कांग्रेस के राहुल तिवारी ने स्वामी विवेकानंद सदर बाजार वार्ड 44 से पेश की दावेदारी
रायपुर । रायपुर नगर निगम चुनाव 2025 के लिए कांग्रेस के युवा और सक्रिय नेता राहुल तिवारी ने स्वामी विवेकानंद सदर बाजार वार्ड 44 से अपनी दावेदारी प्रस्तुत की है। राहुल तिवारी, जो लंबे समय से कांग्रेस पार्टी से जुड़े हैं, वार्डवासियों के लिए स्वच्छ, सुंदर और सुरक्षित माहौल प्रदान करने की प्रतिबद्धता के साथ मैदान में उतरे हैं।
राहुल तिवारी का परिचय
राहुल तिवारी का जन्म 25 जुलाई 1987 को रायपुर, छत्तीसगढ़ में हुआ। वे स्वर्गीय कमल नारायण तिवारी के पुत्र हैं और वर्तमान में सदर बाजार, रायपुर में निवास करते हैं। उनकी शिक्षा हाई स्कूल तक हुई है और वे सामान्य वर्ग से आते हैं।
राजनीतिक सफर
राहुल तिवारी ने 2006 में एनएसयूआई के साथ सक्रिय राजनीति में कदम रखा। वे कांग्रेस पार्टी की विभिन्न शाखाओं और संगठनों में महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। वर्तमान में वे रायपुर जिला कांग्रेस के महासचिव हैं। राहुल तिवारी ने नगर निगम, विधानसभा, और लोकसभा चुनावों में वरिष्ठ नेताओं के साथ काम कर व्यापक अनुभव प्राप्त किया है।
सामाजिक और सांस्कृतिक योगदान
राहुल तिवारी ने विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक संस्थाओं में भी योगदान दिया है। वे रॉयल क्लब, सांस्कृतिक-सामाजिक जन-कल्याण संस्था, और भंडारा दुर्गोत्सव समिति से जुड़े रहे हैं। युवा कार्यकर्ता के रूप में उन्होंने छात्र संघ चुनावों और छात्र अधिकारों के लिए कई आंदोलनों का नेतृत्व किया है।
दावेदारी का उद्देश्य
राहुल तिवारी की प्राथमिकता वार्डवासियों की समस्याओं का समाधान और समस्त मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने वार्ड को स्वच्छ, सुंदर और सुरक्षित बनाने का वादा किया है। उनकी योजना है कि वार्ड के विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जाए और जनता को पारदर्शी प्रशासन मिले।
अनुभव और प्रतिबद्धता
राहुल तिवारी ने राष्ट्रीय और स्थानीय स्तर पर कांग्रेस के धरना-प्रदर्शन और कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी की है। उन्होंने छात्र संघ से लेकर युवा कांग्रेस तक पार्टी की विचारधारा को सशक्त बनाने का काम किया है। उनकी प्रतिबद्धता और अनुभव उन्हें स्वामी विवेकानंद सदर बाजार वार्ड के लिए एक मजबूत दावेदार बनाते हैं।
राहुल तिवारी ने अपनी दावेदारी के साथ वार्डवासियों के लिए विकास और जनसेवा के प्रति अपना संकल्प व्यक्त किया है। उनकी राजनीतिक सक्रियता और सामाजिक प्रतिबद्धता उन्हें इस चुनाव में एक प्रमुख उम्मीदवार के रूप में प्रस्तुत करती है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि जनता उनके इस समर्पण और अनुभव को किस तरह से स्वीकार करती है।