छत्तीसगढ़ / रायपुर

किसान दिवस पर 20,000 से ज्यादा किसानों को बनाया सशक्त

 किसान दिवस पर 20,000 से ज्यादा किसानों को बनाया सशक्त

रायपुर, दिसंबर 2025: किसान जीवन का आधार हैं, लेकिन आज भी उन्हें नई तकनीक और बेहतर खेती के तरीकों की जानकारी की जरूरत है। कई बार खेती में पैदावार कम होती है, पानी और मिट्टी की सही देखभाल नहीं हो पाती, और आधुनिक तरीके अपनाने में मदद की कमी रहती है। ऐसे में जब किसान सही जानकारी, प्रशिक्षण और नई तकनीक के साथ खेती करें, तो उनकी पैदावार बढ़ती है, लागत कम होती है और आय में सुधार होता है। इसी सोच के साथ वेदांता एल्युमीनियम ने ओडिशा और छत्तीसगढ़ में 20,000 से ज्यादा किसानों को टिकाऊ खेती, जल प्रबंधन, मिट्टी की देखभाल और आय बढ़ाने के तरीकों की ट्रेनिंग देने की पहल की है, जिसकी प्रगति के बारे में कंपनी ने राष्ट्रीय किसान दिवस पर बताया। यह प्रयास किसानों को ज्यादा पैदावार, कम खर्च और मजबूत आजीविका देने में मदद करता है।

लाभ लेने वाले किसानों में 12,000 से अधिक महिलाएँ और 8,000 से अधिक पुरुष शामिल हैं। इन पहलों से किसानों की रोज़मर्रा की खेती आसान और उत्पादक बनती है। महिला और पुरुष दोनों ही इसमें शामिल हुए, जिससे समाज में समावेशी विकास को बढ़ावा मिला। किसानों ने बताया कि तकनीक और प्रशिक्षण अपनाने से उनकी फसल की पैदावार 15-20% बढ़ी और आय में 18-22% का उछाल आया।
वेदांता एल्युमीनियम के सीईओ राजीव कुमार ने कहा, "ओडिशा और छत्तीसगढ़ के किसानों के साथ हमारी यह पहल दिखाती है कि औद्योगिक विकास और ग्रामीण समृद्धि साथ-साथ बढ़ सकते हैं। 20,000 से ज्यादा किसानों को नई तकनीक और टिकाऊ तरीके सिखाकर हम एक मजबूत और फलता-फूलता कृषि सिस्टम बना रहे हैं।"

वेदांता की ये पहल सिर्फ खेती तक सीमित नहीं हैं। इसमें डिजिटल उपकरणों, सोलर सिंचाई पंप, पशुपालन सुधार और बायोफ्यूल जैसी आधुनिक तकनीकों को भी शामिल किया गया है। इससे किसान समय बचाते हैं, लागत कम करते हैं और पर्यावरण की रक्षा भी होती है।
कंपनी का लक्ष्य है कि किसान नई तकनीक से खेती करें, जलवायु परिवर्तन के असर से सुरक्षित रहें और उनकी आमदनी बढ़े। इस तरह की पहलें न सिर्फ किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाती हैं, बल्कि पूरे समुदाय को टिकाऊ और समृद्ध भी बनाती हैं।

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