त सचिव सुश्री संतन देवी जांगड़े सहित सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
रातभर नाकेबंदी कर खनिज विभाग ने 8 हाईवा किए जब्त
रायपुर जिले रेत के अवैध परिवहन के मामले में करवाई
रायपुर, 22 दिसम्बर 2025

अवैध रेत परिवहन के खिलाफ जिला प्रशासन रायपुर ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के आदेश पर खनिज विभाग की टीम ने 21 और 22 दिसंबर की पूरी दरम्यानी रात अलग-अलग स्थानों पर नाकेबंदी कर रेत का अवैध परिवहन करते हुए 8 हाईवा जब्त किए हैं। सभी जब्त वाहनों को संबंधित थानों की सुपुर्दगी में दे दिया गया है।
खनिज विभाग के उप संचालक श्री राजेश माल्वे के निर्देशन तथा सहायक खनि अधिकारी श्री उमेश भार्गव के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई।सुपरवाइजर श्री सुनील दत्त शर्मा के नेतृत्व में गठित टीम ने खरोरा, उपरवारा सहित विभिन्न थाना क्षेत्रों में सतत निगरानी और जांच की। कार्रवाई के दौरान 4 हाईवा खरोरा थाना क्षेत्र से, 1 हाईवा उपरवारा थाना क्षेत्र से तथा 3 हाईवा अन्य स्थानों से पकड़े गए।
जांच में पाया गया कि ये सभी हाईवा आरंग, कुरूद और धमतरी क्षेत्र से रेत भरकर अलग-अलग स्थानों की ओर जा रहे थे। इनके विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इस अभियान में श्री जितेंद्र वर्मा, श्री गोलू वर्मा एवं श्री लुकेश वर्मा का भी सहयोग रहा। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खनिज के अवैध उत्खनन और परिवहन के विरुद्ध कार्रवाई आगे भी इसी तरह लगातार जारी रहेगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
पारदर्शी धान खरीदी व्यवस्था से किसानों को राहत, धान विक्रय हुआ सुगम
किसान जगदीश सिंह ने धान खरीदी प्रणाली पर व्यक्त की संतुष्टि
रायपुर, 22 दिसंबर 2025
प्रदेश में लागू पारदर्शी, सुव्यवस्थित और समयबद्ध धान खरीदी व्यवस्था से किसानों को बड़ी राहत मिल रही है। राज्य के विभिन्न जिलों में संचालित उपार्जन केंद्रों पर अब धान विक्रय प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सरल, सुगम और किसान-हितैषी हो गई है।
सरगुजा जिले के अंबिकापुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सरगंवा के किसान श्री जगदीश सिंह ने बताया कि इस वर्ष धान की उपज बेहतर रही है। उन्होंने कहा कि उनके पास कुल 70.80 क्विंटल धान का रकबा है। श्री सिंह ने नमनाकला धान उपार्जन केंद्र से अपना टोकन कटवाया, जहां पहले चरण में 46 क्विंटल धान का टोकन बिना किसी कठिनाई के काटा गया।
किसान जगदीश सिंह ने बताया कि उपार्जन केंद्र पहुंचते ही गेट पास जारी किया गया, नमी परीक्षण की प्रक्रिया त्वरित रूप से पूरी की गई और उन्हें तत्काल बारदाना उपलब्ध कराया गया। उन्होंने कहा कि धान विक्रय की संपूर्ण प्रक्रिया सरल, सुव्यवस्थित और पारदर्शी रही। केंद्र पर किसानों के लिए पेयजल, बैठने और छांव जैसी मूलभूत सुविधाएं भी सुनिश्चित की गई हैं, जिससे किसानों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल का समर्थन मूल्य दिया जा रहा है, जिससे किसानों को सीधा और व्यापक लाभ मिल रहा है। धान विक्रय से प्राप्त राशि का उपयोग वे गेहूं, सरसों, सब्जी सहित अन्य फसलों की खेती में कर रहे हैं, जिससे उनकी आय में निरंतर वृद्धि हो रही है।
किसान जगदीश सिंह ने वर्तमान धान खरीदी व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रणाली किसानों के हित में अत्यंत उपयोगी है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय तथा राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
प्रदेशभर में जिला प्रशासन द्वारा धान उपार्जन केंद्रों पर पारदर्शिता, सुविधा और त्वरित सेवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे धान खरीदी अभियान राज्य स्तर पर सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है।
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के प्रस्तावित आगमन की तैयारी के संबंध में कलेक्टर एवं एसएसपी ने आगडीह का किया निरीक्षण
रायपुर, 22 दिसंबर 2025

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू आगामी 30 दिसंबर 2025 को झारखंड राज्य के गुमला जिले के रायडीह प्रखंड स्थित मांझाटोली में आयोजित होने वाले अंतर्राज्यीय जन सांस्कृतिक समागम समारोह सह कार्तिक जतरा कार्यक्रम में शामिल होंगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू का जशपुर जिले के आगडीह हवाई अड्डे पर आगमन होगा, जहाँ से वे सड़क मार्ग द्वारा कार्यक्रम स्थल के लिए प्रस्थान करेंगी।
राष्ट्रपति के प्रस्तावित आगमन को दृष्टिगत रखते हुए जशपुर कलेक्टर श्री रोहित व्यास एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह ने आज आगडीह हवाई अड्डे का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक तैयारियों एवं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर श्री व्यास ने राष्ट्रीय राजमार्गों की समुचित व्यवस्था, साफ-सफाई, रोड मार्किंग, पार्किंग व्यवस्था, स्वास्थ्य सुविधाएँ, सेफ हाउस की व्यवस्था तथा मार्ग के दोनों ओर अनावश्यक झाड़ियों की सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।
सुशासन सप्ताह : प्रदेशभर में जनहितकारी कार्यक्रम, दिव्यांगजनों को मिला सहारा
रायपुर, 22 दिसंबर 2025 प्रदेश में सुशासन सप्ताह के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा जनहित को सर्वोपरि रखते हुए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में पारदर्शी, संवेदनशील और जवाबदेह शासन की दिशा में निरंतर पहल की जा रही है। इस अभियान का उद्देश्य जनसमस्याओं का त्वरित समाधान कर शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है।
समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों, वृद्धजनों एवं जरूरतमंद वर्गों के लिए विशेष कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि सुशासन सप्ताह के दौरान प्राप्त प्रत्येक आवेदन पर संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है, ताकि पात्र हितग्राहियों को समय पर सहायता मिल सके।
सूरजपुर जिले में समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकता के अनुसार सहायक उपकरण उपलब्ध कराए गए। जनपद पंचायत सूरजपुर के ग्राम कमलपुर निवासी 70 प्रतिशत अस्थि बाधित श्री करमु सारथी को ट्राईसाइकिल, जनपद पंचायत रामानुजनगर के ग्राम अगस्तपुर निवासी 90 प्रतिशत श्रवण बाधित बालक धरमवीर राजवाड़े को श्रवण यंत्र तथा जनपद पंचायत भैयाथान के ग्राम भरवाही निवासी 70 प्रतिशत दिव्यांग बालक जुलकर नैध को व्हीलचेयर प्रदान की गई। आवेदन प्राप्त होते ही तत्काल कार्यवाही कर उपकरण वितरण सुनिश्चित किया गया, जिससे हितग्राहियों में प्रसन्नता देखी गई।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा है कि सुशासन सप्ताह के माध्यम से शासन और जनता के बीच विश्वास को और मजबूत किया जा रहा है। दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराना उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। वहीं, मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में सूरजपुर जैसे त्वरित और संवेदनशील कार्यों को आदर्श के रूप में अपनाया जाए।
उपकरण पाकर हितग्राहियों ने शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि इस सहायता से उनके दैनिक जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा तथा वे सम्मानजनक एवं आत्मनिर्भर जीवन की ओर अग्रसर हो सकेंगे।
खाद्य सामग्रियों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने लगातार औचक जांच जारी : 14 लाख 63 हजार रुपए मूल्य का पनीर जब्त
रायपुर, 22 दिसंबर 2025 आमजन को स्वच्छ, सुरक्षित एवं पोषण युक्त खाद्य सामग्रियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के मार्गदर्शन एवं नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन के निर्देशन में विभाग लगातार प्रयासरत है। विभाग द्वारा नागरिकों को गुणवत्तायुक्त खाद्य समाग्री उपलब्ध कराने हेतु प्रदेश में लगातार कार्यवाही की जा रही है।
दुर्ग संभाग में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अंतर्गत जिला दुर्ग से विभिन्न खाद्य पदार्थ के कुल - 17 विधिक नमूना, जिला राजनांदगांव, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों से कुल 11 विधिक नमूना, जिला बेमेतरा से कुल 16 विधिक नमूना एवं जिला बालोद से कुल 18 विधिक, जिला कवर्धा से कुल 08 विधिक नमूना लेकर जांच हेतु खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया है, जांच रिपोर्ट प्राप्ति उपरांत अग्रिम कार्यवाही की जायेगी।
संभाग के विभिन्न जिलों में विभिन्न खाद्य पदार्थों का सतत् निगरानी व निरीक्षण किया गया विशेषकर फूटा चना में अधिकांशतः मिलाये जाने वाले अखाद्य रंग एवं मिलावटी पनीर पर सख्त कार्यवाही करते हुए रौनक इंटरप्राइजेस पनीका राजनांदगांव में स्किम मिल्क पावडर व पाम ऑयल से बनाये जा रहे 460 किलो पनीर मौके पर नष्ट कराया गया। विशाल मेगा मार्ट राजनांदगांव में एक्सपायरी प्रोडक्ट पाये जाने पर प्रकरण दर्ज किया गया।
जिला रायपुर के विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठान का निरीक्षण किया गया इसी क्रम में मेसर्स गोपी डेयरी एण्ड स्विट्स बोरिया खूर्द से अस्वस्थकर दशा में निर्माण व भण्डारीत पाये जाने पर 200 किलो मिठाई, मौके पर नष्ट किया गया एवं खोवा कलाकंद, कृष्णा बर्फी के 900 किलो को जब्त किया गया जिसका मूल्य 1,75,000 (एक लाख पचहत्तर हजार रूपये) रूपये है।
विभाग द्वारा मिलावटी पनीर मे निगरानी व जांच की मुहिम चलाकर, विक्रेताओ पर सख्त कार्यवाही करते हुए विभिन्न प्रतिष्ठा , एस.जे. डेयरी निमोरा से कुल 4450 कि.ग्रा. पनीर, फर्म काशी एग्रो फूड बिरगांव से कुल 500 कि.ग्रा. एनालॉग कॉटेज, फर्म विवान फूड मलसाय तलाब प्रोफेसर कॉलोनी से कुल 500 कि.ग्रा. पनीर, जिन सबका कुल अनुमानित मूल्य 14,63,500 (चौदह लाख तिरसठ हजार पांच सौ रूपये) रूपये हैं, जब्त किया गया एवं सभी का विधिक नमूना संग्रहित कर प्रयोगशाला भेजा गया। रिपोर्ट प्राप्त होने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 नियम 2011 के प्रावधानों के तहत कार्यवाही की जायेगी।
खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के सर्विलांस प्लान के तहत विभिन्न प्रतिष्ठानों से ड्राई फ्रूट - खजूर व किशमिश का नमूना एवं विभिन्न प्रकार के चॉकलेट का नमूना लेकर जांच हेतु भेजा गया।
चलित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला के माध्यम से संभाग में खाद्य पदार्थों का निगरानी नमूना लेकर त्वरित जांच करते हुए अमानक पाये गये खाद्य पदार्थ को मौके पर नष्ट कराया गया। जिला दुर्ग में 506, जिला बेमेतरा में कुल 68 व जिला बालोद में कुल 56 खाद्य नमूना, जिला कवर्धा में 119 नमूना संकलित किया गया। चलित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला के माध्यम से खाद्य कारोबारकर्ता को जनजागरूक करते हुए खाद्य समाग्री के पैकिंग हेतु अखबारी पेपर का प्रयोग नहीं करने हेतु निर्देशित किया गया। जिला दुर्ग में विगत दिनांे में अमानक पाये गये लिची जूस के विक्रेता को माननीय न्यायालय द्वारा 85000 रूपये का अर्थदण्ड अधिरोपित किया गया।
इस प्रकार प्रदेश के जनसामान्य के बेहतर स्वास्थ्य को ध्यान मे रखते हुए विभाग लगातार कार्यवाही कर रहा है जिससे की स्वच्छ, सुरक्षित एवं पोषण युक्त खाद्य सामग्रियों उपलब्धता हो सके।
महतारी वंदन योजना बनी प्रदेश की महिलाओं का मजबूत संबल, हर माह की आर्थिक सहायता से बदली जिंदगी
रायपुर, 22 दिसंबर 2025

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में महिलाओं को सशक्त, आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से प्रारंभ की गई महतारी वंदन योजना राज्यभर में सकारात्मक बदलाव ला रही है। योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की निश्चित आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खाते में जमा की जा रही है,अब तक 14,306 करोड़ 33 लाख रुपये की राशि 22 किश्तों में उनके बैंक खातों में पहुंचाई जा चुकी है। जिससे घरेलू खर्चों की चिंता कम हुई है और महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है।
कबीरधाम जिले के ग्राम मझगांव की निवासी श्रीमती सतरूपा गंधर्व, जो मजदूरी पर निर्भर परिवार से हैं, इस योजना से लाभान्वित होकर आत्मविश्वास के साथ जीवन यापन कर रही हैं। तीन बच्चों की मां श्रीमती सतरूपा को अब तक 22 किस्तों में कुल 22,000 रुपये की सहायता राशि प्राप्त हो चुकी है। वे बताती हैं कि इस राशि से बच्चों की पढ़ाई से जुड़ी सामग्री, घरेलू जरूरतें और व्यक्तिगत आवश्यकताएं आसानी से पूरी हो पा रही हैं। नियमित सहायता से उनके पास बचत भी रहने लगी है, जिससे आकस्मिक खर्चों की चिंता समाप्त हो गई है।
बलरामपुर जिले के विकासखण्ड वाड्रफनगर अंतर्गत ग्राम रघुनाथनगर की निवासी श्रीमती ओमलता भी महतारी वंदन योजना से लाभान्वित होकर स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ी हैं। साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाली श्रीमती ओमलता को योजना के तहत प्रतिमाह 1,000 रुपये की सहायता मिल रही है। अब तक उन्हें 22,000 रुपये की राशि प्राप्त हो चुकी है। वे बताती हैं कि इस सहयोग से वे घर के छोटे-छोटे खर्च स्वयं वहन कर पा रही हैं और किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आया है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में स्थायित्व और सम्मान लाने वाली पहल है। उन्होंने बताया कि नियमित आर्थिक सहायता से महिलाएं अब अपने परिवार की आवश्यकताओं में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं और आर्थिक निर्णयों में उनकी भागीदारी बढ़ी है। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि योजना का लाभ प्रत्येक पात्र महिला तक समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से पहुंचे।
समर्थन मूल्य बनी समृद्धि की राह: धान खरीदी व्यवस्था और फसल चक्र परिवर्तन से किसान बलवंत मेश्राम की बढ़ी आमदनी
रायपुर, 22 दिसंबर 2025 शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर की जा रही धान खरीदी की सुव्यवस्थित और पारदर्शी व्यवस्था किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। चालू खरीफ विपणन वर्ष में 15 नवंबर से प्रारंभ हुई इस व्यवस्था ने किसानों का भरोसा मजबूत किया है। जिले के खरतुली ग्राम निवासी प्रगतिशील किसान श्री बलवंत मेश्राम की सफलता की कहानी इसका सशक्त उदाहरण है, जहाँ सरकारी योजनाओं का सही उपयोग और वैज्ञानिक खेती ने उनकी तक़दीर बदल दी।
श्री मेश्राम ने इस वर्ष अपने 4.42 एकड़ खेत में उत्पादित लगभग 50 क्विंटल धान को नजदीकी धान उपार्जन केंद्र में समर्थन मूल्य पर बेचा। उन्होंने बताया कि टोकन कटवाने से लेकर धान की तौल और खरीदी तक की पूरी प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और समयबद्ध रही। उपार्जन केंद्र में छाया, पेयजल और बैठने जैसी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता से किसानों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई, जिसके लिए उन्होंने शासन की व्यवस्थाओं की सराहना की।
धान उत्पादन के साथ-साथ श्री मेश्राम फसल चक्र परिवर्तन को अपनाने वाले जागरूक किसान हैं। पिछले वर्ष उन्होंने 60 क्विंटल धान का विक्रय किया था, जिससे प्राप्त राशि का उपयोग उन्होंने बेहतर बीज, खाद, कृषि सुधार और आधुनिक तकनीकों में किया। इसका परिणाम यह हुआ कि उनकी खेती अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनती गई।
रबी मौसम में वे चना की खेती को प्राथमिकता देते हैं। पिछले वर्ष 4 एकड़ में चना की खेती से उन्हें लगभग 36 हजार रुपये की अतिरिक्त आमदनी हुई। चना की फसल कम लागत में बेहतर मुनाफा देने के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और जल संरक्षण में भी सहायक है। स्वयं के बोर की सुविधा होने से सिंचाई व्यवस्था भी सुचारू रहती है।
श्री बलवंत मेश्राम की यह कहानी दर्शाती है कि यदि किसान सरकारी योजनाओं का सही लाभ उठाएँ और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से खेती करें, तो कृषि केवल आजीविका का साधन नहीं बल्कि समृद्धि का मजबूत आधार बन सकती है। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी जैसी योजनाएँ किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
राज्य सरकार ने आगामी वर्ष को ‘महतारी गौरव वर्ष’ किया घोषित
मातृशक्ति के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए सरकार दृढ़संकल्पित : मुख्यमंत्री श्री साय
रायपुर 22 दिसंबर 2025/मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में सेवा का पहला वर्ष ‘विश्वास वर्ष’ के रूप में समर्पित किया गया था, जिसमें शासन और जनता के बीच विश्वास की पुनर्स्थापना का लक्ष्य सफलतापूर्वक प्राप्त हुआ। लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करते हुए सरकार ने पारदर्शिता, संवेदनशीलता और संवाद के माध्यम से जनता का भरोसा फिर से अर्जित किया।
उन्होंने कहा कि सेवा का दूसरा वर्ष भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को समर्पित ‘अटल निर्माण वर्ष’ के रूप में मनाया गया। इस दौरान प्रदेश के आधारभूत ढांचे, सामाजिक विकास और जनकल्याण से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण कार्य पूरे हुए। इन उपलब्धियों का विस्तृत ‘रिपोर्ट कार्ड’ आज जनता के समक्ष सीधे प्रस्तुत किया गया, जो सरकार की जवाबदेही और पारदर्शिता का परिचायक है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश को सबसे अधिक आशीर्वाद मातृशक्ति से मिलता है। माताओं और बहनों के स्नेह, विश्वास और समर्थन से ही सरकार को जनसेवा की ऊर्जा प्राप्त होती है। इसी भाव से प्रेरित होकर राज्य सरकार ने आगामी वर्ष को ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में घोषित किया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘महतारी गौरव वर्ष’ के दौरान राज्य की सभी प्रमुख योजनाओं और कार्यक्रमों का केंद्रबिंदु माताएँ और बहनें होंगी। यह वर्ष न केवल मातृशक्ति के सम्मान का प्रतीक होगा, बल्कि उनके सशक्तिकरण, सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन और सामाजिक गरिमा को नई ऊँचाई देने का संकल्प भी सिद्ध होगा।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि महतारी गौरव वर्ष के माध्यम से छत्तीसगढ़ में मातृशक्ति के नेतृत्व, सहभागिता और सम्मान का एक नया अध्याय लिखा जाएगा, जो विकसित और समरस छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव बनेगा।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश के जांजगीर में ‘जनादेश परब’ के अवसर पर आयोजित ऐतिहासिक जनसभा में उमड़े जनसमर्थन के लिए प्रदेशवासियों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री ने जनसभा में उपस्थित केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा के प्रति विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके प्रेरणास्पद उद्बोधन ने कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे मार्गदर्शक विचार छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा के संकल्प को और अधिक दृढ़ बनाते हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह विशाल सहभागिता लोकतंत्र में जनता के अटूट विश्वास और सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों की स्वीकृति का सशक्त प्रमाण है।
दिव्यांगजनों के साथ देश, समाज और परिवार खड़ा है- राज्यपाल श्री डेका
श्रवण व दृष्टिबाधित दिव्यांगजनों के कौशल उन्नयन शिविर का राज्यपाल ने किया अवलोकन
रायपुर, 22 दिसंबर 2025

छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम तथा महावीर इंटरकॉन्टिनेंटल सर्विस ऑर्गेनाइजेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित श्रवण एवं दृष्टिबाधित दिव्यांगजनों के कौशल उन्नयन शिविर का राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज अवलोकन किया और प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे दिव्यांगजनों का उत्साहवर्धन किया।
इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि दिव्यांगजन अकेले नहीं हैं, उनके साथ पूरा देश, समाज और परिवार खड़ा है। यह शिविर केवल प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि दिव्यांगजनों को सशक्त बनाकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की प्रेरणादायक पहल है। उन्होंने कहा कि कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनना ही सच्चा सशक्तिकरण है। दिव्यांगता बाधा नहीं, क्षमता का माध्यम बने।
राज्यपाल ने कहा कि दिव्यांग भाई-बहनों की चुनौतियाँ अक्सर समाज की नजरों से ओझल रह जाती हैं, जबकि उनकी क्षमताएँ असाधारण होती हैं। हमारी व्यवस्थाएँ ऐसी होनी चाहिए कि दिव्यांगता बाधा न बने, बल्कि उनकी प्रतिभा और सामर्थ्य को सामने लाने का माध्यम बने।
उन्होंने कहा कि समर्थ भारत और विकसित भारत @2047 का संकल्प तभी साकार होगा, जब दिव्यांगजनों को समान अवसर, सम्मान और आत्मनिर्भरता मिले। दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016 इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो सहायता के साथ-साथ स्वावलंबन पर जोर देता है।
राज्यपाल ने दिव्यांगजनों से आह्वान किया कि वे प्रशिक्षण का पूरा लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनें और आगे चलकर दूसरों को भी रोजगार देने का माध्यम बनें। उन्होंने कहा कि आप में गिरने के बाद उठने की शक्ति है और समाज आपकी इस यात्रा में आपके साथ है।
राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सेवा भावना और संवेदना मजबूत है। दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए संस्थाओं और राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं।
राज्यपाल ने कहा कि दिव्यांगजनों के लिए रैंप, सुलभ शौचालय, बाधा-रहित भवन, स्कूलों और सार्वजनिक संस्थानों में आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि विदेशों की तरह हमें भी दिव्यांगजनों के प्रति सम्मान और स्वीकार्यता का वातावरण बनाना होगा।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह शिविर दिव्यांगजनों को आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की नई दिशा देगा और वे विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे।
जैनम मानस भवन नया रायपुर में यह कौशल उन्नयन शिविर 23 दिसंबर तक आयोजित किया जा रहा है। इसमें देश के विभिन्न राज्यों से आए 1000 से अधिक श्रवण एवं दृष्टिबाधित दिव्यांगजन प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं, जो इस आयोजन की व्यापकता और प्रभाव को दर्शाता है।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम, रायपुर के अध्यक्ष श्री लोकेश कावड़िया तथा महावीर इंटरकॉन्टिनेंटल सर्विस ऑर्गेनाइजेशन के अध्यक्ष श्री पुष्प जैन ने भी अपने विचार रखे।
इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती रोक्तिमा यादव, अन्य अधिकारी, संस्था पदाधिकारी, दिव्यांगजन एवं छात्र-छात्राएँ बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
मंत्री श्रीमती राजवाड़े आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका ऑनलाइन भर्ती प्रणाली का करेंगी राज्य स्तरीय शुभारंभ
नई विभागीय वेबसाइट के साथ भर्ती प्रक्रिया होगी पूरी तरह डिजिटल
रातभर नाकेबंदी कर खनिज विभाग ने 8 हाईवा किए जब्त
दिव्यांगजनों के साथ देश, समाज और परिवार खड़ा है- राज्यपाल श्री डेका
आदिम जाति विकास विभाग अंतर्गत सुकमा जिले की अभिनव पहल