छत्तीसगढ़ / रायपुर
धान खरीदी के लिए किसानों को टोकन जारी विशेष व्यवस्था
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में 31 जनवरी तक होगा धान खरीदी
रायपुर, 25 नवंबर 2025
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में प्रदेश में धान उपार्जन प्रक्रिया को सुचारू एवं पारदर्शी रूप से संचालित करने के लिए राज्य शासन द्वारा धान खरीदी 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक निर्धारित की गई है। लगभग 50 कार्य दिवसों में खरीदी कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। किसानों की सुविधा के लिए पूर्व की भांति इस वर्ष भी टोकन जारी कर धान खरीदी की जा रही है।
टोकन तुहर हाथ मोबाइल ऐप के माध्यम से टोकन उपलब्ध
राज्य शासन के निर्देशों के अनुसार किसानों की भूमि धारिता के आधार पर टोकन जारी किए जा रहे हैं। 2 एकड़ तक भूमि वाले किसानों को एक टोकन, 2 से 10 एकड़ तक भूमि वाले किसानों को अधिकतम 2 टोकन और 10 एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों को अधिकतम 3 टोकन जारी किए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि किसान टोकन उपार्जन केंद्र से सीधे प्राप्त कर सकते हैं अथवा टोकन तुहर हाथ मोबाइल ऐप के माध्यम से स्वयं भी टोकन ले सकते हैं। यह मोबाइल ऐप गूगल प्ले स्टोर में उपलब्ध है।
शिकायतें एवं सुझाव खाद्य विभाग के टोल-फ्री नंबर 1800-233-3663 पर
इसके अलावा धान खरीदी से संबंधित शिकायतें एवं सुझाव खाद्य विभाग के टोल-फ्री नंबर 1800-233-3663 पर दर्ज कराए जा सकते हैं। इसके साथ ही जिले में अपर कलेक्टर की अध्यक्षता में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर तथा कॉल सेंटर का गठन किया गया है, जो धान की रीसाइक्लिंग पर रोक, कोचियों/बिचौलियों की गतिविधियों की निगरानी और धान के उठाव एवं परिवहन की सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित कर रहा है।
प्रशासन ने अपील की है कि उपार्जन केंद्र में धान लाते समय किसान-धान को अच्छी तरह सुखाकर लाएं, जिसमें नमी 17 प्रतिशत से अधिक न हो, धान साफ-सुथरा एवं अशुद्धियों से मुक्त हो। साथ में टोकन, ऋण पुस्तिका एवं आधार कार्ड अवश्य रखें। जिला प्रशासन ने किसानों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि निर्धारित निर्देशों का पालन करते हुए समय पर धान विक्रय करें, जिससे खरीदी कार्य सुचारू एवं बाधारहित पूर्ण किया जा सके।
रायपुर पुलिस संगीत ग्रुप द्वारा भव्य संगीतमय कार्यक्रम का आयोजन
श्रीमती चंपा देवी इंदिरा देवी जैन चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्वाधान में
अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ पेवेलियन का किया अवलोकन
हस्तशिल्प, वन-उत्पाद और पारंपरिक कला ने खींचा देश-विदेश के खरीदारों का ध्यान
रायपुर, 24 नवंबर 2025/ भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में आज छत्तीसगढ़ पेवेलियन आकर्षण का केंद्र बना रहा। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के पेवेलियन का भ्रमण कर विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने पेवेलियन में प्रदर्शित उत्पादों और नवाचारों की प्रशंसा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ वैश्विक व्यापार मंचों पर लगातार अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कला, हस्तशिल्प, वनोपज आधारित उत्पाद और पारंपरिक कला वैश्विक बाजार में अपनी विशेष पहचान बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि “देश-विदेश के खरीदारों के बीच छत्तीसगढ़ी उत्पादों की बढ़ती मांग स्थानीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और हमारे कारीगरों के सम्मान को नई दिशा दे रही है। यह ‘आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़’ के हमारे संकल्प की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।”
उन्होंने पवेलियन में प्रदर्शित कोसा सिल्क, धातु-शिल्प, ढोकरा कला, प्राकृतिक वन-आधारित उत्पाद, मिलेट-आधारित फूड प्रोडक्ट्स और सूक्ष्म उद्यमों के अभिनव मॉडल की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने पेवेलियन में बस्तर की समृद्ध विरासत और कलाकृतियों के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने डिजिटल टीवी पर प्रसारित डॉक्यूमेंट्री ‘बदलता बस्तर (आमचो बस्तर)’ का अवलोकन करते हुए कहा कि डॉक्यूमेंट्री में आज का नया बस्तर स्पष्ट दिखाई देता है। बस्तर बदल चुका है, और यह डॉक्यूमेंट्री उसी परिवर्तन का जीवंत अवलोकन कराती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय और ग्रामीण उत्पादों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँचाने के लिए विभिन्न योजनाओं और संस्थागत समर्थन को निरंतर मजबूत कर रही है।
इस अवसर पर उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, लोकसभा सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, श्रीमती कमलेश जांगड़े एवं अन्य जनप्रतिनिधि तथा अधिकारी उपस्थित थे।
देश की राजधानी में छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति का भव्य प्रदर्शन
लोक कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुति में भारत मंडपम में दिखी छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक छटा
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की केंद्रीय मंत्री श्री चिराग पासवान के साथ अहम मुलाकात, राज्य में खाद्य प्रसंस्करण को मिलेगी नई दिशा
दुर्गम क्षेत्रों में विषम परिस्थितियों में भी अपने दायित्व का निर्वहन कर रहे बीएलओ।
जिला प्रशासन द्वारा, उत्कृष्ट कार्य करने वाले बूथ लेवल अधिकारियो का किया जा रहा सम्मान।
लगभग 95 लाख से अधिक गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन पूर्ण
04 दिसंबर से पहले गणना प्रपत्र शीघ्र जमा करें
रायपुर, 23 नवम्बर 2025
भारत निर्वाचन आयोग नई दिल्ली के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ राज्य में चलाए जा रहे मतदाता सूचियां के विशेष गहण पुनरीक्षण 2026 कार्यक्रम के तहत वर्तमान में गणना चरण का कार्य चल रहा है।
इस दौरान कोई भी वैध मतदाता ना छूटे और कोई अवैध नाम शामिल न हो उद्देश्य को दृष्टिगत रखते हुए बूथ लेवल अधिकारी द्वारा दुर्गम क्षेत्रों में विषम परिस्थितियों में भी अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए मतदाताओं तक पहुंच रहे हैं और उनसे गणना प्रपत्र भरवा रहे हैं।
आज 89 बीजापुर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के भाग संख्या 138 पल्लेवाया के बीएलओ
पायकु राम कश्यप, एवं अभिहित अधिकारी एवं भाग संख्या 70 गुट्टामंगी के बीएलओ रामसाय यादव द्वारा इंद्रावती नदी पार कर दुर्गम अबूझमाड़ क्षेत्र में गणना प्रपत्र वितरण एवं संकलन का कार्य सम्पादित किया।
छत्तीसगढ़ राज्य के जिला सरगुजा, रायगढ़, राजनांदगांव, दुर्ग, बस्तर, जांजगीर चांपा, जशपुर, कबीरधाम, महासमुंद, धमतरी, उत्तर बस्तर कांकेर, बीजापुर, सुकमा, कोंडागांव, मुंगेली, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सारंगढ़, बिलाईगढ़ एवं सक्ती आदि जैसे जिलों के 85 मतदान केंद्रों के बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा 100% डिजिटाइजेशन का कार्य भी पूर्ण कर लिया गया है।
एसआईआर के दौरान ऐसे ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले बूथ लेवल अधिकारियों को जिला निर्वाचन अधिकारियों द्वारा सम्मानित भी किया जा रहा है। विभिन्न जिलों में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए सम्मानित बीएलओ निम्नानुसार है:
1. श्रीमती आरती रात्रे, बीएलओ, जिला कोरबा
2. श्रीमती मथुरा पटेल, बीएलओ, जिला सारंगढ़ बिलाईगढ़
3. श्री नंद कुमार यादव, बीएलओ, जिला जांजगीर-चांपा
5. शिवकुमार सिंह, बीएलओ, जिला जांजगीर-चांपा
6. कृष्ण कुमार राठौर, बीएलओ, जिला जांजगीर-चांपा
7. सुरेश कुमार डहरिया, बीएलओ, जिला जांजगीर-चांपा
8. सीताराम यादव, जिला जांजगीर-चांपा
9. सुश्री रजनी नाग, बीएलओ, भाग क्रमांक 207) विकासखंड पत्थलगांव
आज 23 नवम्बर 2025 तक प्रदेश में लगभग 95 लाख से अधिक गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन पूर्ण हो चुका है, जो प्रदेश के 2 करोड़ 12 लाख 30 हजार 737 पंजीकृत मतदाताओं का लगभग 45 प्रतिशत है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, छत्तीसगढ़ श्री यशवंत कुमार ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे 4 दिसंबर की अंतिम तिथि का इंतज़ार न करें तथा अपने गणना प्रपत्रों को ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन माध्यम से शीघ्रता से भरकर जमा करें ।
SIR से जुड़ी हर प्रकार की जानकारी के लिए सीईओ छत्तीसगढ़ के विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, एक्स एवं इंस्टाग्राम को फॉलो करें। सीईओ छत्तीसगढ़ द्वारा अपने विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से लगातार एन्यूमरेशन फॉर्म भरने की प्रक्रिया के साथ ही 2003 की मतदाता सूची में अपने नाम खोजने की प्रक्रिया के संबंध में इनफॉर्मेटिव वीडियो या सामग्री शेयर की जा रही है ताकि किसी मतदाता को एन्यूमरेशन फॉर्म भरने में किसी प्रकार की समस्या ना हो.
ई-संवर्ग के व्याख्याताओं व प्रधानपाठकों की ऑनलाइन ओपन काउंसिलिंग जारी
रायपुर, 23 नवम्बर 2025
स्कूल शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार व्याख्याता, व्याख्याता (एल.बी.) एवं प्रधानपाठक (माध्यमिक शाला) ई-संवर्ग के लिए ऑनलाइन ओपन काउंसिलिंग 21 से 24 नवम्बर 2025 तक शासकीय शिक्षा शिक्षक महाविद्यालय, शंकर नगर रायपुर में आयोजित की जा रही है। काउंसिलिंग प्रक्रिया वरिष्ठता सूची के आधार पर नियमानुसार संचालित हो रही है।
संयुक्त संचालक लोक शिक्षण संचालनालय ने बताया कि आज काउंसिलिंग के तीसरे दिन प्रथम पाली में 150 में से 144 अभ्यर्थी उपस्थित रहे तथा 6 अनुपस्थित रहे। द्वितीय पाली में 155 में से 148 अभ्यर्थी उपस्थित रहे और 7 अनुपस्थित रहे। इसी तरह तीसरे दिन तक कुल 904 अभ्यर्थियों में से 860 ने काउंसिलिंग में भाग लिया, जबकि 44 अनुपस्थित रहे। आज काउंसिलिंग में कुल 49 अभ्यर्थियों ने स्थान चयन से इंकार किया तथा 811 अभ्यर्थियों ने स्वेच्छा से स्थान चयन किया। काउंसिलिंग में कुल 95.13 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई।
काउंसिलिंग में सम्मिलित सभी व्याख्याता, व्याख्याता (एल.बी.) एवं प्रधानपाठक (माध्यमिक शाला) ई-संवर्ग को ऑनलाइन ओपन काउंसिलिंग के माध्यम से मनचाही शालाओं में पदस्थापना हेतु सहमति पत्र प्रदान किए गए।
फसल का दाम भी बढ़ और उपार्जन केंद्र में सुविधाएं भी - किसान ठंड़ीराम बिंझवार
रायपुर, 23 नवम्बर 2025
जिले के पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक के दूरस्थ ग्राम अरसिया में रहने वाले किसान श्री ठंड़ीराम बिंझवार अपने परिश्रम और खेती के प्रति समर्पण से एक मिसाल बने हुए हैं। आठ एकड़ भूमि में वे मुख्य रूप से मोटा धान की खेती करते हैं।
पिछले वर्ष उन्होंने 136 क्विंटल धान उपार्जन केंद्र में बेचा था, जिससे प्राप्त राशि से उनके घर-परिवार की आवश्यक जरूरतें पूरी हुईं। इस वर्ष मौसम और मेहनत दोनों के सहयोग से उन्हें 160 क्विंटल धान बेचने की उम्मीद है, जो उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को और सुदृढ़ करेगा। श्री ठंड़ीराम बताते हैं कि क्षेत्र में अधिकतर किसान धान की ही फसल लेते हैं और सरकार द्वारा प्रदान की जा रही समर्थन मूल्य और आदान राशि से किसानों को बड़ी आर्थिक सहायता मिल रही है। सरकार की यह पहल न सिर्फ किसानों की आय बढ़ा रही है, बल्कि खेती को और अधिक लाभकारी भी बना रही है।उन्होंने उपार्जन केंद्र की व्यवस्थाओं की भी प्रशंसा की और बताया कि पीने के पानी की सुविधा, आराम व बैठने के लिए कुर्सी, छांव की समुचित व्यवस्था है। इन सुविधाओं के कारण किसानों को उपार्जन केंद्र में किसी प्रकार की समस्या नहीं होती और वे संतोषपूर्वक धान विक्रय कर सकते हैं। श्री ठंड़ीराम बिंझवार की यह उपलब्धि बताती है कि यदि मेहनत और सही सहयोग मिल जाए तो खेती न केवल जीवनयापन का साधन, बल्कि समृद्धि का मार्ग भी बन सकती है और अन्य किसानों को प्रोत्साहित भी किया जा सकता है।
चीतल शिकार प्रकरण में दो फरार आरोपी गिरफ्तार
वन मंत्री के निर्देश पर वन विभाग की सख्त कार्रवाई जारी
रायपुर, 23 नवम्बर 2025
वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार वन विभाग द्वारा वन्य अपराधों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में बलौदाबाजार वनमंडल अधिकारी श्री धम्मशील गणवीर के मार्गदर्शन में अर्जुनी परिक्षेत्र में अवैध शिकार रोकथाम और वन्यजीव संरक्षण को मजबूत करने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है।
इसी अभियान के तहत चीतल के अवैध शिकार से जुड़े एक महत्वपूर्ण प्रकरण में लंबे समय से फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। विभाग की सक्रिय गश्त, स्थानीय सूचनाओं के संकलन और निरंतर खोजबीन के परिणामस्वरूप 19 नवंबर 2025 को एक आरोपी तथा 22 नवंबर 2025 को दूसरे आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों में श्रीधर वल्द मंगल सिंह बरिसा और अनिल वल्द चमार सिंह बरिहा, निवासी अर्जुनी शामिल हैं। दोनों को आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी कर जिला जेल बलौदाबाजार में न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
वनमंडलाधिकारी श्री धम्मशील गणवीर ने टीम के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि भविष्य में भी वन अपराधों के खिलाफ इसी तरह की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि अवैध शिकार, फंदा लगाना, इलेक्ट्रिक ट्रैपिंग या किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत निकटतम वन परिक्षेत्र कार्यालय को दें, ताकि समय रहते अपराधियों पर कार्रवाई की जा सके और वन्यजीवों की रक्षा हो सके।
गौरतलब है कि विगत 24 अगस्त 2025 को अर्जुनी परिक्षेत्र में चीतल के अवैध शिकार का प्रकरण दर्ज किया गया था। चार आरोपियों में से दो को उसी दिन गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था, जबकि दो आरोपी फरार थे। इन दोनों की तलाश अर्जुनी परिक्षेत्र की टीम लगातार कर रही थी, जो अब सफल हुई है।
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना से रौशन हुआ घर
बिजली बिल में आई कमी
रायपुर, 23 नवंबर 2025
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से लोगों को काफी सुविधा मिलने लगी है। इस योजना के अंतर्गत घर की छतों पर सोलर प्लांट स्थापित करने से हितग्राहियों को बिजली बिल से काफी हद तक छुटकारा मिल गया है। कोरबा जिले के ग्राम सिस के निवासी राधेश्याम राज का घर इन दिनों सौर ऊर्जा से रोशन है। कुछ महीने पूर्व उनके घर में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत 3 किलोवाट क्षमता का हाइब्रिड सोलर पावर प्लांट स्थापित किया गया। राधेश्याम राज बताते हैं कि पहले विद्युत उपकरणों के अधिक उपयोग के कारण हर महीने बिजली बिल काफी अधिक आता था, जिससे घरेलू बजट पर अतिरिक्त भार पड़ता था।
राधेश्याम राज बताते हैं कि योजना के अंतर्गत प्राप्त सब्सिडी राशि उनके बैंक खाते में जमा हो चुकी है। इससे प्लांट की लागत में भी कमी आई है। सोलर ऊर्जा के उपयोग से उनके बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी आई है, जिससे परिवार को आर्थिक राहत मिली है। वे बताते हैं कि इस योजना ने उनके घर को न केवल स्वच्छ ऊर्जा से प्रकाशित किया है, बल्कि आत्मनिर्भरता तथा ऊर्जा संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ाई है। गांव में स्थापित इस प्लांट को देखने के लिए अन्य ग्रामीण भी उनके घर आते हैं, जिससे नवीकरणीय ऊर्जा के प्रति लोगों में रुचि बढ़ रही है।
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से बदलती जिंदगी
रायपुर, 23 नवंबर 2025
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना रायगढ़ जिले के नागरिकों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही है। यह योजना न केवल घरेलू विद्युत व्यय में कमी ला रही है, बल्कि ऊर्जा आत्मनिर्भरता तथा पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा दे रही है। रायगढ़ जिले में बड़ी संख्या में उपभोक्ता अपने घरों की छतों पर सोलर प्लांट स्थापित कर स्वच्छ ऊर्जा का लाभ उठा रहे हैं। इसी श्रृंखला में स्प्रिंग वैली कॉलोनी निवासी श्रीमती माधुरी नायक ने अपने घर पर 5 किलोवाट क्षमता का ऑन-ग्रिड सोलर प्लांट स्थापित किया है।
माधुरी नायक बताती हैं कि सोलर प्लांट लगने से उनके मासिक बिजली बिल में कमी आई है। पहले उनके घर का मासिक बिल 5,000 से 6,000 रुपये आता था, जो अब घटकर मात्र 1,000 से 1,200 रुपये रह गया है। सोलर ऊर्जा से प्राप्त बचत का उपयोग वे बच्चों की पढ़ाई और अन्य आवश्यक कार्यों में कर रही हैं। उनका कहना है कि सम्पूर्ण स्थापना प्रक्रिया पारदर्शी रही और योजना के अंतर्गत उन्हें समय पर सब्सिडी भी प्राप्त हुई। इस योजना के तहत उपभोक्ताओं को एक लाख 8 हजार रुपये तक की अनुदान सहायता प्रदान की जा रही है, साथ ही कम ब्याज दर पर बैंक ऋण सुविधा भी उपलब्ध है।
एक भारत श्रेष्ठ भारत अभियान हमारे राष्ट्रीय जीवन का सशक्त प्रतीक - राज्यपाल श्री डेका
राजभवन में मनाया गया 6 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों का स्थापना दिवस
रायपुर, 23 नवंबर 2025


राज्यपाल श्री रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में आज राजभवन में 6 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों का स्थापना दिवस मनाया गया। इस अवसर पर श्री डेका ने कहा कि भारत की आत्मा उसकी विविधता में बसती है और यही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से प्रारंभ हुआ ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ अभियान इसी एकता और सांस्कृतिक समृद्धि का सशक्त प्रतीक है।
राजभवन में रविवार को छत्तीसगढ़ मण्डपम् में आयोजित स्थापना दिवस समारोह में राज्यपाल श्री रमेन डेका ने छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, जम्मू कश्मीर, केरल, लद्दाख, और अंडमान निकोबार राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के स्थापना दिवस के अवसर पर कहा कि यह पहल केवल सांस्कृतिक आदान-प्रदान नहीं, बल्कि भावनात्मक एकीकरण का माध्यम है।
केन्द्र सरकार के “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” कार्यक्रम के तहत विविधता में एकता की भावना को बढ़ावा देने के लिए सभी राज्य एक दूसरे का स्थापना दिवस मनाते है। इसी कड़ी में आज राजभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम में इन राज्यों का स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
इस अवसर पर राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि भाषाओं, वेशभूषा, खान-पान, कला और परंपराओं में भिन्नता होने के बावजूद हमारी आत्मा एक है। यही विविधता भारत को विश्व में अद्वितीय बनाती है। आज जिन राज्यों का स्थापना दिवस मनाया जा रहा है, वे भारत की इस समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को और अधिक उजागर करते हैं।
श्री डेका ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक साैंदर्य, समृद्ध सांस्कृतिक विविधताओं से परिपूर्ण राज्य है। यहां कि संस्कृति रामायण काल की है। यह भगवान श्री राम की कर्म भूमि है। छत्तीसगढ़ में 35 से अधिक जनजातियां निवास करती हैं जिनकी अपनी अनूठी परंपराएं, भाषाएं और जीवनशैली है। राज्य की जनजातीय परंपराएं देशभर में विशिष्ट पहचान रखती है। छत्तीसगढ़ के लोग बहुत सरल हैं और प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर रहते हैं। छत्तीसगढ़ को भारत की खनिज राजधानी कहा जाता है साथ ही यह धान का कटोरा भी है। यहां पर्यटन की भी काफी संभावनाएं हैं। अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण रायपुर ‘एजुकेशन हब‘ बनने की ओर अग्रसर है। मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता बढ़ा कर इस क्षेत्र को शैक्षणिक दृष्टि से और अधिक विकसित किया जा सकता है।
राज्यपाल ने कहा कि मध्यप्रदेश भारत का हृदय है। यह राज्य अपनी प्राकृतिक संपदा और इतिहास के कई महत्वपूर्ण हिस्सों को अपने अंदर समेटे हुए है। धार्मिक और पर्यटन दोनों ही दृष्टि से यह देशी-विदेशी पर्यटकों को भी आकर्षित करता है। खजुराहो के रहस्यमय मंदिर, सांची का स्तूप और भीमबेटका की गुफाएं, यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल है। उज्जैन का महाकालेश्वर मंदिर 12 ज्योर्तिलिंगों में से एक है। छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश दो अलग-अलग राज्य हैं, लेकिन दोनों राज्यों के निवासियों का खान-पान, भाषा, संस्कृति, रीति-रिवाज कुछ हद तक एक जैसे हैं और वे आपसी स्नेह के अटूट बंधन में बंधे हैं।
श्री डेका ने कहा कि एक 1 नवंबर 1956 को केरल राज्य का गठन भाषा, संस्कृति और विकास की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण कदम था। आज केरल अपनी शैक्षणिक उन्नति, स्वास्थ्य सेवाओं, साहित्य, कला, सांस्कृतिक विरासत और सुंदर समुद्री तटों के लिए पूरे विश्व में एक मिसाल बन चुका है। साक्षरता दर, स्वास्थ्य सूचकांक और लैंगिक समानता में केरल पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्त्रोत है। केरल में 96 प्रतिशत साक्षरता दर है। यहां शिक्षा को सामाजिक अधिकार की तरह माना जाता है। अपने प्राकृतिक सौंदर्य और सदाबहार हरियाली के लिए प्रसिद्ध यह राज्य पर्यटकों के दिलों में एक विशेष स्थान रखता है। हम केरल के प्राचीन इतिहास, लंबे समय से चले आ रहे विदेशी व्यापार संबंधों, विज्ञान और कला की समृद्ध परंपरा पर गर्व कर सकते हैं।
राज्यपाल ने कहा कि जम्मू और कश्मीर राज्य हिमालय पर्वत श्रृंखला के उच्चतम भाग, और अपनी प्राकृतिक सुंदरता और संसाधनों के लिए जाना जाता है। यहां स्थित वैष्णो देवी और अमरनाथ की गुफाएं हिंदुओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण तीर्थस्थल हैं। यह प्रदेश बहादुरी, साहस और देश की सीमा सुरक्षा के गौरव का प्रतीक भी है।
श्री डेका ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया। हिमालय की गोद में बसा लद्दाख का हर दृश्य प्रकृति की अनोखी रचना जैसा प्रतीत होता है। यहां की बौद्ध संस्कृति और हिमालयी जीवनशैली से पूरे देश को शांति और सन्तुलन का संदेश मिलता है। यहां के लोग पर्यावरण के प्रति बहुत सम्मान रखते हैं।
राज्यपाल ने कहा कि अंडमान- निकोबार द्वीप समूह न केवल प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर हैं बल्कि ‘सेल्यूलर जेल‘ जैसे ऐतिहासिक स्थल भी यहां है, जो भारत के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान की पीड़ा और पराक्रम को याद दिलाता है।
राज्यपाल ने कहा कि इन राज्यों की यह विविधता ही भारत की एकता की सबसे बड़ी गारंटी है। यही ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना है, जिसका उद्देश्य केवल सांस्कृतिक परिचय नहीं, बल्कि भावनात्मक एकीकरण है। जब राज्य एक-दूसरे से जुड़ते हैं, तो न केवल संस्कृति, बल्कि शिक्षा, व्यापार, पर्यटन और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भी नए अवसर बनते हैं।
उन्होंने सभी से अपील की कि एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पर्यावरण संरक्षण के लिए एक पेड़ अवश्य लगाएं। साथ ही उन्होंने लोगों का आव्हान किया कि एक कार्य ऐसा जरूर करें, जिसमें मानवीय सेवा निहित हो।
समारोह में विभिन्न राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों ने अपने राज्यों की विशेषताओं, परंपरा, संस्कृति पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने सभी राज्यों की संस्कृति एवं लोक परंपरा आधारित संास्कृतिक कार्यक्रमों की रंगारंग प्रस्तुति दी। छत्तीसगढ़ के लोक-नृत्य, मध्यप्रदेश के बुंदेलखंडी नृत्य, जम्मू कश्मीर के राउफ सहित केरल के लोक नृत्य गौपति, लद्दाख के जबरो नृत्य एवं अंडमान निकोबार के लोक नृत्यों ने अतिथियों का मन मोह लिया।
विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों को राज्यपाल ने राजकीय गमछा और स्मृति चिन्ह भेंट किया। उन्होंने भी राज्यपाल को अपने राज्य की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, श्री सुनील सोनी, श्री अनुज शर्मा, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा सहित अन्य अधिकारी एवं इन सभी राज्यों के युवा, महिलाएं एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
जनजातीय समुदाय के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य कर रही है हमारी सरकार : मुख्यमंत्री श्री साय
मुख्यमंत्री गोंड युवक-युवती परिचय सम्मेलन में हुए शामिल
गोंड समाज को सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों हेतु 05 लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा
“आदिवासी ऐतिहासिक निरंतरता से वर्तमान चुनौतियों तक” तथा “विरासत का सम्मान : वैश्विक दृष्टिकोण पर सवाल” पुस्तकों का विमोचन
रायपुर, 23 नवम्बर 2025


मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के टिकरापारा स्थित गोंडवाना भवन में छत्तीसगढ़ गोंड समाज कल्याण समिति द्वारा आयोजित गोंड युवक-युवती परिचय सम्मेलन में शामिल हुए। मुख्यमंत्री का पारंपरिक जनजातीय रीति-रिवाजों के अनुसार स्वागत किया गया तथा उन्होंने भगवान बूढ़ादेव का पूजन कर विधि-विधान से कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने गोंड समाज को सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए 05 लाख रुपये की सहयोग राशि प्रदान करने की घोषणा की।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम द्वारा लिखित दो महत्वपूर्ण पुस्तकों—“आदिवासी ऐतिहासिक निरंतरता से वर्तमान चुनौतियों तक” तथा “विरासत का सम्मान : वैश्विक दृष्टिकोण पर सवाल” का विमोचन किया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि गोंड समाज का इतिहास अत्यंत समृद्ध और गौरवशाली रहा है। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जनजातीय समाज के हितों के प्रति बेहद संवेदनशील हैं। देश के सर्वोच्च पद पर जनजातीय समाज की गौरवपूर्ण उपस्थिति इस सम्मान का प्रत्यक्ष प्रतीक है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पीएम जनमन और प्रधानमंत्री धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना के माध्यम से जनजातीय समुदाय के सर्वांगीण विकास के लिए व्यापक कार्य किए जा रहे हैं। विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान हेतु भी सरकार ने कई विशेष पहल प्रारंभ की हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय नायकों के गौरवशाली इतिहास को सम्मान देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने उपस्थित लोगों से नया रायपुर में स्थापित जनजातीय संग्रहालय का भ्रमण करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जनजातीय वीरों ने सदैव अपनी माटी और संस्कृति की रक्षा की है, और इस गौरवमयी परंपरा की सुंदर झलक आपको संग्रहालय में देखने को मिलेगी। श्री साय ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर मनाया जाने वाला जनजातीय गौरव दिवस आदिवासी समाज की विरासत को सम्मान देने का एक सशक्त माध्यम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को आपस में जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इससे भावी पीढ़ी अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक जड़ों से परिचित होती है। युवक-युवती परिचय सम्मेलन समुदाय के लोगों को एक-दूसरे को समझने, जानने और रिश्तों के निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए आयोजकों को शुभकामनाएँ भी दीं।
इस अवसर पर आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम ने गोंड समाज के गौरवशाली इतिहास पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि गोंड समाज का इतिहास समृद्ध परंपराओं और वीरता की गाथाओं से भरा हुआ है। उन्होंने बताया कि ऐतिहासिक कालखंडों में गोंड राजाओं ने शासन, प्रबंधन और सामाजिक संरचना को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिनका उल्लेख विभिन्न ऐतिहासिक दस्तावेजों में मिलता है। श्री मरकाम ने कहा कि डबल-इंजन की सरकार में जनजातीय समुदाय के हितों, विकास और उत्थान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ आज बड़े पैमाने पर जनजातीय समाज तक पहुँच रहा है। उन्होंने समाज को एकजुट होकर प्रगति की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया तथा गोंड समाज द्वारा संचालित विभिन्न गतिविधियों, सामुदायिक प्रयासों एवं नवाचारों की जानकारी देते हुए कहा कि सामूहिक प्रयास ही समाज को सशक्त बनाते हैं।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ गोंड समाज कल्याण समिति के अध्यक्ष श्री जग्गू सिंह, उपाध्यक्ष श्री किशोर ध्रुव, श्री सेवाराम ध्रुव, श्री हरि सिंह ठाकुर सहित समाज के अनेक सदस्य उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने हाउसिंग बोर्ड की 2060 करोड़ की लागत वाली आवासीय परियोजनाओं का किया शुभारंभ
राज्य के 26 जिलों में हाउसिंग बोर्ड की 55 परियोजनाओं से बनेंगे 12 हजार से अधिक किफायती एवं गुणवत्तापूर्ण आवास
शंकर नगर बीटीआई ग्राउण्ड में 3 दिवसीय राज्य स्तरीय आवास मेला शुरू
रायपुर, 23 नवम्बर 2025




मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज रायपुर के शंकर नगर स्थित बीटीआई ग्राउण्ड में तीन दिवसीय राज्य स्तरीय आवास मेले में छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड की 2060 करोड़ की आवासीय परियोजनाओं का शुभारंभ किया। यह 55 परियोजना राज्य के 26 जिलों में शुरू होंगी, जिनके माध्यम से 12 हजार से अधिक किफायती एवं गुणवत्तापूर्ण मकानों का निर्माण किया जाएगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने हाउसिंग बोर्ड के एआई चैट बॉट और पोर्टल का भी शुभारंभ किया। इसके माध्यम से उपभोक्ताओं को हाउसिंग बोर्ड की आवासीय परियोजनाओं की जानकारी सहजता से मिल सकेगी।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओपी चौधरी, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, विधायक श्री अनुज शर्मा, अध्यक्ष गृह निर्माण मंडल श्री अनुराग सिंहदेव, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन, तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष श्री जतीन साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड की टीम बहुत बेहतर है। राज्य के लोगों को किफायती और गुणवत्तापूर्ण मकान उपलब्ध कराने के लिए नवाचार के साथ आगे बढ़ रही है। छत्तीसगढ़ सरकार ने हाउसिंग बोर्ड के 790 करोड़ रूपए के कर्ज को अदा कर बोर्ड को कर्ज मुक्त कर दिया है ताकि बोर्ड बेहतर रणनीति के साथ काम करें। उन्होंने जरूरतमंदों एवं आवासहीनों को पक्का मकान दिए जाने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ही नहीं वरन पूरे देश में संचालित प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि 2 वर्षों में छत्तीसगढ़ राज्य में इस योजना के तहत 26 लाख लोगों को आवासों की मंजूरी दी गई। सबका आवास बन रहा है। पीएम जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए 32 हजार तथा बस्तर में आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल पीड़ित परिवारों के लिए 15 हजार आवास की मंजूरी दी गई है।
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर राज्य स्तरीय आवास मेले में आवास बुकिंग का प्रमाण पत्र, हाउसिंग बोर्ड के उपभोक्ताओं को आवास की चाबी तथा फ्री होल्ड मकान का प्रमाण पत्र प्रदान करते हुए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के कार्यों की सराहना की और कहा कि बोर्ड की वर्तमान टीम, हाउसिंग के क्षेत्र में अच्छा काम कर रही है। उन्होंने कहा कि आवास मेले की सफलता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जब से मेला शुरू हुआ है रोड पर जाम लग गया है और टैªफिक व्यवस्था संभल नहीं रही है। उन्होंने राज्य में जरूरतमंद परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और कहा कि इसके लिए उन्होंने बजट में 14 हजार करोड़ रूपए का प्रावधान किया। डॉ. सिंह ने कहा कि हाउसिंग बोर्ड की सभी परियोजनाओं को जिलों में अच्छा प्रतिसाद मिलेगा।
आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओपी चौधरी ने हाउसिंग बोर्ड के काम-काज को बेहतर बनाने तथा उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में लिए गए फैसलों के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की विशेष पहल से छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड 790 करोड़ रूपए के कर्ज से मुक्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि साल भर के भीतर हाउसिंग बोर्ड ने 672 करोड़ का बिजनेस किया है। लैंड डायवर्सन एवं फ्री होल्ड की रियायत सरकार ने देकर हाउसिंग बोर्ड और उपभोक्ताओं को राहत दी है। श्री चौधरी ने कहा कि हाउसिंग बोर्ड उपभोक्ताओं की डिमांड के आधार पर आवासीय परियोजनाओं के निर्माण का काम शुरू करेगा।
कार्यक्रम को हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंहदेव ने भी सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हाउसिंग बोर्ड राज्य के सभी जिलों में मकान का निर्माण करेगा। हम अगले चरण में सभी विधानसभा क्षेत्रों में भी आवासीय परियोजनाएं लॉन्च करेंगे।
गौरतलब है कि बीटीआई ग्राउंड में यह राज्य स्तरीय आवास मेला 25 नवम्बर तक चलेगा। मेले के पहले दिन सुबह से ही मेला ग्राउंड में हाउसिंग बोर्ड की आवासीय परियोजनाओं की जानकारी लेने और आवास बुक कराने के लिए लोगों का हुजुम उमड़ पड़ा था। शंकर नगर टर्निंग प्वाइंट से खम्हारडीह जाने वाली रोड पर जाम की स्थिति निर्मित हो गई थी।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की पहल से जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 10 को मिला 7 करोड़ के विकास कार्य की स्वीकृति
दुल्लापुर–नेवारीगुड़ा–कान्हाभैरा मार्ग निर्माण को मंजूरी—ग्रामीण विकास को मिलेगी नई रफ्तार
रायपुर, 23 नवंबर 2025
जिला पंचायत कवर्धा क्षेत्र क्रमांक 10 के लिए विकास का नया अध्याय जुड़ गया है। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के निरंतर प्रयासों से क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित सड़क—दुल्लापुर, नेवारीगुड़ा, कान्हाभैरा से कंझेटा तक—के निर्माण हेतु 7 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्राप्त हुई है। यह निर्णय क्षेत्रवासियों की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करते हुए विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
क्षेत्रवासियों ने इस जनहितकारी निर्णय के लिए उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सड़क के अभाव में लंबे समय से आवागमन, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच और व्यापारिक गतिविधियों में काफी दिक्कतें आती थीं। सड़क निर्माण प्रारंभ होने से इन समस्याओं का समाधान होगा और आर्थिक-सामाजिक विकास को नई गति मिलेगी।
जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 10 के सदस्य श्री कैलाश चंद्रवंशी ने बताया कि उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा क्षेत्र के समग्र विकास के लिए लगातार सक्रिय हैं। उनके मार्गदर्शन में क्षेत्र की अधोसंरचना को मजबूत बनाने के लिए कई अहम परियोजनाएँ स्वीकृत हो रही हैं।
उन्होंने कहा कि दुल्लापुर–नेवारीगुड़ा–कान्हाभैरा मार्ग इस पूरे क्षेत्र की जीवनरेखा है। सड़क का निर्माण दुल्लापुर के नहर पार से नेवारीगुड़ा तक गांव के बाहरी हिस्से से होकर किया जाएगा, जो दुल्लापुर और नेवारीगुड़ा के लिए बायपास मार्ग के रूप में भी कार्य करेगा। यह योजना क्षेत्र की गतिशीलता और सुविधा को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाएगी।
उन्होंने यह भी बताया कि सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ करने की तैयारी तेजी से जारी है। इसके पूर्ण होते ही ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधा बेहतर होगी तथा शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों ने कहा कि यह स्वीकृति उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की संवेदनशीलता, दूरदर्शिता और जनसेवा के प्रति समर्पण को दर्शाती है।
श्री रामलला दर्शन कर लौटे श्रद्धालुओं का भव्य स्वागत उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की ओर से तिलक, माला, शॉल व श्रीफल देकर अभिनंदन
रायपुर, 23 नवंबर 2025

अयोध्या धाम में विराजमान प्रभु श्री रामलला के दर्शन करके आज कवर्धा लौटे 69 श्रद्धालुओं का स्वागत अत्यंत भव्य और भावपूर्ण वातावरण में किया गया। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की ओर से जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, श्री नितेश अग्रवाल, नगरपालिका अध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, श्रीमती सतविंदर पाहुजा, श्री नरेन्द्र मानिकपुरी एवं श्री योगेश चंद्रवंशी ने विधायक कार्यालय में श्रद्धालुओं का पारंपरिक रीति से तिलक लगाकर, माला पहनाकर तथा शॉल और श्रीफल भेंटकर अभिनंदन किया।
श्रद्धालुओं ने बताया कि यह स्वागत उनकी तीर्थयात्रा को और भी विशेष और स्मरणीय बना गया। उन्होंने अयोध्या दर्शन के अपने अनुभव साझा किए और कहा कि भगवान श्री रामलला के दर्शन से मन को अद्भुत शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त हुई।
कार्यक्रम के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू ने कहा कि रामलला का दर्शन हर श्रद्धालु के लिए एक दिव्य और अद्वितीय अनुभव है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रभु श्री रामलला दर्शन योजना शुरू की गई है, जिसके माध्यम से छत्तीसगढ़ के हजारों श्रद्धालुओं को अयोध्या में रामलला के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है।
उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे अपने-अपने गांवों में जाकर इस यात्रा से प्राप्त आध्यात्मिक आनंद को सभी के साथ साझा करें।
श्रद्धालुओं ने उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के प्रति इस गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि यह अनुभव जीवनभर याद रहेगा।
आखिर पहुंची उम्मीद की रोशनी
पतुरियाडाँड़ हाई स्कूल में अंग्रेजी व्याख्याता मिलने से छात्रों के सपनों को मिली नई उड़ान
रायपुर, 23 नवम्बर 2025

छत्तीसगढ़ शासन की युक्तियुक्तकरण योजना से स्कूलों में शैक्षणिक सुविधा बढ़ने से विद्यार्थियों को फायदा हो रहा है। कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक के अंतिम छोर पर बसे छोटे से गाँव पतुुरियाडाँड़ के लिए हाई स्कूल खुलना किसी वरदान से कम नहीं था। वर्षों तक आसपास के गांवों के बच्चे सिर्फ इसलिए आगे की पढ़ाई से वंचित हो जाते थे क्योंकि हाई स्कूल की दूरी अधिक थी। लेकिन जब गाँव में हाई स्कूल प्रारंभ हुआ, तो यह न सिर्फ गांववासियों के लिए खुशी का क्षण था, बल्कि उन बच्चों के लिए नई उम्मीद की किरण थी जो उच्च शिक्षा का सपना मन में लिए बैठे थे।
हाई स्कूल खुलने के बावजूद छात्रों के सामने एक बड़ी चुनौती थी कि अंग्रेजी विषय का नियमित शिक्षक उपलब्ध नहीं था। गांव के अधिकांश बच्चे अंग्रेजी और गणित को कठिन विषय मानते थे। अंग्रेजी शिक्षक न होने के कारण खासकर छात्राओं के सपनों पर असर पड़ने लगा था, क्योंकि इस स्कूल में उच्च शिक्षा का सपना देखने वाली अधिकांश विद्यार्थी लड़कियां ही थीं। सरकार की युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया इस विद्यालय के लिए किसी सौभाग्य की तरह साबित हुई। इसी प्रक्रिया के तहत यहाँ अंग्रेजी विषय के व्याख्याता श्री विजय कुमार राठौर की नियुक्ति हुई। व्याख्याता के रूप में उन्होंने चार-पांच महीने पहले ज्वाइनिंग दी और तभी से छात्रों के लिए अंग्रेजी का डर धीरे-धीरे कम होता गया।
अब बच्चे बताते हैं कि “सर के आने के बाद अंग्रेजी पढ़ना मुश्किल नहीं लगता। अब हमें समझ में भी आता है और नियमित क्लास भी होती है।”
कक्षा 9वीं की छात्राएँ कुमार धन कुंवर, सुनती, सरिता, सपना, विक्रम और 10वीं के विद्यार्थी आकांक्षा, अमृता, राजकुमारी, विजय, विष्णु, अशोक सभी एक ही बात कहते हैं “अगर शिक्षक नहीं होते तो हम कठिन विषय में फेल भी हो सकते थे। अब हमें अपने भविष्य पर भरोसा है।”
गांव के लोगों के चेहरे पर भी खुशी झलकती है। वर्षों से जिस योग्य शिक्षक की कमी महसूस होती थी, वह अब पूरी हो गई है। आज गांव के बच्चे अंग्रेजी में मजबूत हो रहे हैं, परीक्षा के लिए तैयार हो रहे हैं और अपने सपनों को उड़ान देने के लिए आत्मविश्वास से भर चुके हैं।
छत्तीसगढ़ सरकार की युक्तियुक्तकरण नीति ने पतुरियाडाँड़ के इस विद्यालय का भविष्य ही नहीं बदला है, बल्कि उन सैकड़ों बच्चों की जिंदगी में नई रोशनी भरी है, जो कल अपने परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन करेंगे।