छत्तीसगढ़ / रायपुर

हाउसिंग बोर्ड की नई ‘डिमांड बेस्ड’ नीति का ऐलान, 60% प्री-बुकिंग के बाद ही शुरू होंगे प्रोजेक्ट

 रायपुर । छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड अब डिमांड बेस्ड प्रोजेक्ट पर काम करेगा। वित्त और आवास मंत्री ओपी चौधरी ने गुरुवार को विधानसभा में जानकारी दी कि राज्य सरकार ने हाउसिंग बोर्ड की कार्यशैली में बदलाव करते हुए नई आवास नीति लागू की है। यह जानकारी उन्होंने विधायक अजय चंद्राकर के सवाल के जवाब में दी।

अब पहले डिमांड, फिर प्रोजेक्ट
मंत्री चौधरी ने कहा कि अब हाउसिंग बोर्ड बिना मांग के कोई प्रोजेक्ट शुरू नहीं करेगा। यदि किसी योजना को लांच किया जाता है तो 60 प्रतिशत प्री-बुकिंग होने पर ही उसकी टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। वहीं, अगर प्रोजेक्ट लांच के तीन महीने के भीतर 30 प्रतिशत बुकिंग मिल जाती है, तो भी उसे आगे बढ़ाने की अनुमति दी जाएगी।

80,870 मकान बनाए, 2,367 अब भी खाली
विधायक अजय चंद्राकर ने पूछा कि हाउसिंग बोर्ड द्वारा अब तक कितने मकान बनाए गए हैं, कितने बिके हैं और कितने खाली हैं? जवाब में मंत्री ने बताया कि राज्य में दीनदयाल आवास, अटल आवास, अटल विहार और सामान्य आवास योजनाओं के तहत 80,870 मकान बनाए गए, जिनमें से 78,503 मकान बिक चुके हैं जबकि 2,367 मकान अब भी बिक्री के लिए बचे हैं।

जर्जर नहीं हैं मकान, "जहां है-जैसा है" के आधार पर बिक्री

 


मंत्री ने बताया कि खाली मकान जर्जर स्थिति में नहीं हैं, इसलिए उनके जीर्णोद्धार की आवश्यकता नहीं है। इन मकानों को "जहां है, जैसा है" की नीति पर छूट के साथ बेचा जा रहा है।

बिक्री नहीं होने के पीछे ये कारण
खाली मकानों की बिक्री न होने के कारणों पर भी मंत्री ने प्रकाश डाला:
     कुछ स्थानों पर मकानों की मांग में कमी
     कोविड-19 महामारी का प्रभाव
     पंजीयन के बाद आबंटन का निरस्तीकरण
     बहुमंजिला भवनों में कम रुचि

वन-टाइम सेटलमेंट स्कीम से ₹139 करोड़ की बिक्री
सरकार ने 19 जनवरी 2025 को वन-टाइम सेटलमेंट योजना के तहत 5 वर्ष से अधिक समय से नहीं बिके मकानों पर 10%, 20%, 30% की छूट देने की मंजूरी दी थी। इस योजना के तहत 1 जुलाई 2025 तक 920 संपत्तियों की बिक्री से ₹139.47 करोड़ की आय हुई है।

विपक्ष के शोर के बीच मंत्री ने रखा पक्ष
जब मंत्री ओपी चौधरी इस नई नीति की जानकारी दे रहे थे, तब विपक्ष गर्भगृह में खड़े होकर नारेबाजी और हंगामा कर रहा था। इसके बावजूद मंत्री ने नई रणनीति की विस्तृत जानकारी सदन के समक्ष रखी।

हाउसिंग बोर्ड अब जरूरत के हिसाब से घर बनाएगा, बिना डिमांड के प्रोजेक्ट लांच नहीं होंगे। सरकार का फोकस पहले से निर्मित मकानों की बिक्री और डेड इन्वेंट्री को खत्म करने पर है।

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