छत्तीसगढ़ / सरगुजा

पारदर्शी व्यवस्था से धान विक्रय हुआ आसान, किसानों को मिल रहा सीधा लाभ

धान का मिला सर्वाधिक दाम, अन्य फसलों की खेती से बढ़ी आमदनी

अंबिकापुर -  जिले में धान उपार्जन केन्द्रों में लागू की गई पारदर्शी और सुव्यवस्थित व्यवस्था से किसानों के लिए धान विक्रय प्रक्रिया सरल, सुगम और सहज हो रही है। इसी क्रम में अंबिकापुर विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत परसा के लघु वर्ग के किसान  दिनेश राजवाड़े ने धान खरीदी व्यवस्था की सराहना की है।
कृषक  राजवाड़े ने बताया कि इस वर्ष धान की फसल बेहतर हुई है। वे लगभग साढ़े 5 एकड़ में धान की खेती करते हैं, जिसमें उनका कुल लगभग 100 क्विंटल धान का रकबा है। उन्होंने बताया कि समिति के माध्यम से धान विक्रय हेतु टोकन कटवाया गया, जिसमें किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं हुई। उन्होंने बताया कि परसा धान उपार्जन केन्द्र पहुंचते ही गेट पास की व्यवस्था, नमी परीक्षण तथा तत्काल बारदाना उपलब्ध कराया गया, जिससे धान विक्रय की प्रक्रिया बिना किसी बाधा के पूरी हुई। साथ ही समिति केन्द्र में किसानों की सुविधा के लिए पेयजल एवं छाया में बैठने की समुचित व्यवस्था की गई है, जिससे किसानों को राहत मिली है।

 राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा धान का सर्वाधिक समर्थन मूल्य 3100 रुपये प्रति क्विंटल प्रदान किया जा रहा है तथा प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान की खरीदी की जा रही है, जिससे किसानों को बड़ा आर्थिक लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि धान के साथ-साथ गेहूं, तिलहन एवं सब्जी जैसी अन्य फसलों की खेती से भी अच्छी आमदनी हो रही है।दिनेश राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लागू की गई पारदर्शी और किसान-हितैषी धान खरीदी व्यवस्था से किसानों को समय पर उचित मूल्य, त्वरित सुविधाएं और सम्मानजनक वातावरण मिल रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो रही है। उन्होंने किसान हित में लिए जा रहे निर्णयों के लिए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि किसान हितैषी नीतियों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल रही है।

 

 

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