समग्र शिक्षा विभाग भर्ती घोटाले पर NSUI का प्रदर्शन, रिपोर्ट सार्वजनिक करने की माँग
रायपुर। समग्र शिक्षा विभाग में 1,400 से अधिक पदों पर हुई भर्ती में धांधली के आरोपों को लेकर एनएसयूआई ने गुरुवार को विभागीय कार्यालय का दौरा किया और जाँच रिपोर्ट तुरंत सार्वजनिक करने की माँग की। एनएसयूआई का आरोप है कि यह विभाग के इतिहास का सबसे बड़ा शिक्षा घोटाला है।
प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय के नेतृत्व में पहुंचे एनएसयूआई पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया को महज़ सात दिन में जेम पोर्टल के माध्यम से सात निजी कंपनियों को ठेका देकर पूरा किया गया। इस दौरान न तो मेरिट सूची बनी, न अंक विवरण जारी हुआ, बल्कि ₹10 के स्टाम्प पेपर पर जबरन एग्रीमेंट कराया गया।
पांडेय ने कहा कि “इस घोटाले में 40,000 से अधिक युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ हुआ है। चयन प्रक्रिया अपारदर्शी रही और एजेंटों के ज़रिए ₹3–4 लाख लेकर नियुक्तियाँ दी गईं। कई जगह फर्जी दस्तावेज़ और मार्कशीटों के मामले सामने आए, फिर भी विभाग ने कार्रवाई नहीं की।”
एनएसयूआई का आरोप है कि कोविड काल में सेवा देने वाले नर्सिंग, आईटी और हेल्थ ट्रेड के कर्मियों को न वरीयता मिली, न सरकारी 10% छूट। साथ ही अधिकारियों के रिश्तेदारों को सीधे नियुक्ति दे दी गई।
एनएसयूआई ने चेतावनी दी कि यदि जाँच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई और पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं हुई, तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
इस मौके पर प्रदेश उपाध्यक्ष अमित शर्मा, संगठन महामंत्री हेमंत पाल, प्रदेश मीडिया चेयरमैन संकल्प मिश्रा सहित कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।