छत्तीसगढ़ / बस्तर
बस्तर दशहरा लोकोत्सव के पहले दिन अयोध्या की राम लीला ने बांधा समां
5 अक्टूबर 2025

बस्तर दशहरा लोकोत्सव 2025 के सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ प्रथम दिन का आगाज हुआ। इस अवसर पर अयोध्या से आई रामलीला मंडली ने भगवान श्रीराम की जीवन लीला पर आधारित मनमोहक मंचन प्रस्तुत किया, जिसने दर्शकों का दिल जीत लिया। इसके अलावा कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों और स्कूली बच्चों ने भी पारंपरिक नृत्य और लोकगीतों की सुंदर प्रस्तुति दी। बस्तर की सांस्कृतिक झलकियों से सजी इस संध्या ने दशहरा लोकोत्सव के पहले दिन को यादगार बना दिया।
समारोह में बड़ी संख्या में नागरिक, पर्यटक और स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दूसरे दिन स्थानीय कलाकारों और स्कूली बच्चों के कार्यक्रम के अलावा अयोध्या वाली रामलीला और रूपाली जग्गा का कार्यक्रम की प्रस्तुति होगी।
बस्तर दशहरा : ‘कुटुंब जात्रा’ रस्म के साथ हुई देवी-देवताओं का ससम्मान विदाई
रायपुर, 5 अक्टूबर 2025


अपनी अनूठी परंपराओं और रस्मों के लिए विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व की एक और महत्वपूर्ण रस्म, ‘कुटुंब जात्रा’, रविवार को स्थानीय महात्मा गांधी स्कूल परिसर के गुड़ी में संपन्न हुई। इस रस्म के तहत पूरे बस्तर संभाग एवं पड़ोसी राज्य ओडिशा व महाराष्ट्र के समीपवर्ती गांव से पर्व में शामिल हुए हजारों देवी-देवताओं के छत्र और डोली को बस्तर राजपरिवार के सदस्य श्री कमलचंद भंजदेव ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर ससम्मान विदा किया। यह रस्म 75 दिनों तक चलने वाले बस्तर दशहरा पर्व की समाप्ति की ओर इशारा करती है।
600 साल से अधिक पुरानी परंपरा
बस्तर दशहरा की सबसे खास बात यह है कि केवल इसी पर्व में इतनी बड़ी संख्या में एक-एक गांव के देवी-देवताओं के छत्र और डोली शामिल होते हैं। रियासत काल से चली आ रही यह परंपरा आज भी कायम है, जिसमें राजा-महाराजाओं की तरह राजपरिवार के सदस्य और दशहरा समिति गांव-गांव से आए देवी-देवताओं और उनके पुजारियों को ससम्मान विदा करते हैं।
‘रूसूम’ देकर दी गई विदाई
परंपरानुसार, दशहरा पर्व में शामिल होने आए संभाग के सभी ग्राम के देवी-देवताओं को श्रूसूमश् (दक्षिणा/भेंट) भी दी गई। राजपरिवार के सदस्य कमलचंद भंजदेव और दशहरा समिति ने देवी-देवताओं के छत्र और डोली लेकर पहुंचे पुजारियों को कपड़े, पैसे और मिठाइयां देकर उनकी ससम्मान विदाई की।
शहर के गंगामुण्डा वार्ड में स्थित देवगुड़ी में श्रद्धालुओं ने अपनी मनोकामना अनुसार देवी देवताओं को भेंट भी अर्पित किया। बस्तर राजपरिवार और दशहरा समिति की अगुवाई में संपन्न हुई इस कुंटुब जात्रा रस्म के साथ ही, 600 साल से अधिक पुरानी बस्तर दशहरा पर्व की परंपराएं विधि विधान से पूरी की गईं। इस दौरान पूरे परिसर में उपस्थित देवी-देवता का आपस में मेल मिलाप देखते ही बन रहा था। देवी देवताओं के लाठ, डोली के साथ झुमते सिरहा और विभिन्न क्षेत्रों के आंगादेव का खेल माहौल को आकर्षक एवं अचम्म्भित किया। इस अवसर पर स्थानीय एवं आस-पास के गांव से पहुंचे श्रद्धालुओं ने भी देवी-देवताओं का अपने परंपरा के अनुसार पूजा-अर्चना कर उनका आशीर्वाद लिया।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में बस्तर दशहरा महोत्सव को संबोधित किया
75 दिनों तक चलने वाला बस्तर दशहरा मेला आदिवासी समाज, छत्तीसगढ़ या भारत के लिए ही नहीं बल्कि दुनियाभर का सबसे बड़ा सांस्कृतिक महोत्सव है
कुछ लोग वर्षों तक यह भ्रांति फैलाते रहे कि नक्सलवाद विकास की लड़ाई है, लेकिन पूरा बस्तर विकास से वंचित रहा, इसका मूल कारण नक्सलवाद है
मोदी जी की ओर से यह भरोसा दिलाना चाहता हूँ कि 31 मार्च 2026 के बाद नक्सलवादी बस्तर के विकास और यहाँ के लोगों के अधिकार को नहीं रोक पाएँगे
बस्तर की जनता नक्सलवाद से गुमराह बच्चों को हथियार डालकर मुख्य धारा में शामिल होने और बस्तर के विकास में सहभागी बनने के लिए समझाएँ
केन्द्र और छत्तीसगढ़ सरकार बस्तर और समस्त नक्सल क्षेत्र के विकास के लिए समर्पित हैं
अगर किसी ने हथियार लेकर बस्तर की शांति को भंग करने का प्रयास किया तो हमारे सशस्त्र बल और पुलिस मिलकर इसका माकूल जवाब देंगे
बस्तर का दशहरा, बस्तर ओलंपिक, यहाँ का खानपान, वेशभूषा, कला और वाद्य यंत्र न केवल बस्तर बल्कि पूरी दुनिया में आकर्षण का केन्द्र बने हैं
1874 से आज तक मुरिया दरबार की सक्रिय भागीदारी, न्यायिक व्यवस्था, आदिवासी संस्कृति को बचाने का चिंतन और जनसंवाद की ऐतिहासिक परंपरा एक वैश्विक धरोहर है
बस्तर दशहरा और मुरिया दरबार आदिवासियों को जोड़ने का कार्य करते हैं और पूरे बस्तर को एक सूत्र में पिरोते हैं
14वीं शताब्दी से शुरू हुई माँ दंतेश्वरी की रथ यात्रा ने पूरे बस्तर क्षेत्र में सांस्कृतिक जागृति की शुरुआत की
अगर 140 करोड़ लोग स्वदेशी के संकल्प को आत्मसात करें तो हमारे भारत को दुनिया की सर्वोच्च आर्थिक व्यवस्था बनने से कोई नहीं रोक सकता
रायपुर, 4 अक्टूबर 2025



केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में आयोजित बस्तर दशहरा महोत्सव को संबोधित किया। इससे पहले श्री अमित शाह ने प्रसिद्ध दंतेश्वरी मंदिर में दर्शन और पूजन किया। बस्तर दशहरा महोत्सवअवसर में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और उप मुख्यमंत्री डॉ. विजय शर्मा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि 75 दिनों तक चलने वाला विश्व का सबसे बड़ा और अनूठा बस्तर दशहरा मेला न केवल आदिवासी समाज, बस्तर, छत्तीसगढ़ या भारत बल्कि पूरे विश्व में सबसे बाद सांस्कृतिक महोत्सव है। श्री शाह ने कहा कि आज माँ दंतेश्वरी के दर्शन-पूजन के दौरान उन्होंने प्रार्थना की कि वे हमारे सुरक्षा बलों को शक्ति दें ताकि वे 31 मार्च 2026 तक बस्तर क्षेत्र को लाल आतंक से मुक्त कर सकें। श्री शाह ने कहा कि दिल्ली में कुछ लोग वर्षों तक यह भ्रांति फैलाते रहे कि नक्सलवाद का जन्म विकास की लड़ाई है, जबकि सच यह है कि बस्तर के विकास से वंचित रहने का मूल कारण नक्सलवाद ही है। उन्होंने कहा कि आज देश के हर गाँव में बिजली, पेयजल, सड़क, हर घर में शौचालय, पाँच लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा और पाँच किलो मुफ्त अनाज के साथ-साथ चावल को 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदने की व्यवस्था पहुँच चुकी है, लेकिन बस्तर प्रगति की इस दौड़ में पीछे रह गया है।
गृह मंत्री ने कहा कि वे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की ओर से यह आश्वासन देना चाहते हैं कि 31 मार्च, 2026 के बाद नक्सलवादी न तो बस्तर के विकास और न ही बस्तर के लोगों के अधिकारों को रोक पाएंगे। श्री शाह ने कहा कि बस्तर क्षेत्र के जो बच्चे भटक कर नक्सलवाद से जुड़ गए हैं, वे स्थानीय गांवों के ही हैं। श्री शाह ने बस्तर के लोगों से अपील की कि वे भटके हुए इन बच्चों को हथियार छोड़ कर मुख्यधारा में शामिल होने की बात समझाएं, ताकि वे बस्तर के विकास में सहभागी बनें।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन ने देश की सबसे बेहतर सरेंडर नीति बनाई है। पिछले एक महीने में ही 500 से अधिक लोग सरेंडर कर चुके हैं। उन्होंने नक्सलियों से अपील की कि वे सरेंडर कर दें। श्री शाह ने कहा कि जिस गाँव में नक्सलवाद पूरी तरह खत्म हो जाएगा, वहाँ छत्तीसगढ़ शासन द्वारा गाँव के विकास के लिए 1 करोड़ रुपए दिए जाएँगे। श्री शाह ने कहा कि नक्सलवाद से किसी का भला नहीं हुआ है और यह समस्या अब काफी हद तक कम हो चुकी है।
श्री अमित शाह ने कहा कि कि केन्द्र सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार बस्तर सहित सभी नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए पूर्णतः समर्पित हैं और इसके लिए आकर्षक नीतियाँ बनाई गई हैं। प्रधानमंत्री मोदी जी ने छत्तीसगढ़ के विकास के लिए पिछले 10 वर्षों में लगभग 4 लाख 40 हजार करोड़ रुपए की धनराशि प्रदान की है। छत्तीसगढ़ का विकास दिन-दूनी,रात-चौगुनी गति से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि उद्योग स्थापित हो रहे हैं, शिक्षा के संस्थान बन रहे हैं, और स्वास्थ्य संस्थानों का विकास हो रहा है। साथ ही हमारे लघु उद्योगों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि हमने बहुत मोहक आत्मसमर्पण नीति बनाई है। उन्होंने नक्सलियों से अपील की कि वे हथियार डाल दें। श्री शाह ने साथ ही चेताया भी कि यदि हथियारों के जरिए बस्तर की शांति को भंग करने का प्रयास किया गया, तो हमारे सशस्त्र बल, सीआरपीएफ और छत्तीसगढ़ पुलिस मिलकर इसका करारा जवाब देंगी। उन्होंने कहा कि 31 मार्च 2026 की तिथि तय है, जब नक्सलवाद को इस देश से पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा।
श्री अमित शाह ने कहा कि इस बार बस्तर ओलंपिक में देशभर के आदिवासी भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि बस्तर का पंडुम उत्सव, खान-पान, वेश-भूषा, कला, और वाद्य यंत्र न केवल बस्तर में, बल्कि पूरे विश्व में आकर्षण का केंद्र बन चुके हैं। प्रधानमंत्री मोदी जी का यही संकल्प है कि हमारी संस्कृति, भाषा, खान-पान, वेश-भूषा और वाद्य यंत्र सदियों तक न केवल भारत, बल्कि पूरे विश्व के लिए संरक्षित रहें। इस संकल्प को पूरा करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार और भारत सरकार कटिबद्ध हैं।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि बस्तर में 1874 से आज तक मुरिया दरबार में सक्रिय भागीदारी, न्यायिक व्यवस्था, आदिवासी संस्कृति को संरक्षित करने का चिंतन और जनसंवाद की ऐतिहासिक परंपरा किसी वैश्विक धरोहर से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि मुरिया दरबार पूरे देश के लिए प्रेरणा और जानकारी का विषय है।
श्री अमित शाह ने स्वदेशी जागरण मंच द्वारा आयोजित स्वदेशी मेला का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने लंबे समय से स्वदेशी पर जोर दिया है। स्वदेशी जागरण मंच कई वर्षों से स्वदेशी को जन-आंदोलन के रूप मेंचला रहा है। अब मोदी जी ने सभी से आह्वान किया है कि प्रत्येक घर को यह संकल्प लेना है कि हम केवल अपने देश में बनी वस्तुओं का उपयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यापारी को यह संकल्प लेना है कि उनकी दुकान या शॉपिंग मॉल में विदेशी वस्तुएँ उपलब्ध नहीं होंगी। श्री शाह ने कहा कि यदि 140 करोड़ की आबादी स्वदेशी के इस संकल्प को आत्मसात कर ले, तो भारत को विश्व की सर्वोच्च आर्थिक शक्ति बनने से कोई नहीं रोक सकता।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि मोदी जी ने हाल ही में छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश की माताओं-बहनों को 395 वस्तुओं पर जीएसटी में भारी छूट देकर बड़ी राहत प्रदान की है। खाने-पीने की लगभग सभी चीजों को कर-मुक्त कर दिया गया है, और रोजमर्रा की उपयोग की वस्तुओं पर केवल पाँच प्रतिशत कर रखा गया है। उन्होंने कहा कि देश में इतनी बड़ी कर कटौती पहले कभी नहीं हुई, जितनी मोदी जी ने की है। इसके साथ ही, यदि हम स्वदेशी के संस्कारों को अपनाते हैं, तो हमारे देश की अर्थव्यवस्था को अभूतपूर्व गति मिलेगी। श्री शाह ने कहा कि बस्तर दशहरा महोत्सव में 300 से अधिक स्वदेशी कंपनियाँ हिस्सा ले रही हैं। उन्होंने कहा कि स्वदेशी वॉकथॉन स्वदेशी भावना को नई पहचान देने का एक प्रभावी माध्यम बन गया है। आज देशभर में आयोजित हो रहे स्वदेशी मेलों के माध्यम से स्वदेशी अभियान को और गति मिल रही है।
श्री अमित शाह ने कहा कि श्रावण अमावस्या से अश्विन शुक्ल त्रयोदशी तक चलने वाला बस्तर का 75 दिनों का दशहरा हम सभी के लिए गौरव, पहचान और अभिमान का विषय है। उन्होंने कहा कि 14वीं शताब्दी से शुरू हुई रथ यात्रा ने इस पूरे क्षेत्र में सांस्कृतिक जागृति की शुरुआत की। श्री शाह ने कहा कि माँ दंतेश्वरी की रथ यात्रा में 66 आदिवासी और कई गैर-आदिवासी समूह भाग लेते हैं। श्री शाह ने कहा कि बस्तर दशहरा और मुरिया दरबार आदिवासियों को जोड़ने का कार्य करते हैं और पूरे बस्तर को एक सूत्र में पिरोते हैं।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार ने आदिवासियों के सम्मान में अनेक योजनाएँ शुरू की हैं। प्रधानमंत्री मोदी जी ने पहली बार देश के सर्वोच्च पद पर आदिवासी समुदाय की बेटी श्रीमती द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति बनाकर गौरवपूर्ण कार्य किया है। उन्होंने कहा कि जब महामहिम द्रौपदी मुर्मू जी विश्व के राष्ट्राध्यक्षों से मिलती हैं, तो न केवल आदिवासी समाज, बल्कि हम सभी का हृदय गर्व से भर जाता है। लोकतंत्र के सर्वोच्च पद पर ओडिशा के एक गरीब परिवार की बेटी का महामहिम के रूप में आसीन होना हम सभी के लिए गौरव का विषय है। श्री शाह ने कहा कि मोदी जी ने भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती को जनजातीय गौरव वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया। उनकी जयंती को आदिवासी गौरव दिवस के रूप में स्थापित किया गया। बस्तर संभाग के सातों जिलों में नक्सलवाद छोड़कर सरेंडर करने वाले व्यक्तियों और नक्सली हिंसा में मारे गए लोगों के परिजनों के लिए 15,000 से अधिक प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत करने का कार्य भी प्रधानमंत्री मोदी जी ने किया है।
श्री अमित शाह ने कहा कि नारायणपुर जिले के पंडी राम मंडावी और हेमचंद मांझी, तथा कांकेर के अजय कुमार मंडावी को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। उन्होंने कहा कि बस्तर दशहरा महोत्सव के अवसर पर आज ‘महतारी वंदन योजना’ की 20वीं किस्त के रूप में 70 लाख छत्तीसगढ़ी माताओं को 607 करोड़ रुपए वितरित किए गए। मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का शुभारंभ किया गया है। यह योजना बस्तर और सरगुजा संभागों में लागू की गई है और इसके तहत 250 गाँव समाहित किए गए हैं।
महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ की बहनों के जीवन में लाई है नई रोशनी – केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह
माई दंतेश्वरी की धरती से केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने दी महतारी वंदन की सौगात
महतारी वंदन योजना से छत्तीसगढ़ की बहनें बन रही हैं आत्मनिर्भर – मुख्यमंत्री श्री साय
महतारी वंदन योजना की 20वीं किस्त जारी : 65 लाख महिलाओं के बैंक खातों में पहुँचे 606.94 करोड़ रुपये
4 अक्टूबर 2025

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की ‘मोदी की गारंटी’ के तहत शुरू की गई महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ की बहनों के जीवन में नई रोशनी लाई है। यह योजना केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि महिलाओं के आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को बढ़ाने वाला ऐतिहासिक कदम है। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने आज जगदलपुर में बस्तर दशहरा एवं मुरिया दरबार के अवसर पर माई दंतेश्वरी की धरती से राज्य की 64 लाख 94 हजार 768 हितग्राही महिलाओं को महतारी वंदन योजना की 20वीं किस्त के रूप में 606 करोड़ 94 लाख रुपये की राशि अंतरित करते हुए यह बात कही।
केंद्रीय मंत्री श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी का सपना है कि हर महिला सशक्त और आत्मनिर्भर बने तथा देश के सामाजिक और आर्थिक विकास में बराबरी की भागीदारी निभाए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने जिस पारदर्शिता और प्रतिबद्धता से इस योजना को लागू किया है, वह पूरे देश के लिए एक आदर्श है। यह योजना आने वाले वर्षों में प्रदेश के सतत विकास और महिला सशक्तिकरण की मजबूत नींव साबित होगी।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ की बहनों के जीवन में आत्मविश्वास और सम्मान की नई ऊर्जा का संचार कर रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की ‘मोदी की गारंटी’ के रूप में मिली यह सौगात हमारे प्रदेश की महिलाओं को न केवल आर्थिक सहयोग दे रही है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाकर समाज और परिवार में एक नई पहचान भी दिला रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार की प्राथमिकता है कि छत्तीसगढ़ की हर महिला सशक्त बने और विकास की यात्रा में बराबरी की भागीदार बने। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ सरकार की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और स्वावलंबी बनाने की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। महतारी वंदन योजना ने प्रदेश की महिलाओं को न केवल घरेलू जरूरतों को पूरा करने का साधन दिया है, बल्कि उन्हें समाज में आत्मसम्मान और आर्थिक स्वतंत्रता के साथ जीने का अवसर भी प्रदान किया है।
उल्लेखनीय है कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में क्रांतिकारी पहल कही जाने वाली महतारी वंदन योजना की शुरुआत 1 मार्च 2024 को हुई थी। इस योजना का उद्देश्य 21 वर्ष से अधिक आयु की विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। अब तक योजना की 19 किस्तों में लाभार्थी महिलाओं को कुल 12376 करोड़ 19 लाख रुपये की राशि दी जा चुकी थी। आज 20वीं किस्त जारी होने के साथ यह आंकड़ा बढ़कर 12983 करोड़ 13 लाख रुपये से अधिक हो गया है।
मुरिया दरबार में शामिल हुए केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह, मांझी-चालकी से किया सीधा संवाद
बस्तर को नक्सलवाद से मुक्त करने किया सहयोग का आह्वान
4 अक्टूबर 2025




केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह और प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय बस्तर दशहरा पर्व के अवसर पर जगदलपुर के सिरहासार भवन में आयोजित मुरिया दरबार में शामिल हुए। बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के चित्र पर दीप प्रज्वलित करने के पश्चात केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने मांझी-चालकी से सीधा संवाद करते हुए बस्तर से माओवाद को समाप्त करने में सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि माओवाद से जुड़कर हथियार उठा चुके बच्चों को समझाएं कि वे मुख्यधारा में लौटें और शासन की योजनाओं का लाभ लें।
केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी बस्तर के विकास और नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए दृढ़संकल्पित हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने मांझी-चालकी से संवाद करते हुए कहा कि मार्च 2026 तक बस्तर को नक्सलवाद से मुक्त कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि बस्तर के युवा डॉक्टर, इंजीनियर, डिप्टी कलेक्टर और कलेक्टर बनकर पूरे छत्तीसगढ़ की सेवा करें। यह हम सभी की जिम्मेदारी है कि युवा नक्सलवाद से न जुड़ें और जो जुड़ चुके हैं, वे आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटें। जहां-जहां नक्सलवाद समाप्त हुआ है, वहां छत्तीसगढ़ सरकार तेजी से विकास कार्य कर रही है और लोगों को शासकीय योजनाओं से लाभान्वित कर रही है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मुरिया दरबार में मांझी-चालकी को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार बस्तर दशहरा पर्व को और भव्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। बस्तर दशहरा के लिए दी जाने वाली राशि 25 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये की जा रही है। साथ ही बस्तर दशहरा पर्व के परंपरागत स्थलों जिया डेरा, माडिया सराय इत्यादि के विकास और निर्माण कार्य भी सुनिश्चित किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और अन्य अतिथियों का बस्तर दशहरा समिति के परंपरागत सदस्य मांझी-चालकी, मेम्बर-मेम्बरिन और नाईक-पाईक ने पारंपरिक पगड़ी एवं माला पहनाकर आत्मीय स्वागत किया।
मुरिया दरबार को उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा और सांसद एवं बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष श्री महेश कश्यप ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप, आदिम जाति कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम, पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद कांकेर श्री भोजराज नाग, विधायक जगदलपुर श्री किरण देव, विधायक कोण्डागांव सुश्री लता उसेण्डी, विधायक चित्रकोट श्री विनायक गोयल, विधायक दंतेवाड़ा श्री चैतराम अटामी, विधायक केशकाल श्री नीलकंठ टेकाम, विधायक कांकेर श्री आशाराम नेताम, बस्तर राजपरिवार के सदस्य श्री कमलचंद्र भंजदेव, बस्तर दशहरा समिति के उपाध्यक्ष श्री बलराम मांझी सहित बस्तर दशहरा समिति के पारंपरिक सदस्य मांझी-चालकी, मेम्बर-मेम्बरिन और नाईक-पाईक उपस्थित थे।
केन्द्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह मांझी-चालकी के साथ अभिनन्दन भोज में हुए शामिल
4 अक्टूबर 2025
केन्द्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज जगदलपुर के लालबाग मैदान में बस्तर दशहरा पर्व से जुड़े मांझी-चालकी, मेम्बर एवं मेम्बरीन के सम्मान में आयोजित अभिनंदन भोज में शामिल हुए। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने अभिनंदन भोज में परोसे गए आदिवासी समाज के पारम्परिक व्यंजनों की सराहना करते हुए कहा कि ये पारम्परिक व्यंजन बस्तर की संस्कृति, परंपरा और आदिवासी जीवन मूल्यों का अनूठा स्वाद प्रस्तुत करते हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर की आदिवासी परंपरा में मांझी-चालकी, मेंबर और मेंबरीन के साथ अभिनंदन भोज केवल एक सत्कार नहीं है, बल्कि यह भाईचारे, सामुदायिक मेल-जोल और सांस्कृतिक समरसता का जीवंत प्रतीक है। यह अवसर न केवल बस्तर की समृद्ध और जीवंत आदिवासी संस्कृति का उत्सव है, बल्कि हमारी सामाजिक एकता और स्थानीय परंपराओं के प्रति सम्मान की भी अभिव्यक्ति है।
अभिनंदन भोज में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, सांसद श्री महेश कश्यप एवं श्री भोजराज नाग, विधायक सर्वश्री किरण सिंह देव, विनायक गोयल, चैतराम अटामी, नीलकंठ टेकाम, आशाराम नेताम तथा सुश्री लता उसेंडी सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
केंद्रीय गृह मंत्री और मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का किया शुभारंभ
विकास से विश्वास तक की यात्रा में अब सहभागी बनेंगे बस्तर और सरगुजा के सुदूर अंचलवासी : केंद्रीय गृहमंत्री श्री शाह
जनसुविधाओं को बढ़ाने तेजी से कार्य कर रही है हमारी सरकार : मुख्यमंत्री श्री साय
प्रथम चरण में बस्तर और सरगुजा अंचल को किया गया शामिल
स्तर और सरगुजा संभाग के 11 जिलों के 250 गांवों तक पहली बार पहुंचेगी यात्री बस सेवा
रायपुर, 04 अक्टूबर 2025

बस्तर से नक्सलवाद जल्द समाप्त होगा और क्षेत्र में शांति स्थापित कर हम विकास के नए आयाम गढ़ेंगे। बस्तर और सरगुजा क्षेत्र के सुदूर अंचलवासी विकास से विश्वास तक की यात्रा में सहभागी बनकर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएंगे। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने आज बस्तर जिले के जगदलपुर से मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का शुभारंभ करते हुए यह बातें कहीं। केंद्रीय गृह मंत्री और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने यात्री बसों को झंडी दिखाकर रवाना किया और क्षेत्रवासियों को इस खास पहल के लिए शुभकामनाएं दी।
केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास के लिए डबल इंजन की सरकार प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। लाल आतंक की समाप्ति प्रदेश के सुदूर इलाकों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ेगा। आज प्रारंभ हुई यात्री बस सेवा हमारे नागरिकों के भीतर नई ऊर्जा का संचार करेगी। उन्होंने कहा कि 250 गांव के लोग अब अपने निकटवर्ती शासकीय कार्यालयों, स्कूलों, अस्पतालों तक आसानी से पहुंच पाएंगे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए कहा कि हमारी सरकार जनसुविधाओं को बढ़ाने के लिए तेजी से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का उद्देश्य यात्री बस सुविधा से वंचित गांव में यात्री बस का परिचालन करना है। इससे लोग कम लागत के अपने गंतव्य तक समय पर पहुंच पाएंगे। रोजाना के कामकाज, शासकीय कार्य आदि में भी सहूलियत बढ़ेंगी।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में परिवहन सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना 2025 की शुरुआत की गई है। यह महत्वाकांक्षी योजना उन गांवों तक बस सेवा पहुंचाने का लक्ष्य रखती है, जहां अब तक सार्वजनिक परिवहन की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। इस पहल से ग्रामीणों को सुरक्षित, समयबद्ध और सुविधाजनक यात्रा का अवसर मिलेगा, जो उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
पहले चरण में बस्तर और सरगुजा पर फोकस
योजना के पहले चरण में बस्तर और सरगुजा संभाग को प्राथमिकता दी गई है। इन क्षेत्रों में कुल 34 मार्गों पर 34 बसों का संचालन शुरू किया जाएगा। इस कदम से 11 जिलों के 250 नए गांव बस सेवा से जुड़ेंगे। यह पहल विशेष रूप से उन ग्रामीण क्षेत्रों के लिए वरदान साबित होगी, जहां सड़क संपर्क सीमित है और लोग जिला मुख्यालय या अन्य महत्वपूर्ण स्थानों तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी पैदल तय करते हैं।
ग्राम पंचायत से जिला मुख्यालय तक कनेक्टिविटी
मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्राम पंचायत से लेकर जिला मुख्यालय तक निर्बाध बस कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना है। इससे ग्रामीणों को स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और बाजार जैसी आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में आसानी होगी। योजना के तहत संचालित बसें समय पर और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करेंगी, जिससे ग्रामीणों का समय और संसाधन दोनों बचेंगे।
व्याबलिटी गैप फंडिंग से बस संचालकों को सहायता
योजना की दीर्घकालिक सफलता को सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने संचालकों को व्याबलिटी गैप फंडिंग प्रदान करने का प्रावधान किया है। यह वित्तीय सहायता बस संचालकों को आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाएगी, ताकि वे इन दूरस्थ क्षेत्रों में निरंतर सेवा प्रदान कर सकें। यह कदम न केवल परिवहन सुविधाओं को बढ़ाएगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन में भी योगदान देगा।
250 गांवों को पहली बार बस सेवा से जोड़ने की उपलब्धि
इस योजना के तहत लगभग 250 गांव पहली बार बस सेवा से जुड़ रहे हैं। यह ग्रामीण छत्तीसगढ़ के लिए एक ऐतिहासिक कदम है, जो सामाजिक-आर्थिक विकास को गति देगा। ग्रामीणों को अब अपनी जरूरतों के लिए लंबी दूरी तय करने या निजी वाहनों पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं होगी।
मुख्यमंत्री का संदेश: समावेशी विकास की दिशा में कदम
मुख्यमंत्री ने इस योजना की शुरुआत पर कहा, “हमारा लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ का कोई भी गांव विकास की मुख्यधारा से न छूटे। मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना ग्रामीणों के जीवन को आसान बनाने और उन्हें शहरों से जोड़ने का एक प्रयास है। यह योजना न केवल परिवहन की सुविधा देगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगी।”
आगे की राह
सरकार ने संकेत दिया है कि योजना के पहले चरण की सफलता के आधार पर इसे अन्य क्षेत्रों में भी विस्तार दिया जाएगा। यह पहल ग्रामीण छत्तीसगढ़ को सशक्त बनाने और समावेशी विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह योजना न केवल परिवहन की दृष्टि से, बल्कि सामाजिक और आर्थिक समानता की दिशा में भी एक मील का पत्थर साबित होगी।
विलेज एक्शन प्लान पर फोकस , आदि कर्मयोगी अभियान से सशक्त होगा सुकमा
सुकमा । धरती आबा जनजातीय ग्रामीण उत्कर्ष अभियान योजना के अंतर्गत चल रहे आदि कर्मयोगी अभियान की प्रगति की समीक्षा हेतु जिला प्रभारी वी. के. तिवारी, असिस्टेंट मैनेजर, ट्राइबल मिनिस्ट्री ऑफ अफेयर्स, नई दिल्ली ने सुकमा जिले का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों और ग्रामीणों के साथ बैठक कर अभियान की रूपरेखा तथा भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा की।
श्री तिवारी ने जिले में चल रहे विकास कार्यों का फोटो दस्तावेजीकरण कर उनकी समीक्षा की और आने वाले वर्षों में योजनाओं को और प्रभावी बनाने पर बल दिया। उन्होंने ग्रामीणों को विलेज एक्शन प्लान के बारे में विस्तार से जानकारी दी और बताया कि 2030 तक चिह्नांकित 277 ग्रामों को किस रूप में विकसित किया जा सकता है, इस दिशा में ठोस रणनीति बनाई जा रही है।
औचक निरीक्षण के दौरान श्री तिवारी ने सुकमा जिले के डाटा सेंटर की कार्यप्रणाली का जायजा लिया और इसकी व्यवस्था की सराहना की। उन्होंने कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव से मुलाकात कर विलेज एक्शन प्लान को लागू करने तथा 2030 तक ग्रामों को विकसित और आत्मनिर्भर बनाने की रूपरेखा पर चर्चा की।
इस अवसर पर ट्राइबल डिपार्टमेंट के असिस्टेंट कमिश्नर श्री हेमंत सिन्हा भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने चयनित गांवों के अब तक हुए विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए आगे की रणनीति तय की।
शासन का मानना है कि आदि कर्मयोगी अभियान के माध्यम से गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार सुनिश्चित होगा, जिससे आने वाले वर्षों में सुकमा के गांव सशक्त और आदर्श ग्राम के रूप में विकसित होंगे।
सुकमा में CRPF जवानों ने मनाया टीम इंडिया की जीत का जश्न
सुकमा । सुकमा में 74 बटालियन CRPF के जवानों ने टीम इंडिया की एशिया कप 2025 में शानदार जीत का जश्न बड़े उत्साह और जोश के साथ मनाया। भारतीय क्रिकेट टीम ने दुबई के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए एशिया कप के फाइनल मुकाबले में पाकिस्तान को 5 विकेट से हराकर नौंवीं बार एशियाई चैंपियनशिप अपने नाम कर इतिहास रच दिया। इस ऐतिहासिक जीत से पूरे देश में क्रिकेट प्रेमियों के साथ-साथ देश के जवानों के बीच भी खुशी की लहर दौड़ गई है।
इस जीत पर सुकमा के 74 बटालियन CRPF के जवानों ने अपने-अपने ठिकानों पर राष्ट्रीय उत्साह से टीम इंडिया की जीत का जश्न मनाया। जवानों ने इस सफलता को देश के लिए गर्व का क्षण बताया और इसे अपने मनोबल और प्रेरणा का स्रोत माना। जवानों ने देशभक्ति के गीत गाए और नारे लगाकर भारतीय टीम को सलाम किया।
अमित शाह के दौरे को लेकर बस्तर में फोर्स अलर्ट पर
बस्तर । केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का 4 अक्टूबर को बस्तर दौरा लगभग तय माना जा रहा है। इसके लिए प्रशासन ने जगदलपुर के लाल बाग मैदान में तैयारी शुरू कर दी है। अमित शाह बस्तर दशहरा के मुरिया दरबार में शामिल होंगे। साथ ही वे लाल बाग मैदान में भी आम सभा को संबोधित करेंगे।
दरअसल, बस्तर सांसद और दशहरा समिति के अध्यक्ष महेश कश्यप समेत अन्य सदस्यों ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को दशहरा में शामिल होने न्योता दिया था। शाह ने इस पर्व में आने की हामी भरी थी। अब प्रशासन भी तैयारियों में जुट चुका है। हालांकि, बस्तर में शाह का और कौन-कौन सा कार्यक्रम होगा ये अभी स्पष्ट नहीं है।
लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि वे नक्सल मोर्चे पर तैनात जवानों और सरेंडर्ड नक्सलियों से मिल सकते हैं। अंदरूनी इलाके के कुछ ग्रामीणों से भी मुलाकात कर सकते हैं। शाह के अलावा छत्तीसगढ़ के CM समेत कई मंत्री, विधायक और सांसद भी बस्तर दशहरा में शामिल हो सकते हैं।
अमित शाह ने 'एक्स' पर लिखा नक्सलवाद से मुक्त और शांति की ओर अग्रसर बस्तर अपने पर्व-त्योहार धूम-धाम से मना रहा है। आदिवासी संस्कृति और विरासत का प्रमाण 75 दिनों तक मनाया जाने वाला बस्तर दशहरा के मुरिया दरबार में आने का निमंत्रण मिला है। इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए उत्सुक हूं।
कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से ली स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक
विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व और नवरात्र के मद्देनजर इमरजेंसी सर्विसेस को 24 घण्टे सक्रिय रखने के निर्देश
आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने करें सार्थक प्रयास-कमिश्नर श्री डोमन सिंह
मोतियाबिंद जांच एवं ऑपरेशन में अद्यतन प्रगति लाने के निर्देश
जगदलपुर, 24 सितम्बर 2025
कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह ने कहा कि अंचल के जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और उपचार सुविधाएं देने के लिए संवेदनशीलता के साथ सार्थक प्रयास करें। इस दिशा में जिला अस्पताल सहित सिविल अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र और उप स्वास्थ्य केंद्रों के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी बनाएं, साथ ही मैदानी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं एवं मितानिनों के द्वारा अंदरूनी इलाकों के ग्रामीणों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को सुनिश्चित करें। कमिश्नर बस्तर संभाग श्री डोमन सिंह ने मंगलवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए स्वास्थ्य विभाग की विस्तृत समीक्षा के दौरान उक्त निर्देश दिए। उन्होंने वर्तमान में विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व और नवरात्र के मद्देनजर मां दन्तेश्वरी शक्तिपीठ में दर्शनार्थ आने वाले पदयात्रियों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता पर जोर देते हुए पदयात्रियों के लिए पदयात्री सेवा केंद्रों में प्राथमिक उपचार व्यवस्था, मेडिकल टीम की रोस्टर के अनुरूप ड्यूटी सुनिश्चित करने सहित सम्बंधित ईलाके के स्वास्थ्य केन्द्रों पर इमरजेंसी सर्विसेस को 24 घण्टे सक्रिय रखने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
कमिश्नर ने शासन की मंशानुरूप आयुष्मान भारत से हरेक जरूरतमंद को उपचार सुविधाओं की उपलब्धता हेतु आयुष्मान कार्ड पंजीयन प्रगति की जानकारी ली और अधिकारियों को निर्देशित किया कि आयुष्मान कार्ड का सेचुरेशन जल्द से जल्द सुनिश्चित करने की दिशा में विशेष अभियान चलाकर शिविर लगाकर लक्षित सभी लोगों का पंजीयन किया जाए। पंजीयन से छूटे हुए व्यक्तियों को लक्षित कर प्रत्येक सप्ताह सूची को अपडेट करें और पंचायत सचिव, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिनों एवं अन्य मैदानी अमले के सहयोग से इन लक्षित लोगों को लाभान्वित करने पहल किया जाए। उन्होंने कलस्टर एवं ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित पंजीयन शिविरों के बारे में सम्बंधित ईलाके के हाट-बाजारों एवं गांवों में कोटवारों के जरिए नियमित तौर पर मुनादी करवाए जाने के निर्देश दिए। कमिश्नर ने मोतियाबिंद जांच एवं ऑपरेशन हेतु ध्यान केंद्रित करने पर जोर देते हुए कहा कि सबसे पहले दोनों आंख के पीड़ितों को प्राथमिकता दी जाए। चिन्हित मरीजों को निर्धारित एसओपी के अनुरूप ऑपरेशन थियेटर एवं अन्य सुविधाओं की उपलब्धता के आधार पर लाभान्वित किया जाए। सर्जन की उपलब्धता के लिए स्थानीय स्तर पर समन्वय करने सहित अनुबंध के आधार पर भी विशेषज्ञों की सेवाएं ली जाए। कमिश्नर ने क्षय रोग उन्मूलन की गहन समीक्षा के दौरान क्षय रोग पीड़ितों को पौष्टिक आहार प्रदाय हेतु सभी ग्राम पंचायतों को निक्षय मित्र बनाने पर बल देते हुए कहा कि इस पहल के जरिए सम्बंधित पीड़ित की देखरेख में स्थानीय समुदाय भी सहभागिता निभाएगी। उन्होंने जिला एवं ब्लॉक स्तर के शासकीय कार्यालयों को भी निक्षय मित्र बनाने के निर्देश दिए और स्वयंसेवी संगठनों एवं जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों को इस पुनीत कार्य के लिए स्वेच्छा के अनुरूप जुड़ने के लिए उन्हें अभिप्रेरित किए जाने कहा। वहीं निजी नर्सिंग होम सहित क्लीनिक और पैथोलॉजी लैब को अनिवार्य रूप से निक्षय मित्र बनाने के निर्देश दिए।
नियमित लगाएं हाट-बाजार स्वास्थ्य शिविर
कमिश्नर ने कहा कि बस्तर में हाट-बाजार का एक अलग महत्व एवं अस्तित्व है जिसमें सबसे ज्यादा जरूरतमंद आबादी निर्भर है। इसे ध्यान रखकर हाट-बाजार में अंदरूनी ईलाके से आए ग्रामीणों को स्वास्थ्य जांच, उपचार एवं अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं से लाभान्वित करने के लिए सकारात्मक पहल किया जाए। इन स्वास्थ्य शिविरों में ब्लॉक स्तरीय मेडिकल टीम सहित नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र के अमले की तैनाती सुनिश्चित करने के साथ ही प्रत्येक सप्ताह के कार्यों की मॉनिटरिंग किया जाए। उन्होंने मोबाईल मेडिकल यूनिट की उपयोगिता साबित करने के लिए भी कहा। वहीं अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्थाओं एवं जरूरतों को सुदृढ़ करने पर बल देते हुए जिला एवं अनुविभाग स्तरीय जीवनदीप समिति की बैठक नियमित रूप से किए जाने कहा। साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर बांडेड डॉक्टरों को प्रभारी चिकित्सक का दायित्व सौंपकर जनता को इन युवा डॉक्टरों की सेवाएं उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए।
आश्रम-छात्रावास के बच्चों का नियमित करें स्वास्थ्य परीक्षण
कमिश्नर ने स्कूल, आश्रम-छात्रावास सहित आवासीय विद्यालयों के बच्चों का नियमित तौर पर स्वास्थ्य परीक्षण करने पर बल देते हुए कहा कि इन संस्थाओं के सुचारू संचालन की जिम्मेदारी हम सभी की है। इसे ध्यान रखकर यहां के बच्चों का स्वास्थ्य जांच के साथ ही जरूरत के अनुरूप ईलाज के लिए भी पहल किया जाए। आंगनबाड़ी केंद्रों पर स्वास्थ्य जांच एवं टीकाकरण कार्यक्रम की सेवाओं की उपलब्धता पर फोकस करें, जिससे स्वास्थ्य केन्द्रों के माध्यम से संस्थागत प्रसव तथा इससे जुड़ी योजनाओं के कारगर कार्यान्वयन में उपलब्धि हासिल हो सके। बैठक में विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के क्रियान्वयन, अधोसंरचना जरूरतों एवं उपकरणों की उपलब्धता इत्यादि की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई। बैठक में डिप्टी कमिश्नर गीता रायस्त, सयुंक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ शांडिल्य, सीएमएचओ डॉ संजय बसाक सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। वहीं जिलों से सम्बंधित सीएमएचओ,डीपीएम और बीएमओ वर्चुअल तौर पर जुड़े रहे।
महिला पॉलिटेक्निक के प्रशिक्षणार्थियों ने औद्योगिक क्षेत्रों का किया भ्रमण
जगदलपुर, 23 सितम्बर 2025
छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के तहत जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र जगदलपुर के द्वारा गत दिवस महिला पॉलिटेक्निक कॉलेज जगदलपुर के चार ट्रेडों में चिन्हांकित 20 महिला प्रशिक्षणार्थियों को औद्योगिक क्षेत्रों का विजिट कराया गया। जिसमें मसाला उद्योग, बेकरी उत्पाद एवं बास कला केंद्र से संबंधित उद्योगों की जानकारियां प्राप्त की व उद्योग से संबंधित उनकी विभिन्न शंकाओं को उद्योगपतियों के द्वारा दूर किया गया।
साथ ही इन प्रशिक्षणार्थियों को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इस दौरान क्षेत्रीय व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के मुख्य महाप्रबंधक श्री अजीत सुन्दर बिलुंग, सहायक प्रबंधक श्री प्रफुल्ल कुमार लाखन, उद्योग विभाग के अन्य अधिकारी और पॉलीटेक्निक के प्रशिक्षक श्री विपिन मिश्रा मौजूद थे ।
बस्तर ओलंपिक के लिए पंजीयन आज से शुरू
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने दंतेवाड़ा से की पंजीयन की शुरूआत
बस्तर ओलंपिक से बस्तर की दशा और दिशा बदली, विश्व मानचित्र पर बनेगी अलग पहचान – श्री अरुण साव
दंतेवाड़ा में विकास कार्यों के लिए 5 करोड़ देने की घोषणा की
22 सितम्बर 2025





बस्तर संभाग में आगामी अक्टूबर-नवम्बर में होने वाले बस्तर ओलंपिक के लिए आज से पंजीयन प्रारंभ हो गया। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने आज दंतेवाड़ा में आयोजित कार्यक्रम में इसकी औपचारिक शुरूआत की। बस्तर ओलंपिक के दौरान आयोजित होने वाले खेलों में भाग लेने के लिए खिलाड़ी 20 अक्टूबर तक अपना पंजीयन करा सकते हैं। बस्तर ओलंपिक का विकासखंड स्तर पर आयोजन 25 अक्टूबर से 5 नवम्बर तक, जिला स्तरीय आयोजन 5 नवम्बर से 15 नवम्बर तक तथा संभाग स्तरीय आयोजन 24 नवम्बर से 30 नवम्बर तक किया जाएगा। वन एवं जलवायु परिवर्तन तथा दंतेवाड़ा जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप और विधायक श्री चैतराम अटामी भी पंजीयन के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल हुए।
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने बस्तर ओलंपिक के लिए पंजीयन की शुरूआत करते हुए कहा कि पिछले वर्ष आयोजित बस्तर ओलंपिक से बस्तर की दशा और दिशा बदली है। आने वाले समय में बस्तर विश्व के मानचित्र पर अपनी अलग पहचान स्थापित करेगा। यहां की प्रतिभाएं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी चमक बिखेरेंगे। उन्होंने बताया कि पिछले बस्तर ओलंपिक में एक लाख 62 हजार खिलाड़ियों ने अपना पंजीयन कराया था। इस वर्ष दो लाख खिलाड़ियों के पंजीयन का लक्ष्य है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भी बस्तर ओलंपिक की प्रशंसा की थी। इस आयोजन को पूरे देश में लोकप्रिय बनाना है। बस्तर के हर गांव के हर बच्चे और युवा की भागीदारी इसमें सुनिश्चित करना है। श्री साव ने कार्यक्रम में दंतेवाड़ा जिले में मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए पांच करोड़ रुपए देने की घोषणा की।
वन एवं जलवायु परिवर्तन तथा दंतेवाड़ा जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप ने अपने संबोधन में कहा कि नवरात्रि के पावन अवसर पर आज बस्तर ओलंपिक के लिए पंजीयन का शुभारंभ किया जा रहा है। बस्तर अनेक मामलों में समृद्ध है, चाहे वह खेल हो, संस्कृति हो या अन्य कोई क्षेत्र... बस्तर ने हमेशा अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। बस्तर अपनी अनूठी परंपराओं और रीति-रिवाजों के कारण विशेष महत्व रखता है, जिन्हें हमारे पूर्वज आदिकाल से निभाते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। बस्तर ओलंपिक से इन प्रतिभाओं को पहचान और प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में बस्तर ओलंपिक में भाग लेने की अपील की।
विधायक श्री चैतराम अटामी और खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार ने भी पंजीयन के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित किया। राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती ओजस्वी मंडावी, दंतेवाड़ा जिला पंचायत के अध्यक्ष श्री नंदलाल मुड़ामी, उपाध्यक्ष श्री अरविन्द कुंजाम, दंतेवाड़ा नगर पालिका की अध्यक्ष श्रीमती पायल गुप्ता, खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती तनुजा सलाम, डीआईजी श्री कमलोचन कश्यप, पुलिस अधीक्षक श्री गौरव राय, जिला पंचायत के सीईओ श्री जयंत नाहटा और डीएफओ श्री सागर जाधव सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।
आईटीआई में अतिथि व्याख्याता पद पर भर्ती हेतु 25 सितम्बर तक आवेदन आमंत्रित
जगदलपुर, 22 सितम्बर 2025
जिला बस्तर नोडल अंतर्गत संचालित शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था में स्वीकृत प्रशिक्षण अधिकारी के रिक्त पदों पर प्रशिक्षण सत्र 2025-2026 के लिये मेहमान प्रवक्ता हेतु आवेदन आमंत्रित किया गया है। आवेदन निर्धारित प्रारूप में स्पीड पोस्ट या रजिस्टर्ड डाक अथवा स्वयं उपस्थिति के माध्यम से कार्यालय प्राचार्य शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था भानपुरी जिला-बस्तर (छ.ग.) 494224 में आवेदन जमा कर सकते है। इन्सटूमेन्ट मैकेनिक, वुड वर्क टेक्नीशियन और बेम्बू वर्क (बांस शिल्प) के एक एक पदों की भर्ती हेतु आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि दिनांक 25 सितम्बर को सायं 5 बजे तक है। उक्त रिक्त पदों हेतु अनिवार्य शैक्षणिक योग्यता, अनुभव इत्यादि की जानकारी शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था बस्तर एवं भानपुरी के सूचना पटल पर देखी जा सकती है।
राज्य स्तरीय रोजगार मेला के लिए 23 एवं 24 सितम्बर को होगा पंजीयन
जगदलपुर, 22 सितम्बर 2025
राज्य शासन ने प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के लिए एक बेहद खास पहल की है। इसके तहत बेरोजगारों के लिए 9 और 10 अक्टूबर को राजधानी रायपुर में राज्य स्तरीय रोजगार मेले का आयोजन किया जा रहा है। इस मेले में राज्य में काम कर रहीं 114 कंपनियां युवाओं को 8 से 10 हजार जॉब देगीं। इस रोजगार मेले के लिए रोजगार विभाग की वेबसाइट पर पंजीयन जारी हैं। इस बीच औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था बस्तर में रोजगार पंजीयन शिविर का आयोजन 23 एवं 24 सितंबर 2025 को प्रातः 10 बजे सायं 05 बजे तक किया जाएगा, जो भी आईटीआई उत्तीर्ण प्रशिक्षणार्थी पंजीयन नहीं करवाएं हैं। इस संस्था के प्राचार्य श्री एके मंडले द्वारा उक्त रोजगार मेला में शामिल होने के इच्छुक अभ्यर्थियों को अपना शैक्षणिक दस्तावेज, आधार कार्ड के साथ उक्त नियत तिथि पर उपस्थित होकर अपना पंजीयन करवाने का आग्रह किया गया है।
बस्तर ओलम्पिक के लिए पंजीयन प्रारंभ
खेल प्रतिभाओं को निखारने और युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने की पहल
नक्सल हिंसा में दिव्यांग हुए प्रतिभागियों एवं आत्मसमर्पित नक्सलियों को सीधे संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में अवसर मिलेगा
22 सितम्बर 2025
बस्तर अंचल के युवाओं को खेलों की मुख्यधारा से जोड़ने और उनकी छिपी हुई प्रतिभाओं को निखारने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा “बस्तर ओलम्पिक 2025-26” का आयोजन किया जा रहा है। इसके लिए खिलाड़ियों का पंजीयन शुरू हो गया है। सरकार ने सभी संभागायुक्त और जिला कलेक्टरों को पत्र जारी कर बस्तर ओलंपिक प्रतियोगिता में अधिक से अधिक युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
खेल एवं युवा कल्याण विभाग इस आयोजन का मुख्य आयोजन विभाग होगा जबकि गृह (पुलिस) विभाग को नोडल विभाग नियुक्त किया गया है। विकासखण्ड स्तर पर आयोजन समिति का गठन संबंधित कलेक्टरों द्वारा किया जाएगा। जिला और संभाग स्तरीय समितियाँ सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश के अनुसार गठित की गई हैं। जिला स्तर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत या किसी वरिष्ठ राज्य प्रशासनिक अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा।
शुभंकर एवं लोगो
बस्तर ओलम्पिक का शुभंकर और लोगो पिछले वर्ष की तरह इस बार भी “वन भैंसा” और “पहाड़ी मैना” होंगे। इनका उपयोग व्यापक प्रचार-प्रसार में किया जाएगा। शासन ने सभी जिलों को प्रतियोगिता में अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित करने, पंजीयन सुविधा और अन्य तैयारियाँ तत्काल पूरी करने के निर्देश दिए है। यह आयोजन बस्तर क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को पहचान दिलाने, युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और शासन एवं जनता के बीच संबंध मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल सिद्ध होगी।
राज्य शासन की मंशा है कि इस आयोजन के माध्यम से बस्तर अंचल की खेल प्रतिभाओं को राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अवसर मिले तथा युवाओं को सकारात्मक दिशा मिले। इस आयोजन की खासियत यह है कि नक्सल हिंसा में दिव्यांग हुए प्रतिभागियों एवं आत्मसमर्पित पूर्व नक्सलियों को सीधे संभाग स्तर पर प्रतिभागिता का अवसर दिया जाएगा। इससे उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त होगा।वेटलिफ्टिंग और हॉकी की प्रतियोगिताएँ जिला स्तर से होंगी जबकि अन्य खेलों में विकासखण्ड से लेकर संभाग स्तर तक मुकाबले आयोजित किए जाएंगे।
इस प्रतियोगिता का आयोजन त्रिस्तरीय स्वरूप में विकासखण्ड, जिला और संभाग स्तर पर किया जाएगा। आयोजन में 11 खेल होंगे जिसमे एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, हॉकी, वेटलिफ्टिंग, कराते, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल और रस्साकशी जैसे खेल शामिल होंगे। प्रतियोगिता जूनियर एवं सीनियर वर्ग में होगी।
प्रतियोगिता में शामिल खेल
आयोजन में एथलेटिक्स के अंतर्गत 100 मीटर, 200 मीटर और 400 मीटर दौड़, लंबी कूद, ऊँची कूद, शॉटपुट, डिस्कस थ्रो, जैवलिन थ्रो और 4×100 मीटर रिले रेस का आयोजन होगा। तीरंदाजी में इंडियन राउंड 30 और 50 मीटर, वेटलिफ्टिंग में जूनियर व सीनियर वर्गों के लिए अलग-अलग भार वर्ग और कराते में आयु एवं वजन के आधार पर वर्ग निर्धारित किए गए हैं। कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल और फुटबॉल में भी खिलाड़ियों को व्यापक अवसर मिलेगा। रस्साकशी केवल महिला सीनियर वर्ग के लिए प्रदर्शनात्मक खेल के रूप में आयोजित होगी।
पंजीयन 22 सितम्बर से 20 अक्टूबर तक
प्रतियोगिता के लिए पंजीयन प्रक्रिया 22 सितम्बर से 20 अक्टूबर 2025 तक चलेगी। इसके बाद 25 अक्टूबर से 5 नवम्बर तक विकासखण्ड स्तरीय, 5 से 15 नवम्बर तक जिला स्तरीय और 24 से 30 नवम्बर तक संभाग स्तरीय प्रतियोगिताएँ आयोजित होंगी। प्रतियोगिता दो आयुवर्गों में होगी, जूनियर वर्ग 14 से 17 वर्ष तक तथा सीनियर वर्ग जिसमें कोई आयु सीमा नहीं रहेगी।
स्वास्थ्य शिविर में 292 श्रमिकों ने कराया स्वास्थ्य जांच
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव 2025 के आयोजन के तहत् श्रम विभाग द्वारा गुरूवार को बकावंड विकासखण्ड के ग्राम पंचायत धोबीगुड़ा में श्रमिकों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन प्रातः 11 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित किया गया। इस स्वास्थ्य जांच शिविर में कुल 292 श्रमिक लाभान्वित हुए तथा 38 श्रमिकों का नवीन पंजीयन किया गया। शिविर स्थल पर स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा श्रमिकों के रक्तचाप, मधुमेह, खून की जांच की गई एवं निःशुल्क दवा वितरण किया गया।
श्रम पदाधिकारी भुपेन्द्र नायक ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर हरिस एस के मार्गदर्शन में जिले के श्रमिकों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ देने के लिए निःशुल्क श्रमिक स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया है। जिसके तहत जिला मुख्यालय के अलावा प्रत्येक विकासखण्ड में भी शिविर का आयोजन किया जा रहा है इसी क्रम में आज दरभा विकासखण्ड के छोटे चितापुर में भी शिविर का आयोजन किया गया है।
