सुकमा में छिंदगुड़ निर्माण प्रशिक्षण का सफल समापन
प्रशिक्षण के दौरान ही बाजार से जुड़ी सीधी कड़ी
रायपुर, 29 जनवरी 2026

सुकमा जिले में पारंपरिक छिंदगुड़ निर्माण को आजीविका के सशक्त साधन के रूप में विकसित करने हेतु आयोजित दो माह का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। प्रशिक्षण अवधि के दौरान ही प्रतिभागियों को स्थानीय बाजार से जोड़ा गया। परिणामस्वरूप प्रत्येक प्रतिभागी ने अपने उत्पाद का विक्रय कर 6-7 हजार रुपये तक की आय अर्जित की गई।
प्रशिक्षण के लिए दंतेवाड़ा से एक अनुभवी प्रशिक्षक को दो माह की अवधि हेतु नियुक्त किया गया, जिन्होंने छह गांवों में रहकर व्यवहारिक एवं गहन प्रशिक्षण प्रदान किया। यह प्रशिक्षण चिंदगढ़ ब्लॉक के लिट्टिरास, साउतनार, कंकपाल एवं कोडरीपाल, सुकमा ब्लॉक के कोर्रा तथा कोंटा ब्लॉक के सामसेट्टी गांव में आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण दो चरणों में संचालित हुआ। प्रथम चरण में छिंद के पेड़ों की सफाई, संरक्षण एवं रस संग्रहण की तकनीक सिखाई गई, जबकि द्वितीय चरण में छिंद रस से गुणवत्तापूर्ण गुड़ निर्माण की प्रक्रिया पर प्रशिक्षण दिया गया। समापन अवसर पर जिला कलेक्टोरेट कार्यालय में छिंदगुड़ का प्रदर्शन एवं विक्रय किया गया। प्रशिक्षण सफलता में एनआरएलएम एवं वन विभाग से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मियों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।