आतंकवाद के विरुद्ध एकजुट होने का आह्वान
रायपुर । राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच फैन्स रायपुर चैप्टर ने नो मोर पाकिस्तान विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भारत की आंतरिक सुरक्षा, पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद और पड़ोसी देशों की राजनीतिक अस्थिरता से जुड़े मुद्दों पर युवाओं को जागरूक करना था। संगोष्ठी में देश की सुरक्षा और आतंकवाद के बदलावों को लेकर कई महत्वपूर्ण विचार रखे गए।
संगठन के प्रभारी, पश्चिम क्षेत्र मेजर जनरल अनुज माथुर मुख्य वक्ता रहे। उन्होंने पाकिस्तान की विफल नीतियों, आंतरिक कमजोरी और सेना के अत्यधिक प्रभाव पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की नींव ही झूठ पर आधारित है। बलूचिस्तान और खैबर-पख्तून प्रदेशों पर बलपूर्वक कब्जा रखकर पाकिस्तान लोकतंत्र का लगातार दमन कर रहा है। उन्होंने बताया कि हाल ही में हुए 27वें संविधान संशोधन ने सेना प्रमुख को प्रधानमंत्री से भी अधिक शक्तिशाली बना दिया है। अनुज माथुर ने स्पष्ट कहा कि आतंकवाद एक दिन पाकिस्तान को भीतर से तोड़ देगा।
संगठन के सदस्य, केंद्रीय संचालन समिति गोलोक बिहारी राय मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद मानवता के खिलाफ गंभीर अपराध है। बलूचिस्तान, सिंध और खैबर-पख्तून क्षेत्र अपनी अस्मिता की लड़ाई लड़ रहे हैं, वहीं आवाज उठाने पर पचास हजार से अधिक बलूच नागरिकों को गायब कर दिया गया है। पाकिस्तान के इस अमानवीय रवैये के कारण नो मोर पाकिस्तान का संदेश और अधिक प्रासंगिक हो जाता है।
विशिष्ट अतिथि विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्रों को अनाधिकृत कहना ही उचित है। पाकिस्तान के अन्याय के खिलाफ न्याय का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि सिंध, बलूचिस्तान और खैबर-पख्तूनख्वा पाकिस्तान और आतंकवाद से मुक्त होकर स्वतंत्रता चाहते हैं।
अतिविशिष्ट अतिथि अभिषेक शुक्ल ने कहा कि पाकिस्तान और आतंकवाद आज पर्याय बन चुके हैं। आतंकवाद का कोई सकारात्मक विचार नहीं होता और इसके विरुद्ध मीडिया ने निरंतर संघर्ष किया है। समाज के सभी वर्गों को आतंकवाद विरोधी अभियान में एकजुट होना चाहिए।
संगठन के रायपुर चैप्टर के अध्यक्ष तौक़ीर रज़ा ने कहा कि विभाजन से लेकर वर्तमान स्थिति तक युवा पीढ़ी को सच्चाई से अवगत कराना आवश्यक है। उन्होंने जेहाद के नाम पर आतंकवाद फैलाने वालों की खुली निंदा की और प्रश्न उठाया कि आतंकवादियों पर फ़तवा क्यों नहीं जारी होता।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. भूपेंद्र कुमार साहू ने किया। इस अवसर पर डॉ. वर्णिका शर्मा, डॉ. एन.पी. दीक्षित, विरेन्द्र पांडे, डॉ. यूलेंद्र राजपूत, डॉ. अनामिका सिंह, डॉ. मनीष पांडे, ईला गुप्ता सहित बड़ी संख्या में नागरिक, विद्यार्थी एवं पत्रकार उपस्थित थे। संगोष्ठी का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और वंदे मातरम् से हुआ। कार्यक्रम के सफल आयोजन में एन.पी. यादव, रितेंद्र नायक, अन्नपूर्णा शर्मा, जानकी गुप्ता, दीपक व कान्हा ठाकुर का महत्वपूर्ण योगदान रहा।