छत्तीसगढ़ / रायपुर
पत्रकारों की लेखनी केवल सूचना का माध्यम ही नहीं, पर्यटन को प्रोत्साहन देने का एक सशक्त साधन भी - मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
छत्तीसगढ़ सरकार पर्यटन के समग्र विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध - मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से राजस्थान के अंतर्राज्यीय अध्ययन भ्रमण से लौटे पत्रकारों के दल ने की सौजन्य मुलाकात
रायपुर, 21 दिसंबर 2025
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से राजस्थान के अंतर्राज्यीय अध्ययन भ्रमण से लौटने के उपरांत छत्तीसगढ़ के पत्रकारों के दल ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर पत्रकारों ने 15 से 20 दिसम्बर तक राजस्थान भ्रमण के दौरान वहां की विधायिका, प्रशासनिक कार्यप्रणाली तथा पर्यटन के क्षेत्र में किए गए नवाचारों के अनुभवों को साझा किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पत्रकारों के लिए अंतर्राज्यीय अध्ययन भ्रमण कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है, ताकि अन्य राज्यों के शासन-प्रशासन, पर्यटन एवं सांस्कृतिक विकास से जुड़े नवाचारी प्रयासों को पत्रकारों के दृष्टिकोण से समझा जा सके। उन्होंने कहा कि ऐसे अध्ययन भ्रमणों से प्राप्त अनुभवों के आधार पर छत्तीसगढ़ में भी नई और प्रभावी पहल शुरू की जा सकती हैं।
मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से आग्रह किया कि वे इस यात्रा के अनुभवों को यात्रा-वृत्तांत के रूप में लिपिबद्ध करें, जिससे यह आम पर्यटकों के लिए एक उपयोगी मार्गदर्शिका का कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि पत्रकारों की लेखनी केवल सूचना का माध्यम नहीं, बल्कि पर्यटन को प्रोत्साहन देने का एक सशक्त साधन भी है।
प्रदेश में पर्यटन की अपार संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार पर्यटन के समग्र विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने विशेष रूप से बस्तर क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य की दृष्टि से बस्तर धरती पर स्वर्ग के समान है, किंतु नक्सलवाद लंबे समय तक इसके विकास में एक बड़ी बाधा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के संकल्प के अनुरूप मार्च 2026 तक नक्सलवाद को जड़ से समाप्त करने की दिशा में राज्य सरकार पूरी दृढ़ता के साथ कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पर्यटन को राज्य की नई उद्योग नीति में शामिल किया गया है। इसके तहत सुदूर वनांचलों में होम-स्टे को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि पर्यटक ग्रामीण परिवारों के साथ रहकर उनकी संस्कृति, खान-पान और जीवनशैली को नजदीक से अनुभव कर सकें। इससे पर्यटन को प्रोत्साहन मिलने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि विश्व के 20 प्रमुख पर्यटन स्थलों में छत्तीसगढ़ के धुड़मारास को शामिल किया जाना प्रदेश के लिए गौरव की बात है। मुख्यमंत्री ने पत्रकारों द्वारा दिए गए सुझावों का स्वागत करते हुए कहा कि इन पर गंभीरता से विचार कर उन्हें अमल में लाया जाएगा।
इस अवसर पर जशपुर से श्री विजय त्रिपाठी ने बताया कि राजस्थान भ्रमण के दौरान वहां की विधानसभा देखने का अवसर मिला, जहां आमजन को विधि निर्माण की प्रक्रिया और विधानसभा की कार्यप्रणाली से अवगत कराने के लिए एक भव्य संग्रहालय का निर्माण किया गया है। इस संग्रहालय के माध्यम से राज्य निर्माण से लेकर वर्तमान तक की विधायी यात्रा और ऐतिहासिक व्यक्तित्वों के योगदान को समझने का अवसर मिलता है।
कोरबा से श्री विजय खेत्रपाल ने कहा कि इस अध्ययन भ्रमण के माध्यम से यह समझने का अवसर मिला कि राजस्थान में सैकड़ों वर्ष पुराने किलों और महलों को आधुनिक जनसुविधाओं से जोड़कर पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित किया गया है। इसके साथ ही रेगिस्तानी क्षेत्रों में जीप सफारी, ऊंट सवारी, पैरा-सेलिंग, डेजर्ट कैंप जैसी गतिविधियों के माध्यम से पर्यटन को आकर्षक रूप दिया गया है, जो छत्तीसगढ़ के लिए एक प्रभावी केस स्टडी हो सकती है।
जगदलपुर के श्री अर्जुन झा ने जयपुर स्थित चोकरधानी के अनुभव साझा करते हुए कहा कि वहां ग्रामीण जीवन, लोकसंस्कृति और खान-पान को एक ही मंच पर प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने सुझाव दिया कि इसी प्रकार बस्तर पंडुम के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को पर्यटकों के समक्ष प्रस्तुत किया जा सकता है। श्री टिंकेश्वर तिवारी ने भी राजस्थानी खान-पान की तर्ज पर छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजनों को पर्यटन स्थलों पर प्रमुखता से बढ़ावा देने पर जोर दिया।
स्टेट न्यूज़ सर्विस के युवा पत्रकार श्री रजत अवस्थी ने राजस्थानी टोपी साफा से मुख्यमंत्री श्री साय का सम्मान करते हुए पत्रकार भ्रमण योजना को प्रारम्भ करने के लिए धन्यवाद दिया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी श्री आलोक सिंह, जनसंपर्क विभाग के अपर संचालक श्री संजीव तिवारी, संयुक्त संचालक श्री जितेंद्र नागेश सहित पत्रकारगण एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
क्रमांक: 7120/लोन्हारे/भवानी
‘प्रोजेक्ट संकल्प’ आश्रम-छात्रावासों के बच्चों का संवर रहा भविष्य : प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा
शैक्षणिक अध्ययन के साथ रचनात्मक गतिविधियों, अनुशासन और व्यक्तित्व विकास पर जोर
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर प्रारंभ की गई है प्रोजेक्ट संकल्प
रायपुर, 21 दिसम्बर 2025
आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा प्रदेश में प्रारंभ किए गए ‘प्रोजेक्ट संकल्प‘ के माध्यम से आश्रम छात्रावासों में रहकर अध्ययन कर रहे बच्चों का भविष्य संवर रहा है। विभाग की इस नई पहल से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शैक्षणिक के साथ नैतिक, सामाजिक एवं जीवन कौशल से भी सशक्त बनाया जा रहा है।
आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने आज यहां बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश एवं विभागीय मंत्री श्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में छात्रावासी बच्चों के भविष्य को नई उड़ान देने के उद्देश्य से यह अभिनव पहल की गई हैै।
छोटा बीज बड़े वृक्ष का बनता है आधार
प्रमुख सचिव श्री बोरा ने कहा कि जिस प्रकार छोटा बीज बड़े वृक्ष का आधार बनता है उसी प्रकार एक छोटी सकारात्मक पहल समाज में क्रांति ला सकती है। यदि विद्यार्थी को प्रारंभ से ही उच्च आदर्शों पर आधारित शिक्षा प्राप्त होगी तो वह आगे चलकर समाज एवं राष्ट्र में अपना सकारात्मक योगदान देने में सक्षम होगा। प्रोजेक्ट संकल्प’’ इसी कड़ी में ‘‘ एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
प्रमुख सचिव श्री बोरा ने बताया कि इस पहल के अंतर्गत छात्रावासों में अध्ययनरत बच्चों के शैक्षणिक अध्ययन के साथ-साथ रचनात्मक गतिविधियों, अनुशासन, जीवन कौशल एवं व्यक्तित्व विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। छात्र-छात्राओं को सुरक्षित वातावरण, गुणवत्तापूर्ण भोजन, नियमित शैक्षणिक सहयोग तथा खेलकूद एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसमें हैदराबाद के सुप्रसिद्ध प्रेरक वक्ता श्री नंद जी द्वारा निस्वार्थ भाव से प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान श्री नंदा जी ने छात्रावास अधीक्षकों को छात्रावास-आश्रमों में सकारात्मक सोच विकसित करने के सामान्य, परंतु प्रभावी तरीके बताएं। उन्होंने बच्चों को अनुशासन में रखने, उनमें अच्छी आदतें विकसित करने, अपने कार्य पर पूर्ण फोकस करने, समय का महत्व समझने, अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने, नियमित व्यायाम करने, स्वयं भी खुश रहने एवं अपने सहपाठियों को भी खुश रखने तथा सबके साथ अच्छे मधुर संबंध बनाने के गुर बताएं।
छोटी सकारात्मक पहल बच्चों के जीवन में ला सकती है बड़ा परिवर्तन
प्रमुख सचिव श्री बोरा ने बताया कि प्रोजेक्ट संकल्प के प्रथम चरण के अंतर्गत 16 से 18 अक्टूबर 2025 को रायपुर में सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास के साथ एक प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। छात्रावास-आश्रमों से जुड़ी सामान्य एवं व्यवहारिक समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई एवं उनके सकारात्मक सरल एवं प्रभावी निदान श्री नंद जी द्वारा बताए गए। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों के मानसिक, शैक्षणिक एवं सामाजिक विकास को लेकर उपयोगी सुझाव साझा किए गए। इसी कड़ी में आज पोस्ट मैट्रिक छात्रावास-आश्रमों के अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर श्री बोरा ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि “एक छोटी-सी सकारात्मक पहल भी बच्चों के जीवन में बड़ा परिवर्तन ला सकती है।’’
उल्लेखनीय है कि आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा संचालित छात्रावास-आश्रमों में अध्ययनरत बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु विभाग द्वारा समय-समय पर अनेक प्रयास किए जाते रहे हैं। विभागीय मंत्री जी एवं वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा समय-समय पर छात्रावास-आश्रमों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाती है, ताकि बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं में किसी प्रकार की कमी न रहे।
बच्चों में पैदा हुआ नया उत्साह एवं आत्मविश्वास
प्रोजेक्ट संकल्प के माध्यम से किए जा रहे प्रयासों से अब छात्रावासों में रह रहे बच्चों में नया उत्साह एवं आत्मविश्वास पैदा हुआ है। अब वे आगे बढ़ते हुए न केवल शैक्षणिक उपलब्धियाँ हासिल कर रहे हैं, बल्कि जीवन के रंग और खुशियाँ भी सीख रहे हैं। शिक्षक एवं छात्रावास अधीक्षक बच्चों को सीखने-सिखाने की संस्कृति से जोड़ते हुए उन्हें समाज का जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
आदिम जाति विकास विभाग का यह प्रयास विशेष रूप से दूरस्थ और आदिवासी अंचलों के बच्चों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल रहा है। इस अभिनव पहल से शिक्षा को संवेदनशीलता और सकारात्मक सोच के साथ जोड़ने से छात्रावास भी बच्चों के खुशहाल जीवन की मजबूत नींव बन रहा हैं।
क्रमांक-7117/ओम
मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े दिव्यांग युवक–युवती परिचय सम्मेलन में हुई शामिल विकलांग नहीं, दिव्यांगजन कहकर करें संबोधन” —श्रीमती राजवाड़े
महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा है कि दिव्यांगजन समाज की मुख्यधारा का अभिन्न अंग हैं और उनके प्रति संवेदनशील सोच व सम्मानजनक भाषा का उपयोग अत्यंत आवश्यक है। वे अखिल भारतीय विकलांग चेतना परिषद (छत्तीसगढ़ प्रांत) के तत्वावधान में आशीर्वाद भवन, बैरन बाजार, रायपुर में आयोजित 16वें राज्य स्तरीय विवाह योग्य युवक–युवती परिचय सम्मेलन को संबोधित कर रही थीं।
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने अपने संबोधन में कहा कि यह सम्मेलन केवल परिचय का मंच नहीं, बल्कि दिव्यांग युवक–युवतियों को गरिमापूर्ण वैवाहिक जीवन की ओर अग्रसर करने का सार्थक प्रयास है। उन्होंने जानकारी दी कि सम्मेलन में सहमति बनने वाले जोड़ों का सामूहिक विवाह 28 फरवरी 2026 एवं 01 मार्च 2026 को आयोजित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि सम्मेलन की एक विशेष उपलब्धि यह रही कि इसमें सामान्य युवक–युवतियाँ भी शामिल हुए, जो दिव्यांगजनों से विवाह के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे आए। यह सामाजिक समावेशन और समानता की दिशा में प्रेरक पहल है।
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कार्यक्रम के दौरान एक महत्वपूर्ण सामाजिक अपील करते हुए कहा कि “विकलांग” के स्थान पर “दिव्यांगजन” शब्द का प्रयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सम्मान और आत्मबल को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से “दिव्यांगजन” शब्द के प्रयोग का आग्रह किया है। शब्द हमारी सोच और संवेदना को दर्शाते हैं, इसलिए समाज को सम्मानजनक भाषा अपनानी चाहिए।
कार्यक्रम में विधायक माननीय श्री पुरंदर मिश्रा, कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. विनय पाठक, चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. विनोद पाण्डेय, अग्रवाल समाज अध्यक्ष श्री विजय अग्रवाल, कार्यक्रम संयोजक श्री विरेंद्र पाण्डेय, श्री राजेश अग्रवाल सहित अनेक गणमान्य नागरिक, बड़ी संख्या में दिव्यांगजन एवं उनके परिजन उपस्थित रहे।
मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार दिव्यांगजनों के अधिकार, सम्मान और सामाजिक समावेशन के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक परिवर्तन की मजबूत नींव रखते हैं।
क्रमांक-7118/दानेश्वरी
मुख्यमंत्री श्री साय ने ठाकुर प्यारेलाल सिंह की जयंती पर किया नमन
रायपुर 20 दिसम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं श्रमिक-किसान आंदोलनों के अग्रदूत ठाकुर प्यारेलाल सिंह की 21 दिसम्बर को जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि ठाकुर प्यारेलाल सिंह जी छत्तीसगढ़ की धरती के ऐसे महान सपूत थे, जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के साथ-साथ श्रमिकों, किसानों और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए आजीवन संघर्ष किया। वे छत्तीसगढ़ में श्रमिक एवं सहकारी आंदोलन के प्रणेता माने जाते हैं। छात्र जीवन से ही वे स्वाधीनता आंदोलनों से सक्रिय रूप से जुड़े रहे और ब्रिटिश शासन के अन्याय व दमन के विरुद्ध निर्भीक होकर संघर्षरत रहे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ठाकुर प्यारेलाल सिंह का संपूर्ण जीवन साहस, संघर्ष और सेवा के आदर्शों से ओत-प्रोत है। छत्तीसगढ़ के सामाजिक, राजनीतिक और ऐतिहासिक विकास में उनके अमूल्य योगदान को सदैव सम्मान और कृतज्ञता के साथ स्मरण किया जाएगा। उन्होंने इस अवसर पर प्रदेशवासियों से ठाकुर प्यारेलाल सिंह जी के विचारों और आदर्शों को आत्मसात कर समाज और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय सहभागी बनने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने पंडित सुंदरलाल शर्मा की जयंती पर किया श्रद्धापूर्वक नमन
रायपुर 20 दिसम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, प्रख्यात साहित्यकार एवं महान समाज सुधारक पंडित सुंदरलाल शर्मा की 21 दिसम्बर को जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पंडित सुंदरलाल शर्मा जी छत्तीसगढ़ की माटी से जुड़े ऐसे युगद्रष्टा महापुरुष थे, जिन्होंने किसानों के अधिकारों, सामाजिक न्याय और राष्ट्रीय स्वाभिमान के लिए अपना सम्पूर्ण जीवन समर्पित कर दिया।
सामाजिक सुधार के क्षेत्र में भी उनका योगदान अतुलनीय रहा। उन्होंने अंधविश्वास, छुआछूत, सामाजिक रूढ़ियों और कुरीतियों के विरुद्ध निरंतर संघर्ष करते हुए समाज को समानता, सद्भाव और मानवता के पथ पर आगे बढ़ाया। उनके साहित्य, विचार और कर्म ने जनमानस में जागरण और आत्मसम्मान की चेतना का संचार किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पंडित सुंदरलाल शर्मा का संपूर्ण जीवन सत्य, साहस और सेवा के मूल्यों का जीवंत उदाहरण है। देश की स्वतंत्रता तथा छत्तीसगढ़ के सामाजिक-सांस्कृतिक उत्थान में उनका योगदान सदैव स्मरणीय और प्रेरणादायी रहेगा। उन्होंने इस अवसर पर प्रदेशवासियों से पंडित सुंदरलाल शर्मा जी के आदर्शों को आत्मसात करने और एक न्यायपूर्ण, समरस एवं जागरूक समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
छत्तीसगढ़ में गाइडलाइन दरों का युक्तियुक्त निर्धारण, पारदर्शिता और सरलता की दिशा में बड़ा कदम
छत्तीसगढ़ गाइडलाइन दरों का निर्धारण नियम, 2000 के प्रावधानों के तहत केन्द्रीय मूल्यांकन बोर्ड, छत्तीसगढ़ द्वारा स्थावर संपत्तियों के बाजार मूल्य निर्धारण से संबंधित गाइडलाइन दर वर्ष 2025–26 को अनुमोदित करते हुए 20 नवंबर 2025 से प्रदेशभर में लागू कर दिया गया है। यह निर्णय राज्य में संपत्ति मूल्यांकन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, तार्किक और जनसुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
विगत पांच वर्षों से गाइडलाइन दरों का पुनरीक्षण नहीं होने के कारण प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में कई प्रकार की विसंगतियां उत्पन्न हो गई थीं। वर्ष 2025–26 की नवीन गाइडलाइन में इन विसंगतियों को दूर करते हुए दरों का युक्तियुक्तकरण किया गया है। पूर्व प्रचलित गाइडलाइन में नगर पालिका क्षेत्रों में कुल 200 कंडिकाएं थीं, जिन्हें घटाकर 102 किया गया है। एक ही वार्ड में अलग-अलग कंडिकाओं और भिन्न दरों के कारण आमजन को संपत्ति के मूल्य को समझने में कठिनाई होती थी, जिसे अब सरल और स्पष्ट बनाया गया है।
वार्ड परिसीमन के बाद कंडिकाओं में आवश्यक संशोधन कर नई परिस्थितियों के अनुरूप दरें निर्धारित की गई हैं। समाचार पत्रों में प्रकाशित दरों के विश्लेषण से स्पष्ट है कि वर्ष 2025–26 की गाइडलाइन में लगभग समान दरों को समायोजित कर एकरूप किया गया है, जिससे औसतन लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि परिलक्षित होती है। उदाहरण के तौर पर महासमुंद जिले में नई गाइडलाइन में पूरे रायपुर मार्ग की दर 32,500 रुपये तथा 20 मीटर अंदर की दर 7,500 रुपये निर्धारित की गई है।
इसी प्रकार यतियतनलाल वार्ड में परिसीमन के कारण दरों को युक्तियुक्त करते हुए 4,800 रुपये से बढ़ाकर 9,000 रुपये किया गया है। वार्ड क्रमांक 03 में भी एक ही मार्ग पर स्थित कंडिकाओं को समायोजित कर नई कंडिका सृजित की गई है और दरों में औसतन 20 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। पुष्पा पेट्रोल पंप से पंकज सोनी के मकान तक निर्धारित दरें शंकर नगर वार्ड के सामने की दरों के अनुरूप रखी गई हैं, जिससे सड़क के आमने-सामने स्थित क्षेत्रों में समान दरें लागू हो सकें।
बरोण्डा चौक तथा बरोण्डा चौक से भाजपा कार्यालय तक के क्षेत्रों में भी दरों का युक्तियुक्तकरण करते हुए औसतन 20 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। इसी प्रकार अन्य वार्डों में भी समान परिस्थिति और महत्व के क्षेत्रों में दरों को एकरूप करते हुए संतुलित वृद्धि सुनिश्चित की गई है।
राज्य सरकार द्वारा किए गए इस पुनरीक्षण का उद्देश्य वास्तविक प्रचलित बाजार मूल्य को गाइडलाइन दरों में समाहित करना है, ताकि संपत्ति क्रय-विक्रय, स्टांप शुल्क और पंजीयन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़े तथा आम नागरिकों को स्पष्ट और न्यायसंगत दरों का लाभ मिल सके। यह पहल छत्तीसगढ़ में सुगम, भरोसेमंद और जनहितैषी संपत्ति मूल्यांकन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है।
राष्ट्रीय अभियान ‘नई चेतना 4.0’ अंतर्गत राज्य स्तरीय जेंडर कार्यशाला का आयोजन
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, सामाजिक सुरक्षा एवं लैंगिक समानता पर हुआ गहन मंथन
रायपुर, 20 दिसंबर 2025
छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा राष्ट्रीय अभियान 'नई चेतना 4.0' के अंतर्गत एक दिवसीय राज्य स्तरीय जेंडर कार्यशाला का आयोजन आज नए सर्किट हाउस रायपुर में किया गया। कार्यशाला में प्रमुख रूप से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह तथा छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के मिशन संचालक श्री अश्विनी देवांगन सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यशाला में बताया गया कि यह पहल महिलाओं के हक-अधिकारों की रक्षा, सामाजिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने एवं जेंडर आधारित हिंसा की रोकथाम की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग श्री सिंह ने कहा कि जेंडर रिसोर्स सेंटर के माध्यम से महिलाओं को एक सशक्त मंच मिलेगा, जहाँ वे अपने अधिकारों की जानकारी प्राप्त कर आत्मनिर्भर बन सकेंगी। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक क्षेत्र में महिला शक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका एवं भागीदारी है।
मिशन संचालक, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन श्री देवांगन ने कहा कि जेंडर केवल किसी एक विभाग का विषय नहीं है, बल्कि शासन के सभी विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने जेंडर को मुख्यधारा में लाने हेतु विभागीय अभिसरण को और अधिक मजबूत करने पर बल दिया।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विभागों की भूमिका को सुदृढ़ करना तथा महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण के लिए समन्वित कार्यप्रणाली विकसित करना रहा। इस अवसर पर महिला सशक्तिकरण, लैंगिक समानता, सामाजिक समावेशन, जेंडर आधारित हिंसा, शिकायत निवारण तंत्र एवं अधिकार आधारित सेवाओं की पहुँच जैसे विषयों पर विस्तृत परिचर्चा की गई।
कार्यशाला में पुलिस विभाग, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, महिला एवं बाल विकास विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों द्वारा महिलाओं के हक एवं अधिकारों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विचार साझा किए गए।
कांकेर जिले की दीदियों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जेंडर आधारित हिंसा, सामाजिक भेदभाव तथा जेंडर रिसोर्स सेंटर की भूमिका को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। साथ ही दो पैनल चर्चाओं में महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण में आने वाली बाधाओं तथा विभागीय अभिसरण पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यशाला में राज्य एवं जिला स्तर के वरिष्ठ अधिकारी, विषय विशेषज्ञ, एनएमएमयू प्रतिनिधि, तथा प्रदान, ट्रीफ, चैतन्य संस्था सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ प्रदेश भर से आए जीएमटी, समूह सदस्य, पदाधिकारी एवं अन्य हितधारकों की सक्रिय सहभागिता रही।
कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट कार्य करने वाली जिला एवं ब्लॉक स्तरीय टीमों को सम्मानित किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि महिलाओं को समय पर सहयोग, सुरक्षित मंच एवं भरोसेमंद तंत्र उपलब्ध कराना ही ‘नई चेतना 4.0’ अभियान का मूल उद्देश्य है।
क्रमांक: 7103/गोपाल
निगम के बालको जोनांतर्गत 08 वार्डाे में होंगे 02 करोड़ 61 लाख रू. के विकास कार्य , 08 लाख रू. से नवनिर्मित सामुदायिक मंच भी मिला चेकपोस्टवासियों को
उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रमों में इन विकास कार्याे हेतु सम्पन्न हुआ भूमिपूजन, नवनिर्मित सामुदायिक मंच भी जनसेवा में हुआ समर्पित
रायपुर, 20 दिसम्बर 2025
नगर पालिक निगम केारबा के बालको जोनांतर्गत वार्ड क्र. 38, 39, 40, 41, 42, 43,46 व 47 में 02 करोड़ 61 लाख रूपये के विकास कार्य कराए जाएंगे। आज प्रदेश के उद्योग, वाणिज्य, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रमों में इन विकास कार्याे का भूमिपूजन उनके करकमलों के द्वारा किया गया, वहीं वार्ड क्र. 38 चेकपोस्ट लालघाट में 08 लाख रूपये की लागत से नवनिर्मित सामुदायिक मंच का लोकार्पण भी उनके हाथों सम्पन्न हुआ। इस मौके पर निगम के सभापति श्री नूतन सिंह ठाकुर, वरिष्ठ पार्षद नरेन्द्र देवांगन, एम.आई.सी.सदस्य हितानंद अग्रवाल सहित निगम के पार्षद व जनप्रतिनिधिगण विशिष्ट रूप से उपस्थित थे।
नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा बालको जोन के अंतर्गत आने वाले वार्ड क्र. 38 अंतर्गत रिसदा में 30 लाख रूपये की लागत से सी.सी.रोड एवं नाली निर्माण, वार्ड क्र. 38 चेकपोस्ट भदरापारा ईश्वर साहू मोहल्ला में लूडी हैम्ब्रोे घर से स्व.पवन पटेल घर तक 10 लाख रूपये की लागत से सी.सी. रोड नाली निर्माण, वार्ड क्र. 38 अंतर्गत अमरसिंह होटल के पास 08 लाख रूपये की लागत से सी.सी. रोड नाली निर्माण, वार्ड क्र. 38 अंतर्गत चेकपोस्ट भदरापारा ईश्वर साहू मोहल्ला में माखन यादव के घर से नदी तक 14 लाख 50 हजार रूपये की लागत से सी.सी. रोड नाली निर्माण, वार्ड क्र. 39 अंतर्गत विभिन्न स्थानों में 30 लाख रूपये की लागत से सी.सी. रोड नाली निर्माण, वार्ड क्र. 46 परसाभांठा बालको नवधा पण्डाल के पास 15 लाख रूपये की लागत से किचन शेड व कक्ष का निर्माण किया जाना हैं। इसी प्रकार वार्ड क्र. 40 पाड़ीमार क्र. 01 शास.प्रा.शाला परसाभांठा एवं प्राथमिक शाला रिसदा में 20 लाख रूपये की लागत से अहाता निर्माण, वार्ड क्र. 40 अंतर्गत पाड़ीमार बालको चिंतामणी साहू के घर से स्वास्थ्य केन्द्र तक 05 लाख रूपये की लागत से सी.सी. रोड नाली निर्माण, वार्ड क्र. 36 पाड़ीमार बालकोनगर में 10 लाख रूपये की लागत से सामुदायिक भवन निर्माण, वार्ड क्र. 41 अंतर्गत विभिन्न स्थानों में 25 लाख रूपये की लागत से सी.सी. रोड नाली निर्माण, वार्ड क्र. 41 अंतर्गत पाड़ीमार क्र. 02 पार्षद घर के पीछे तालाब के चारों ओर 15 लाख रूपये की लागत से सी.सी.रोड निर्माण एवं उन्नयन कार्य किए जाने हैं। इसी प्रकार वार्ड क्र. 42 अंतर्गत बालकोनगर दैहानपारा स्थित शिव मंदिर के पास 15 लाख रूपये की लागत से तालाब का जीर्णाेद्धार कार्य, वार्ड क्र. 42 दैहानपारा राखड़ डेम के पास 27 लाख 70 हजार रूपये की लागत से एस.एल.आर.एम.सेंटर का निर्माण कार्य, वार्ड क्र. 43 कैलाशनगर में 20 लाख रूपये की लागत से सी.सी. रोड एवं आर.सी.सी. नाली निर्माण तथा वार्ड क्र. 45 अंतर्गत स्थित शासकी माध्यमिक शाला रूमगरा में 16 लाख 83 हजार रूपये की लागत से नवीन शाला भवन का निर्माण कार्य किया जाना हैं, जिनका भूमिपूजन आज सम्पन्न किया गया।
सुशासन सुरक्षा व विकास की गारंटी है प्रधानमंत्री श्री मोदी
इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी देश में सुशासन, सुरक्षा, विकास व अधिकतम जनकल्याण की गारंटी हैं, वे विगत 11 वर्षाे से देश के प्रधानमंत्री का दायित्व संभाल रहे हैं, इस दौरान विश्व स्तर पर भारत का सम्मान बढ़ा है, देश सशक्त, सुरक्षित व विकसित हुआ है, विकास की रफ्तार बढ़ी है तथा देश के लोगों में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रति विश्वास बढ़ा है। उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के कुशल मार्गदर्शन में राज्य में सुशासन स्थापित हुआ है तथा भ्रष्टाचार मुक्त शासन प्रशासन की हमारी संकल्पना साकार हुई है। उन्होने कहा कि विगत 11 वर्षाे से श्री नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री हैं, 15 वर्षाे तक डॉ.रमन सिंह छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रहें तथा 02 वर्ष से श्री विष्णुदेव साय की सरकार है किन्तु इस पूरी अवधि में कभी कोई भ्रष्टाचार के आरोप नहीं लगे, उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने आगे कहा कि जहॉं तक कोरबा के विकास का प्रश्न है तो नगर निगम कोरबा क्षेत्र के लिए विगत 02 वर्ष के दौरान लगभग 800 करोड़ रूपये से अधिक के विकास कार्याे को स्वीकृति दी जा चुकी है, उन्होने कहा कि कोरबा के विकास के लिए धनराशि की कमी नहीं होने दी जाएगी तथा क्षेत्र के जनताजनार्दन की मांग व उनकी आवश्यकता के अनुरूप बिना किसी भेदभाव के सभी वार्डाे में समान रूप से विकास कार्य होंगे। इस अवसर पर उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने भदरापारा बरगद चौक के पास स्थित जर्जर सार्वजनिक मंच के जीर्णाेद्धार हेतु विधायक निधि से 05 लाख रूपये प्रदान किए जाने की घोषणा भी की।
निगम क्षेत्र में मिली विकास को अपेक्षित गति
इस अवसर पर महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरूण साव तथा उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन के मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद से नगर निगम कोरबा क्षेत्र में एक बार पुनः विकास को अपेक्षित गति प्राप्त हो रही है तथा निगम के सभी वार्डाे में वहॉं की जनताजनार्दन की मांग व आवश्यकता के अनुसार व्यापक पैमाने पर विकास कार्य कराए जा रहे हैं। उन्होने कहा कि विकास कार्याे के जो भी प्रस्ताव मुख्यमंत्री, नगरीय प्रशासन मंत्री व उद्योग मंत्री के समक्ष रखे जाते हैं, उन पर तत्काल स्वीकृति प्राप्त होती है तथा निगम क्षेत्र के विकास के लिए पर्याप्त धनराशि लगातार उपलब्ध कराई जा रही हैं।
प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है राज्य सरकार
इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मेयर इन काउंसिल सदस्य श्री हितानंद अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अगुवाई में राज्य सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है, विगत कुछ वर्षाे से विकास रूका हुआ था, किन्तु अब तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं। उन्होने कहा कि मुझे खुशी है कि आज बालको क्षेत्र में ढाई करोड़ रूपये से भी अधिक के विकास कार्य शुरू कराए जा रहे हैं, यह सभी विकास कार्य क्षेत्र की जनताजनार्दन को समर्पित है।
भूमिपूजन कार्यक्रम में निगम के सभापति श्री नूतन सिंह ठाकुर, वरिष्ठ पार्षद नरेन्द देवांगन, मेयर इन काउंसिल सदस्य हितानंद अग्रवाल, पार्षद चेतन सिंह मैत्री, सत्येन्द्र दुबे, तरूण राठौर, मंगलराम बंदे, सीमाबाई कंवर, चंदादेवी, राजप्रसाद खुंटे, मुकुंद सिंह कंवर, प्रफुल्ल तिवारी, मण्डल अध्यक्ष दिलेन्द्र यादव, पूर्व मण्डल अध्यक्ष शिवबालक सिंह तोमर, नरेन्द्र पाटनवार, आकाश श्रीवास्तव, आर.एस.पाण्डेय, आर.के.पाटसकर, बी.एल.अवस्थी, जे.एन.दुबे, प्रभात डडसेना, रेणु प्रसाद, आर.एस.सिंह, सी.एस.मिश्रा, आर.के.तिवारी, एस.एस.मिश्रा, सहित काफी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।
क्रमांक: 7110/लोन्हारे
छत्तीसगढ़ पर्यटन विभाग के सहयोग से रायपुर में पहली बार आयोजित होगा 'केरा वैन फेस्ट'
छत्तीसगढ़ पर्यटन को नए आयाम देने की दिशा में एक अनूठी पहल के रूप में “कैरा वैन फेस्ट‘‘ का आयोजन 22 दिसंबर 2025 को अरन्यम्म रिसॉर्ट, माना बस्ती, माना तूता रोड, रायपुर में किया जा रहा है। यह आयोजन छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रायोजन में तथा ओवरलैंडर एसोसिएशन ऑफ इंडिया के सहयोग से संपन्न होगा। इस आयोजन की थीम है-‘‘अ शार्ट जर्नी इन टू द हार्ट ऑफ छत्तीसगढ़‘‘
शाम 4 बजे से 8 बजे तक चलने वाले इस विशेष फेस्टिवल में एडवेंचर, नेचर और संस्कृति का अनोखा संगम देखने को मिलेगा। कैरा वैन फेस्ट का उद्देश्य छत्तीसगढ़ को कैरा वैन टूरिज्म, कैंपिंग और अनुभवात्मक यात्रा के एक नए और आकर्षक गंतव्य के रूप में स्थापित करना है। कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताएं हैं, नाइट कैंपिंग, स्टारगेजिंग, बॉलीवुड म्यूजिक और स्थानीय छत्तीसगढ़ी व्यंजन हैं। यह कार्यक्रम पूर्णतः निःशुल्क है और इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए पूर्व पंजीकरण अनिवार्य रखा गया है।
कैरावैन एक विशेष प्रकार का वाहन होता है जो कैंपिंग और लंबी यात्राओं के लिए तैयार किया जाता है, जिसमें रहने, खाने-पीने और बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था होती है। यह स्व-निर्भर यात्रा का प्रतीक है, जहां यात्री बिना होटल पर निर्भर हुए सड़क मार्ग से दूरस्थ स्थानों का भ्रमण कर सकते हैं। छत्तीसगढ़ पर्यटन के संदर्भ में, विशेष रूप से तैयार की गई कैरावैन इस फेस्ट का मुख्य आकर्षण होगी, जो राज्य की प्राकृतिक सुंदरता को अनुभवजन्य तरीके से पेश करेगी।
कैरावैन पर्यटन से राज्य के जंगलों, झरनों और पर्यटन क्षेत्रों तक पहुंच आसान होगी, जिससे अनुभवजन्य यात्रा को बढ़ावा मिलेगा। यह युवा घुमक्कड़ों और स्थलयात्रा समुदाय (ओवरलैंडिंग कम्युनिटी) को आकर्षित कर पर्यटन आय बढ़ाएगा। आने वाले समय में कैरावैन रूट्स विकसित होने से स्थानीय रोजगार और इको-टूरिज्म को मजबूती मिलेगी।
यह फेस्ट खास तौर पर युवाओं, ट्रैवल एंथूजियास्ट्स और ओवरलैंडिंग कम्युनिटी के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिससे लोग छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, शांति और सांस्कृतिक विविधता को एक नए अनुभव के साथ महसूस कर सकेंगे।
कार्यक्रम का आयोजन एनएम इवेंट्स द्वारा किया जा रहा है। अरन्यम्म रिसॉर्ट इस आयोजन का हॉस्पिटैलिटी पार्टनर है और इवेंट एंड एंटरटेनमेंट मैनेजमेंट एसोसिएसन ऑफ छत्तीसगढ़ द्वारा समर्थित है। आयोजकों ने ट्रैवल ब्लॉगर्स, एडवेंचर प्रेमियों, मीडिया प्रतिनिधियों और आम नागरिकों से इस अनूठे आयोजन में शामिल होकर छत्तीसगढ़ के “दिल” की इस छोटी लेकिन यादगार यात्रा का हिस्सा बनने का आग्रह किया है। अधिक जानकारी एवं पंजीकरण हेतु 88275-36363 पर संपर्क किया जा सकता है।
क्रमांक: 7112/दीपक
केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ में मिशन अमृत के कार्यों को सराहा, अगली किस्त की राशि जल्द मिलेगी
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव शहरी विकास मंत्रियों की बैठक में हुए शामिल, केंद्र सरकार की शहरी विकास की योजनाओं की प्रगति की दी जानकारी
रायपुर, 20 दिसम्बर 2025
उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव आज भोपाल में आयोजित देश के उत्तर-मध्य राज्यों के शहरी विकास मंत्रियों की क्षेत्रीय बैठक में शामिल हुए। केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल तथा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, दिल्ली और राजस्थान के शहरी विकास मंत्री भी इसमें शामिल हुए। बैठक में पांचों राज्यों में मिशन अमृत, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, अंगीकार अभियान तथा अर्बन मोबिलिटी परियोजनाओं के क्रियान्वयन एवं आगामी कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा हुई।
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में आयोजित उत्तर-मध्य राज्यों के तृतीय क्षेत्रीय बैठक में पावर-प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से राज्य में इन पांचों योजनाओं के क्रियान्वयन, उनकी प्रगति और भावी कार्ययोजना की जानकारी दी। केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल ने केन्द्र सरकार की योजनाओं की प्रगति की सराहना करते हुए छत्तीसगढ़ को हरसंभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। बैठक में मिशन अमृत 2.0 के कार्यों की समीक्षा के दौरान बताया गया कि छत्तीसगढ़ का प्रदर्शन अन्य राज्यों की तुलना में बेहतर है। मिशन के शेष कार्यों को मार्च-2026 तक प्रारंभ करने के लिए बैठक में सार्थक चर्चा हुई। केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के अधिकारियों ने राज्य को मिशन अमृत 2.0 की अगली किस्त की राशि जल्द जारी करने की बात कही।
बैठक में स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के अंतर्गत स्वीकृत आकांक्षी शौचालयों, मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ), कम्पोस्ट प्लांट्स, कंप्रेस्ड बायो-गैस प्लांट प्रोजेक्ट्स और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट्स के निर्माण की प्रगति की समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री आवास योजना [PMAY (U) 1.0] में स्वीकृत आवासों के निर्माण की प्रगति की समीक्षा भी की गई। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत नए आवासों की स्वीकृति के लिए प्रस्ताव तथा अब तक स्वीकृत आवासों के निर्माण की समीक्षा हुई।
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने बैठक के बाद कहा कि भारत सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ का प्रदर्शन अच्छा रहा है। आगे भी हम इसी प्रकार का उत्कृष्ट प्रदर्शन जारी रखेंगे। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत एसएनए पद्धति से हितग्राहियों एवं निकायों को राशि जारी करने में राष्ट्रीय स्तर पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल ने छत्तीसगढ़ की प्रशंसा की तथा सभी केन्द्रीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य को हरसंभव मदद का आश्वासन भी दिया। केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुश्री रूपा मिश्रा, सुश्री ईशा कालिया, श्री कुलदीप नारायण और विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी श्री जयदीप भी बैठक में शामिल हुए।
क्रमांक: 7108/कमलेश
बाबा गुरु घासीदास का संदेश मानवता के लिए पथ-प्रदर्शक: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
‘मनखे-मनखे एक समान’ का विचार विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत आधारशिला: मुख्यमंत्री
रायपुर, 20 दिसंबर 2025
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सारंगढ़ स्थित गुरु घासीदास ज्ञान स्थली, पुष्पवाटिका में आयोजित तीन दिवसीय संत गुरु घासीदास रजत जयंती समारोह के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने ज्ञान स्थली में स्थापित जैतखाम में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि परम पूज्य बाबा गुरु घासीदास केवल किसी एक समाज के नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के मार्गदर्शक थे। उनका अमर संदेश “मनखे-मनखे एक समान” सामाजिक समानता, मानवीय गरिमा और भाईचारे की सुदृढ़ नींव रखता है। उन्होंने कहा कि जिस दौर में समाज छुआछूत, भेदभाव और रूढ़ियों से जकड़ा हुआ था, उस समय बाबा गुरु घासीदास ने सत्य, अहिंसा और समानता का निर्भीक संदेश देकर समाज को नई दिशा दी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार संत गुरु घासीदास बाबा के विचारों से प्रेरणा लेकर समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और न्याय पहुंचाने के लिए संकल्पबद्ध है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की अधिकांश गारंटियों को बीते दो वर्षों में धरातल पर उतारा गया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में प्रदेश में धान का रकबा और किसानों की संख्या दोनों में वृद्धि हुई है, जो कृषि क्षेत्र में सरकार की नीतियों के प्रति किसानों के बढ़ते विश्वास का प्रमाण है। सरकार प्रत्येक पात्र किसान से धान खरीदी के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से राज्य की लगभग 70 लाख महिलाओं को लाभ मिल रहा है, जिससे महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूती मिली है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पीएससी भर्ती प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जा रही है, ताकि युवाओं को योग्यता के आधार पर अवसर मिल सके। नई औद्योगिक नीति के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग के बेटा-बेटियों को उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। यह नीति न केवल रोजगार सृजन को बढ़ावा दे रही है, बल्कि सामाजिक न्याय को भी सशक्त कर रही है। मुख्यमंत्री ने सभी समाज वर्गों से संत गुरु घासीदास बाबा के विचारों को आत्मसात करते हुए विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहभागी बनने का आह्वान किया।
इस अवसर पर अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि “मनखे-मनखे एक समान” का विचार सामाजिक समरसता, समानता और भाईचारे की अडिग आधारशिला है। उन्होंने बताया कि बाबा गुरु घासीदास जी की जयंती पूरे विश्व में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बीते दो वर्षों में अनुसूचित जाति समाज के विकास को नई गति मिली है। गिरौदपुरी धाम के सर्वांगीण विकास के अंतर्गत जैतखाम, मंदिर परिसर, अमृत कुंड, छाता पहाड़ तक सड़क, सीढ़ियों एवं प्रकाश व्यवस्था जैसे अनेक महत्वपूर्ण कार्य पूर्ण किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मुख्य प्रवेश द्वार से मंदिर तक शेड निर्माण के लिए 3 करोड़ रुपये तथा अन्य विकास कार्यों के लिए 2 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त भंडारपुरी धाम के विकास हेतु 17 करोड़ 11 लाख 22 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की गई है, जिससे वहां अधोसंरचना संबंधी कार्य शीघ्र प्रारंभ होंगे। शिक्षा के क्षेत्र में अनुसूचित जाति समाज के उत्थान हेतु प्रत्येक वर्ष पांच प्रतिभावान युवाओं को पायलट प्रशिक्षण के लिए 15-15 लाख रुपये की सहायता देने का निर्णय भी लिया गया है।
समारोह को राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में सांसद श्री राधेश्याम राठिया, विधायक श्रीमती उत्तरी गणपत जांगड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री संजय भूषण पाण्डेय, पूर्व विधायक श्री निर्मल सिन्हा, डॉ. छबिलाल रात्रे, श्रीमती केराबाई मनहर, सुश्री कामदा जोल्हे, श्रीमती ज्योति पटेल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक पदाधिकारी एवं श्रद्धालु उपस्थित थे।
क्रमांक: 7109/केशरवानी
छोटी सी उम्र में साहिबजादों ने वीरता और गौरव की जो मिसाल पेश की, वह युगों तक प्रेरणा देती रहेगी – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
छोटी सी उम्र में साहिबजादों ने वीरता और गौरव की जो मिसाल पेश की, वह युगों तक प्रेरणा देती रहेगी – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
बलिदान और कर्तव्य के गौरवशाली इतिहास से नई पीढ़ी को परिचित कराना हमारा नैतिक दायित्व - मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री श्री साय वीर बाल रैली में हुए शामिल, हरी झंडी दिखाकर किया रैली का शुभारंभ
साहसिक गतिविधियों और भव्य झांकियों के साथ 5 हजार से अधिक स्कूली छात्र-छात्राओं ने निकाली ऐतिहासिक रैली
रायपुर, 20 दिसंबर 2025
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग द्वारा आयोजित वीर बाल रैली में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने राजधानी रायपुर के मरीन ड्राइव से रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस भव्य रैली में लगभग 5,000 से अधिक स्कूली छात्र-छात्राओं, स्काउट-गाइड एवं एनसीसी कैडेट्स ने सहभागिता की। रैली में सिख परंपरा की वीरता को दर्शाती गतका जैसी साहसिक गतिविधियों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों एवं प्रेरणादायी झांकियों ने उपस्थित जनसमूह को गहरे भावनात्मक स्तर पर जोड़ा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में हम दशम गुरु गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबजादों — बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जी — के अद्वितीय बलिदान को नमन करते हैं। उन्होंने कहा कि केवल 9 वर्ष और 7 वर्ष की अल्पायु में साहिबजादों ने जिस अदम्य साहस, आस्था और बलिदान का परिचय दिया, वह मानव इतिहास में अनुकरणीय है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इतनी छोटी उम्र में भी साहिबजादे किसी दबाव के आगे नहीं झुके, अपनी आस्था से विचलित नहीं हुए और धर्म एवं सत्य की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। यह बलिदान केवल सिख समाज ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानवता के लिए प्रेरणास्रोत है। श्री साय ने कहा कि सिख धर्म की यह गौरवशाली परंपरा हम सभी के लिए गर्व का विषय है। नई पीढ़ी को साहिबजादों के बलिदान और मूल्यों से परिचित कराना हमारा नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2022 से वीर बाल दिवस को राष्ट्रीय स्तर पर मनाने की पहल अत्यंत सराहनीय है। इससे बच्चों और युवाओं में शौर्य, साहस और राष्ट्रप्रेम की भावना प्रबल हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हम साहिबजादों के जीवन को देखते हैं, तो हमें दशम गुरु गुरु गोबिंद सिंह जी द्वारा दिए गए संस्कारों और शिक्षाओं पर गर्व होता है। उन्होंने खालसा पंथ की स्थापना कर अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष का मार्ग दिखाया। उनकी प्रेरक पंक्तियाँ “सवा लाख से एक लड़ाऊँ, चिड़ियन ते मैं बाज लड़ाऊँ, तबै गुरु गोबिंद सिंह नाम कहलाऊँ।” आज भी हर भारतीय के भीतर साहस और संघर्ष की चेतना जागृत करती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पंक्तियाँ हमें सिखाती हैं कि साधन नहीं, साहस और संकल्प ही विजय का मार्ग प्रशस्त करते हैं। भारत की धरती धन्य है, जिसने ऐसे महान गुरुओं और साहिबजादों को जन्म दिया। उन्होंने इस ऐतिहासिक आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग एवं शिक्षा विभाग को बधाई और शुभकामनाएँ दीं।
कैबिनेट मंत्री श्री खुशवंत साहेब ने कहा कि साहिबजादों का बलिदान हमें निर्भीकता, सत्यनिष्ठा और राष्ट्रप्रथम की भावना का मार्ग दिखाता है। उनका जीवन हर पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है।
छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा ने साहिबजादों की शहादत के ऐतिहासिक प्रसंगों से उपस्थित जनसमूह को अवगत कराया।
इस अवसर पर रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, क्रेडा अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सवन्नी, सीजीएमएससी अध्यक्ष श्री दीपक म्हस्के, छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा सहित सिख समाज के वरिष्ठ प्रतिनिधि, समाजसेवी एवं विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
7101
पसीने की कमाई का सही दाम मिलने से किसान आर्थिक सुदृढ़ीकरण की ओर अग्रसर
राज्य सरकार द्वारा किसानों की मेहनत और पसीने की कमाई का उचित दाम दिए जाने से वे आर्थिक रूप से सुदृढ़ हो रहे हैं। खरीफ सीजन में धान बेचकर मिले पैसों से किसानों की कई जरूरतें पूरी हो रही हैं। कांकेर जिले के ग्राम पीढ़ापाल निवासी युवा किसान श्री कौशल कुमार नाग अपनी 10 एकड़ कृषि भूमि में धान उगाकर पहले चरण में 90 क्विंटल धान बेच चुके हैं। उनके पास अभी और भी धान है, जिसे सुखाने के लिए रखा गया है। सूखने और टोकन कटने के बाद वे इसे भी बेचने के लिए सोसाइटी लेकर जाएंगे।
युवा किसान श्री कौशल नाग ने बताया कि वे अगले वर्ष अपनी विवाह की योजना बना रहे हैं। इस साल धान की बिक्री से मिली राशि विवाह के समय उनका बड़ा सहारा बनेगी। उन्होंने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की व्यवस्था को किसानों के हित में बताया और इसके लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया। श्री नाग कहते हैं कि सरकार की इस पहल से किसानों को आर्थिक सुरक्षा मिल रही है। भविष्य की योजनाओं और सपनों को पूरा करने के लिए यह बड़ा सहारा साबित हो रहा है।
गन्ने की जब्ती कर कारखाना में कराया खाली
ग्राम कल्याणपुर में अवैध गन्ना परिवहन पर प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई
रायपुर, 19 दिसंबर 2025
गन्ने के अवैध परिवहन की सूचना प्राप्त होने पर जिला प्रशासन सूरजपुर द्वारा त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की गई। उल्लेखनीय है की माँ महामाया सहकारी शक्कर कारखाना केरता क्षेत्र अंतर्गत उत्पादित गन्ने को एक ट्रक में लोड कर पश्चिम बंगाल की ओर अवैध रूप से परिवहन किए जाने का प्रयास किया जा रहा था।
सूरजपुर जिले के तहसील लटोरी अंतर्गत ग्राम कल्याणपुर में गन्ने के अवैध परिवहन की सूचना प्राप्त होने पर एसडीएम सूरजपुर के निर्देशन में तहसीलदार लटोरी के सहयोग से नायब तहसीलदार लटोरी श्री दिवाकर के नेतृत्व में राजस्व विभाग, मंडी विभाग सूरजपुर, पुलिस विभाग, गन्ना विभाग तथा शुगर फैक्ट्री केरता के प्रबंध संचालक एवं एमडी की उपस्थिति में संयुक्त टीम द्वारा मौके पर कार्रवाई की गई। जांच के दौरान अवैध परिवहन की पुष्टि होने पर संबंधित ट्रक को रात्रि लगभग 01 बजे रोककर शुगर फैक्ट्री केरता ले जाया गया। तत्पश्चात ट्रक में लोड गन्ने को नियमानुसार संबंधित किसान के नाम से कारखाना परिसर में सुरक्षित रूप से खाली कराया गया।
उक्त कार्रवाई से गन्ने के अवैध परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण किया गया है। जिला प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि किसानों के हितों के संरक्षण तथा शासन द्वारा निर्धारित नियमों के पालन हेतु इस प्रकार की संयुक्त कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी। अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
क्रमांक-7089/राठौर
नानगुर में ओडिशा से आ रहे 100 बोरी धान और मिनी ट्रक को किया जब्त
रायपुर, 19 दिसम्बर 2025
धान खरीदी के सीजन में बिचैलियों द्वारा पड़ोसी राज्यों से अवैध धान खपाने की कोशिशों पर जिला प्रशासन लगातार कार्यवाही कर रही है। प्रशासन की इसी सतर्कता के चलते शुक्रवार सुबह तहसील नानगुर में एक बड़ी सफलता देखने को मिली, जहाँ राजस्व और मंडी विभाग की संयुक्त टीम ने ओडिशा के चांदली से आ रहे धान के अवैध परिवहन के विरूद्ध कार्यवाही की।
घटना शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे की है। प्रशासन को सूचना मिली थी कि सीमावर्ती रास्ते से अवैध धान की खेप लाई जा रही है। मुस्तैदी दिखाते हुए जांच दल ने नाकेबंदी की और संदेह के आधार पर मिनी ट्रक क्रमांक सीजी 06 एम 0155 को रोका। वाहन की तलाशी लेने पर उसमें लगभग 100 बोरी धान लदा पाया गया। जब वाहन चालक से इस धान के परिवहन और खरीदी संबंधित वैध दस्तावेज मांगे गए, तो वह कोई भी कागज प्रस्तुत करने में असमर्थ रहा। यह स्पष्ट होते ही कि धान अवैध रूप से पड़ोसी राज्य से लाया गया है, टीम ने तत्काल मंडी अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए धान और वाहन को जब्त कर लिया तथा उसे अग्रिम वैधानिक कार्यवाही हेतु नानगुर थाना के सुपुर्द कर दिया है।
इस पूरी कार्रवाई में नायब तहसीलदार श्री लखीराम पांडे, श्री रोहन कुमार बीसी और श्री डोमन लाल, मंडी निरीक्षक बीके दिल्लीवार तथा पटवारी शंकर बैद, सोमेश नागेश और दिनेश सिंह ने सक्रिय भूमिका निभाते हुए इस अवैध परिवहन को पकड़ा और अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में ऐसी सख्ती आगे भी निरंतर जारी रहेगी।
सिंगसारी में अवैध धान परिवहन पर 27 क्विंटल धान के साथ पिकअप जब्त
इस संबंध में एसडीएम मनीष वर्मा ने बताया कि ग्रामीणों के माध्यम से सटीक सूचना से सिंगसारी क्षेत्र से अवैध रूप से धान को खपाने के लिए बस्तर की ओर लाये जा रहे धान पर कार्रवाई की गई। टीम ने बंगला डोंगरी के पास नाकाबंदी कर संदिग्ध वाहनों पर नजर रखते हुए एक पिकअप वाहन क्रमांक ओआर 24 ए 7629 की घेराबंदी कर चालक सिंगसारी निवासी नित्यानंद चौधरी के वाहन की तलाशी ली, जिसमें बोरियों में भरकर भारी मात्रा में धान पाया गया, चालक से धान परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे गए, तो वह कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत करने में असमर्थ रहा। जांच में कुल 27 क्विंटल अवैध धान पाया गया। प्रशासन ने मौके पर ही कार्रवाई करते हुए धान सहित पिकअप वाहन को जब्त कर लिया और उसे अग्रिम कानूनी कार्रवाई के लिए करपावंड थाना में सुरक्षित रखवा दिया है।
7096/कमल/गोपाल
धान खरीदी केंद्रों का कलेक्टर ने किया आकस्मिक निरीक्षण
निर्धारित मात्रा से अधिक धान तौलने पर चिखलाकसा केंद्र प्रबंधक को दिया कारण बताओ नोटिस
रायपुर, 19 दिसम्बर 2025
समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और किसान हितैषी बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा सख्त कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया है। जिसके तहत बालोद कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने आज डौण्डीलोहरा एवं डौण्डी विकासखण्ड के विभिन्न धान खरीदी केन्द्रों का आकस्मिक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की गहन पड़ताल की।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने डौण्डीलोहरा विकासखण्ड के गैंजी तथा डौण्डी विकासखण्ड के चिखलाकसा, कोटागांव, भर्रीटोला एवं घोटिया धान खरीदी केन्द्रों में उपलब्ध दस्तावेजों का सूक्ष्म अवलोकन किया। उन्होंने अब तक खरीदी गई कुल धान की मात्रा, ग्रामवार औसत पैदावार, रकबा समर्पण की स्थिति तथा पंजी संधारण की विस्तार से समीक्षा की।
निर्धारित मात्रा से अधिक धान मिलने पर की गई कड़ी कार्यवाही
डौण्डी विकासखण्ड स्थित धान खरीदी केन्द्र चिखलाकसा के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने मौके पर धान बोरों की तौल कराई। तौलाई के दौरान चार अलग-अलग बोरों में धान की मात्रा निर्धारित मानक 40 किलो 680 ग्राम से अधिक, लगभग 41 किलोग्राम पाई गई। इस गंभीर अनियमितता पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए समिति प्रबंधक एवं कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई तथा समिति प्रबंधक श्री भगवान सिंह ठाकुर को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि धान खरीदी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों का उल्लंघन कतई स्वीकार्य नहीं होगा।
रकबा समर्पण और सत्यापन पर विशेष जोर
धान खरीदी केन्द्र गैंजी के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने रकबा समर्पण की स्थिति की जानकारी लेते हुए एक टोकन वाले किसानों के साथ-साथ 02 एकड़ से अधिक एवं 10 एकड़ से अधिक रकबा रखने वाले किसानों की संख्या की भी समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने धान विक्रय हेतु पहुँचे किसान श्री दीपक यामले से चर्चा कर उन्हें धान बिक्री के पश्चात शेष रकबे का अनिवार्य रूप से समर्पण करने की समझाइश दी। किसान द्वारा घर में शेष लगभग 130 क्विंटल धान रखे होने की जानकारी पर कलेक्टर ने ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, पटवारी एवं संबंधित अधिकारियों की संयुक्त टीम को किसान के घर भेजकर भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए।
गुणवत्ता और नमी जांच पर भी सख्ती
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने धान खरीदी केन्द्रों में किसानों द्वारा बिक्री हेतु लाए गए धान का अवलोकन किया तथा नमी मापक यंत्र से नमी जांच अनिवार्य रूप से करने के निर्देश दिए। उन्होंने किसानों को केवल साफ-सुथरा एवं गुणवत्तायुक्त धान ही बिक्री हेतु लाने की समझाइश दी।
नोडल अधिकारी और निगरानी समिति को दिए आवश्यक निर्देश
धान खरीदी केन्द्र चिखलाकसा में कलेक्टर ने नोडल अधिकारी, समिति प्रबंधक एवं निगरानी समिति के सदस्यों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने रकबा समर्पण पंजी का अवलोकन कर अब तक समर्पण करने वाले किसानों की संख्या की समीक्षा की तथा निर्देश दिए कि नोडल अधिकारी एवं निगरानी समिति के सदस्य प्रतिदिन सुबह अनिवार्य रूप से खरीदी केन्द्र में उपस्थित रहें और धान खरीदी कार्य को सुचारू रूप से संपन्न कराएं।
उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि डबल टोकन की स्थिति में रकबा सत्यापन के उपरांत ही धान खरीदी की जाए। साथ ही अब तक धान विक्रय करने वाले किसानों की संख्या, कुल खरीदी मात्रा तथा पिछले वर्ष की औसत खरीदी से तुलना की भी जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने मौके पर उपस्थित किसानों से संवाद कर खरीदी केन्द्रों की व्यवस्थाओं के संबंध में फीडबैक लिया और धान बिक्री के उपरांत शेष रकबे का अनिवार्य रूप से समर्पण करने की अपील की। इस अवसर पर अनेक किसानों द्वारा मौके पर ही शेष रकबे का समर्पण भी किया गया।
7098/जयन्त/शोरी/गोपाल
धान की बेहतर कीमत ने बढ़ाया किसान युगल का हौसला
साढ़े सात एकड़ की खेती से संवर रहा परिवार का भविष्य
रायपुर, 19 दिसम्बर 2025
छत्तीसगढ़ सरकार की किसान हितैषी नीतियों और समर्थन मूल्य पर सुदृढ़ धान खरीदी व्यवस्था ने प्रदेश के किसानों के जीवन में आर्थिक स्थिरता और आत्मविश्वास का नया संचार किया है। शासन द्वारा 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी तथा समय पर भुगतान से किसानों का खेती के प्रति भरोसा और उत्साह दोनों बढ़ा है। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण ग्राम फेकारी के प्रगतिशील किसान श्री युगल किशोर साहू हैं, जिनकी मेहनत और शासन की नीतियों के समन्वय से परिवार का भविष्य उज्ज्वल हो रहा है।
दुर्ग जिले के ग्राम फेकारी निवासी किसान श्री युगल किशोर साहू ने बताया कि वे लगभग साढ़े सात एकड़ भूमि में धान की खेती करते हैं। इस वर्ष शासन द्वारा की गई बेहतर व्यवस्थाओं के चलते उन्होंने अपनी फसल समर्थन मूल्य पर बेची, जिससे उन्हें संतोषजनक और सुरक्षित आय प्राप्त हुई। उनके चेहरे पर दिखती मुस्कान खेती से मिली आर्थिक मजबूती और आत्मनिर्भरता की कहानी स्वयं बयां करती है।
श्री साहू ने बताया कि खेती से प्राप्त आय का उपयोग वे परिवार के सामाजिक और घरेलू दायित्वों को पूरा करने में कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस आय से वे नए घर का निर्माण कार्य पूर्ण कर रहे हैं। साथ ही बच्चों के विवाह, छट्ठी जैसे पारिवारिक आयोजनों का खर्च भी अब बिना किसी आर्थिक दबाव के आसानी से वहन कर पा रहे हैं।
खेती में नवाचार और विविधीकरण की सोच को अपनाते हुए श्री युगल किशोर साहू केवल धान तक सीमित नहीं हैं। उन्होंने बताया कि धान के साथ-साथ वे चना, मटर और लाखड़ी (तिवड़ा) जैसी दलहन फसलों की खेती भी कर रहे हैं, जिससे उन्हें अतिरिक्त आमदनी मिल रही है और खेती का जोखिम भी कम हुआ है।
किसान श्री युगल किशोर साहू ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पहले की तुलना में अब धान की कहीं बेहतर कीमत मिल रही है। 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी से किसानों को सीधा और बड़ा लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि शासन की इन नीतियों से किसान अब पहले से कहीं अधिक आर्थिक रूप से सक्षम, आत्मनिर्भर और संतुष्ट महसूस कर रहे हैं।
7099 / जयन्त/शोरी/गोपाल