छत्तीसगढ़ / सरगुजा
नवपदस्थ सरगुजा संभागायुक्त नरेंद्र कुमार दुग्गा ने पदभार किया ग्रहण
अम्बिकापुर । नवपदस्थ सरगुजा संभागायुक्त नरेंद्र कुमार दुग्गा ने मंगलवार 07 जनवरी 2025 को आयुक्त कार्यालय सरगुजा में विधिवत पदभार ग्रहण किया। वे 2008 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। आयुक्त कार्यालय में उनका हार्दिक स्वागत किया गया। इस दौरान उपायुक्त आरके खूंटे उपस्थित रहे। इस अवसर पर मौजूद अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी पुष्पगुच्छ भेंट कर संभागायुक्त का स्वागत किया।
नवपदस्थ सरगुजा संभागायुक्त दुग्गा इससे पूर्व सचिव, आदिम जाति विकास विभाग, अनुसूचित जाति विकास विभाग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग तथा अतिरिक्त प्रभार आयुक्त, आदिम जाति तथा अनुसूचित विकास के पद पर पदस्थ रहे। हाल ही में राज्य शासन द्वारा जारी स्थानांतरण अनुसार सरगुजा संभाग के नये संभाग आयुक्त के रुप में दुग्गा को जिम्मेदारी सौंपी गयी है।
आयुक्त सरगुजा सम्भाग लेंगे संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक
संभागायुक्त दुग्गा कार्यालय आयुक्त सरगुजा संभाग अम्बिकापुर के सभाकक्ष में 08 जनवरी 2025 को प्रातः 11ः30 बजे से संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक लेंगे। बैठक में संबंधित अधिकारियों को विभागीय योजनाओं की सम्पूर्ण जानकारी के साथ-साथ शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी के साथ निर्धारित तिथि एवं समय पर उपस्थित होने निर्देशित किया गया है।
कलेक्टर भोसकर की पहल : नेत्रहीन बच्चों के स्कूल में लगाया गया विशेष शिविर, सपत्नीक पहुंचे बच्चों से मिलने
अम्बिकापुर। कलेक्टर विलास भोसकर की संवेदनशील पहल पर सोमवार को बतौली स्थित नेत्रहीन बच्चों के आवासीय विद्यालय में आधार एवं आयुष्मान कार्ड सहित चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। इसके साथ ही दिव्यांग छात्र छात्राओं को गरम कपड़ों का भी वितरण किया गया। अपने बीच कलेक्टर को पाकर बच्चे बेहद उत्साहित हुए और सुरीले स्वागत गीतों के साथ सभी अतिथियों का स्वागत किया। अपने जन्मदिन के अवसर पर कलेक्टर सपत्नीक बच्चों के बीच पहुंचे थे।
इस दौरान एसपी योगेश पटेल, एसडीएम बतौली रवि राही, प्रभारी अधिकारी समाज कल्याण विभाग डॉ स्वेच्छा सिंह सहित जिला एवं खंड स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। आगामी गणतंत्र दिवस पर इन बच्चों का विशेष कार्यक्रम मुख्य समारोह में रखे जाने कलेक्टर ने अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए हैं।
चिकित्सा शिविर में चिन्हांकित तीन बच्चों को मिलेगी निःशुल्क स्वास्थ्य सहायता :
कलेक्टर के मार्गदर्शन में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में दिव्यांग बच्चों की जांच की गई जिसमें दो बच्चों को आंखों की ऊपरी पलक के पूरे ना खुल पाने से संबंधित परेशानी की पहचान हुई। आगामी समय में उन्हें निःशुल्क इलाज हेतु एम्स भेजा जाएगा, इलाज के बाद वे सामान्य रूप से देख सकेंगे। एक बच्चे को हृदय से संबंधित बीमारी की पहचान हुई जिसे निःशुल्क इलाज हेतु रायपुर भेजा जाएगा। कलेक्टर भोसकर ने प्राथमिकता से बच्चों के इलाज हेतु समन्वय करने स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया। इसके साथ ही जिन बच्चों के आधार कार्ड और आयुष्मान कार्ड नहीं थे, उनके कार्ड बनाने पंजीयन की प्रक्रिया की गई।
बच्चों के साथ बैठे जमीन पर, हारमोनियम भेंट कर गीत संगीत हेतु किया प्रोत्साहित, बाद में उन्हीं के साथ भोजन किया :
कलेक्टर भोसकर ने बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर उनसे बात की। उन्होंने बच्चों की गीत संगीत की प्रतिभा को देखते हुए उन्हें अपनी ओर से हारमोनियम भी भेंट किया। छात्र सुकलु, छात्राएं संध्या, चन्दा आदि ने देशभक्ति और छत्तीसगढ़ी गीत सुनाए।
कलेक्टर ने सपत्नीक बच्चों के साथ भोजन किया और उनकी शैक्षणिक और आवासीय सुविधाओं को दुरुस्त करने अधिकारियों से जानकारी ली। उल्लेखनीय है कि बीते दिनों कलेक्टर ने स्कूल एवं छात्रावास का निरीक्षण कर बच्चों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने अधिकारियों को निर्देशित किया था जिसके परिपालन में आज विशेष शिविर आयोजित किया गया।
मत्स्य पालन ने बदली बसंत की जिंदगी, लाखों में हो रही कमाई
अम्बिकापुर। विकासखण्ड उदयपुर के ग्राम कलचा के निवासी बसंत लाल मेहनत- मजदूरी कर अपनी आजीविका चलाते थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी और 5 बच्चे हैं, बसंत का जीवन बहुत ही मुश्किल भरा था। बच्चों की पढ़ाई, राशन, दैनिक जरूरतों के लिए पैसों की कमी हमेशा बनी रहती थी। वहीं शारीरिक समस्या के कारण मजदूरी कार्य भी ठीक से नहीं हो पा रहा था। तब उन्होंने मछली पालन को स्वरोजगार के रूप में अपनाया और आर्थिक रूप से सशक्त हुए।
0.709 हेक्टेयर में कर रहे हैं मत्स्य पालन-
बसंत ने पखना तालाब 0.709 हेक्टेयर लीज पर लेकर मत्स्य पालन शुरू किया था। शुरुआती समय में यह कार्य उनके लिए चुनौतीपूर्ण रहा। बसंत के बड़े बेटे अमरजीत ने मत्स्य पालन में प्रशिक्षण लिया और तकनीकों का उपयोग कर उन्हें बेहतर परिणाम मिलने शुरू हुए। मेहनत और तकनीक के बलबूते मछलियों में काफी वृद्धि आई और मछलियों का वजन लगभग 900 ग्राम से 1.50 किलोग्राम तक पहुंच गया।
शासकीय योजनाओं का भी मिला लाभ-
बसंत ने बताया कि मत्स्य बीज एवं मछली के चारे हेतु पैसों की कमी के कारण अच्छी किस्म के मछली बीज संचयन में परेशानियां हुईं,परन्तु मछली पालन विभाग में शासन द्वारा चलाई जा रही किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत लगभग 10 लाख रुपए का लोन मिला। जिससे मछली बीज, मछली भोजन सहित अन्य सामग्रियां ख़रीदीं। वहीं बसंत ने बताया कि उन्हें मछली पालन विभाग द्वारा संचालित नाव-जाल योजनांतर्गत 01 नग जाल भी प्रदाय किया गया है, जिसकी मदद से वे प्रत्येक माह तालाब में जाल चलाकर मछलियों में हो रही वृद्धि एवं बिमारियों का नियमित देखभाल करते हैं।
अब लाखों में हो रही है कमाई-
बसंत ने बताया कि गत वर्ष उन्हें उत्पादन में लगभग 1.50 लाख रुपए की लागत आई। 3.74 टन मत्स्य का उत्पादन हुआ, जिसके विक्रय से उन्हें 7.50 लाख रूपये तक कि आमदनी हुई। उन्होंने बताया कि वे उदयपुर, लखनपुर, महंगई, लटोरी सहित आस-पास के गांवों में साप्ताहिक बाजारों में मछलियां विक्रय हेतु भेजते हैं। इस तरह कम लागत से बसंत लाखों की कमाई कर रहे हैं।
धूमधाम से की बेटे की शादी, बच्चों के भविष्य की चिंता भी हुई दूर-
बसंत ने गत वर्ष अपने बड़े पुत्र का विवाह धूमधाम से किया। बड़ी बात है कि बिना किसी कर्ज के वे इतनी बड़ी जिम्मेदारी निभा पाए। उन्होंने बताया कि पहले उन्हें बच्चों की पढ़ाई उनके आगे के जीवन के लिए सोचना पड़ता था। लेकिन आज मछली पालन उनके जीवन में बड़ा बदलाव लेकर आया है। उन्होंने बताया कि मेहनत मजदूरी से होने वाली आय से बच्चों को अच्छी शिक्षा देकर उनका भविष्य उज्ज्वल करना केवल सपना था। लेकिन आज ये समस्या भी दूर हो गई है और बच्चे बिना किसी चिंता के अपनी पढ़ाई कर रहे हैं।
बालश्रमिकों की खोज, बचाव व प्रत्यावर्तन के लिए ’जिला स्तरीय कार्यबल’ गठित
अम्बिकापुर। बालश्रम (प्रतिषेध और विनियमन) अधिनियम 1986 की अनुसूची ’क’ में उल्लिखित 15 उपजीविकाओं एवं ’ख’ में उल्लिखित 57 प्रक्रियाओं में नियोजित 14 वर्ष से कम आयु के बालकों का नियोजन अधिनियम की धारा 3 के द्वारा प्रतिबंधित किया गया है। अधिनियम की अपेक्षानुसार निर्मित बालश्रम (प्रतिषेध और विनियमन) नियम 1988 एवं 2017 (संशोधन) की धारा 17 ग के निर्देशानुसार जिले में नियोजित बालश्रमिकों की खोज हेतु छापेमारी, बचाव कार्य एवं प्रत्यावर्तन हेतु ’जिला स्तरीय कार्यबल’ का गठन किया गया है। जिसमें कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट सरगुजा पदेन अध्यक्ष, श्रम पदाधिकारी/सहायक श्रम आयुक्त सदस्य सचिव एवं बाल श्रमिकों के पुनर्वास में संलग्न स्वैच्छित संगठनों में से 2 प्रतिनिधि सदस्य होंगे। इसी प्रकार पदेन सदस्य पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त कलेक्टर/अपर जिला दण्डाधिकारी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रतिनिधि, महिला एवं बाल विकास के जिला कार्यक्रम अधिकारी, अध्यक्ष जिला बालक कल्याण समिति, जिला शिक्षा अधिकारी, सहायक श्रम आयुक्त (केंन्द्रीय) पदेन सदस्य होंगे।
स्वास्थ्य संस्थाओं में कार्यरत कर्मचारियों को मिली पदोन्नति
अम्बिकापुर । सरगुजा संभाग के अंतर्गत सरगुजा, जशपुर, कोरिया, बलरामपुर, सूरजपुर और एम.सी.बी. में जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं उप स्वास्थ्य केन्द्रों में पदस्थ व कार्यरत तृतीय श्रेणी के विभिन्न संवर्गों में कार्यरत कर्मचारियों को पदोन्नति मिली है। संभाग के समस्त जिलों में विभिन्न स्वास्थ्य संस्थाओं में कार्यरत एवं पदस्थ कर्मचारियों को भर्ती नियम में प्रावधानित योग्य ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक महिला, बहुउद्देशीय कार्यकर्ता-महिला से स्टॉफ नर्स के पद पर कुल रिक्त 21 कर्मचारियों की पदोन्नति प्रदान की गई है।
इसी तरह संभाग के अधिनस्थ स्वास्थ्य संस्थाओं में कार्यरत एवं पदस्थ एम.पी.एच.डब्ल्यू.(पुरुष/महिला), ड्रेसर ग्रेड-1 से नेत्र सहायक अधिकारी के कुल रिक्त 07 पदों पर, एम.पी.एच.डब्ल्यू.(पुरूष/वरिष्ठ सेनेटेरियन/फिजियोथैरेपी टेक्निशियन डाईंग कैडर) के पद पर कार्यरत कर्मचारियों की विभागीय पदोन्नति स्वास्थ्य शिक्षक (हेल्थ एजुकेटर)/सेनेटेरियन-कम-हेल्थ एजुकेटर के कुल रिक्त 02 पदों पर तथा विगत 07 वर्षों से लंबित सरगुजा संभाग के अधीनस्थ कार्यालयों, स्वास्थ्य संस्थाओं में कार्यरत सहायक ग्रेड-3 कर्मचारियों को सहायक ग्रेड-2 संवर्ग (सहायक ग्रेड-2/कैशियर/संगणक/स्टुवर्ड) के पदों पर कुल 35 कर्मचारियों को विभागीय पदोन्नति भर्ती नियम के प्रावधानों के तहत प्रदान की गई है। इससे छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य कर्मचारी संघ, तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के प्रतिनिधिनियों एवं समस्त विभाग में कार्यरत कर्मचारियों के द्वारा संभागीय संयुक्त संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं को हर्ष व्यक्त कर धन्यवाद ज्ञापित किया गया है।
कलयुगी बेटे ने की मां की हत्या
अंबिकापुर । अंबिकापुर से हत्या का मामला सामने आया है। जहां पर एक कलयुगी बेटे ने अपनी ही मां को मौत के घाट उतार दिया।
आरोपी की मां पति- पत्नी की लड़ाई में बीच बचाव करने पहुंची थी। इसी बीच आक्रोशित बेटे ने पहले तो की लात मुक्के से बेरहमी से पिटाई की उसके बाद उसने हत्या कर दी।
बेटे की पिटाई से मां रिद्धि बाई बरगाह की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी पुत्र चवरसाय बरगाह को गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना सीतापुर थाना क्षेत्र के ग्राम बनेया टोंगरीपारा की है।
पंचायत चुनाव के लिए आरक्षण की कार्यवाही 8 को
अम्बिकापुर। त्रिस्तरीय पंचायतों के आम निर्वाचन हेतु छ.ग. पंचायत राज अधिनियम 1993, छत्तीसगढ़ पंचायत (उपसरपंच, अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष) निर्वाचन नियम, 1995 एवम् छत्तीसगढ़ पंचायत निर्वाचन नियम 1995 के अनुषांगिक प्रावधानों के तारतम्य में जिले के जिला पंचायत के सदस्य, जनपद पंचायत के अध्यक्ष/सदस्य एवं ग्राम पंचायत के सरपंच/पंच पदों के प्रवर्गवार एवं महिलाओं के प्रवर्गवार स्थानों के आबंटन/आरक्षण की कार्यवाही 8 जनवरी को नगरपालिक निगम उ.मा.वि. अम्बिकापुर में आयोजित होगी।
पारंपरिक खेती छोड़ परिमल ने शुरू की गेंदे की खेती, दुगुनी हुई कमाई
सफल बागवानी करने उद्यानिकी विभाग से मिली मदद
अम्बिकापुर । अम्बिकापुर के चठिरमा निवासी परिमल व्यापारी गेंदे के फूलों की खेती कर रहे हैं। पारंपरिक खेती की तुलना में बागवानी या फूलों की खेती किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है। उन्नत किसान के रूप में परिमल का जीवन इन फूलों की ही तरह महकने लगा है। परिमल बताते हैं कि वो तीन वर्षों से गेंदे की खेती कर रहें हैं। शुरुआती दो वर्ष में जानकारी के अभाव में उनकी आमदनी कम होती थी, तब उन्होंने उद्यानिकी विभाग से सम्पर्क किया। विभाग के द्वारा उन्हें वर्ष 2024-25 में राष्ट्रीय बागवानी मिशन के अंतर्गत 1280 पौधे एवं 6400 रुपए की अनुदान सहायता राशि प्राप्त हुई। इसके बाद विभाग की मदद एवं सलाह से उत्पादन में वृद्धि हुई। उन्होंने बताया कि उन्हें ड्रिप पद्धति से खेती की जानकारी दी गई, समय-समय पर दवा के छिड़काव सहित अन्य उपायों के बारे में भी बताया गया।
बंपर उत्पादन से हुई दुगुनी कमाई-
परिमल बताते हैं कि गेंदे की खेती से महज तीन माह में ही आमदनी मिलनी शुरू हो जाती है। वे एक वर्ष में 2 सीजन में खेती करते हैं, उन्होंने अपने 0.400 एकड़ रकबे में गेंदा लगाया है। पहले प्रति सीजन मात्र 15 से 20 हजार तक होने वाली कमाई अब विभागीय सहायता के कारण 45 से 50 हजार तक हो जा रही है। तीज-त्यौहारों के समय तो मांग बढ़ने से आमदनी और बढ़ जाती है।
लागत में कमी के साथ पानी की भी होती है बचत-
इससे पहले वे पारम्परिक खेती करते थे, जिसमें लागत अधिक था। वहीं पानी की खपत भी अधिक थी, बेमौसम बारिश एवं अन्य आपदाओं के कारण नुकसान का डर बना रहता था। फूलों की खेती कम लागत में अधिक मुनाफा देती है। किसी भी प्रकार की समस्या होने पर हम उद्यानिकी विभाग से भी सम्पर्क कर लेते हैं।
जमीन दिखाने के बहाने युवती से दुष्कर्म
अंबिकापुर । अंबिकापुर से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। जहां पर एक युवक ने जमीन दिखाने के बहाने देकर युवती से दुष्कर्म किया। फिर शादी का झांसा देकर युवती के पैतृक जमीन को भी बिकवाया। जिसके बाद पीड़िता ने आरोपी के खिलाफ थाने में शिकायत की। वहीं अब इस मामले में खैरवार रोड़ निवासी आरोपी अमित सोनी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है।
नाबालिग छात्रा से गैंगरेप
वहीं बीते महीने भरतपुर ब्लाक के हाईस्कूल के प्रिंसिपल और दो शिक्षकों को गिरफ्तार किया गया था। इन तीनों पर स्कूल की एक 11वीं कक्षा की नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म का आरोप लगा था। बताया जा रहा था कि, स्कूल के प्रिंसिपल अशोक कुशवाहा, शिक्षक रावेंद्र कुशवाहा और शिक्षक कुशल सिंह परिहार के एक वनकर्मी बनवारीलाल भी इस कांड में शामिल थे।
खदान धंसने से 2 ग्रामीणों की मौत
सरगुजा । जिले के कुन्नी पुलिस चौकी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम जमदरा में छुई मिट्टी की खदान के धंस जाने से दो ग्रामीण अंदर दब गए।
जब तक दोनों को बाहर निकाला गया, दोनों की मौत हो गई थी। नए वर्ष के पहले दिन दो ग्रामीणों की मौत से गांव में शोक है। घटना लखनपुर थाना क्षेत्र की है।
जानकारी के मुताबिक, बुधवार सुबह ग्राम जमदरा निवासी हीरामन यादव अपने साथी शिवा यादव के साथ गांव से करीब एक किलोमीटर दूर छुई खदान में छुई मिट्टी लेने के लिए गए थे।
दोनों छुई मिट्टी निकालने के लिए बने सुरंग के अंदर घुसकर छुई मिट्टी निकाल रहे थे। छुई मिट्टी निकालने के दौरान खदान का ऊपरी हिस्सा धंस गया।
दोनों मलबे में दब गए। खदान को धंसता देख पास में मौजूद ग्रामीण ने इसकी सूचना ग्रामीणों को दी। ग्रामीण मौके पर पहुंचे और मलवा हटाकर दोनों को बाहर निकाला, तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं।
सूचना पर कुन्नी पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पंचनामा के बाद पोस्टमॉर्टम करा परिजनों को सौंप दिया है। नववर्ष के पहले दिन हुए हादसे से गांव में शोक है।
छुई मिट्टी की खदानें दबने की घटनाएं सरगुजा और सूरजपुर जिलों में पहले भी हो चुकी हैं। सरगुजा के ग्रामीण इलाकों में छुई मिट्टी घरों की पोताई के लिए उपयोग में आती है। छुई मिट्टी की ज्यादातर खदानें नालों और नदियों के किनारे बनी हैं, जहां गहराई से छुई मिट्टी निकाली जाती है।
भारतीय कोयला उद्योग का डिजिटल खनन में पहला कदम: डोजर पुश माइनिंग का सफल परीक्षण पीईकेबी खदान में सम्पन्न
भारतीय कोयला उद्योग का डिजिटल खनन में पहला कदम: डोजर पुश माइनिंग का सफल परीक्षण पीईकेबी खदान में सम्पन्न
सुशासन सप्ताह के तहत विभाग द्वारा मनाया गया प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जागरूकता उत्सव
अम्बिकापुर। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी बाजपेयी के द्वारा पहुंचविहीन ग्रामीण अंचलों को पक्की सड़क से जोड़ने के संकल्प स्वरूप 25 दिसम्बर वर्ष 2000 को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का आरम्भ किया गया था। इसी क्रम में उनकी जयतीं के उपलक्ष्य में छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण द्वारा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के संबंध में ग्रामीणों को जागरूक किया गया।
सुशासन सप्ताह के तहत 23 दिसंबर से 25 दिसंबर तक जन-जन में इस योजना की जागरूकता फैलाकर जश्न मनाया गया है जिसमें विकासखण्ड अम्बिकापुर के अन्तर्गत सड़क मेन रोड से भकुरा कुल लम्बाई 1.20 कि.मी. में ग्राम पंचायत भकुरा के सरपंच, सचिव एवं ग्रामवासियों के उपस्थिति में अटल चौक में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसी तरह विकासखण्ड बतौली अंतर्गत ग्राम पंचायत टिरंग में, और विकासखण्ड मैनपाट अंतर्गत ग्राम पंचायत नर्मदापुर में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
उक्त जानकारी देते हुए ईई पीएमजीएसवाई ने बताया कि सरगुजा जिले के अन्तर्गत समस्त विकासखंडो में वर्ष 2000 से अब तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना फेस-1 में 327 सड़कें जिनकी कुल स्वीकृत लम्बाई 1505.77 कि.मी. है। उनका निर्माण 48378.80 लाख रुपए राशि की लागत के साथ कराया जा चुका है, एवं समय-समय पर उन सड़कों में नवीनीकरण/मरम्मत का कार्य कराया जाता रहा है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना फेस-2 में अत्यधिक आवागमन वाले मार्ग को ध्यान में रखकर 6 सड़कें जिसकी कुल लम्बाई 81.735 कि.मी. को 3.75 मी. चौड़ाई से बढ़ाकर 5.50 मी. की चौड़ाई में, राशि रूपये 4285.19 लाख की लागत के साथ कार्य कराया जा चुका है तथा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना फेस-3 में 16 सड़कें जिनकी कुल लम्बाई 183.049 कि.मी. को ग्रामीणों की सुविधा जैसे स्कूल, आंगनबाड़ी, हाट बाजार, धान ब्रिक्री केन्द्र, उप सवास्थ्य केन्द्र एवं विभिन्न सुवाधाओं को ध्यान में रखते हुये मजबूतीकरण/चौड़ीकरण का कार्य राशि रूपये 8108.77 लाख की लागत से कराया जा चुका है।
इसी तरह प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अन्तर्गत वर्तमान में सरगुजा जिले के समस्त विकाखण्डों में पीएम-जनमन योजना बैच-1 अन्तर्गत 51 सड़कें कुल लम्बाई 189.40 कि.मी., राशि रूपये 14820.17 लाख की स्वीकृति प्राप्त कर कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है तथा पीएम-जनमन योजना बैच-2 के अन्तर्गत 40 सड़कें जिनकी कुल लम्बाई 148.99 कि.मी. है, लागत राशि रूपये 11011.25 लाख का स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है।
भू माफियाओं के लिए काम करने वाले 5 गिरफ्तार
सरगुजा। अंबिकापुर में जमीन से कब्जा खाली कराने वाले गैंग को पकड़ने में पुलिस को सफलता मिली है। अंबिकापुर में हरियाणा के गुर्गे जमीन पर कब्जा खाली कराने का काम करते थे। सीतापुर इलाके में बाइक लूट के बाद गिरोह के 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
अमोलक सिंह ढिल्लो अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरगुजा ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि यह गिरोह जमीन माफियाओं के लिए अंबिकापुर में काम करने का प्लान बनाया था।
सीतापुर इलाके में बाइक लूट के बाद गिरोह को पकड़ा गया है। ठेकेदार मनीष अग्रवाल के कर्मचारी की बाइक को गिरोह ने लूटा था। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
सभी आरोपी रोहतक हरियाणा के रहने वाले हैं. आरोपी बाइक लूट के बाद फरार हो गए थे. सीसीटीवी फुटेज के आधार पर गांधीनगर क्षेत्र के सुभाषनगर से पांचों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. गिरोह से एक कट्टा, डंडा, स्कॉर्पियो व बाइक जब्त किया गया है. स्कॉर्पियो हरियाणा नंबर की थी इसलिए नंबर की बाइक लूटे थे, ताकि लोगों को स्थानीय नंबर की बाइक पर घूमने से शक न हो।
मुद्रा योजना की बदौलत नीतू ने खड़ा किया डेयरी का व्यवसाय
ज़ीरो से शुरू कर आज बनाया अपना मुकाम
अम्बिकापुर । नीतू चंवर अम्बिकापुर के ठनगनपारा में अपने दो बच्चों के साथ रहती हैं। कभी कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन करने वाली नीतू की जिंदगी आज खुशियों से भर गई है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना से लोन लेकर नीतू ने डेयरी का व्यवसाय शुरू किया है और आर्थिक रूप से सशक्त हुईं।
बीते सालों को याद करते हुए नीतू अपनी आपबीती बताते हुए कहतीं हैं, जो संकट का समय मैंने देखा है, वो किसी के जीवन में ना आए। उन्होंने बताया कि तीन साल पहले उनके पति का निधन हो गया। पति टेलरिंग का कार्य करते थे, जिससे रोजी-रोटी चलती थी। दो बच्चों की परवरिश, उनके पढ़ाई-लिखाई सबका खर्च, इसी काम से चल रहा था। पति का निधन हमारे जीवन में दुःखों के पहाड़ की तरह था। एक तो बच्चों के सर से उनके पिता का साया उठ जाना और ऊपर से परिवार के इकलौते कमाने वाले व्यक्ति का चले जाना। ऐसे में मेरे सामने सबसे बड़ी चुनौती बच्चों का पालन-पोषण और उनका भविष्य था, उनके भविष्य की चिंता मुझे सताने लगी। तब मैंने स्वयं कुछ काम करने का सोचा, लेकिन कुछ समझ नही आ रहा था कि कहा से और कैसे शुरू करुँ। क्योंकि किसी भी व्यवसाय के लिए पैसे की जरूरत थी, जो बचत थी, वो भी खत्म हो गई थी। ऐसे में मुझे प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के बारे में पता चला। मैंने आवेदन किया, मुझे 25 हजार का लोन मिला। लोन मिलने के बाद मैंने एक गाय ख़रीदी और डेयरी का व्यवसाय शुरू किया।
आज नीतू के पास हैं 8 गाय, दूध बेचकर लाखों में होती है कमाई-
डेयरी का व्यवसाय शुरू करने के बाद नीतू को दूध बेचकर अच्छी कमाई होने लगी। जैसे-जैसे आमदनी बढ़ती गई, नीतू ने और गाय खरीदी। आज उनके पास कुल 08 गाय हैं, जिससे नीतू रोजाना 60 लीटर दूध बेचतीं हैं। नीतू को महीने में लगभग 1 लाख रुपए तक की आमदनी होती है। गाय की देखभाल, चारा आदि के बाद भी के अच्छी खासी राशि की बचत हो जाती है।
बेटी रेणु का शिक्षिका बनने का सपना अब होगा पूरा-
नीतू की बड़ी बेटी रेणु एमए की पढ़ाई कर रहीं हैं। रेणु बताती हैं कि पिता के निधन के बाद हमारा परिवार बिखर गया। मैं अपनी पढ़ाई छोड़कर मां के साथ साप्ताहिक बाजार में मनिहारी का सामान बेचने लगी और छोटा भाई रमन अपनी पढ़ाई छोड़कर प्राइवेट नौकरी करने लगा। मेरा सपना पढ़- लिखकर शिक्षिका बनने का है, आज जब हमारी आर्थिक स्थिति ठीक हो गई है, तो वो सपना भी पूरा होगा। एमए की पढ़ाई के बाद मैं बीएड करूंगी और शिक्षिका बनूंगी। वहीं भाई को भी आगे पढ़ाई करने और सरकारी नौकरी के लिए प्रेरित करूंगी।
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन पर शोक सभा का आयोजन
अंबिकापुर। स्वास्थ्य विभाग सूरजपुर के द्वारा देश के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह के निधन पर शोक सभा का आयोजन कर विनम्र श्रद्धांजलि व्यक्त किया। इस अवसर पर डॉ जे एस आर सरूता ने कहा कि भारतवर्ष के पूर्व प्रधानमंत्री और अर्थशास्त्री डॉ. मनमोहन सिंह जी के निधन की खबर अत्यंत दुखद और हृदयविदारक है। देश ने आज एक महान अर्थशास्त्री, दूरदर्शी नेता और सादगी की मिसाल खो दी। शिक्षा विभाग के सहायक संयुक्त संचालक श्रीमती लता बेक ने कहा कि डॉ मनमोहन सिंह का व्यक्तित्व सरल और सादगी का प्रतीक था। वो अपनी सज्जनता और विनम्रता से लोगों का दिल जीत लेते थे ।
पिरामल फाऊंडेशन के जिला कार्यक्रम समन्वयक राज नारायण द्विवेदी ने कहा कि डॉ मनमोहन सिंह की विद्वता, नीति और निष्ठा हमेशा हमें प्रेरित करती रहेगी। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और उनके परिवारजनों व प्रियजनों को इस अपार दुख को सहने की शक्ति दें।
इस अवसर पर दो मिनट का मौन रख कर श्रद्धांजलि व्यक्त किया गया। कार्यक्रम में राम विलास सिंह, पीएन साहु, अर्चना कुशवाहा, खण्ड़ चिकित्सा अधिकारी डॉ अमित भगत , जनेश्वर सिंह, संजीत कुमार, पिरामल फाऊंडेशन के जिला कार्यक्रम अधिकारी महेन्द्र तिवारी सुभाष यादव, निलेश दुबे, निरेश दुबे पार्वती नाविक, आसमां खान, रितेश गुप्ता, आदि उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ ईवीएम और वीवीपैट वेयरहाउस का किया निरीक्षण
अम्बिकापुर। कलेक्टर व जिला निर्वाचन अधिकारी विलास भोसकर द्वारा शुक्रवार को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ कलेक्टरेट परिसर में स्थित स्ट्रांग रूम एवं ईवीएम वेयरहाउस का त्रैमासिक निरीक्षण किया गया। उन्होंने स्ट्रांग रूम एवं ईवीएम वेयरहाउस की ड्यूटी में कार्यरत कर्मचारियों को सुरक्षा के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इस अवसर पर उपजिला निर्वाचन अधिकारी सुनील नायक, अपर कलेक्टर रामसिंह ठाकुर, निर्वाचन पर्यवेक्षक प्रमोद सिंह उपस्थित थे।वहीं राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों में भारतीय जनता पार्टी से आलोक दुबे, अभिषेक शर्मा एवं करता राम गुप्ता, इंडियन नेशनल कांग्रेस से जमील खान, आम आदमी पार्टी से राजेन्द्र बहादुर सिंह, बहुजन समाज पार्टी से रामदास टोप्पो, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया से सी पी शुक्ला उपस्थित रहे।
बदमाशों ने दुकान में लगाई आग, लाखों का सामान जलकर खाक
अंबिकापुर । अंबिकापुर में कुछ लोगों ने एक दुकान में आग लगा दी। बदमाशों ने डीजल गिराकर मसाला से आग लगा दी। आगजनी से दुकान संचालक को काफी नुकसान हुआ। घटना अग्रसेन वार्ड की है।
मिली जानकारी के अनुसार, बदमाशों ने एक दुकान में आग लगा दी। उन्होंने डीजल गिराकर मसाला से आग लगाई। आगजनी से संचालक को काफी नुकसान हुआ। घटना सीसीटीवी में भी कैद हो गई। फुटेज में एक संदिग्ध महिला दिख रही है। फिलहाल कोतवाली पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
मालिक से विवाद के बाद ड्राइवर ने कार को फूंका
वहीं रायपुर में एक हार्डवेयर कारोबारी और उसके ड्राइवर के बीच विवाद हो गया। विवाद के बाद, ड्राइवर अपने मालिक हार्डवेयर कारोबारी आनंद गोयल की दुकान पर पहुंचकर कारोबारी और उसके बेटे से मारपीट की। इसके बाद उनके कार को भी डिवाइडर पर चढ़ा दिया। मामले की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी ड्राइवर के दो साथियों को गिरफ्तार कर लिया जबकि आरोपी ड्राइवर मौके पर से फरार हो गया।
इसके बाद देर रात आरोपी ड्राइवर समता कॉलोनी स्थित अपने मालिक के घर पहुंचा और उसने मालिक के BMW कार में आग लगा दी। घटना की सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।