छत्तीसगढ़ / रायपुर
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने निजी अस्पताल में लुंड्रा विधायक श्री प्रबोध मिंज से भेंट कर उनका कुशलक्षेम जाना एवं उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की
रायपुर, 10 दिसंबर 2025


प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने रायपुर के एक निजी अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ ले रहे लुंड्रा विधायक श्री प्रबोध मिंज से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना। मंत्री श्री अग्रवाल ने विधायक के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी प्राप्त की तथा उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
इस मुलाकात के अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल और महिला बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े भी मौजूद थे। उन्होंने विधायक प्रबोध मिंज के स्वास्थ्य सुधार की प्रक्रिया पर डॉक्टरों से चर्चा की और उनके शीघ्र स्वस्थ होकर विधानसभा में लौटने की कामना की है।
किहकाड़ स्टापडेम निर्माण कार्य के लिए एक करोड़ रूपए स्वीकृत
रायपुर, 10 दिसम्बर 2025
छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा नारायणपुर जिले के विकासखण्ड-ओरछा के किहकाड़ स्टापडेम निर्माण कार्य के लिए एक करोड़ नौ लाख 35 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। प्रस्तावित कार्य के पूर्ण होने के उपरांत जल संवर्धन, निस्तारी, पेयजल एवं किसानों के द्वारा स्वयं के साधन से 30 हेक्टेयर खरीफ क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन से सिंचाई योजना के कार्यों को पूर्ण कराने मुख्य अभियंता जल संसाधन विभाग जगदलपुर को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
लोक निर्माण विभाग द्वारा 124.88 करोड़ के 6 सड़कों व पुलों के लिए निविदा को मंजूरी
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने जल्द काम शुरू करने के दिए निर्देश, कहा गुणवत्ता से न हो कोई समझौता
रायपुर, 10 दिसम्बर 2025
लोक निर्माण विभाग द्वारा राज्य में सड़क संपर्क के विस्तार और मजबूती के लिए प्रस्तावित कार्यों व निविदाओं को तेजी से स्वीकृति प्रदान की जा रही है। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में सड़कों एवं पुलों के काम शीघ्र प्रारंभ करने के लिए 124 करोड़ 88 लाख रुपए के छह सड़कों और पुलों की निविदा को मंजूरी दी है। उन्होंने इन सड़कों और पुलों के काम जल्द प्रारंभ करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों और निर्माण सामग्रियों की गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए निर्धारित समय में सभी कार्यों को पूर्ण करने को कहा है।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बीजापुर जिले में 18 करोड़ 18 लाख रुपए के पुल-पुलिया सहित 12.6 किमी लंबाई के कुटरू से फरसेगढ़ मार्ग, सरगुजा जिले में चैनपुर से खम्हरिया मार्ग पर रेहण्ड नदी पर 11 करोड़ 43 लाख रुपए के उच्च स्तरीय पुल, जशपुर जिले के सिसरिंगा में मछलंग होते हुए 6.5 किमी लंबाई के सहसपुर पहुंच मार्ग तथा 3.1 किमी लंबाई के गोढ़ी से पालीडीह पहुंच मार्ग के निर्माण के लिए दस करोड़ 54 लाख रुपए की निविदा स्वीकृत की है। उन्होंने सक्ती जिले में 29 किमी लंबे मालखरौदा-छपोरा मार्ग के मजबूतीकरण एवं नवीनीकरण के लिए 53 करोड़ 15 लाख रुपए और बिलासपुर शहर में 10.7 किमी लंबाई के नेहरू चौक से दर्रीघाट मार्ग के लिए 31 करोड़ 58 लाख रुपए की निविदा को भी मंजूरी प्रदान की है।
लोक निर्माण विभाग के अंबिकापुर, बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता तथा नवा रायपुर स्थित प्रमुख अभियंता कार्यालय द्वारा इन कार्यों की सीधे मॉनिटरिंग की जाएगी। आम नागरिक भी इनके निर्माण के दौरान पारदर्शिता एवं गुणवत्ता की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
एरमूर स्टापडेम निर्माण कार्य के लिए 2.25 करोड़ रूपए स्वीकृत
छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा बस्तर जिले के विकासखण्ड-लोहण्डीगुड़ा के एरमूर स्टॉपडेम निर्माण कार्य के लिए दो करोड़ 25 लाख 75 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के प्रस्तावित कार्य पूर्ण होने के उपरांत जल संवर्धन, निस्तारी, पेयजल एवं किसानों के द्वारा स्वयं के साधन से 30 हेक्टेयर खरीफ क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। योजना के कार्य कराने के लिए जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन से मुख्य अभियंता, जल संसाधन विभाग जगदलपुर को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
नगरीय प्रशासन विभाग ने एमसीबी जिले को विकास कार्यों के लिए दी 19 करोड़ रुपए से अधिक की स्वीकृति
रायपुर, 10 दिसंबर 2025
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा एमसीबी जिले में विभिन्न अधोसंरचना विकास कार्यों के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत 19 करोड़ रुपए से अधिक राशि की प्राविधिक स्वीकृति प्रदान की गई है।
स्वीकृत राशि में नगर पालिक निगम चिरमिरी को 9 करोड़ 72 लाख रुपए, नगर पालिका मनेंद्रगढ़ को 6 करोड़ 48 लाख रुपए तथा नगर पंचायत झगराखंड को 3 करोड़ रुपए शामिल हैं। यह राशि क्षेत्र में सड़क, नाली, पेयजल, रोशनी तथा अन्य बुनियादी ढांचा विकास कार्यों में उपयोग की जाएगी।
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री एवं मनेंद्रगढ़ के स्थानीय विधायक श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने क्षेत्र के विकास के लिए मिली स्वीकृति पर हर्ष व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव का आभार प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि यह राशि मनेंद्रगढ़ क्षेत्र की अधोसंरचना को और सुदृढ़ करेगी तथा स्थानीय जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में सहायक सिद्ध होगी।
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी
रायपुर. 10 दिसम्बर 2025

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सिविल लाइन, रायपुर स्थित निवास कार्यालय में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक के बाद पत्रकार-वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने नवीन विश्राम भवन में आयोजित पत्रकार-वार्ता में कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जयस्तंभ चौक में किया शहीद वीर नारायण सिंह के त्याग और संघर्ष का स्मरण
रायपुर, 10 दिसंबर 2025
छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और जननायक अमर शहीद वीर नारायण सिंह की पुण्यतिथि पर आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित जयस्तंभ चौक पहुँचकर उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह का जीवन त्याग, साहस और न्याय की अनुपम मिसाल है। अंग्रेजी शासन के अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध शहीद वीर नारायण सिंह ने जिस अदम्य साहस के साथ संघर्ष किया, वह छत्तीसगढ़ की गौरवमयी विरासत का स्वर्णिम अध्याय है। मातृभूमि की रक्षा और समाज के वंचित वर्गों के प्रति उनकी निष्ठा हमारे लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सोनाखान के ज़मींदार परिवार में जन्म लेने के बाद भी शहीद वीर नारायण सिंह का हृदय सदैव आदिवासियों, किसानों और गरीब परिवारों के दुःख-संघर्ष से जुड़ा रहा। वर्ष 1856 के विकट अकाल में जब आमजन भूख से व्याकुल थे, तब उन्होंने मानवता को सर्वोपरि मानते हुए अनाज गोदाम का अनाज ज़रूरतमंदों में बाँटकर करुणा, त्याग और साहस का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। यह कदम केवल विद्रोह नहीं था, बल्कि सामाजिक अन्याय, शोषण और असमानताओं के विरुद्ध एक ऐतिहासिक उद्घोष था।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह छत्तीसगढ़ की अस्मिता, स्वाभिमान और जनप्रतिरोध की जीवंत प्रेरणा हैं। गरीबों, किसानों और वंचितों के अधिकारों की रक्षा के लिए उनका जीवन-संघर्ष आने वाली पीढ़ियों को सदैव न्याय, मानवता और राष्ट्रभक्ति के मार्ग पर अग्रसर करता रहेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शहीद वीर नारायण सिंह के आदर्शों और उनके सपनों के अनुरूप छत्तीसगढ़ के विकास के लिए पूरी निष्ठा से कार्य कर रही है।
इस अवसर पर आदिम जाति कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा, छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री रूपसिंह मंडावी, छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री रामसेवक पैकरा एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को गुरु घासीदास जयंती महोत्सव का मिला निमंत्रण
समिति के प्रतिनिधिमंडल ने लालपुर धाम में आयोजित होने वाले तीन दिवसीय मेला हेतु किया आमंत्रित
रायपुर, 10 दिसंबर 2025
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज सतनाम कल्याण समिति, बंधवा के प्रतिनिधिमंडल ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में सौजन्य भेंट की। प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री श्री साय को परम पूज्य गुरु घासीदास बाबा की 269वीं जयंती के अवसर पर मुंगेली जिले के लालपुर धाम में आयोजित होने वाले तीन दिवसीय विशाल मेला—18, 19 एवं 20 दिसंबर—में सम्मिलित होने का निमंत्रण प्रदान किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने समिति के सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गुरु घासीदास बाबा का जीवन-दर्शन, सत्य, अहिंसा, समानता और सद्भाव के मूल्य हमें सामाजिक समरसता और मानवकल्याण की दिशा में निरंतर प्रेरित करते हैं।उन्होंने कहा कि लालपुर धाम का यह मेला छत्तीसगढ़ की आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है, जहां हर वर्ष भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होकर गुरु बाबा के उपदेशों को आत्मसात करते हैं।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव तथा खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल भी उपस्थित थे।
मोतियाबिंद का प्राकृतिक चिकित्सा
-कृष्ण कुमार निगम
छत्तीसगढ़ अपने घने वनों और वनौषधि परम्पराओं के लिए जाना जाता है। कई दूरस्थ इलाकों में आज भी प्राथमिक उपचार की जिम्मेदारी स्थानीय पारंपरिक वैद्य निभाते हैं। बुखार, मलेरिया और पेट से जुड़ी कई तकलीफों का इलाज ये वैद्य पीढ़ियों से करते आए हैं।
इसी परम्परा से जुड़े ग्राम मल्हारी के वैद्य संतोष पटेल और उनके सहयोगी तीजूराम साहू नेत्र रोगों के लिए एक विशेष उपचार पद्धति अपनाते हैं। उनका कहना है कि वे “नेत्र जाला” निकालने के साथ मोतियाबिंद और अन्य नेत्र समस्याओं में मरीजों को राहत देते हैं।
दोनों वैद्यों के अनुसार उनका उपचार स्थानीय वनस्पति हाइग्रोफिला पॉलिस्परमा (जिसे स्थानीय तौर पर नेत्र ज्योति कहा जाता है) के बीजों और गुल बकावली के फूलों से तैयार अर्क पर आधारित है। वे बताते हैं कि फूलों को उबालकर भाप का जल एकत्र किया जाता है और इसमें तेंदू के लासा के बहुत महीन कण मिलाए जाते हैं। दवा रखने वाली शीशियों को उपयोग से पहले गर्म पानी में उबालकर साफ किया जाता है।
वैद्य बताते हैं कि उपचार आम तौर पर चार चरणों में होता है और हर चरण के बीच पंद्रह दिन का अंतर रखा जाता है। वे आसपास के राज्यों में भी शिविर लगाकर यह उपचार करते हैं। इसी क्रम में 10 दिसंबर को रायपुर के समता कॉलोनी स्थित भीमसेन भवन में अग्रवाल समाज की ओर से एक शिविर आयोजित किया गया है।
जब यह पूछा गया कि क्या किसी चिकित्सक ने भी इस पद्धति को अपनाया है, तो उन्होंने दावा किया कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने अपने परिवार और स्टाफ के साथ उपचार कराया था। राज्योत्सव के दौरान वन विभाग के पंडाल में कई लोगों ने उनसे इलाज करवाने की बात भी बताई गई।
पंडाल में मौजूद वनस्पति विज्ञान की प्रोफेसर डॉ. नीतू हरमुख ने कहा कि कई लोगों को चश्मे की जरूरत कम होती दिखी और वे छोटे अक्षर पढ़ पा रहे थे। डॉ. नीतू ने यह भी बताया कि उन्होंने स्वयं भी उपचार कराया है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ आम तौर पर सलाह देते हैं कि नेत्र रोगों और मोतियाबिंद जैसे मामलों में किसी भी उपचार को अपनाने से पहले पंजीकृत नेत्र चिकित्सक से जांच कराना जरूरी है।
रक्षक पाठ्यक्रम छात्रों के सुरक्षित भविष्य गढ़ने में सहायक होगा – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने प्रदेश के 6 विश्वविद्यालयों के साथ किया एमओयू
देश का पहला पाठ्यक्रम:छात्रों को मिलेगी बाल अधिकार एवं संरक्षण की जानकारी
रायपुर ,10 दिसंबर 2025
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग एवं प्रदेश के छह विश्वविद्यालयों के मध्य “रक्षक पाठ्यक्रम” के लिए एमओयू संपन्न हुआ। बाल अधिकार एवं संरक्षण पर आधारित यह अनूठा पाठ्यक्रम देश में अपनी तरह का पहला शैक्षणिक नवाचार है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि “रक्षक पाठ्यक्रम छात्रों के सुरक्षित और जिम्मेदार भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।” उन्होंने कहा कि यह पाठ्यक्रम युवाओं को न केवल रोजगार के अवसर प्रदान करेगा, बल्कि बाल अधिकार संरक्षण के क्षेत्र में आवश्यक विशेषज्ञता भी विकसित करेगा। उन्होंने कहा कि कई बार बच्चे भूलवश या भ्रमित होकर गलत दिशा में चले जाते हैं क्योंकि वे अबोध होते हैं। ऐसे बच्चों को सही मार्ग पर लाना हम सभी का सामूहिक दायित्व है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पिछले दो वर्षों में राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की गारंटी के अधिकांश वादों को पूरा कर लिया है। किसानों के बकाया बोनस, महिलाओं के लिए महतारी वंदन योजना और सबके लिए आवास जैसे महत्वपूर्ण संकल्पों को साकार किया गया है। उन्होंने कहा कि 350 से अधिक प्रशासनिक सुधार लागू कर छत्तीसगढ़ सुशासन के मार्ग पर तेजी से अग्रसर है और इसी उद्देश्य से सुशासन एवं अभिसरण विभाग की स्थापना भी की गई है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रक्षक पाठ्यक्रम को रिकॉर्ड समय में तैयार करने और विश्वविद्यालयों में इसे लागू करने के लिए आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा और उनकी पूरी टीम को बधाई दी।
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े ने कहा कि बाल अधिकार संरक्षण के क्षेत्र में व्यापक प्रयासों की आवश्यकता है। बच्चों से भिक्षावृत्ति कराना, परित्यक्त बच्चों का पुनर्वास, और संवेदनशील मामलों का समाधान—ये सभी अत्यंत चुनौतीपूर्ण विषय हैं। उन्होंने कहा कि “यह पाठ्यक्रम संवेदनशील, सजग और सेवा-भावयुक्त युवा तैयार करने में मील का पत्थर साबित होगा।” उन्होंने इसे राष्ट्रीय स्तर का नवाचार बताते हुए कहा कि भविष्य में छत्तीसगढ़ इस क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में पहचाना जाएगा।
उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने पाठ्यक्रम को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने आयोग और सभी छह विश्वविद्यालयों को पाठ्यक्रम लागू करने हेतु बधाई दी।
यह एक वर्षीय स्नातकोत्तर “पीजी डिप्लोमा इन चाइल्ड राइट्स एंड प्रोटेक्शन”
पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर, संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय, सरगुजा, कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर, आंजनेय विश्वविद्यालय, रायपुर, एमिटी विश्वविद्यालय, रायपुर और श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, भिलाई-दुर्ग में प्रारम्भ होगा।
क्या है रक्षक पाठ्यक्रम
प्रदेश के किसी भी विश्वविद्यालय में अब तक ऐसा पाठ्यक्रम उपलब्ध नहीं था, जो युवाओं को बाल अधिकार संरक्षण के क्षेत्र में प्रशिक्षित करते हुए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए। इस आवश्यकता को देखते हुए आयोग द्वारा “रक्षक – बाल अधिकार संरक्षण पर एक वर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम” को विकसित किया गया है। इस पाठ्यक्रम से युवाओं को सैद्धांतिक एवं विधिक ज्ञान, विभागीय योजनाओं, संस्थाओं और प्रायोगिक प्रक्रियाओं की गहरी समझ, बाल संरक्षण इकाइयों आदि के सम्बन्ध में जानकारी उपलब्ध होगी।संवेदनशीलता, जागरूकता और बाल-अधिकारों की आत्मिक समझ विकसित करने वाला यह पाठ्यक्रम युवाओं को इस क्षेत्र में कुशल, समर्पित और प्रभावी मानव संसाधन के रूप में तैयार करेगा। आयोग द्वारा पाठ्यक्रम के संचालन, प्रशिक्षण, परामर्श और मार्गदर्शन की संपूर्ण सुविधा विश्वविद्यालयों को निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, ,पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर से कुलसचिव प्रो शैलेंद्र पटेल,प्रो ए के श्रीवास्तव,संत गहिरा गुरु विश्विद्यालय सरगुजा कुलपति प्रो राजेंद्र लाकपाले, कुलसचिव श्री शारदा प्रसाद त्रिपाठी, कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय रायपुर के कुलपति एवं रायपुर संभाग आयुक्त श्री महादेव कावरे, कुलसचिव श्री सुनील कुमार शर्मा,आंजनेय विश्वविद्यालय रायपुर कुलपति डॉ. टी.रामाराव कुलसचिव डॉ. रूपाली चौधरी, एमिटी विश्वविद्यालय रायपुर कुलपति डॉ. पीयूष कांत पाण्डेय, कुलसचिव डॉ. सुरेश ध्यानी,श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी भिलाई दुर्ग चांसलर डॉ.आई.पी. मिश्रा, कुलपति डॉ ए. के झा एवं डॉ जया मिश्रा, आयोग के सचिव प्रतीक खरे सहित अन्य विभागीय अधिकारीगण उपस्थित थे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के हाथों हीराबाई झरेका बघेल राष्ट्रीय हस्तशिल्प पुरस्कार से सम्मानित
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने दी बधाई एवं शुभकामनाएं
रायपुर, 09 दिसंबर 2025
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने छत्तीसगढ़ की प्रतिभाशाली धातुकला शिल्पकार श्रीमती हीराबाई झरेका बघेल को उनकी उत्कृष्ट कलात्मक उपलब्धियों के लिए राष्ट्रीय हस्तशिल्प पुरस्कार से सम्मानित किया है। यह पुरस्कार छत्तीसगढ़ की समृद्ध धातुकला परंपरा को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित स्थान दिलाने के लिए उनकी सराहनीय सेवा का प्रतीक है। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित राष्ट्रीय हस्तशिल्प समारोह में देश भर के हस्तशिल्पियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय वस्त्र मंत्री श्री गिरिराज सिंह ने की, इस मौके पर राज्य मंत्री श्री पबित्रा मार्गेरिटा कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप उपस्थित थीं।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने इस उपलब्धि पर श्रीमती हीराबाई झरेका बघेल को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि श्रीमती हीराबाई झरेका ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत और धातुकला क्षेत्र में अपना उत्कृष्ट योगदान दिया है। उन्होंने छत्तीसगढ़ को विश्व पटल पर गौरवान्वित किया है। उनकी यह उपलब्धि प्रदेश के लिए गर्व की बात है। उनका यह कार्य न केवल हमारी कला को संरक्षित करता है, बल्कि नये कलाकारों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है।
श्री राजेश अग्रवाल ने आगे कहा कि श्रीमती हीराबाई झरेका की अद्भुत सफलता पर छत्तीसगढ़ सरकार और संस्कृति विभाग की ओर से हार्दिक अभिनंदन। हमारे कलाकारों की उत्कृष्टता और उनका समर्पण ही हमारी सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखने का मूल आधार है। संस्कृति विभाग निरंतर प्रयासरत है कि वह धातुकला के शिल्पियों एवं कलाकारों को तकनीकी प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता एवं उचित मंच प्रदान करे, जिससे वे अपनी कला को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित कर सकें। यह हमारा कर्तव्य है कि हम अपनी सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करते हुए विश्व के सामने मजबूती से प्रस्तुत करें।
संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ के शिल्पकारों के कौशल संवर्धन के लिए विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम, वित्तीय सहायता एवं प्रदर्शनियों का आयोजन करता रहता है, जिससे कि वे अपनी कला को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित कर सकें। विभाग का उद्देश्य है कि प्रदेश के धातुकला एवं हस्तशिल्प क्षेत्र को संरक्षित करते हुए युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएं और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया जाए। श्रीमती हीराबाई झरेका को राष्ट्रीय हस्तशिल्प पुरस्कार प्राप्त होने से न केवल छत्तीसगढ़ की कला एवं संस्कृति की प्रतिष्ठा बढ़ी है बल्कि यह पूरे प्रदेश के शिल्पकारों के लिए एक नई प्रेरणा भी बनी हैं।
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में दूसरे दिन एथलेटिक्स छाया, टीम गेम्स ने बढ़ाया रोमांच
रायपुर, 9 दिसंबर 2025

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में जारी अंतर-जोन (विश्वविद्यालय स्तरीय) खेलकूद प्रतियोगिता-2025-26 के दूसरे दिन ट्रैक-एंड-फील्ड तथा टीम गेम्स ने खेल परिसर का माहौल उत्साह और ऊर्जा से भर दिया। सुबह से लेकर देर शाम तक चले मुकाबलों में खिलाड़ियों की गति, दमखम और खेलभावना देखते ही बन रही थी। कुल 160 खिलाड़ियों की भागीदारी वाली आज की प्रतियोगिताओं में मुख्यतः 1500 मीटर, 200 मीटर, लंबी कूद और शॉट पुट की व्यक्तिगत स्पर्धाओं के फाइनल आयोजित हुए।
महिला 1500 मीटर दौड़ में उत्तर जोन की कौशल्या डोडी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया। दक्षिण जोन की सुमति मंडावी द्वितीय और प्रियांका दीवान तृतीय स्थान पर रहीं। पुरुष वर्ग में दक्षिण जोन के भुवनेश्वर यादव ने स्वर्ण पर कब्जा जमाया, जबकि पूर्व जोन के हरेश कुर्रम ने रजत तथा उत्तर जोन के अनंत राम कश्यप ने कांस्य पदक जीता।
200 मीटर स्प्रिंट में भी खिलाड़ियों की तेज रफ्तार देखने को मिली। महिला वर्ग में पूर्व जोन की संध्या नेताम ने स्वर्ण, उत्तर जोन की खेमेंलता गोता ने रजत तथा पश्चिम जोन की पुनिका चंद्रवंशी ने कांस्य जीता। पुरुष वर्ग में उत्तर जोन के कृष्ण प्रताप सिंह पहले स्थान पर रहे, पूर्व जोन के कुनाल रावटे दूसरे और पश्चिम जोन के गणेश सेठ तीसरे स्थान पर रहे।
फील्ड इवेंट्स में पुरुष शॉट पुट में पूर्व जोन के गजेन्द्र ने स्वर्ण, उत्तर जोन के धीरज कुमार ने रजत तथा पश्चिम जोन के सौरभ ने कांस्य पर कब्जा किया। महिला शॉट पुट में उत्तर जोन की हर्षा ने प्रथम, हेमांशु ने द्वितीय तथा पूर्व जोन की प्रणिका ने तृतीय स्थान हासिल किया।
पुरुष लंबी कूद में उत्तर जोन के समीर सिंह ने स्वर्ण, दक्षिण जोन के आरुष वर्मा ने रजत और पूर्व जोन के गौरव वरिया ने कांस्य जीता। वहीं महिला लंबी कूद में पूर्व जोन की संध्या नेताम ने दिन का अपना दूसरा स्वर्ण, दक्षिण जोन की आकांक्षा मेस्राम ने रजत और उत्तर जोन की कौशल्या डोडी ने कांस्य पदक अर्जित किया।
एथलेटिक्स इवेंट्स के साथ-साथ आज वॉलीबॉल, कबड्डी, बैडमिंटन, खो-खो और टेबल टेनिस के लीग मैच भी खेले गए, जिनमें चारों जोनों की टीमों ने उत्कृष्ट तालमेल और खेलभावना का परिचय देते हुए रोमांचक मुकाबले प्रस्तुत किए। इन सामूहिक खेलों के परिणामों के साथ जोनों के बीच अंक प्रतिस्पर्धा और तेज हो गई है, तथा कल होने वाली रिले दौड़ एवं अन्य इवेंट्स के बाद ओवर ऑल चैंपियन का फैसला होगा।
छत्तीसगढ़ में INFLIBNET सेवाओं के एकीकृत क्रियान्वयन की शुरुआत
पं. रविशंकर विश्वविद्यालय में महत्वपूर्ण कार्यशाला और MoU
रायपुर । छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा के डिजिटलीकरण को नए युग में ले जाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए उच्च शिक्षा विभाग ने INFLIBNET (Information and Library Network) सेवाओं के राज्यव्यापी विस्तार की प्रक्रिया को गति दे दी है। शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत स्थापित इसका अंतर-विश्वविद्यालय केंद्र देशभर में लाइब्रेरी ऑटोमेशन, डिजिटल संसाधन, प्लेगरिज़्म डिटेक्शन, शोध प्रबंधन, ई-कंटेंट और अकादमिक प्रोफाइलिंग जैसी महत्वपूर्ण सेवाएँ लगभग निःशुल्क उपलब्ध कराता है।
इन सेवाओं के लागू होने से छत्तीसगढ़ के सार्वजनिक विश्वविद्यालयों में शिक्षण, अधिगम और शोध कार्यों को अत्याधुनिक डिजिटल आधार मिलेगा। क्लाउड-आधारित मॉडल के कारण विश्वविद्यालयों का आईटी खर्च भी कम होगा। यह पहल राज्य में उच्च शिक्षा के डिजिटल रूपांतरण की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक प्रयासों में से एक मानी जा रही है।
PRSU में आयोजित हुई ONOS नोडल अधिकारियों की कार्यशाला
पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर के सभागार में आज राज्य के सभी 09 शासकीय विश्वविद्यालयों के ONOS (One Nation One Subscription) नोडल अधिकारियों की तकनीकी कार्यशाला आयोजित हुई।
इस कार्यशाला में INFLIBNET की विभिन्न सेवाओं, डिजिटल शोध उपकरणों, लाइब्रेरी ऑटोमेशन, एकीकृत डैशबोर्ड, चरणबद्ध प्रशिक्षण मॉडल एवं हेल्पडेस्क की कार्यप्रणाली पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षित नोडल अधिकारी आगे महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों को इन सेवाओं के प्रभावी उपयोग के लिए मार्गदर्शन देंगे।
राज्य का पहला त्रिपक्षीय MoU बनेगा डिजिटल शिक्षा का इतिहास
कार्यशाला उपरांत उच्च शिक्षा विभाग (DHE), INFLIBNET और छत्तीसगढ़ के सभी विश्वविद्यालयों के बीच ऐतिहासिक त्रिपक्षीय MoU साइन किया गया। यह MoU राज्य की उच्च शिक्षा प्रणाली को एकीकृत डिजिटल ढांचे से जोड़ने का आधार बनेगा।
इस महत्वपूर्ण समारोह में सचिव उच्च शिक्षा विभाग डॉ. एस. भारतीदासन ने कहा कि INFLIBNET सेवाओं का राज्यव्यापी एकीकरण छत्तीसगढ़ की उच्च शिक्षा प्रणाली को तकनीकी रूप से सशक्त और भविष्य-सिद्ध बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। यह पहल छात्रों और शिक्षकों को देशभर के शीर्ष डिजिटल संसाधनों तक समान पहुंच प्रदान करेगी। इससे शोध का स्तर बढ़ेगा, पारदर्शिता आएगी और विश्वविद्यालय एक समन्वित डिजिटल फ्रेमवर्क में काम कर सकेंगे। त्रिपक्षीय MoU छत्तीसगढ़ के विश्वविद्यालयों को एकीकृत डिजिटल इकोसिस्टम से जोड़ने की बड़ी शुरुआत है।
INFLIBNET की सेवा से चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण, इम्प्लीमेंटेशन और मॉनिटरिंग किया जा सकेगा
INFLIBNET की सेवाएँ लाइब्रेरी, शोध और अकादमिक प्रबंधन में उल्लेखनीय सुधार लाएँगी। आने वाले महीनों में हम सभी संस्थानों में चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण, इम्प्लीमेंटेशन और मॉनिटरिंग सुनिश्चित करेंगे, ताकि इसका अधिकतम लाभ छात्रों और शिक्षकों तक पहुँचे। इस अवसर पर उच्च शिक्षा आयुक्त डॉ. संतोष कुमार देवांगन, डायरेक्टर इन्फ्लिबनेट प्रोफेसर देविका पी. मडाली, राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के कुलसचिव, पं.रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार शैलेन्द्र पटेल तथा विभिन्न महाविद्यालयों के प्रोफेसर और छात्र उपस्थित थे।
छात्रों-शिक्षकों को मिलेगा व्यापक लाभ
INFLIBNET की प्रमुख सेवाएँ छत्तीसगढ़ के छात्रों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं को व्यापक रूप से लाभान्वित करेंगी। इनमें SOULसॉफ्टवेयर से लाइब्रेरी ऑटोमेशन, शोधगंगा के माध्यम से थीसिस और शोध कार्य का डिजिटलीकरण, शोधशुद्धि द्वारा प्लेगरिज़्म जांच, शोधचक्र से शोध गतिविधियों का कुल प्रबंधन, IIRINS के माध्यम से शिक्षकों और शोधकर्ताओं की डिजिटल अकादमिक प्रोफाइलिंग, रिसोर्स शेयरिंग से संसाधनों के दोहराव में कमी एवं सहयोग में वृद्धि और लगातार क्षमता निर्माण कार्यक्रम और प्रशिक्षण शामिल हैं। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के डिजिटल शिक्षा एवं शोध सुदृढ़ीकरण के उद्देश्यों के साथ पूर्णतः सामंजस्य रखती है। छत्तीसगढ़ में INFLIBNET सेवाओं का यह एकीकृत क्रियान्वयन उच्च शिक्षा में डिजिटल क्रांति का नया अध्याय लिखने जा रहा है।
कस्टम मिलिंग घोटाला: दीपेन चावड़ा के खिलाफ ACB-EOW ने चालान पेश किया
रायपुर । छत्तीसगढ़ के चर्चित कस्टम मिलिंग घोटाले में गिरफ्तार दीपेन चावड़ा के खिलाफ एसीबी–ईओडब्ल्यू ने मंगलवार को अदालत में चालान पेश कर दिया। चावड़ा को नवंबर 2025 में गिरफ्तार किया गया था।
जांच अधिकारियों के अनुसार, चावड़ा से ऐसे साक्ष्य मिले हैं जो दिखाते हैं कि उसने करीब 20 करोड़ रुपये लोकसेवकों के लिए एकत्र किए थे। ब्यूरो ने बताया कि वह ईओडब्ल्यू में दर्ज अन्य मामलों में भी लगभग 2,000 करोड़ रुपये से ज्यादा अवैध लेनदेन से जुड़ा मैनेजर बताया गया है।
यह मामला आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो में दर्ज अपराध क्रमांक 01/24 से जुड़ा है। अधिकारियों के मुताबिक, चावड़ा अनवर ढेबर का करीबी माना जाता है। पर्याप्त सबूत मिलने के बाद 9 दिसंबर 2025 को भ्र.नि.अधि. रायपुर की अदालत में चालान जमा किया गया।
कस्टम मिलिंग स्कैम में इससे पहले फरवरी 2025 में तत्कालीन प्रबंध संचालक मनोज सोनी और रोशन चंद्राकर के खिलाफ और अक्टूबर 2025 में अनवर ढेबर व अनिल टुटेजा के खिलाफ विशेष न्यायालय में चालान पेश किया जा चुका है।
अवैध खनन और परिवहन पर जिला प्रशासन की सख्त कार्रवाई, 5 वाहन जब्त
रायपुर, 09 दिसंबर 2025

जांजगीर-चांपा जिले में अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ जिला प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर के निर्देशन में खनिज विभाग और उड़नदस्ता दल ने बम्हनीडीह, पुछेली, बिर्रा, कनस्दा, हथनेवरा और पीथमपुर क्षेत्रों में औचक निरीक्षण अभियान चलाया।
अभियान के दौरान अवैध परिवहन में संलिप्त पाँच वाहन—ग्राम पुछेली से एक ट्रैक्टर, पीथमपुर से एक हाईवा, कनस्दा से एक ट्रैक्टर तथा बम्हनीडीह क्षेत्र से दो हाईवा—जप्त किए गए। सभी वाहनों को पुलिस रक्षित केंद्रों और संबंधित थानों में सुरक्षा के लिए रखा गया है।
जिला खनिज अधिकारी श्री अनिल कुमार साहू ने जानकारी दी कि जिले में अब तक अवैध गतिविधियों के विरुद्ध कुल 76 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इनमें 66 अवैध परिवहन, 6 अवैध उत्खनन और 4 अवैध भंडारण के मामले शामिल हैं। इन मामलों में कुल 24,65,550 रुपये की शास्ति राशि वसूलकर खनिज मद में जमा की गई है।
अवैध खनन में शामिल व्यक्तियों के विरुद्ध खनन एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 से 23(ख) के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिला खनिज अधिकारी ने बताया कि जब्त वाहनों के चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुनरावृत्ति होने पर संबंधित मामलों में न्यायालयीन परिवाद दर्ज किए जाएंगे।
कलेक्टर के निर्देश पर जिले में अवैध खनन रोकथाम के लिए खनिज अमला और जिला स्तरीय टास्क फोर्स द्वारा लगातार गश्त व जांच की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई
मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय स्थित सभागार में राज्य की योजनाओं की समीक्षा की गई। श्री विकासशील ने सचिवों को निर्देशित किया कि अपने विभाग के लिए अगले तीन वर्षों की कार्ययोजना तैयार करें, ताकि प्रदेश में कुशलता के साथ और तीव्र गति से काम हो सकें। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य जनता के हित में सतत् कार्य करना है।
बैठक में वर्ष 2025-26 के बजट में शामिल नवीन मद प्रस्तावों, योजनाओं और निर्माण कार्यों की प्रगति का विस्तृत मूल्यांकन किया गया। लक्ष्य और उपलब्धि के आधार पर विभागवार प्रस्तुति भी दी गई। बैठक में केंद्र प्रवर्तित योजनाओं के एसएनए-स्पर्श प्रणाली में ऑनबोर्डिंग व पेमेंट की अद्यतन स्थिति, प्रमुख योजनाओं की क्रियान्वयन प्रगति, नवीन मद के प्रस्तावों की स्थिति, वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के निर्माण कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति, तथा पूंजीगत व्यय की जानकारी सहित सभी प्रमुख बिंदुओं की गहन समीक्षा की गई। साथ ही बजट प्रावधान के विरुद्ध व्यय और ई-ऑफिस के क्रियान्वयन की वर्तमान स्थिति पर भी विशेष चर्चा की गई।
इसके अलावा मुख्य सचिव ने आधार-सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली को विभागों में सही ढंग से लागू करने, ई-ऑफिस को संचालनालय के साथ-साथ जिला स्तर पर भी आगामी वर्ष में पूरी तरह सुचारु रूप से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि सभी विभागों के स्थापना प्रभारी यह सुनिश्चित करें कि म.भ्त्डै पोर्टल पर सभी अधिकारी एवं कर्मचारी पूर्ण रूप से ऑनबोर्ड हो जाए।ं मुख्य सचिव ने निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी आवश्यक सुधारात्मक एवं प्रगतिशील कदम उठाने के निर्देश दिए। बैठक में सभी विभागों के प्रमुख सचिव, सचिव और संचालनालय स्तर के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
