छत्तीसगढ़ / रायपुर
एक बच्चा बोरे में तो दूसरा गोद में : भीड़ ने कर दी महिला की पिटाई...
रायपुर - छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बच्चा चोरी की कोशिश का मामला सामने आया है। खम्हारडीह थाना क्षेत्र के पार्वती नगर में एक महिला को दो मासूम बच्चों को ले जाते हुए परिजनों ने पकड़ लिया। आरोप है कि महिला एक बच्चे को बोरे में भरकर और दूसरे को गोद में लेकर भाग रही थी।
जानकारी के अनुसार, बच्चों के पिता को महिला की गतिविधियों पर शक हुआ। उन्होंने पीछा कर महिला को पकड़ लिया। महिला के पकड़े जाते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए। इलाके में पहले से बच्चा चोरी की अफवाहों और घटनाओं की चर्चाओं के चलते लोगों में आक्रोश था। गुस्साई भीड़ ने महिला की पिटाई कर दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई।सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को भीड़ से बचाकर अंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों के अनुसार महिला की हालत नाजुक बनी हुई है।बताया जा रहा है कि सुबह करीब 4 बजे स्थानीय लोग आरोपी महिला को खम्हारडीह थाने लेकर पहुंचे थे। स्थिति तनावपूर्ण होने के कारण पुलिस को अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
स्थानीय लोगों का दावा है कि महिला अकेली नहीं थी और उसके साथ बच्चा चोरी का एक गिरोह सक्रिय हो सकता है। महिला के पकड़े जाने के बाद उसके साथी मौके से फरार हो गए। पुलिस इस मामले को संगठित गिरोह से जोड़कर जांच कर रही है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
शराब घोटाला: निरंजन दास समेत 31 अधिकारियों की 38.21 करोड़ की संपत्ति कुर्क
रायपुर, 5 जनवरी 2026 - छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व आबकारी आयुक्त आईएएस निरंजन दास सहित 30 अन्य आबकारी अधिकारियों की 38.21 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है। ईडी के अनुसार इस घोटाले से राज्य के खजाने को 2,800 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।
ईडी ने प्रेस नोट जारी कर बताया कि रायपुर आंचलिक कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत यह अस्थायी कुर्की की है। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की चल रही जांच का हिस्सा है, जिसमें आगे और भी बड़े खुलासों की संभावना जताई गई है।
78 अचल और 197 चल संपत्तियां कुर्क
कुर्क की गई संपत्तियों में कुल 78 अचल संपत्तियां शामिल हैं, जिनकी कीमत करीब 21.64 करोड़ रुपये बताई गई है। इनमें आलीशान बंगले, प्रीमियम कॉम्प्लेक्स में फ्लैट, व्यावसायिक दुकानें और बड़े पैमाने पर कृषि भूमि शामिल हैं। इसके अलावा 16.56 करोड़ रुपये मूल्य की 197 चल संपत्तियां भी कुर्क की गई हैं, जिनमें उच्च मूल्य की सावधि जमा (एफडी), विभिन्न बैंक खातों में जमा राशि, जीवन बीमा पॉलिसियां, इक्विटी शेयर और म्यूचुअल फंड शामिल हैं।
सिंडिकेट बनाकर चलाया गया अवैध कारोबार
ईडी की जांच में सामने आया है कि वरिष्ठ नौकरशाहों और राजनीतिक संरक्षण से जुड़े एक आपराधिक सिंडिकेट ने आबकारी विभाग पर कब्जा कर लिया था। तत्कालीन आबकारी आयुक्त निरंजन दास और सीएसएमसीएल के तत्कालीन सीईओ अरुण पति त्रिपाठी ने मिलकर एक समानांतर आबकारी व्यवस्था संचालित की।
इस सिंडिकेट ने सरकारी दुकानों के जरिए अवैध देसी शराब के निर्माण और बिक्री के लिए तथाकथित “पार्ट-बी” योजना चलाई। नकली होलोग्राम और गैर-कानूनी बोतलों का इस्तेमाल कर शराब सीधे भट्टियों से दुकानों तक पहुंचाई जाती थी, जिसमें सरकारी गोदामों को पूरी तरह दरकिनार किया गया। यह सब आबकारी अधिकारियों की सक्रिय मिलीभगत से किया गया।
निरंजन दास ने अकेले कमाए 18 करोड़ से ज्यादा
जांच में यह भी सामने आया है कि पार्ट-बी शराब की बिक्री की अनुमति देने के बदले आबकारी अधिकारियों को प्रति मामले 140 रुपये का कमीशन दिया जाता था। अकेले निरंजन दास ने इस घोटाले से 18 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध कमाई की। आरोप है कि उसे इस पूरे नेटवर्क को चलाने के लिए हर महीने करीब 50 लाख रुपये की रिश्वत मिलती थी।
कुल मिलाकर 31 आबकारी अधिकारियों ने 89.56 करोड़ रुपये की अपराध से अर्जित आय (पीओसी) हासिल की।
एसीबी-ईओडब्ल्यू की एफआईआर के बाद शुरू हुई ईडी जांच
यह मामला रायपुर स्थित एसीबी/ईओडब्ल्यू द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर ईडी के संज्ञान में आया। एफआईआर भारतीय दंड संहिता और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई थी। पुलिस जांच में शराब घोटाले से राज्य को भारी राजस्व नुकसान और आरोपियों को समानुपातिक लाभ मिलने की पुष्टि हुई है।
ईडी का कहना है कि वर्तमान कुर्की कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि राज्य के राजस्व की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने वाले अधिकारी किस तरह गहरी साजिश और भ्रष्टाचार में शामिल थे। जांच अभी जारी है।
रायपुर में हिट एंड रन : विधायक पुत्र हिरासत में, तीन फरार
रायपुर - राजधानी रायपुर में एक बार फिर हिट एंड रन का मामला सामने आया है। तेलीबांधा थाना क्षेत्र में हुए इस हादसे में पुलिस ने भरतपुर–सोनहत विधायक रेणुका सिंह के बेटे लक्की सिंह को हिरासत में लिया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है, जबकि अन्य तीन आरोपियों की तलाश जारी है।
जानकारी के अनुसार, रविवार–सोमवार की दरमियानी रात करीब 2 बजे अग्रसेन धाम के पास तेज रफ्तार कार ने एक बाइक सवार को टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है।बताया जा रहा है कि कार में विधायक पुत्र लक्की सिंह सहित दो युवक और दो युवतियां सवार थीं। हादसे के समय कार लक्की सिंह चला रहे थे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मुख्य आरोपी लक्की सिंह को हिरासत में ले लिया। वहीं कार में सवार अन्य तीन लोग मौके से फरार हो गए।तेलीबांधा थाना प्रभारी अविनाश सिंह ने बताया कि आरोपी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
रायपुर सेंट्रल जेल में विचाराधीन कैदी ने की आत्महत्या, परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
रायपुर। राजधानी रायपुर स्थित सेंट्रल जेल में आत्महत्या का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक विचाराधीन कैदी ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। मृतक की पहचान सुनील महानद के रूप में हुई है, जो सेंट्रल जेल की बाड़ी गोल स्थित बैरक नंबर 5 में बंद था।
मिली जानकारी के अनुसार, सुनील महानद ने मंगलवार शाम करीब 6 बजे बैरक के भीतर फांसी लगा ली। घटना की जानकारी मिलते ही जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। कैदी को तुरंत नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना पुलिस और उच्च अधिकारियों को दी गई।
वहीं मृतक के परिजनों ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि उन्हें इस घटना की जानकारी देर रात दी गई, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि सुनील को जेल में लगातार प्रताड़ना दी जा रही थी, जिससे मानसिक तनाव में आकर उसने यह कदम उठाया।बताया जा रहा है कि सुनील महानद पॉक्सो एक्ट के एक मामले में विचाराधीन कैदी था और उसका मामला गंज थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। घटना की सूचना के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है।
छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड और कोहरे का कहर, अगले तीन दिन और गिरेगा तापमान
रायपुर - राजधानी रायपुर सहित छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में कड़ाके की ठंड का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में सुबह घना कोहरा छाया हुआ है, जिसके कारण दृश्यता प्रभावित हो रही है। अंबिकापुर को छोड़कर लगभग पूरे राज्य में न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले तीन दिनों में राज्य के अलग-अलग जिलों में न्यूनतम तापमान 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और गिर सकता है।
रायपुर में रविवार को सुबह से ही कोहरा छाया रहा और कई इलाकों में सुबह 11 बजे तक दृश्यता कम रही। राजधानी में अधिकतम तापमान 27.2 डिग्री और न्यूनतम 16.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं इस बार अंबिकापुर को पीछे छोड़ते हुए पेंड्रा और अमरकंटक राज्य के सबसे ठंडे इलाके रहे, जहां न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 9.9 डिग्री रहा, जो सामान्य से अधिक है।पेंड्रा और अमरकंटक में ठंड का प्रकोप सबसे ज्यादा नजर आ रहा है। कई जगहों पर ओस की बूंदें जम गई हैं और खेतों व छतों पर सफेद परत दिखाई दे रही है। शीतलहर के चलते बाजारों में सन्नाटा है और लोग अलाव व ऊनी कपड़ों का सहारा ले रहे हैं। कोहरे के कारण वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग ने साफ किया है कि फिलहाल ठंड से राहत के आसार नहीं हैं।
मौला अली के जन्मदिवस पर कांग्रेस सीरत कमेटी ने किया जुलूसे हैदरी का स्वागत
रायपुर - हज़रत अबू तालिब अ.स. फाऊंडेशन के तत्वावधान में मौला अली अ.स. के जन्मदिवस पर आयोजित जुलूसे हैदरी का मोमिनपारा हुसैनी चौक पर छत्तीसगढ़ कांग्रेस पार्टी सीरत कमेटी के अध्यक्ष द्वारा स्वागत किया गया।
स्वागत कार्यक्रम में बड़ी संख्या में राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। मंच पर मुख्य रूप से रायपुर शहर सीरतुन्नबी कमेटी के अध्यक्ष सोहेल सेठी, उत्तर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी अजीत कुकरेजा, पूर्व पार्षद विमल गुप्ता, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव सकलैन कामदार, शारिक रईस खान, शब्बीर खान, वरिष्ठ पत्रकार ताहिर हुसैन, अफरोज ख्वाजा, निसार चांगल, प्रकाश शर्मा, हुसैनी सेवा के जिला अध्यक्ष आमिर खान, मजीद खान, जावेद नकवी, जीतू तांडी, सावित्री चंद्रवंशी, जावेद हसन, नादिर खान, अफजाल अली, मोहम्मद नवाजिश, मोहम्मद मुकर्रब, अब्दुल मलिक खान, एजाज हुसैन सहित कांग्रेस कार्यकर्ता और अनेक सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने मौला अली अ.स. के जीवन, उनके न्याय, साहस और इंसानियत के संदेश पर प्रकाश डाला। जुलूस का स्वागत फूलों और नारों के साथ किया गया, जिससे क्षेत्र में उत्साह और भाईचारे का माहौल देखने को मिला।आयोजकों ने बताया कि इस प्रकार के आयोजन समाज में आपसी सद्भाव, शांति और सामाजिक एकता को मजबूत करने का संदेश देते हैं।
इंदौर में दूषित जल से 15 लोगों की मौत बीजेपी सरकार की संवेदनहीनता का परिणाम : विकास उपाध्याय
रायपुर - मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित और अस्वच्छ पेयजल के सेवन से 15 लोगों की मृत्यु पर कांग्रेस नेता विकास उपाध्याय ने गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने इस घटना को भारतीय जनता पार्टी की सरकार की संवेदनहीनता और प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम बताया है।
छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व संसदीय सचिव एवं रायपुर पश्चिम के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने जारी बयान में कहा कि दूषित पानी से नागरिकों की असामयिक मृत्यु केवल एक प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य के प्रति घोर उपेक्षा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना किसी भी सरकार की मूल जिम्मेदारी होती है, लेकिन इंदौर जैसे बड़े नगर में ऐसी घटना का होना शासन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।विकास उपाध्याय ने कहा कि स्थानीय नागरिकों द्वारा लंबे समय से जल की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें की जा रही थीं, इसके बावजूद संबंधित विभागों ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया। यदि प्रशासन सतर्क रहता, तो इस त्रासदी को रोका जा सकता था। आज कई परिवार अपूरणीय क्षति का सामना कर रहे हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि देश और विभिन्न राज्यों में जहां-जहां बीजेपी और एनडीए की सरकारें हैं, वहां मानव जीवन का मूल्य लगातार गिरता जा रहा है। किसान आंदोलन, आतंकवादी घटनाएं, नक्सली हिंसा, मणिपुर की घटनाएं या अन्य हादसे, हर जगह जानें जा रही हैं लेकिन सरकारें अपनी जवाबदारी से बचती नजर आती हैं।पूर्व विधायक ने कहा कि विकास और स्वच्छता के दावे तभी सार्थक होते हैं जब आम नागरिक का जीवन सुरक्षित हो। केवल प्रचार और घोषणाओं से सच्चाई को नहीं छुपाया जा सकता। सुशासन का वास्तविक पैमाना मजबूत व्यवस्था और जवाबदेही है।अंत में विकास उपाध्याय ने मांग की कि इस घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा और सहायता दी जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस और स्थायी सुधार लागू किए जाएं। उन्होंने कहा कि जनजीवन की सुरक्षा से बड़ा कोई दायित्व नहीं हो सकता।
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